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यूनीसेफ तथा वाटिकन निर्धन युवाओं के लिये करेंगे परस्पर सहयोग

In Church on April 22, 2015 at 2:41 pm

वाटिकन सिटी, बुधवार, 22 अप्रैल 2015 (सेदोक): वाटिकन तथा संयुक्त राष्ट्र संघीय बाल निधि यूनीसेफ ने मंगलवार को एक समझौते पर हस्ताक्षर कर प्रतिकूल परिस्थितियों में जीवन यापन करनेवाले युवाओं के कल्याण हेतु एक साथ मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

यूनीसेफ के कार्यकारी निर्देशक एन्थोनी लेक ने मंगलवार को वाटिकन में सन्त पापा फ्राँसिस से मुलाकात कर सन्त पापा द्वारा बोएनुस आयरस में शुरु किये गये “स्कोलास ओकुरेन्तेस” संगठन के साथ सहयोग हेतु उक्त समझौते पर हस्ताक्षर किये। यह संगठन प्रतिकूल परिस्थितियों में जीवन यापन करनेवाले युवाओं में खेल- कूद, तकनीकी, कला, सामाजिक एकीकरण तथा साक्षात्कार की संस्कृति को प्रोत्साहित करता है।

वाटिकन रेडियो से बातचीत में यूनीसेफ के कार्यकारी निर्देशक एन्थोनी लेक ने इस समझौते को युवाओं के लिये महत्वपूर्ण बताया और कहा कि युवाओं में साक्षात्कार एवं एकीकरण की संस्कृति का विकास कर उनके भविष्य को बेहतर बनाया जा सकता है।

मंगलवार को ही वाटिकन में “स्कोलास ओकुरेन्तेस” तथा दक्षिण अमरीकी फुटबॉल कॉनफेडरेशन के बीच एक दूसरा समझौता भी सम्पन्न हुआ जिसके तहत उक्त संस्थाओं ने परस्पर सहयोग द्वारा किशोरों एवं युवाओं को वे उपकरण, सूचना एवं प्रशिक्षण प्रदान करने का प्रण किया है जो उन्हें अपने देश एवं समाज के पूर्ण नागरिक बनने में मदद प्रदान कर सकते हैं।


(Juliet Genevive Christopher)

मानव तस्करी के विरुद्ध वाटिकन ने किया एक विश्वव्यापी एजेन्सी का प्रस्ताव

In Church on April 22, 2015 at 2:39 pm

वाटिकन सिटी, बुधवार, 22 अप्रैल 2015 (सेदोक): वाटिकन में सामाजिक विज्ञान सम्बन्धी परमधर्मपीठीय परिषद के विद्धानों ने इस बात पर क्षोभ व्यक्त किया है कि इटली पहुँचने का प्रयास करनेवाले शरणार्थियों पर यूरोपीय समुदाय के देशों के बीच साझा ज़िम्मेदारी अनुपस्थित है।

मंगलवार को वाटिकन में उक्त परमधर्मपीठीय परिषद की पूर्णकालिक सभा की पाँच दिवसीय बैठकें सम्पन्न हुई। इन बैठकों में वाटिकन के विद्धानों ने यह प्रस्ताव रखा कि मानव तस्करी को मानवजाति के विरुद्ध अपराध घोषित किया जाये तथा इस बुराई के उन्मूलन हेतु एक संयुक्त राष्ट्र एजेन्सी की स्थापना की जाये।

सन्त पापा फ्राँसिस ने मानव तस्करी तथा विश्वव्यापी एजेन्सी के मुद्दे पर एक सम्मेलन का आह्वान किया है।

सामाजिक विज्ञान सम्बन्धी परमधर्मपीठीय परिषद की बैठकों का उदघाटन करते हुए इटली स्थित बोलोन्या विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र के प्राध्यापक स्तेफानो ज़ामान्यी ने कहा कि “ज़रूरत है एक ऐसे विश्वव्यापी संगठन की जिसके पास मानव तस्करी तथा इसके क्रूर प्रकार जैसे वेश्यावृत्ति, यौन शोषण, बलात श्रम तथा अवैध जननांग प्रतिरोपण के विरुद्ध नियम जारी करने का अधिकार हो।”

उन्होंने कहा, “इस लक्ष्य की प्राप्ति हेतु ही हमने अकादमी विशेषज्ञों, शोधकर्त्ताओं, संगठन अध्यक्षों एवं नीति-निर्माताओं मानव तस्करी के गम्भीर विषय पर विचार-विमर्श हेतु एकत्र किया था।”

प्रोफेसर ज़ामान्यी ने कहा कि केवल नैतिकता के आधार पर ही मानव तस्करी का खण्डन नहीं किया जाना चाहिये बल्कि कानूनन इसे मानवजाति के विरुद्ध अपराध घोषित किया जाना चाहिये।


(Juliet Genevive Christopher)

ख्रीस्तीय स्कूलों पर हमले के बाद पुलिस ने 16 को किया गिरफ्तार

In Church on April 22, 2015 at 2:38 pm

नई दिल्ली, बुधवार, 22 अप्रैल 2015 (ऊका समाचार): झारखण्ड पुलिस ने मंगलवार को दो काथलिक स्कूलों पर हमले के बाद 16 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया।

मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी की विद्यार्थी शाखा, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कम से कम 60 कार्यकर्त्ताओं ने झारखण्ड के हज़ारीबाग़ स्थित दो काथलिक स्कूलों पर हमला किया तथा ख्रीस्तीय विरोधी नारे लगाये।

पुलिस ने बताया कि उग्रवादी हिन्दू युवाओं ने होली क्रॉस स्कूल तथा सेन्ट ज़ेवियर स्कूलों में प्रवेश कर स्कूल कार्यलय में तोड़-फोड़ मचाई तथा इन स्कूलों को बन्द करने की मांग की।

हज़ारीबाग पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी अरविन्द कुमार ने बताया कि पुलिस समय पर पहुँच गई जिससे अधिक क्षति को रोका जा सका।

होलीक्रॉस स्कूल की प्रधानाचार्या सि. क्लेरीता डिमेल्लो ने ऊका समाचार को बताया कि हमलावरों ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के ध्वज फहराये तथा ख्रीस्तीय मिशनरियों के विरुद्ध नारे लगाये। उन्होंने बताया कि स्कूल कार्यालय में घुसकर उन्होंने तोड़-फोड़ मचाई तथा धमकी देने के अन्दाज़ में उनसे पूछा कि स्कूल में हिन्दू देवी सरस्वती तथा प्रधान मंत्री मोदी की तस्वीरें क्यों नहीं लगाई गई हैं।

सि. डिमेल्लो ने बताया कि विगत कुछ माहों से स्कूल की दीवारों पर अपकीर्तिकर वाक्य लिखना तथा स्कूल भवनों के सामने विरोध प्रदर्शन कर गन्दे नारे लगाना आम बात हो गई है।

ख्रीस्तीय नेताओं का कहना है कि मोदी की हिन्दू राष्ट्रवादी भाजपा द्वारा शासित झारखण्ड में विगत वर्ष से यानि जब से भारतीय जनता पार्टी केन्द्र में सत्ता में आई है तब से ख्रीस्तीय विरोधी हमलों में वृद्धि हुई है।

शिक्षा विद् फादर जेराल्ड डिसूज़ा ने कहा कि हमलों का मकसद ख्रीस्तीय मिशनरियों को आदिवासी एवं निर्धन क्षेत्रों से भगाना है। उन्होंने यह भी कहा कि झारखण्ड में भाजपा के अध्यक्ष अमित शाह के दौरे तथा स्थानीय भाजपा नेताओं से उनकी मुलाकात के बाद ख्रीस्तीयों के विरुद्ध हमले सघन हो गये हैं।

फादर डिसूज़ा ने कहा कि हिन्दू चरमपंथी किसी न किसी बहाने ख्रीस्तीय स्कूलों को उत्पीड़ित करते रहे हैं और इनमें से एक बहाना है, संघीय कानून के अनुसार, आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों के लिये स्कूलों में 25 प्रतिशत सीटों का आरक्षण। हालांकि, भारत के सुप्रीम कोर्ट ने निर्णय दिया है कि जो स्कूल सरकारी सहायता प्राप्त नहीं करते हैं वे इस कानून से नहीं बन्धे हैं।

इस बीच, हज़ारीबाग के 11 काथलिक स्कूलों के प्रधानाचार्यों ने ज़िले के वरिष्ठ अधिकारियों को एक मेमो पत्र सौंप कर सरकार से सुरक्षा की मांग की है। ख्रीस्तीय शिक्षा विदों का कहना है कि हमलों, गाली-गलौच, असुरक्षा और धमकियों के वातावरण में स्कूल का सामान्य कार्यभार सम्भालना बहुत मुश्किल है।


(Juliet Genevive Christopher)

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