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सहानुभूति और आध्यात्मिक सामीप्य का आश्वासन

In Church on February 19, 2012 at 9:04 am
  • जस्टिन तिर्की, ये.स.

वाटिकन सिटी, 18 फरवरी, 2012( ज़ेनित) संत पापा बेनेदिक्त सोलहवें ने होन्दुरास के जेल में लगी आग से मरे लोगों की अनन्त शांति के लिये प्रार्थना की तथा उनके परिवार के सदस्यों को अपनी सहानुभूति और आध्यात्मिक सामीप्य का आश्वासन दिया।

कोमामयागुआ के धर्माध्यक्ष को संत पापा की ओर से लिखे शोक संदेश में वाटिकन के सेक्रेटरी ऑफ स्टेट कार्डिनल बेरतोने ने कहा कि जेल में लगी आग की घटना से करीब 350 लोगों की मृत्यु की दुःखद ख़बर सुनकर संत पापा को ‘गहरा दुःख’ हुआ है और ‘उन्होंने पिता ईश्वर को अपनी प्रार्थना अर्पित की हैं ताकि मृतकों को अनन्त शांति मिले।

कार्डिनल बेरतोने ने धर्माध्यक्ष से निवेदन किया कि वे संत पापा की ओर से मृतकों के परिवार के शोकित सदस्यों को हार्दिक सहानुभूति और आध्यात्मिक निकटता का संदेश दें। बेरतोने ने कहा कि संत पापा की आशा है कि भयंकर आग से झुलसे हुए लोगों शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्राप्त करेंगे।

बुधवार, 15 फरवरी को होन्दुरास की एक जेल में लगे भीषण आग के कारणों का पता नहीं लगाया जा सका है पर निश्चिय ही यह दुर्घटना होन्दुरास के जेलों की दयनीय स्थिति की ओर इंगित करता है।

बताया जाता है कि होन्दुरास की जेलों में कैदियों की संख्या आवास क्षमता से दोगुनी है। देश की न्यायिक प्रक्रिया का धीमा होना भी कैदियों कि अति संख्या के लिये ज़िम्मेदार है।

सुसमाचार प्रचार के लिये चाहिये प्रेम, नम्रता और आनन्द

In Church on February 19, 2012 at 9:00 am
  • जस्टिन तिर्की, ये.स.

वाटिकन सिटी,18 फरवरी, 2012(ज़ेनित) न्यूयॉर्क के महाधर्माध्यक्ष ने कार्डिनल तिमोथी दोलान कहा,  “सुसमाचार प्रचार के लिये प्रेम, नम्रता और आनन्द की ज़रूरत है।”

उन्होंने उक्त बात उस समय कही जब उन्होंने 17 फरवरी, शुक्रवार को नये नामित कार्डिनलों के लिये वाटिकन में आयोजित एकदिवसीय प्रार्थना सभा में सुसमाचार प्रचार के सात सूत्रीय बातों को बतलाया।

कार्डिनल दोलान ने कहा,”सुसमाचार प्रचार के लिये यह ज़रूरी है कि ईश्वर को पाने की इच्छा को जागृत रखना और तब निर्भीक होकर सुसमाचार का प्रचार करना क्योंकि ईश्वर हमारे साथ है।”

उन्होंने यह भी कहा, “नया सुसमाचार, सिद्धांत या विश्वास प्रणाली की प्रस्तुति नहीं पर येसु का प्रचार है। नया सुसमाचार ईश्वरीय प्रेम का प्रचार है जो सेवा के द्वारा प्रकट होता है।”

महाधर्माध्यक्ष दोलान ने इस बात की याद दिलायी कि कई लोग अपने विश्वास के लिये शहीद हो रहें हैं जो नये सुसमाचार प्रचार के लिये एक बड़े प्रोत्साहन की बात है।

कार्डिनल दोलान के कहा “धर्म-निर्पेक्षतावाद परंपरागत ख्रीस्तीय समुदायों में प्रवेश इसलिये आसानी से कर गया क्योंकि ईसाई अपने विश्वास को नहीं जानते हैं और विश्वास द्वारा दियो जा रहे सत्य से अवगत नहीं हैं।”

विदित हो कि कार्डिनलों के लिये आयोजित प्रार्थना सभा में 133 कार्डिनलों ने हिस्सा लिया जिसमें 22 नये नामित में 20 उपस्थित थे।

सीएनएस समाचार के अनुसार संत पापा ने प्रार्थनासभा में संत पापा ने कार्डिनल मंडली को संबोधित नहीं किया

कार्डिनलों का जीवन येसु-संचालित, विश्वास-प्रज्वलित और प्रेम-प्रेरित

In Church on February 19, 2012 at 8:55 am
  • जस्टिन तिर्की, ये.स.

वाटिकन सिटी, 18 फरवरी, 2012 (सेदोक, वीआर) संत पापा बेनेदिक्त सोलहवें ने 18 फरवरी, शनिवार को संत पेत्रुस महागिरजाघर में आयोजित एक भव्य समारोह में यूखरिस्तीय समारोह में 22 नये कार्डिनलों को बनाया।

यूखरिस्तीय समारोह में प्रवचन देते हुए संत पापा बेनेदिक्त सोलहवें ने कहा,”नये कार्डिनलों का लाल वस्त्र उनपर प्रेममय सेवा अर्थात् ईश्वर, कलीसिया और पड़ोसियों के प्रति शर्तरहित प्रेम का ऐसा दायित्व प्रदान करता है कि यदि इसके लिये शहीद होने की ज़रूरत हो तो वे इसके लिये भी तैयार रहें।”

उन्होंने कहा, “कार्डिनलों का दायित्व यह भी है कि वे कलीसिया की सेवा गुरुओं की पारदर्शिता तथा विवेक, चरवाहों की शक्ति तथा सामर्थ्य और शहीदों के विश्वास तथा साहस के साथ करें। उन्हें चाहिये कि वे कलीसिया के ऐसे विशिष्ट सेवक बनें जिनका उदाहरण हम संत पेत्रुस में पाते हैं, जो हमारी एकता के प्रत्यक्ष नींव हैं।”

“सच्चा विश्वास हममें, ईश्वर और पड़ोसियों की सेवा तथा आत्मबलिदान करने की प्रेरणा देता और हमारे जीवन में रोजदिन इसका विकास करने की जो शक्ति देता है वह दुनियावी शक्ति और ख्याति से भिन्न हैं।”

उन्होंने कहा, “शक्ति के संबंध में ग़लत तर्क न केवल ज़ेबेदी के दो पुत्रों में थी पर अन्य दस चेले भी ग़लत तर्क के शिकार थे। संत जोन ख्रीसोस्तम ने इस बात की पुष्टि की है कि ‘सभी चेले अपूर्ण थे’।”

संत पापा ने कहा, ‘प्रभुत्व और सेवा’ ‘अहंकार और परोपकारिता’ ‘अधिकार और उपहार’ ‘स्वार्थ और दान’, ये सभी परस्पर विरोधी दृष्टिकोण दुनिया में शुरु से सभी स्थानों में व्याप्त है। पर येसु ने अपने जीवन के लिये एक अलग ही रास्ता चुना।

जैसा कि संत मारकुस ने कहा, “मानव पुत्र इसलिये नहीं आया है कि वह सेवा कराये पर इसलिये कि वह सेवा करे और लोगों के अपने जीवन का बलिदान कर दे। क्रूस पर येसु मसीह का पूर्ण बलिदान आपके विश्वास की नींव और शक्ति हो जो आपके प्रेम में प्रकट हो।”

संत पापा ने कार्डिनलों से कहा,”उनका जीवन येसु से संचालित उनका जीवन विश्वास से प्रज्वलित और प्रेम से प्रेरित हो और वे माँ मरिया के उदारहण पर चलें जो सदा विश्वास में दृढ़ और ईश्वर की विनम्र दासी बनी रही।”

भारत के महाधर्माध्यक्ष मार जोर्ज अलंचेरी सहित 21 नये कार्डिनल

In Church on February 19, 2012 at 8:51 am
  •  जस्टिन तिर्की, ये.स.

वाटिकन सिटी, 18 फरवरी, 2012 (असोसिएटेड प्रेस) संत पापा बेनेदिक्त सोलहवें ने शनिवार  18 फरवरी को संत पेत्रुस महागिरजाघर में आयोजित एक भव्य समारोह में भारत के के सीरो मलाबार रीति के प्रमुख महाधर्माध्यक्ष मार जोर्ज अलंचेरी सहित 21 अन्य नये कार्डिनल नामितों को कार्डिनल मंडली में शामिल किया।

नये कार्डिनलों की मंडली में न्यूयॉर्क, पराग्वे, हाँग-काँग, टोरोन्टो के अलावा वाटिकन के कई अन्य प्रमुख अधिकारी शामिल हैं।

विदित हो 22 नये कार्डिनलों के कार्डिनल मंडली में शामिल हो जाने से पोप के चुनाव में मतदान के करने वालों कार्डिलनों की संख्या 125 हो गयी है जिनकी आयु 80 साल से कम है।

22 कार्डिनलों में 7 इटली से हैं जिससे मतदान देनेवालों की इताली कार्डिनलों की संख्या 30 हो गयी है।

यह भी ज्ञात हो कि संत पापा के चुनाव में मतदान के लिये योग्य 125 कार्डिनलों में 67 यूरोप, 22 दक्षिण अमेरिका, 15 उत्तरी अमेरिका 11 अफ्रीका और एशिया तथा पैसेफिक क्षेत्र से 10 कार्डिनल हैं।

इन 125 मतदान के लिये योग्य कार्डिनलों मे 63 को धन्य जोन पौल द्वितीय ने कार्डिनल बनाया था और 62 को संत पापा बेनेदिक्त सोलहवें ने बनाया।

छूने दो आसमान

In Church on February 19, 2012 at 8:29 am

 

छूने दो आसमान, posted with vodpod

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