Vatican Radio HIndi

विश्व मिशन दिवस 2015 के लिये सन्त पापा फ्राँसिस का सन्देश प्रकाशित

In Church on May 25, 2015 at 10:57 am

वाटिकन सिटी, सोमवार, 25 मई 2015 (सेदोक): वाटिकन ने, विश्व मिशन दिवस 2015 के लिये सन्त पापा फ्राँसिस के सन्देश की प्रकाशना कर दी है।

इस वर्ष, काथलिक कलीसिया द्वारा घोषित 89 वाँ मिशन दिवस, रविवार, 15 अक्टूबर को मनाया जायेगा।

सन्देश में सन्त पापा फ्राँसिस ने इस तथ्य पर बल दिया है कि मिशनरी होने का अर्थ धर्मान्तरण अथवा मात्र कोई रणनीति नहीं है अपितु मिशन, विश्वास का अनिवार्य अंग है। यह उन लोगों के लिये अनिवार्य है जो “आओ और चारों दिशाओं में जाओ” शब्दों में अभिव्यक्त पवित्रआत्मा की वाणी को सुनते हैं।

सन्देश में सन्त पापा कहते हैं, “ख्रीस्तीय धर्मानुयायियों को स्वयं प्रभु येसु से यह आदेश मिला है कि वे जायें तथा सर्वत्र सुसमाचार का प्रेम सन्देश फैलायें अस्तु कलीसिया का हर सदस्य अपने जीवन के साक्ष्य द्वारा सुसमाचार की घोषणा करने के लिये बुलाया गया है। विशेष रूप से, समर्पित स्त्री पुरुषों से आग्रह किया जाता है कि वे पवित्रआत्मा की वाणी के प्रति सजग रहें जो उन्हें अपने आस-पड़ोस में जाने के लिये आमंत्रित करते हैं जहाँ अब तक सुसमाचार का सन्देश नहीं पहुँचा है।”

सन्त पापा लिखते हैं कि आज कलीसिया का मिशन लोगों से अपने मूल तक पहुँचने तथा अपने- अपने सांस्कृतिक मूल्यों को बरकरार रखने का आग्रह करने की गम्भीर चुनौती का सामना कर रहा है। उन्होंने कहा, “इसका अर्थ अन्य परम्पराओं एवं अन्य दार्शनिक निकायों का ज्ञान अर्जित करना तथा इस बात को कार्यरूप देना है कि ईशप्रज्ञा के रहस्य में प्रवेश करने के लिये समस्त संस्कृतियों के सभी लोगों को स्वयं अपनी परम्पराओं से मदद पाने का अधिकार है मदद पाने है। साथ ही, सभी लोगों को येसु ख्रीस्त के सुसमाचार से आलोकित होने का अधिकार है क्योंकि ख्रीस्त सभी संस्कृतियों का प्रकाश एवं शक्ति हैं।”


(Juliet Genevive Christopher)

पवित्रआत्मा का वरदान पृथ्वी को नया कर देता है, सन्त पापा फ्राँसिस

In Church on May 25, 2015 at 10:56 am

वाटिकन सिटी,सोमवार, 25 मई 2015 (सेदोक): सन्त पापा फ्राँसिस ने कहा है कि प्रभु का आत्मा पृथ्वी को नया कर देता है।

वाटिकन स्थित सन्त पेत्रुस महागिरजाघर में, रविवार को, पेन्तेकॉस्त यानि पवित्रआत्मा के प्रेरितों पर अवतरण महापर्व के उपलक्ष्य में, सन्त पापा फ्राँसिस ने देश-विदेश के तीर्थयात्रियों के लिये ख्रीस्तीयाग अर्पित किया।

ख्रीस्तयाग प्रवचन में सन्त पापा ने कहा कि विश्व को ऐसे स्त्री पुरुषों की आवश्यकता है जो अपने आपमें बन्द नहीं हों अपितु पवित्रआत्मा से परिपूर्ण हों।

उन्होंने कहा, “किसी को भी अपने आपमें बन्द नहीं होना चाहिये, उन्हें अपने स्वार्थ या लाभ की बात नहीं सोचनी चाहिये और न ही कठोर नियमों में बँधे होना चाहिये जैसा कि येसु ख्रीस्त के युग के फ़रीसी थे जिन्हें येसु पाखण्डी कहा करते थे।”

सन्त पापा ने कहा, “अपने आप को बन्द कर देने का अर्थ है पवित्रआत्मा की कृपा को न आने देना, इसका अर्थ है स्वतंत्रता का अभाव; यह एक पाप है।” इसके विपरीत, उन्होंने कहा, “विश्व को ख्रीस्त के अनुयायियों के साहस, आशा एवं विश्वास की आवश्यकता है।”

पेन्तेकॉस्त के दिन प्रेरितों पर पवित्रआत्मा के अवतरण के विषय में सन्त पापा ने कहा, “उन्हें नई शक्ति मिली जो इतनी महान थी कि वे भिन्न –भिन्न भाषाओं में प्रभु येसु ख्रीस्त के पुनरुत्थान की घोषणा करने लगे।”

उन्होंने कहा कि सन्त योहन हमें बताते हैं कि पवित्रआत्मा प्रत्येक विश्वासी एवं विश्वास से परिपूर्ण प्रत्येक समुदाय में क्रियाशील रहता तथा मार्गदर्शन प्रदान करता रहता है जिसे पाने के लिये सतत प्रार्थना करनी चाहिये।

सन्त पापा ने कहा कि पवित्रआत्मा हमारा मार्गदर्शन करता तथा पृथ्वी को नया करता है जैसा कि स्तोत्र ग्रन्थ के एक सौ चौथे भजन में हम पढ़ते हैं: “तू प्राण फूँक देता है, तो वे पुनर्जीवित हो जाते हैं और तू पृथ्वी का रूप नया बना देता है।”


(Juliet Genevive Christopher)

अपहृत पुरोहित फादर मुराद का कोई समाचार नहीं, परमधर्मपीठीय राजदूत

In Church on May 25, 2015 at 10:54 am

दमिश्क, सोमवार, 25 मई 2015 (एशिया न्यूज़): सिरिया में परमधर्मपीठ के राजदूत महाधर्माध्यक्ष मारियो ज़ेन्नारी ने इस बात पर गहन चिन्ता व्यक्त की है कि होम्स धर्मक्षेत्र के काथलिक पुरोहित फादर जैक मुराद के बारे में उन्हें अब तक कुछ पता नहीं चला है।

गुरुवार को होम्स के एक मठ से फादर मुराद का अपहरण कर लिया गया था। फादर के साथ काम करनेवाले एक युवक को भी बन्धक बना लिया गया है।

महाधर्माध्यक्ष ज़ेन्नारी ने कहा कि अपहरण किसने किया है इसपर कुछ नहीं कहा जा सकता। ये इस्लामी चरमपंथी हो सकते हैं, आतंकवादी हो सकते हैं या फिर आई एस दल के सदस्य हो सकते हैं या फिर सामान्य अपराधी भी हो सकते हैं।

उन्होंने कहा, “उक्त दलों में से किसी का भी यह कृत्य हो सकता है इसलिये मामले पर कार्रवाई अत्यन्त गम्भीर प्रश्न है, क्योंकि हम नहीं जानते कि किससे बात की जाये।”

महाधर्माध्यक्ष ज़ेन्नारी ने बताया कि होम्स के प्रधान पुरोहित, प्राधिधर्माध्यक्ष तथा मार मूसा समुदाय ने अपहरणकर्त्ताओं से सम्पर्क करने का हर सम्भव प्रयास किया है किन्तु अब तक कोई सफलता नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि फादर मुराद एक बहुत ही अच्छे इन्सान एवं पुरोहित हैं जिन्होंने सदैव लोगों की सेवा पर ध्यान दिया है।

महाधर्माध्यक्ष ज़ेन्नारी ने इस बात की ओर भी ध्यान आकर्षित कराया कि विगत चार वर्षों में, सिरिया में, दो धर्माध्यक्ष एवं चार पुरोहित ग़ायब हो गये हैं। इनके अतिरिक्त, लगभग 20,000 व्यक्ति लापता हैं। मारे गये 2,20,000 लोगों में चार काथलिक पुरोहित शामिल हैं।

इस बीच, रविवार को मीडिया में आई ख़बरों के अनुसार सिरिया के ऐतिहासिक नगर पल्मीरा में घुसने के बाद से आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट (IS) के आतंकवादियों ने 400 लोगों की हत्या कर दी है।


(Juliet Genevive Christopher)

Follow

Get every new post delivered to your Inbox.

Join 69 other followers

%d bloggers like this: