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सन्त पापा बेनेडिक्ट 16 वें की मिलान यात्रा का कार्यक्रम प्रकाशित

In Church, Family on March 1, 2012 at 1:44 pm
  • जूलयट जेनेविव क्रिस्टफ़र

वाटिकन सिटी, 29 फरवरी सन् 2012 (सेदोक): इटली के मिलान शहर में आयोजित सन्त पापा बेनेडिक्ट 16 वें की आगामी प्रेरितिक यात्रा का विवरण मंगलवार को प्रकाशित कर दिया गया।

सातवाँ विश्व परिवार सम्मेलन 29 मई से तीन जून तक इटली के मिलान शहर में आयोजित किया गया है। सन्त पापा बेनेडिक्ट 16 वें सम्मेलन के अन्तिम तीन दिनों के समारोहों का नेतृत्व करने मिलान की यात्रा करेंगे।

सातवें विश्व परिवार सम्मेलन का विषय हैः “परिवारः श्रम एवं समारोह”। सम्मेलन के दौरान परिवार प्रेरिताई में लगे ईश शास्त्री, पुरोहित, धर्मसंघी एवं लोकधर्मी विभिन्न कार्यशिविरों, वाद विवादों एवं प्रार्थना समारोहों में भाग लेकर अपने कार्यों का साक्ष्य प्रदान करेंगे।

पहली जून को सन्त पापा बेनेडिक्ट 16 वें रोम से मिलान के लिये रवाना होंगे। इसी दिन वे शहर के प्रमुख चौक में मिलान के लोगों को अपना सन्देश देंगे तथा शहर के विख्यात रंगमंच “ला स्काला” में आयोजित संगीत समारोह का आनन्द लेंगे।

2 जून को सन्त पापा मिलान महाधर्मप्रान्त तथा विश्व से परिवार सम्मेलन हेतु एकत्र पुरोहितों एवं धर्मसंघियों के लिये एक प्रार्थना सभा की अध्यक्षता करेंगे। इसी दिन वे शहर के प्रशासनाधिकारियों से भी मुलाकातें करेंगे। दो जून की सन्ध्या वे परिवार सम्मेलन के लिये मिलान में एकत्र हज़ारों तीर्थयात्रियों के साथ प्रार्थना जागरण एवं साक्ष्य समारोह में शरीक होंगे। तीन जून को रोम लौटने से पूर्व वे मिलान शहर के “पार्को नोर्द” मैदान में ख्रीस्तयाग अर्पित कर प्रवचन करेंगे।

सन् 1981 में धन्य सन्त पापा जॉन पौल द्वितीय ने “फामिलियारिस कोनसोरसियो” प्रेरितिक उदबोधन की घोषणा कर परिवारों के महत्व को प्रकाशित करने के लिये परिवार सम्बन्धी परमधर्मपीठीय समिति की रचना की थी।

धन्य सन्त पापा जॉन पौल द्वितीय की पहल पर ही सबसे पहला विश्व परिवार सम्मेलन रोम में सन् 1994 में सम्पन्न हुआ था। उसके बाद से यह विश्व के किसी न किसी महानगर में प्रति तीसरे वर्ष आयोजित किया जाता रहा है।

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Just a Moment

In Church on March 1, 2012 at 1:37 pm

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प्रार्थना कीजिये ,जैसा आप कर सकते हैं वैसा मत कीजिये, जैसा आप नहीं कर सकते

पाठकों व श्रोताओं के पत्र

In Church, Letters on March 1, 2012 at 8:38 am

प्रस्तोताः जोसेफ कमल बाड़ा

  • मैं वाटिकन रेडियो का नियमित श्रोता हूँ। आपके कार्यक्रम ज्ञानवर्धक लगते है आप मुझे स्टीकर और पत्रिका जरूर भेजें। वाटिकन रेडियो के स्टीकर अच्छे व सुन्दर होते है।
    मूलचन्द गढवीर बिजराड चौहटन बाड़मेर राजस्थान (ई मेल 26 परवरी)

मै वेटिकन रेडियो को रोज सुनता हूँ। आपके सभी कार्यक्रम अच्छे लगते है कृपया पत्रिका भेजें।
कपिल कागा बिजराड चौहटन बाड़मेर राजस्थान (ई मेल 26 फरवरी)

  • नमस्कार जी, मै वाटिकन रेडियो का नियमित श्रोता हूँ। आपके कार्यक्रम हमारे क्षैत्र मे साफ नही आते है कृपया ठीक करे। मैं कई बार माँग कर चुका हूँ लेकिन आप स्टीकर और पत्रिका नही भेजते। कृपया स्टीकर और पत्रिका जरूर भेजें।
    कृपाराम कागा बिजराड चौहटन बाड़मेर राजस्थान ई मेल 26 फरवरी)

महोदय जी जय मसीह की। मैं वाटिकन रेडियो के प्रोग्राम को नियमित सुन कर, अपने आत्मिक जीवन में लाभ पा रहा हूँ, धन्यवाद ।
हेमलाल प्रजापति सोनपुरी टेंगनमाड़ा बिलासपुर छत्तीसगढ (ई मेल 24 फरवरी)

  • मनुष्य सृष्टि का सर्वश्रेष्ठ प्राणी इसी कारण माना जाता है क्यंकि वह सोच, विचार और समझ सकता है कि मानवता के हित में क्या भला, क्या बुरा है। वह इसे जान-समझ कर ऐसे उपाय कर सकता है कि मानवता बुराई का मार्ग त्याग कर अच्छाई की राह पर अग्रसर हो. यह भी एक प्राकृतिक सत्य है कि जन्मजात स्वभाव से मनुष्य शांतिकामी और शांत रहने वाला प्राणी है. वे तो परिस्थिति ही ऐसी बन जाया करती है कि कभी-कभी शांत रहने वाला मनुष्य भी शांति को भंग करने के लिए बाध्य हो जाता है। यह भी एक ऐतिहासिक बात है कि जब से मानव-समाज की विकास-यात्रा आरंभ हुई है, तभी से वह स्वयं ही किन्ही कारणों से अनुप्राणित होकर स्वयं ही शांति भंग करता आया है और फिर उस अशांति को शांति में बदलने के उपाय भी करता आया है. इस प्रकार आरंभ से लेकर आज तक का मानव-विकास का इतिहास एकदम बिना द्वंद्व का नहीं कहा जा सकता. वह शांति-अशांति के संघर्ष का इतिहास ही रहा है।
    मितुल कंसल इंटरनेशनल रेडियो लिस्नर्स फ्रेंडस क्लब मरकंडा शाहबाद कुरूक्षेत्र हरियाणा ( ई मेल 13 फरवरी)

आप सभी को महाशिवरात्रि की बहुत बहुत बधाइयाँ। महाशिवरात्रि हिन्दुओं का एक प्रमुख त्योहार है। यह भगवान शिव का प्रमुख पर्व है। फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी को शिवरात्रि पर्व मनाया जाता है। माना जाता है कि सृष्टि के प्रारंभ में इसी दिन मध्यरात्रि भगवान शंकर का ब्रह्मा से रुद्र के रूप में अवतरण हुआ था। प्रलय की बेला में इसी दिन प्रदोष के समय भगवान शिव तांडव करते हुए ब्रह्मांड को तीसरे नेत्र की ज्वाला से समाप्त कर देते हैं। इसीलिए इसे महाशिवरात्रि अथवा कालरात्रि कहा गया। तीनों भुवनों की अपार सुंदरी तथा शीलवती गौरां को अर्धांगिनी बनाने वाले शिव प्रेतों व पिशाचों से घिरे रहते हैं। उनका रूप बड़ा अजीब है। शरीर पर मसानों की भस्म, गले में सर्पों का हार, कंठ में विष, जटाओं में जगत-तारिणी पावन गंगा तथा माथे में प्रलयंकर ज्वाला है। बैल को वाहन के रूप में स्वीकार करने वाले शिव अमंगल रूप होने पर भी भक्तों का मंगल करते हैं और श्री-संपत्ति प्रदान करते हैं।
मितुल कंसल इंटरनेशनल रेडियो लिस्नर्स फ्रेंडस क्लब मरकंडा शाहबाद कुरूक्षेत्र हरियाणा ( ई मेल 20 फरवरी)

  • 19 फरवरी की पहली सभा में शाम 8 बजे 41 मीटर बैंड पर साप्ताहित कार्यक्रम नई दिशाएँ के तहत शिक्षित बनें अपनी योग्यता पहचानों और जीवन के प्रति सही अभिगम अपनायें विषय पर एक लघु चर्चा प्रस्तुत किया गया जो मुझे काफी पसंद आया। इसके लिए लिए आप सभी को कोटिशः धन्यवाद। मेरे विचार से स्वार्थ के कारण गरीबी बढ रही है, गरीबी बेरोजगारी का रूप भी है। आज शिक्षा पाने का अधिकार सभी व्यक्ति को है। युवा कार्यक्रम के बाद मैंने चेतना जागरण के तहत जंतर मंतर शीर्षक से एक लघु नाटिका सुना जो मुझे काफी पसंद आया। मेरे विचार से आज गाँव देहात में जंतर-मंतर और झाड-फूँक पर ज्यादा लोग विश्वास करते हैं। ओझा लोगों को ठगने का काम करते हैं। आज प्रसारण काफी साफ सुनाई दिया। कृपया वाटिकन भारती पत्रिका भेज दें।
    रजनीश कुमार महदेईयामठ परसापटटी करनौल मुजफ्फरपुर बिहार (ई मेल 20 फरवरी)

मैं एक शिक्षक हूँ। मैं अपने काम में बहुत व्यस्त रहता हूँ लेकिन आपके रेडियो स्टेशन से प्रसारित सब कार्यक्रमों को नियमित रूप से सुनता हूँ। आपके अच्छे प्रोग्राम के लिए धन्यवाद। कृपया मेरे लिए आपके रेडियो स्टेशन का कैलेंडर भेज दें।
मोहम्मद तसल्लीमुद्दीन सचिव, फ्रेंडस रेडियो क्लब हाट नुआगाँव पतालिर मोड़ नुआगाँव बांगलादेश ( ई मेल 26 फरवरी)

  • वाटिकन रेडियो की हिन्दी सेवा के सभी स्टाफ को मेरा नया साल का मुबारक कबूल हो। कृपया नये साल में आपका प्रोग्राम गाईड, मैगजीन, कैलेंडर और क्यू. एस. एल. कार्ड भेज दें। मैं आपके पत्र के इंतजार में हूँ। धन्यवाद।
    अफजल हुसैन स्टार हाऊस लालबाजार बारीपदा, मयूरभंज उडीसा

डॉ. जेकब सेराम्पिकल ‘निस्कोर्ट’ के नये निदेशक

In Church, Media on March 1, 2012 at 12:57 am

जस्टिन तिर्की, ये.स.

नई दिल्ली, 29 फरवरी, 2012 (उकान) जेस्विट फादर डॉ. जेकब सेराम्पिकल को  दिल्ली में अवस्थित प्रतिष्ठित ‘नैशनल इंस्टीट्यूट ऑफ  सोशल कम्युनिकेशन्स रिसर्च एंड ट्रेनिंग’ (निस्कोर्ट) का निदेशक बनाया गया है।

उकान समाचार के अनुसार भारतीय कैथोलिक धर्माध्यक्षीय समिति ने फादर जेकब के निदेशक बनाये जाने की घोषणा कर दी है और वे जून 2012 से निदेशक का कार्यभार संभालेंगे।

रोम के परमधर्मपीठीय यूनिवर्सिटी ग्रेगोरियन में कम्युनिकेशन्स स्टडीज़ के प्रोफेसर जेस्विट फादर सेराम्पिकल फादर जूड बोतेल्हो के उत्तराधिकारी होंगे।

विदित हो कि फादर जेकब ही इस राष्ट्रीय मीडिया संस्थान निस्कोर्ट की प्रेरणा रहे और उन्हें ही इसका प्रथम निदेशक होने का गौरव प्राप्त है।

मालूम हो कि 62 वर्षीय डॉ. सेराम्पिकल ने इंगलैंड के युनिवर्सिटी ऑफ लीड्स (1987-91) से डेवलोपमेंट कम्युनिकेशन्स में डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की है। उन्होंने मीडिया पर ‘अंडरस्टैंडिंग मीडिया’ (1982), ‘पावर ऑफ पीपल्स थियेटर’ (1994) और ‘बाबेल टू बाबरी मस्ज़िद एंड बीयोन्ड’(2003) सहित15 किताबें लिखीं हैं। उन्हें भारत में ही संचार माध्यम के क्षेत्र में और चार डिपलोमा प्राप्त है।

सितंबर महीने में अपनी बीमारी से चमत्कारिक रूप से चंगाई प्राप्त फादर जेकब अपनी नियुक्ति पर हर्ष व्यक्त करते हुए ने कहा, “वे चाहते है कि ‘निस्कोर्ट’ में मीडिया संबंधी ऐसे उपयुक्त और अर्थपूर्ण कोर्स आरंभ करें जो विद्यार्थियों को मीडिया के क्षेत्र में देश की मुख्य धारा से जुड़ कर कार्य करने का अवसर दे।

उन्होंने कहा, “आज ज़रूरत है कई दीर्घकालीन पाठ्यक्रमों की और  मीडिया संसाधनों के उचित उपयोग की ताकि मीडिया के क्षेत्र में लोगों को उचित प्रशिक्षण प्राप्त हो सके।”

‘निस्कोर्ट’ के सह-संस्थापक फादर जोन नोरोन्हा ने कहा, “फादर जेकब का रोम में कम्युनिकेशन्स स्टाडीज़ के डीन और यूरोपीयन शैक्षणिक प्रणाली के 6 वर्षों के महत्वपूर्ण अनुभव निस्कोर्ट के लिये अवश्य ही उपयोगी सिद्ध होंगे।

ज्ञात हो कि फादर जेकब चार अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव – मोन्ट्रियल, लीड्स, वेनिस और बर्लिन में एक्युमिनकल जूरी के सदस्य भी रहे।

इसके साथ ही अपने रोम प्रवास के दौरान सन् 2005 से सामाजिक सम्प्रेशन के लिये बनी परमधर्मपीठीय समिति के लिये एक सलाहकार के रूप में भी अपनी सेवायें दीं।

सन्त पापा के साथ वाटिकन के धर्माधिकारियों की आध्यात्मिक साधना शुरु

In Church on March 1, 2012 at 12:51 am
  •  जूलयट जेनेविव क्रिस्टफर

वाटिकन सिटी, 28 फरवरी सन् 2012 (सेदोक): वाटिकन राज्य एवं शहर के विभिन्न कार्यालयों में सेवारत धर्माधिकारियों ने रविवार सन्ध्या सन्त पापा बेनेडिक्ट 16 वें के साथ अपनी आध्यात्मिक साधना शुरु की।

प्रभु येसु मसीह के दुःखभोग की स्मृति में मनाये जानेवाले चालीसा काल के दौरान प्रतिवर्ष वाटिकन के धर्माधिकारी कलीसिया के परमाध्यक्ष के साथ आठ दिवसीय आध्यात्मिक साधना करते हैं।

रविवार को देवदूत प्रार्थना के बाद सन्त पापा ने उपस्थित भक्त समुदाय सहित विश्व के सभी काथलिक धर्मानुयायियों से निवेदन किया था कि वे आध्यात्मिक साधना के दौरान उनके लिये प्रार्थना करें।

सन्त पापा ने कहा कि इस साधना को वे सम्पूर्ण कलीसिया के लिये ईश्वर के सिपुर्द करते तथा सभी से प्रार्थना में उनके साथ शरीक होने का आग्रह करते हैं।

आठ दिवसीय आध्यात्मिक साधना का विषय हैः “ईश्वर के साथ ख्रीस्तीयों की सहभागिता”। किनशासा के काथलिक महाधर्माध्यक्ष कार्डिनल लॉरेन्ट मोन्सेंगवो पासिन्या आध्यात्मिक साधना के के लिये निर्धारित बाईबिल पाठों पर प्रतिदिन चिन्तन प्रस्तुत करेंगे।

आध्यात्मिक साधना के दौरान मौन घड़ियों के अतिरिक्त, सामुदायिक तौर पर प्रातः एवं सान्ध्य वन्दनाओं का पाठ किया जायेगा तथा प्रतिदिन ख्रीस्तयाग अर्पित किया जायेगा।

वाटिकन में रविवार सन्ध्या आरम्भ हुई आध्यात्मिक साधना तीन मार्च को प्रातः वन्दना तथा मनन चिन्तन से समाप्त हो जायेगी।

आध्यात्मिक साधना के इस सप्ताह के दौरान सन्त पापा के सभी अन्य कार्यक्रम स्थगित रहेंगे तथा बुधवार, 29 फरवरी को पारम्परिक आम दर्शन समारोह भी नहीं होगा।

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