Vatican Radio HIndi

Archive for February 16th, 2012|Daily archive page

POPE

In Church on February 16, 2012 at 10:38 pm

http://www.youtube.com/user/GiovanniPaoloII#p/u/9/LfVa_dn3GQs

Advertisements

44-800[1]

In Church on February 16, 2012 at 10:11 pm

44-800[1]

padre_federico_lombardi[1]

In Church on February 16, 2012 at 7:49 pm

padre_federico_lombardi[1]

Response & Feedback

In Letters on February 16, 2012 at 11:25 am

प्रस्तोता – जोसेफ कमल बाड़ा

  • प्रभु येसु और संत पापा के पवित्र नाम पर रेडियो वाटिकन परिवार के सभी सदस्यों को सादर अभिवादन।  पत्र के शुरू में यही कहूँगा कि इस समय रेडियो वाटिकन का हिन्दी प्रसारण काफी प्रभावशाली होता जा रहा है क्योंकि आपके कार्यक्रम उत्कृष्ट आध्यात्मिक शिक्षा से भरे रहते हैं। इनके द्वारा हमें संत पापा और ईश्वरीय प्रेम का अहसास होता है। वाटिकन रेडियो प्रसारण के संबंध में जो पत्राचार होते हैं और इनके माध्यम से हमें अपने विचारों का आदान-प्रदान करने के अवसर प्राप्त होते हैं। आपके प्रसारण और आपकी कार्यप्रणाली के कारण हम श्रोताओं के दिलों में अपनी अमिट छाप छोड़ रहा है। आपके इन कार्यक्रमों से हमें जीवन के सुख का मूल जानने का अवसर मिलता है। आज मनुष्य धन दौलत, रूपये पैसे को ही मानसिक एवं आत्मिक शांति का आधार समझता है जो अपने में बहुत बड़ी भूल है। ये हमें सुख नहीं देते वरन् हमें मानसिक और आध्यात्मिक सुख और शांति मिलती है संत पापा और परमेश्वर के वचनों को सुनकर।  रेडियो वाटिकन के प्रसारण की लोकप्रियता की मुख्य वजह यहाँ के कार्यक्रमों का राजनीति और निजी संगठनों के प्रभाव से मुक्त होना है। अंत में मैं यही कहूँगा- गीत प्यार का गाओ तो कोई बात बने, साथ प्यार का निभाओ तो कोई बात बने, अपनों को अपना बताते हैं सभी गैर को अपना बनाओ तो कोई बात बने,  दूरियाँ चाँद की मिटाने से क्या होगा फासले दिलों की मिटाओ तो कोई बात बने।

अनिल ताम्रकार  शिवाजी चौक  कटनी  मध्यप्रदेश

  • 6 जनवरी को सुबह में प्रसारित पवित्र धर्मग्रंथ एक परिचय कार्यक्रम सुनकर मुझे बहुत पसंद आया। स्तोत्र ग्रंथ पर अध्ययन प्रस्तुत किया गया जिसमें भजनकार ने अपने शब्दों में प्रभु येसु मसीह के विषय में बहुत सारी बातों का उल्लेख किया है। इस कार्यक्रम को सुनकर मुझे प्रभु येसु के बारे में जानकारी प्राप्त हुई। उसके बाद भक्तिगीत” प्रभु की महिमा गायें, प्रभु है महान ”  सुनकर मुझे आत्मिक खुशी और शांति मिली। कार्यक्रम की सुन्दर प्रस्तुति के लिए आपको दिल से धन्यवाद।

राम विलास प्रसाद  सियोन रेडियो लिस्नर्स क्लब के अध्यक्ष  कृतपुर मठिया पूर्वी चम्पारण बिहार

  • मैं आपके प्रसारण को सुनकर बहुत संतुष्टि का अनुभव करता हूँ। वाटिकन रेडियो प्रसारण मेरा पसंदीदा प्रोग्राम है। आपके द्वारा प्रसारित कार्यक्रमों से हमारी आँखें खुलती हैं तथा हमारे मन को संसार के बारे में और अधिक जानने के लिए सहायता मिलती है। 

दीवान रफीकुल इस्लाम  फ्रेंडस रेडियो क्लब के अध्यक्ष हाट नुआगाँव पतालिर मोड़ नुआगाँव बांगलादेश ( ई मेल  2 फरवरी)

  • 5 फरवरी को शाम 8 बजे 41 मीटर बैंड पर साप्ताहिक नई दिशाएँ कार्यक्रम के तहत जीवन को अच्छा और प्रभावी बनाये रखने के विषय पर एक लघु चर्चा प्रस्तुत किया गया।जो मुझे काफी रोचक और ज्ञानवर्द्धक लगा। क्योंकि अहंकारी व्यक्ति दूसरों को हेय दृष्टि से देखता है। क्रोध में आदमी अंधा हो जाता है और हिंसक प्रवृत्ति का शिकार हो जाता है। इसलिए हमें हमारे क्रोध के प्रति सजग होने की आवश्यकता है। और ,थ ही साथ अंत में चेतना जागरण के तहत वर्तमान से उपजता भविष्य इस शीर्षक पर क लघु नाटिका सुना काफी पसंद या।  मनुष्ट जैसा करेगा वैसा पायेगा। आज प्रसारण काफी साफ सुनाई दिया। कृपया कैलेंडर वाटिकन भारती पत्रिका अवश्य भेज दें।

रजनीश कुमार  महदेईयामठ परसापटटी मुजफ्फरपुर बिहार ( ई मेल 6 फरवरी)

वाटिकन में ब्रितानी शिष्टमण्डल की यात्रा शुरु

In Church on February 16, 2012 at 9:03 am
  • जूलयट जेनेविव क्रिस्टफ़र

रोम, 15 फरवरी सन् 2012 (सेदोक): ब्रितानी सरकार के एक शिष्टमण्डल ने मंगलवार को, वाटिकन तथा ब्रिटेन के मध्य पूर्ण कूटनैतिक सम्बन्धों की स्थापना के तीस वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में, वाटिकन तथा परमधर्मपीठ की आधिकारिक यात्रा आरम्भ की।

सन् 2010 में, यूनाईटेड किंगडम में सन्त पापा बेनेडिक्ट 16 वें की प्रेरितिक यात्रा के स्मरणार्थ भी इस यात्रा का आयोजन किया गया है।

ब्रितानी प्रतिनिधिमण्डल का नेतृत्व ब्रिटेन के प्रधान मंत्री की ओर से नवाब साहिबा, साईदा हुसैन वारसी तथा कलीसिया की ओर से वेस्टमिन्सटर के महाधर्माध्यक्ष विन्सेन्ट निकोलस कर रहे हैं।

मंगलवार को, नवाब साहिबा वारसी ने परमधर्मपीठीय कूटनैतिक सेवाओं हेतु प्रशिक्षण प्रदान करनेवाली परमधर्मपीठीय अकादमी के सदस्यों एवं राजनयिकों को सम्बोधित किया।

वाटिकन और परमधर्मपीठ की आधिकारिक यात्रा के उपलक्ष्य में 13 तथा 14 फरवरी को प्रकाशित वाटिकन के समाचार पत्र लोस्सरवातोरे रोमानो में श्रीमती वारसी ने लिखा, “प्रधान मंत्री डेविड कैमरून तथा मैं ब्रिटेन की सरकार द्वारा विश्वास की गहनतम समझ के प्रयास में लगे हैं तथा अपना सन्देश परमधर्मपीठ तक ले जाना हमारे लिये सम्मान का विषय है।

उन्होंने लिखा, “धर्माध्यक्षों, पुरोहितों, धर्मसमाजियों तथा राजनयिकों द्वारा अभिव्यक्त काथलिक कलीसिया की भूमिका अन्तरराष्ट्रीय मामलों में अंह महत्व की है। आज के नीति विषयक, नैतिक तथा बौद्धिक विचार विमर्शों में काथलिक कलसिया की आवाज़ अत्यधिक प्रभावशाली है।”

सन् 2010 में सम्पन्न सन्त पापा बेनेडिक्ट 16 वें की ब्रिटेन यात्रा के बारे में उन्होंने कहा कि यह यात्रा यू.के. के इतिहास में मील का एक पत्थर सिद्ध हुई है जो ब्रिटेन के लिये सदैव ऐतिहासिक एवं अविस्मरणीय रहेगी।

 http://www.radiovaticana.org/in1/index.asp

 

