Vatican Radio HIndi

चेलम एवं काल के लिए संत पापा का वीडियो संदेश

In Church on August 27, 2016 at 3:01 pm


वाटिकन सिटी, शनिवार, 27 अगस्त 2016 (वीआर सेदोक): संत पापा फ्राँसिस ने लातीनी अमरीका के काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन ‘चेलम’ एवं लातीनी अमरीका के लिए परमधर्मपीठीय आयोग ‘काल’ द्वारा पूरे महाद्वीप में करूणा की जयन्ती मनाये जाने के पहल का स्वागत करते हुए इसमें विभिन्न देशों की सहभागिता पर प्रसन्नता जतायी।

उन्होंने वीडियो संदेश प्रेषित कर कहा, ″मुझे खुशी है कि अमरीका के सभी देश इसमें भाग ले रहे हैं। इस प्रकार के अवसर हमारी क्षितिज को विस्तृत करने में मदद देता तथा आशा में बढ़ाने के महान चिन्ह हमारी मित्रता को जारी रखता है।″

संत पापा ने तीमोथी को लिखे संत पौल के पत्र का स्मरण दिलाया जिसमें वे ईश्वर के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करते हैं क्योंकि उनकी अयोग्यता के बावजूद उन्होंने उन्हें चुना और उनपर अपनी दया बरसाई। अतः वे अनुभव करते हैं कि जिस दया को उन्होंने ईश्वर से प्राप्त किया है उसे दूसरों को भी बांटना है।

संत पापा ने कहा कि तीमोथी को लिखे इस पत्र के माध्यम से आज वे हम प्रत्येक को निमंत्रण देते हैं। इन्ही शब्दों ने तीमोथी तथा उन सभी लोगों को प्रेरित किया जिन्होंने इसका श्रवण किया। ये शब्द हमें उदासीन रहने नहीं दे सकते किन्तु गहराई से हमारे जीवन को प्रभावित करते हैं। ख्रीस्त संसार में आये ताकि वे पापियों को बचा सकें जिनमें पौलुस अपने को सबसे बड़ा पापी मानते और कहते हैं कि उन्होंने ईश्वर की महान दया को प्राप्त किया है।

संत पापा ने धर्माध्यक्षों से कहा कि हमें यह अवसर प्राप्त हुआ है क्योंकि हम संत पौलुस के साथ कह सकते हैं कि हमें करुणा प्राप्त हुई है। हमारे सभी पापों, कमजोरियों, ग़लतियों तथा बुराई में बार बार गिरने के बावजूद, येसु ने हमपर दया दृष्टि की है तथा हमें अपने करीब लाया है। उन्होंने अपना हाथ बढ़ाकर हमपर दया प्रदर्शित की। हम प्रत्येक अपने जीवन को पुनः झांककर ईश्वर की दया की याद करें।

संत पापा ने संत पौलुस के उन शब्दों पर प्रकाश डाला जिसमें वे कहते हैं कि प्रभु ने बातें कीं और मुझे बतलाया उन्होंने मेरे साथ दया का बर्ताव किया। संत पौलुस का येसु के साथ संबंध इसी संबंध के आधार पर था जिसमें उन्होंने उन पर दया दिखायी थी।

संत पापा ने अपने संदेश में धर्माध्यक्षों को स्मरण दिलाया कि हम विभिन्न संस्कृतियों प्रभावित हैं विशेषकर, फेंकने की संस्कृति तथा ऐसी संस्कृति जो कुछ ही लोगों के लाभ को चुनौती देने वाले का बहिष्कार करता है।

संत पापा ने धर्माध्यक्षों से कहा कि आज उन्हें ईश्वर की पवित्र एवं विश्वासी प्रजा पर करुणा प्रदर्शित करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि वे ईश्वर के प्रति कृतज्ञता प्रकट करें क्योंकि ईश्वर ने उन पर विश्वास किया है।


(Usha Tirkey)

अमरीका के धर्माध्यक्षों एवं ईरान के धार्मिक नेताओं द्वारा शांति एवं वार्ता को प्रोत्साहन

In Church on August 27, 2016 at 2:58 pm

अमरीका के धर्माध्यक्षों एवं ईरान के धार्मिक नेताओं द्वारा शांति एवं वार्ता को प्रोत्साहन हेतु घोषणा पत्र जारी करते हुए धार्मिक नेता – RV


वॉशिंगटन, शनिवार, 27 अगस्त 2016 (एशियान्यूज): अमरीका के काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन एवं ईरानी धार्मिक नेताओं ने मुलाकात की संस्कृति, सहिष्णुता, वार्ता तथा अन्य धर्मों की परम्पराओं का सम्मान करने वाली शांति को बढ़ावा देने हेतु एक संयुक्त घोषणा पत्र जारी किया तथा सामूहिक विनाश तथा आतंकवाद के लिए हथियारों के विकास एवं प्रयोग को अनैतिक कहा।

घोषणा पत्र 5 से 10 जून को रोम में आयोजित नैतिक वार्ता के तहत जारी किया गया है। वार्ता ने अमरीका एवं ईरान के धार्मिक नेताओं के बीच प्रभावपूर्ण सम्पर्क हेतु एक स्थायी चैनल भी स्थापित करने का प्रयास किया है। अंतरधार्मिक वार्ता सभी धर्मों के नैतिक पक्ष की ओर झुकाव पर ध्यान खींचता है विशेषकर, जब वे मानव अधिकार, सामूहिक विनाश के हथियार तथा आतंकवाद की ओर बढ़ते हैं।

घोषणा पत्र जारी करते समय काथलिक प्रतिनिधि के रूप में अमरीका के काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन के सदस्य धर्माध्यक्ष ऑस्कर कन्तु, नवीन मेक्सिको काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन के न्याय एवं शांति विभाग के अध्यक्ष कार्डिनल मैककरीक, वॉशिंगटन के ससम्मान सेवानिवृत महाधर्माध्यक्ष रिचर्ड पातेर तथा बालतिमोर के धर्माध्यक्ष डेनिस मडेन और ईरान के पाँच नेताओं का प्रतिनिधित्व करते हुए तेरान के अयातोल्लाह महदी हदावी तथा अयातोल्लाह अबुलघसेम अलीदूस्त उपस्थित थे। वार्ता की शुरूआत 2014 में कोम की सभा में हुई थी जिसमें दुनिया को परमाणु हथियार से मुक्त किये जाने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला गया था।

धर्माध्यक्ष कन्तु ने कहा, ″आज की यह संयुक्त घोषणा, दो धर्मों के बीच ईमानदारी पूर्वक वार्ता का परिणाम है जो जीवन एवं मानव व्यक्ति की प्रतिष्ठा के मामले के कारण एक साथ हैं।″ उन्होंने कहा कि हम एक साथ इस वार्ता में आगे बढ़ने हेतु प्रतिबद्ध हैं जिसके कारण मानव परिवार गरीबी, अन्याय, असहिष्णुता, आतंकवाद तथा युद्ध की स्थिति से गुजर रहा है।

संयुक्त घोषणा पत्र पर कोम सेमिनरी के महासमिति के वरिष्ठ सदस्य अयातोल्लाह अली रेज़ा अराफी एवं अल मुस्ताफा अंतरराष्ट्रीय विश्व विद्यालय के अध्यक्ष डॉ. अबदुल मजिद हकिम एलाही तथा धर्माध्यक्ष ऑस्कर कन्तु तथा कार्डिनल थेओदोर मकारिक ने की।


(Usha Tirkey)

जोर्जिया के प्राधिधर्माध्यक्ष ने भूकंप पीड़ितों हेतु प्रार्थना की

In Church on August 27, 2016 at 2:54 pm


वाटिकन रेडियो, शनिवार, 27 अगस्त 2016 (वी आर) जोर्जिया के प्राधिधर्माध्यक्ष ईला द्वितीय ने संत पापा फ्राँसिस के नाम भेजे गये अपने पत्र में बुधवार सुबह को मध्य इटली में आये भूकंप और इसमें हताहत हुए लोगों के प्रति अपनी संवेदना अर्पित की।

अपने 25 अगस्त के निर्गत पत्र में उन्होंने इटली वासियों के अपनी सहायता देने का आश्वासन देते हुए संत पापा से निवेदन किया कि वे भूकंप में मारे गये, घायल और सभी पीड़ितों के लिए उनकी ओर से इटली के सभी लोगों को संवेदना के भाव अर्पित करें।

प्रधिधर्माध्यक्ष ने अपने प्रेषित संवेदना के प्रत्र में लिखा कि जोर्जिया की आरोथोडाक्स कलीसिया की ओर से मैं इटली के पेरूजा और इसके निकटवर्ती इलाकों में आये भूकंप और इसमें मारे गये सभी लोगों और हज़ारों की संख्या में गृह विहीन पीड़ितों के प्रति अपनी गहरी संवेदना के भाव अर्पित करता हूँ।

आप के देश में संकट और दुःख की इस घड़ी मैं आप सबों को यह आश्वासन देता हूँ कि हम आप के दुःख में सम्मिलित होते हुए आप को अपनी सेवाओं का विश्वास दिलाते हैं।

कृपया हमारी ओर से मृत परिवारों को और उन्हें जिन्हें भारी क्षति का सामन करना पड़ा है, पूरे इटली वसियों को सांत्वना अर्पित करें। हम ईश्वर से निवेदन करते हैं कि वे इटली और इसके सभी निवासियों को अपनी शांति और करुणा से भर दे।

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