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क्षमा करते कभी न थकें, कैपुचिन धर्मसमाजियों से सन्त पापा फ्राँसिस

In Church on February 9, 2016 at 5:07 pm

वाटिकन सिटी, मंगलवार, 9 फरवरी 2016 (सेदोक): “क्षमा करते आप कदापि न थकें”, वाटिकन स्थित सन्त पेत्रुस महागिरजाघर में, मंगलवार को, कैपुचिन धर्मसमाजी धर्मबन्धुओं के लिये ख्रीस्तयाग अर्पित कर सन्त पापा फ्राँसिस ने यह निवेदन किया।

कैपुचिन धर्मसमाजी धर्मबन्धुओं को सन्त पापा ने स्मरण दिलाया कि क्षमा करना उनकी परम्परा रही है जिसे वे अनवरत बरकरार रखें। उन्होंने कहा, “आपके बीच कई पापमोचक हैं जैसे धर्मबन्धु क्रिस्तोफोरो, जो इसलिये पापमोचक बन सके क्योंकि उन्होंने स्वीकार कि वे स्वयं भी पापी थे।” उन्होंने कहा, “यह जानते हुए वे पापी थे वे अनवरत ईश्वर के महान वैभव के आगे प्रार्थना करते रहे, “प्रभु मेरी सुन और मेरे पापों को क्षमा कर।”

सन्त पापा ने कहा कि कैपुचिन धर्मसमाजी धर्मबन्धु इसीलिये महान पापमोचक बन सके क्योंकि वे इस प्रकार प्रार्थना करना जानते थे और प्रार्थना के फलस्वरूप क्षमा करना जानते थे। इसके विपरीत, सन्त पापा ने कहा, “जब कोई व्यक्ति क्षमा की अनिवार्यता को भूल जाता है तब वह शनैःशनैः ईश्वर को भुला बैठता है, वह क्षमा याचना करना भूल जाता है तथा क्षमा करना नहीं जानता। वह व्यक्ति विनम्र है जो यह एहसास पा लेता है कि वह ख़ुद पापी है क्योंकि पापस्वीकार पीठिका में वही व्यक्ति महान पापमोचक सिद्ध होता है। जबकि, कानून और नियम के कथित रखवाले और धर्मशास्त्री अपने आप को “निर्मल, धर्मगुरु” आदि समझनेवाले केवल निन्दा करना जानते हैं।”

करुणा को समर्पित जयन्ती वर्ष की पृष्ठभूमि में सन्त पापा ने पापस्वीकार पीठिका का महत्व समझाया। उन्होंने कहा, “पापस्वीकार पीठिका का उद्देश्य क्षमा प्रदान करना है और यदि आप क्षमा नहीं दे सकते तो वार भी मत कीजिये। पापस्वीकार का इच्छुक व्यक्ति सान्तवना, क्षमा और शांति की खोज में आता है जिसे पिता सुलभ प्यार मिलना चाहिये, जो उससे कहे कि ईश्वर तुमसे प्रेम करते हैं। हालांकि, मुझे यह कहते हुए दुःख होता है कि पापस्वीकार के लिये आनेवाले अधिकांश लोग कहते हैं कि उन्हें पापस्वीकार करना अच्छा नहीं लगता क्योंकि उस पुरोहित ने मुझसे फलाँ सवाल किया, उस पुरोहित ने मुझे डाँटा आदि आदि।”

सन्त पापा ने कहा कि क्षमा में मनुष्यों को रूपान्तरित करने की शक्ति है इसलिये जिन लोगों को क्षमा प्रदान करने का मिशन सौंपा गया है वे उसे सत्य एवं समर्पण के साथ पूरा करें। उन्होंने कहा कि क्षमा वह बीज है जिसमें मनुष्यों के हृदयों में ईश्वर के प्रेम को प्रस्फुटित करने की शक्ति है।


(Juliet Genevive Christopher)

यूके, हेम्पटन कोर्ट पैलेस में पहली बार काथलिक धर्मविधिक समारोह

In Church on February 9, 2016 at 5:06 pm

लन्दन, मंगलवार, 9 फरवरी 2016 (सेदोक): विश्वव्यापी काथलिक कलीसिया से इंग्लैण्ड की एंगलिकन कलीसिया के अलग हो जाने के बाद से पहली बार लन्दन स्थित हेम्पटन कोर्ट पैलेस में सम्राट हेनरी आँठवें को समर्पित प्रार्थनालय में मंगलवार को 09 फरवरी को काथलिक कलीसिया में प्रचलित लातीनी धर्मविधि से सान्ध्य वन्दना का पाठ आयोजित किया गया।