काथलिक मछुओं के विरोध की सरकार ने की उपेक्षा

In Peace & Justice on February 16, 2012 at 9:00 am
  • जूलयट जेनेविव क्रिस्टफ़र

श्री लंका, कोलोम्बो, 15 फरवरी सन् 2012 (एशिया न्यूज़): श्री लंका में तेल की बढ़ती क़ीमतों के विरुद्ध बन्दरगाहों तथा कोलोम्बो से लेकर मन्नार तथा नेगोम्बो शहरों में श्री लंका के मछुओं ने विरोध प्रदर्शन कर मार्गों को अवरुद्ध किया। बताया जाता है कि विभिन्न शहरों में हो रहे विरोध प्रदर्शनों में 50,000 से अधिक श्री लंका के मछुए शामिल हैं।

विरोध का कारण तेलों की बढ़ती क़ीमत है। 12 फरवरी से प्रभावी क़ीमतों के अनुसार डीज़ल में 37 प्रतिशत की वृद्धि हुई, मिट्टी का तेल 49.5 प्रतिशत बढ़ा तथा गैसोलीन की क़ीमत में नौ प्रतिशत की वृद्धि आई।

एशिया न्यूज़ से कुछ मछुओं ने कहा, “हमें राहत सहायता नहीं चाहिये और न ही हम किसी प्रकार की सब्सिडी की मांग कर रहे हैं, हम केवल मानवीय, वैध एवं धारणीय क़ीमतों की मांग कर रहे हैं।” उनके अनुसार यदि सरकार ने उनकी मांग को पूरा नहीं किया तो लघु उद्योग जैसे मच्छीमारी ख़त्म हो जायेगी।

14 फरवरी से विभिन्न शहरों में विरोध प्रदर्शन जारी हैं किन्तु सरकार अब तक इसकी उपेक्षा करती रही है।

श्री लंका के ख्रीस्तीय नेताओं ने सरकार से आग्रह किया है कि वह मछुओं की अपीलों पर ध्यान दे। कोलोम्बो के काथलिक महाधर्माध्यक्ष कार्डिनल मेलकम रणजीत ने मछुओं का पक्ष लेते हुए मत्स्य उद्योग मंत्री सेनारत्न से बातचीत भी की है। किन्तु मंत्री ने कहा है कि सरकार सहायता देने लिये तैयार है किन्तु क़ीमतों को कम करना नामुमकिन है।

सरकार की दलील है कि कच्चे तेल की क़ीमतों में बढ़ौती के कारण डीज़ल, मिट्टी के तेल आदि के भाव बढ़े हैं।

 श्री लंका टेलेविज़न और रेडियो पर मंत्री सेनारत्न ने उन काथलिक पुरोहितों एवं ग़ैरसरकारी संगठनों को भी फटकार बताई जो विरोध प्रदर्शनों को समर्थन दे रहे हैं। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि बढ़ती क़ीमतों पर कोई समझौता नहीं हो सकता।

 

 http://www.radiovaticana.org/in1/index.asp

 

बलात्कार की शिकार धर्मबहन के प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट का स्थगन आदेश

In Peace & Justice on February 16, 2012 at 8:57 am

जूलयट जेनेविव क्रिस्टफ़र

नई दिल्ली, 15 फरवरी सन् 2012 (ऊका): भारत की सर्वोच्च अदालत ने बलात्कार की शिकार एक काथलिक धर्मबहन के प्रकरण पर स्थगन आदेश दे दिया है। उड़ीसा की एक निचली अदालत के न्यायाधीश द्वारा परीक्षण के दौरान, तथ्यों की ग़लत व्याख्या की शिकायत कर, धर्मबहन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दर्ज़ की थी।

धर्मबहन के वकीलों में से एक, काथलिक पुरोहित फादर दिबाकर पारिच्छा ने सन्तोष व्यक्त करते हुए कहा, “यह एक बहुत ही सकारात्मक विकास है क्योंकि इससे पीड़ित धर्मबहन को अपने विचार व्यक्त करने का अवसर मिलेगा।”

न्यायमूर्ति आल्तामास कबीर तथा न्यायमूर्ति एस.एस निज्जर की खण्डपीठ ने राज्य सरकार एवं अन्यों से धर्मबहन की दलील के जवाब का उत्तर देने को कहा तथा मामले में आगे की सुनवाई को 22 मार्च तक मुल्तवी कर दिया है।

सन् 2008 में, उड़ीसा में, हुई ख्रीस्तीय विरोधी हिंसा के दौरान, धर्मबहन से सड़क पर अर्द्ध नग्न अवस्था में परेड कराई गई थी तथा उनका बलात्कार किया गया था।

फादर दिबाकर पारिच्छा ने कहा कि उन्हें सुप्रीम कोर्ट की शरण जाना पड़ा क्योंकि उड़ीसा के उच्च न्यायालय ने, उप संभागीय न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रशांत कुमार दास से पूछताछ करने हेतु पीड़िता द्वारा की गई अपील को ठुकरा दिया था।

दास ने बलात्कार के आरोपियों की पहचान हेतु जाँचपड़ताल की थी। धर्मबहन ने सन्तोष नायक को आरोपी के रूप में पहचाना था किन्तु दास ने अपनी रिपोर्ट में लिखा कि नायक ने किसी भी प्रकार की ज़्यादती नहीं की।

उड़ीसा के उच्च न्यायालय ने अभियोजन पक्ष को निर्देश दिया था कि वह कटक की एक अदालत में इस मामले को उठाये जहाँ प्रकरण पर सुनवाई हो रही थी।

कटक – भुवनेश्वर महाधर्मप्रान्त ने भी सुप्रीम कोर्ट के निर्णय पर सन्तोष जताते हुए कहा है कि यह न्याय के हित में है।

 

 http://www.radiovaticana.org/in1/index.asp

 

बुधवारीय-आमदर्शन समारोह में संत पापा का संदेश

In Audience on February 16, 2012 at 8:55 am
  • जस्टिन तिर्की,ये.स.

 वाटिकन सिटी, 15 फरवरी, 2012 (सेदोक, वी.आर) बुधवारीय आमदर्शन समारोह के अवसर पर संत पापा बेनेदिक्त सोलहवें ने वाटिकन स्थिति संत पौल षष्टम् सभागार में देश-विदेश से एकत्रित हज़ारों तीर्थयात्रियों को विभिन्न भाषाओं में सम्बोधित किया।

उन्होंने अंग्रेजी भाषा में कहा-मेरे अति प्रिय भाइयो एवं बहनो, आज की धर्मशिक्षामाला में ‘प्रार्थना’ विषय पर चिन्तन जारी रखते हुए हम येसु के उन अंतिम दिव्य वचनों पर चिन्तन करें जिन्हें येसु ने क्रूस पर से कहीं थी।

क्रूस पर टंगे येसु ने पिता ईश्वर से प्रार्थना करते हुए कहा था, “हे पिता उन्हें क्षमा कर क्योंकि वे नहीं जानते कि वे क्या कर रहे हैं।”(लूकस,23:34)।

क्रूसित करने वालों के लिये प्रार्थना करते हुए येसु इस बात को दिखलाते हैं कि उनका क्षमनीय प्रेम पाप में लिप्त मानवता के लिये अपार है।

क्रूस में टंगे भले डाकू को येसु ने कहा था, “तुम आज ही मेरे साथ स्वर्ग में होगे (लूकस,23:43) जो यह दिखाता है वे निश्चिय ही पुरस्कृत करेंगे जो पश्चात्ताप करते और ये सु पर अपना भरोसा करते हैं।

मृत्यु के पूर्व येसु ने चिल्ला कर कहा था, “पिता, आपके हाथों में मैं अपनी आत्मा को सौंप देता हूँ।”(23:46) जिसके द्वारा उन्होंने यह दिखलाया कि वे पिता की इच्छा के प्रति वे समर्पित है।

 येसु की यह प्रार्थना इस बात को स्पष्ट करती है कि येसु का पिता ईश्वर के साथ कितना गहरा संबंध रहा और इसी संबंध ने उसके प्रार्थनामय जीवन को मजबूत किया था।

क्रूस पर से ही येसु हमें बैरियों को क्षमा देना, प्रेम करन और पश्चात्ताप के लिये प्रार्थना करना सिखाते हैं । वे इस बात को भी बतलाते हैं कि हम पूरे जीवन में आने वाले दुःखों को पूरी आस्था से पिता ईश्वर के हाथों में तब तक सौंपते रहें जब तक तक एक दिन वे स्वर्ग में हमारा आलिंगन न कर लें।

 इतना कहकर संत पापा ने अपना संदेश समाप्त किया।

उन्होंने इंगलैंड, आयरलैंड, नॉर्वे, अमेरिका और टोरोन्तो से आये तीर्थयात्रियों, पोन्टिफिकल नॉर्थ अमेरिकन कॉलेज तथा स्कॉटलैंड के विद्यार्थियो, उपस्थित लोगों एवं उनके परिवार के सभी सदस्यों पर प्रभु की कृपा, प्रेम और शांति की कामना करते हुए उन्हें अपना प्रेरितिक आशीर्वाद दिया।

 http://www.radiovaticana.org/in1/index.asp

 

समाचारों में सयंम एवं सद्भाव का आह्वान

In Media on February 16, 2012 at 8:52 am
  • जूलयट जेनेविव क्रिस्टफ़र

वाटिकन सिटी, 15 फरवरी सन् 2012 (सेदोक): वाटिकन रेडियो के महानिदेशक तथा वाटिकन के प्रवक्ता फादर फेदरीको लोमबारदी ने इताली मीडिया में वाटिकन विषयक दस्तावेज़ों पर उठी अफवाहों के मद्देनज़र मीडिया कर्मियों से आग्रह किया है कि वे किसी भी समाचार को प्रकाशित करते समय संयम एवं सदभाव का प्रदर्शन करें।

सोमवार को वाटिकन रेडियो से बातचीत में फादर लोमबारदी ने कहा, “आजकल हम सब को संयम एवं शान्त भाव से काम लेना चाहिये तथा तर्क शक्ति का प्रयोग करना चाहिये।”

उन्होंने कहा, “अमरीकी प्रशासन विकीलीक्स से प्रभावित हुआ और अब वाटिकन में भी कुछ दस्तावेज़ों के लीक होने से अन्तरराष्ट्रीय मीडिया का ध्यान उसकी तरफ आकर्षित हुआ है जिससे अस्त व्यस्तता एवं भ्रामक विचारों को तूल मिली है।”

वाटिकन तथा कलीसिया सम्बन्धी समाचारों के प्रसार कार्य में लगे लोगों से फादर लोमबारदी ने आग्रह किया कि वे विवेक एवं गहन सूझ-बूझ के साथ समाचारों एवं सूचनाओं का प्रसार करें तथा पत्रकारिता करते समय समाज के प्रति प्रेम, कर्त्तव्य भाव तथा सत्य को सदैव ध्यान में रखें।

इस बात की ओर ध्यान आकर्षित कराते हुए कि कुछेक पुरोहितों के यौन दुराचारों तथा वित्तीय व्यवस्था में गड़बड़ी को लेकर, पश्चाताप, चंगाई और नवीनीकरण हेतु कलीसिया के प्रयासों पर बहुत अधिक प्रकाशित किया जा रहा था, फादर लोमबारदी ने कहा, “हम सब को अस्त-व्यस्तता की स्थिति उत्पन्न करने के प्रलोभन से बचना चाहिये तथा तर्क करने की अपनी क्षमताओं पर भरोसा करना चाहिये।”

ग़ौरतलब है कि कुछेक पुरोहितों द्वारा बच्चों के विरुद्ध यौन दुराचारों तथा हाल ही में वाटिकन की वित्तीय व्यवस्था के प्रशासन में कुछ त्रुटियों के प्रकाश में आ जाने के बाद से इताली तथा अन्तरराष्ट्रीय मीडिया में वाटिकन के बारे में अनर्गल अफ़वाहों ने तूल पकड़ लिया है।

 http://www.radiovaticana.org/in1/index.asp

%d bloggers like this: