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दिल्ली में कार्यरत स्वयंसेवी संस्था ‘चिन्तन’ पुरस्कृत

In Church on March 11, 2012 at 12:30 pm

वाशिंगटन, 10 मार्च, 2012(कैथन्यूज़) दिल्ली में कार्यरत स्वयंसेवा संस्था ‘चिन्तन’ को बालिकाओं और नारियों के सशक्तिकरण के लिये पुरस्कृत किया गया है।
रोकफेलर फाउँडेशन द्वारा दिये जा रहे पुरस्कार की घोषणा अमेरिकी सेक्रटरी ऑफ स्टेट हिलरी क्लिंटन ने शुक्रवार 9 मार्च को किया।
कैथन्यूज़ के अनुसार इस वर्ष जिन संस्थाओं को पुरस्कृति किया गया है उनमें कृषि, तकनीकि, आर्थिक सशक्तिकरण और ग्रीन अर्थव्यवस्था से प्रमुख हैं।
‘चिन्तन’ के कार्यों के बारे में बतलाते हुए कहा गया कि इस संस्था को पुरस्कार के लिये चुना गया क्योंकि इसने अनौपचारिक सेक्टर में ‘ग्रीन जोब्स’ की वकालत कर पर्यावरणीय न्याय को बढ़ावा दिया है।
विदित हो कि ‘चिन्तन’ नामक यह संस्था ने कचड़े जमा करने वाले बच्चों को जागृत करने और बाल श्रम को समाज से समाप्त करने के लिये कार्य किया है। यह संस्था पर्यावरण संबंधी शोध कार्य से भी जुड़ी हुई है।
गैरसरकारी संस्था चिन्तन के संस्थापक भारती चतुर्वेदी ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कई शोधों जैसे अनहबितातस रिपोर्ट 2010 ऑन सॉलिड वेस्ट इन द वर्ल्डस सिटीस में अपना योगदान दिया है।
चतुर्वेदी को वर्ष 2009 में जोन हॉपकिन्स अलुमनी ‘नोलेज़ फॉर द वर्ल्ड अवार्ड से भी सम्मानित कियागया था। हिन्दुस्तान टाइम्स में वे एक कॉलम लेखिका भी हैं।
पुरस्कार के चयन के लिये जो न्यायपीठ थी उसमें मुहम्मद युनूस (ग्रामीण बैंक) चेरी ब्लेयर (चेरी ब्लेयर फाउँडेशन) शेरिल सैन्दबर्ग (फेसबुक) और युनाईटेड नेशन्स के नोलीन हेज़ेर शामिल थे।
केन्या और तंज़िनिया की संस्थाओं को भी बालिकाओं और नारियों के उत्थान के लिये कार्य करने के लिये पुरस्कृत किया गया।

नयी सरकार पर्यावरण की रक्षा और अवैध खनन पर रोक लगाये

In Church on March 11, 2012 at 12:29 pm

पणजी, 10 मार्च, 2012 (कैथन्यूज़ गोवा की कैथोलिक कलीसिया ने राज्य सरकार से माँग की है कि वह पर्यावरण की रक्षा और अवैध खनन पर प्रतिबंध लगाये तथा स्थानीय नागरिक निकायों का सशक्तिकरण करे।

गोवा महाधर्मप्रांत के न्याय और शांति के लिये बनीं कौंसिल ‘कौंसिल फॉर सोशल जस्टिस एंड पीस’ (सीएसजेपी) ने उक्त बातें गोवा के मंत्रिमंडल के शपथग्रहण के तुरन्त बाद कहीं।

विदित हो कि गोवा के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने अपने सहयोगियों की मदद से 24 सीटों पर विजय हासिल की है और मनोहर पर्रिकार ने मुख्यमंत्री पद की 9 मार्च को शपथ ग्रहण की।

सीएसजेपी के महासचिव फादर मवेरिक फर्नान्डेस ने कहा कि सरकार को चाहिये कि वह वनों, धान के खेतों, बगीचों, समुद्री तटों और गाँवों को बचाने के लिये उचित कदम उठायें क्योंकि ये गोवा की अनमोल धरोहर है।

उन्होंने कहा, ” सरकार को चाहिये कि वह कठोर कदम उठाये क्योंकि गोवा छोटा राज्य है जिसकी धरती ‘सीमित और कमजोर’ है तथा ‘अनुचित एवं भेदभावपूर्ण’ विकास का दबाव झेल रही है।”

उन्होंने कहा,”ज़मीन की बिक्री और रूपान्तरण पर पाँच वर्षों के लिये रोक लगा दी जाये ताकि इसकी अपनी क्षमता की समीक्षा की जा सके और इस पर आवश्यक विकास नियंत्रण लागू किया जा सके।”

कौंसिल ने राज्य सरकार से माँग की है कि वह स्थानीय स्वयं सेवी संस्थाओँ को चरणबद्ध तरीके से विकसित करे, नियमों, नीतियों और सिद्धांतों को लागू करे ताकि भ्रष्टाचार, संसाधनों के स्वामित्व तथा प्राकृतिक संसाधन पर लोगों के अधिकार और अस्मिता अल्पसंख्यकों के खिलाफ भेदभाव को नियंत्रित किया जा सके।

कौंसिल ने सरकार से माँग की है कि वह एक मानवाधिकार और अल्पसंख्यकों के लिये आयोग बनाये।

वाटिकन वेबसाईट पर आक्रमण

In Church on March 11, 2012 at 12:19 pm

जस्टिन तिर्की, ये.स.

वाटिकन सिटी, 10 मार्च, 2012 (सीएनए) वाटिकन वेबसाइट पर लगातार आक्रमण करने के बाद भी ‘अनोनिमस नाम वाले एक हैकर दल ने वाटिकन और परमधर्मपीठीय आधिकारिक इन्टरनेट पेज़ को बंद करने में असफल रहा।

ज्ञात हो कि वाटिकन प्रेस कार्यालय के निदेशक जेस्विट फादर फेदेरिको लोम्बारदी कैथोलिक न्यूज़ एजेन्सी को 7 मार्च को वाटिकन वेबसाईट पर हमले की बात को सही होने की पुष्टि की थी।

उधर वाटिकन प्रेस कार्यालय के सहायक निदेशक फादर चिरो बेनदेत्तिनी ने कहा कि हैकरों ने यह प्रयास किया कि वाटिकन वेबपेज़ को पूर्णतः बेकाम करे पर ‘अपने लक्ष्य में उन्हें कोई कामयाबी नहीं’ मिली।

हैकरों के क्रियाकलाप के बारे में जानकारी देते हुए फादर बेनेदेत्ततिनी ने कहा कि जब अनोनिमस नामक यह दल किसी वेब पेज़ पर आक्रमण करता है तो उस पेज़ को पूर्णतः नष्ट करने के बाद अपना बैनर अनोनिमस कहते हुए पोस्ट करता है। पर वाटिकन वेबपेज़ पर ऐसा नहीं हुआ।

उन्होंने यह भी जानकारी दी कि अनोनिमस नामक हैकर दल के ‘लोगो’ में एक व्यक्ति बिजीनेस सूट पहले होता है जिसके दोनों ओर ओलिव की डालियाँ होती हैं। व्यक्ति के चित्र की पृष्ठभूमि में ग्लोब की तस्वीर होती है और व्यक्ति के सिर के ऊपर एक प्रश्न चिह्न होता है।

अनोनिमस इटली के ब्लॉग में यह बात प्रकाशित की गयी थी कि हैकरों का हमला कलीसिया द्वारा प्रचारित “सिद्धांतों, पूजनविधि और बेतूकी कालदोषयुक्त उपदेशों के ,िरोध में किया गया था।

इसमें इस बात की भी चर्चा की गयी थी बाल यौन अपराधों, विभिन्न ऐतिहासिक तथाकथिक गलतियों और इटली के दैनिक जीवन तथा नागरिक नीतियों के प्रति चर्च की तटस्थता के प्रति था।

हैकरों का कहना है कि उनका हमला ख्रीस्तीय धर्म या ख्रीस्तीय विश्वासियों पर नहीं है पर “भ्रष्ट रोमी प्रेरितिक कलीसिया” पर था।

मालूम हो की सन् 2011 में अनोनिमस दल के एक गुट ने विश्व युवा दिवस की वेबसाइट पर आक्रमण का प्रयास किया था। इस अभियान के तहत् इस गुट ने यूट्यूब वीडियो ट्विटर और फेसबुक को भी शामिल किया था। इसने पुरोहितों द्वारा बाल यौन दुराचार और पापस्वीकार संस्कार जैसी धर्मविधियों पर भी आक्रमण किया था।

कार्डिनल होसे सांचेज की मृत्यु पर संत पापा का शोक संदेश

In Church on March 11, 2012 at 12:15 pm

वाटिकन सिटी, 10 मार्च, 2012(सेदोक) संत पापा बेनेदिक्त सोलहवें ने याजकों के लिये बनी सभा के पूर्व प्रीफेक्ट कार्डिनल होसे टी. सांचेज के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है।

फिलीपीन्स के सिबु सेवानिवृत्त महाधर्माध्यक्ष कार्डिनल रिकार्डो जे. विदल को भेजे गये अपने तार संदेश में संत पापा ने कहा, “मैं स्वर्गीय महाधर्माध्यक्ष होसे टी. साँचेज के परिवार के सदस्यों तथा दफन क्रिया में शामिल होने वाले ख्रीस्तीय विश्वासियों के प्रति अपनी सहानुभूति अर्पित करता हूँ।”

उन्होंने कहा, “धन्यवादी ह्रदय से मैं कार्डिनल की उन सेवाओं की याद करता हूँ जिस उन्होंने एक पुरोहित, धर्माध्यक्ष और अपने देश के एक नागरिक के रूप में दिया। मैं इस बात की याद करता हूँ कि धन्य जोन पौल द्वितीय के पोपकाल में हमने एक साथ रोमन कूरिया को भी अपनी सेवायें प्रदान की थीं।”

“मेरी प्रार्थना है कि महाधर्मध्यक्ष का जीवन लोगों को प्रेरित करते ताकि वे भी प्रभु येसु और उसकी कलीसिया के सेवा के लिये एक पुरोहित के रूप में अपने को समर्पित करें। मेरी कामना है कि कार्डिनल की मृत्यु से दुःखी लोगों को पिता ईश्वर की सांत्वना और प्रभु येसु मसीह की शांति प्राप्त हो।”

सन् 2012 की परमधर्मपीठीय वार्षिकी

In Church on March 11, 2012 at 12:12 pm

जूलयट जेनेविव क्रिस्टफर
वाटिकन सिटी, 10 मार्च सन् 2012 (सेदोक): वाटिकन राज्य सचिव कार्डिनल तारचिसियो बेरतोने ने शनिवार, दस मार्च को, सन्त पापा बेनेडिक्ट 16 वें के समक्ष, सन् 2012 की परमंधर्मपीठीय वार्षिकी प्रस्तुत की।

नवीन वार्षिकी, काथलिक कलीसिया के केन्द्रीय सांख्यिकी कार्यालय के अध्यक्ष, महाधर्माध्यक्ष वित्तोरियो फोरमेन्ती तथा उनके सहयोगियों द्वारा तैयार की गई है। वाटिकन के मुद्रणालय द्वारा प्रकाशित परमधर्मपीठ की नई वार्षिकी के लिये सन्त पापा ने गहन आभार व्यक्त किया है।

नई वार्षिकी के अनुसार सन् 2011 के वर्ष में सन्त पापा बेनेडिक्ट 16 वें ने विश्व के विभिन्न क्षेत्रों में आठ नये काथलिक धर्मप्रान्तों की रचना की, नौ धर्मप्रान्तों को महाधर्मप्रान्त का दर्ज़ा दिया तथा चार प्रेरितिक धर्मक्षेत्रों एवं मिशनों की स्थापना की।

नई वार्षिकी के अनुसार सन् 2009 में, विश्व के काथलिक धर्मानुयायियों की संख्या एक अरब 18 करोड़ 1 लाख थी जो सन् 2010 में एक अरब 19 करोड़ 60 लाख दर्ज़ की गई। बताया गया कि इन दो वर्षों में उत्तरी अफ्रीका में काथलिकों की संख्या 28 प्रतिशत तक तथा यूरोप में वह 24 प्रतिशत तक घटी है। दूसरी ओर अफ्रीका के अन्य क्षेत्रों में 15 प्रतिशत तथा दक्षिण पूर्वी एशिया में 10 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई।

सन् 2009 में विश्व के धर्माध्यक्षों की संख्या 5,065 थी जो सन् 2010 में बढ़कर 5,104 हो गई। इसके अतिरिक्त, सन् 2000 के बाद से विश्व में काथलिक पुरोहितों की संख्या शनैः शनैः बढ़ती गई है। सन् 2010 में विश्व के काथलिक पुरोहितों की संख्या 412,236 दर्ज़ की गई थी। एक ओर यूरोप में जहाँ काथलिक पुरोहितों की संख्या घटी है वहीं एशिया, अफ्रीका, ओसियाना तथा अमरीका में नये पुरोहितों की वृद्धि देखी गई।

परमधर्मपीठ की नई वार्षिकी के अनुसार धर्मबहनों की संख्या में अपेक्षकृत कमी देखी गई। यूरोप, अमरीका तथा ओसियाना में धर्मबहनों की संख्या क्रमशः 2.9 प्रतिशत, 2.6 प्रतिशत तथा 1.6 प्रतिशत कम हुई है। विश्वव्यापी तौर पर सन् 2009 में काथलिक धर्बहनों की संख्या 7.29.371 थी जो सन् 2010 में कम होकर 721.935 हो गई है।

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