इस ऐतिहासिक समारोह का आयोजन लन्दन के जेनेसिस न्यास तथा कॉरल नामक न्यास द्वारा किया गया है। सान्ध्य वन्दना का नेतृत्व लन्दन के काथलिक महाधर्माध्यक्ष कार्डिनल विन्सेन्ट निकोल्स करेंगे तथा इस अवसर पर एंगलिकन कलीसिया के धर्माध्यक्ष रेवरेण्ड डॉ. रिचर्ड चारत्रेस अपना उपदेश देंगे।

इस ख्रीस्तीय एकतावर्द्धक प्रार्थना समारोह से पूर्व कार्डिनल विन्सेन्ट निकोल्स तथा धर्माध्यक्ष डॉ. रिचर्ड चारत्रेस ग्रेट हॉल नामक भवन में मुलाकात करेंगे। इस मुलाकात के दौरान काथलिक कलीसिया एवं एंगलिकन कलीसिया के बीच विद्यमान सम्बन्धों पर विशेष ध्यान दिया जायेगा।

प्रार्थना समारोह के उपरान्त लन्दन की काथलिक एवं एंगलिकन कलीसियाओं की ओर से संगीत समारोह का भी आयोजन किया गया है।


(Juliet Genevive Christopher)

बांगलादेश, काथलिक धर्मबहनें बनी डकैती एवं मार पीट का शिकार

In Church on February 9, 2016 at 5:05 pm

ढाका, मंगलवार, 9 फरवरी 2016 (एशियान्यूज़): बांगलादेश की राजधानी ढाका से 160 किलो मीटर दूर छुआडाँगा ज़िले स्थित काथलिक गिरजाघर एवं धर्मबहनों के कॉन्वेन्ट पर, 06 और 07 फरवरी की रात, लगभग 20 अज्ञात व्यक्तियों की भीड़ ने हमला किया। भीड़ ने गिरजाघर और धर्मबहनों के कॉन्वेन्ट में लूटमार मचाई तथा धर्मबहनों की पिटाई भी की।

एशियान्यूज़ के अनुसार हमले के समय गिरजाघर के पल्ली पुरोहित प्रेरितिक कार्यों के लिये बाहर गये हुए थे। प्राप्त समाचारों के अनुसार पहले भीड़ गिरजाघर की ओर गई जहाँ उसने प्रार्थना की पुस्तकों को तितर-बितर कर दिया और फिर धर्मबहनों के कॉन्वेन्ट का रुख किया जहाँ तीन धर्मबहनें सो रही थीं। बन्दूक एवं अन्य हथियारों के बल पर उन्होंने धर्मबहनों को जगाया तथा उन्हें मार डालने की धमकियाँ देकर कॉन्वेन्ट से नकदी आदि चुरा ले गये। चोरी की चीज़ों में कई मोबाईल फोन्स, कॉन्वेन्ट की कुछेक वस्तुएँ, धर्मबहनों के वस्त्र एवं लगभग साढ़े तीन लाख बांगलादेशी रुपये शामिल हैं। कॉन्वेन्ट में निर्माण कार्य जारी है जिसके लिये धर्मबहनों ने यह राशि अपने पास रखी थी। एक धर्मबहन ने जब नकदी देने से इनकार कर दिया तो उसे उन्होंने थप्पड़ मारे।

पुलिस में शिकायत दर्ज़ कर दी गई है जिसने जांचपड़ताल आरम्भ कर दी है। अब तक अपराधियों का पता नहीं लगाया जा सका है।

बांगलादेश के ख्रीस्तीय संगठन के महासचिव निर्मल रोज़ारियो ने एशियान्यूज़ से कहा कि वे घटना पर बहुत चिन्तित हैं क्योंकि जिस स्थल पर चोरी हुई है वहाँ पर सुरक्षा गार्ड तैनात थे। उन्होंने कहा, “बांगलादेश में धर्मसमाजियों एवं धर्मसंघियों का सम्मान किया जाता है तथा सरकार अल्पसंख्यकों की सहायता का हर सम्भव प्रयास करती है किन्तु कुछ लोग देश में अराजकता फैलाना चाहते हैं।”


(Juliet Genevive Christopher)

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