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कारितास इंडिया के योगदान की सराहना

In Church on March 17, 2012 at 1:30 pm

जोसेफ कमल बाड़ा

भुवनेश्वर ओड़िसा 16 मार्च 2012 (ऊकान) भारतीय काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन की सामाजिक सेवा ईकाई कारितास इंडिया ने भुवनेश्वर में 14 से 15 मार्च तक दो दिवसीय स्वर्ण जयंती समारोह का आयोजन किया जिसमें पुरोहितों, धर्मसमाजियों. धर्मबहनों, गैर सरकारी स्वयंसेवी संगठनों के सहयोगी, गाँव के नेताओं तथा स्थानीय नागरिकों सहित लगभग 1000 लोग शामिल हुए।

कारितास इंडिया के अध्यक्ष धर्माध्यक्ष लुमेन मोंतेरो ने अध्यक्षीय भाषण में विश्व के दूसरे सबसे बड़े गैर सरकारी संगठन की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए भावी योजनाओं पर प्रकाश डाला।

स्वर्ण जयंती समारोह का उदघाटन 14 मार्च को एक्सेस टू डेवलोपमेंट एंड राइटस विषय पर एक पैनल डिसक्सन से आरम्भ हुआ जिसमें ओड़िसा का विशेष संदर्भ दिया गया।

वरिष्ठ पत्रकार राबी दास ने वाद विवाद का संचालन किया तथा कंधमाल हिंसा से संबंधित विभिन्न मुददों और कारितास इंडिया द्वारा शांति के लिए की गयी पहलों पर चर्चा की।

सन 2008 के ईसाई विरोधी साम्प्रदायिक दंगों के बाद कंधमाल जिले के 415 गाँवों में कारितास इंडिया ने शांति समितियों और शांति कल्बों की स्थापना करने के लिए सहायता किया।

फादर फ्रेदरिक डिसूजा ने बताया कि ओड़िसा के लोगों की सहायता के लिए क्षेत्रीय संयोजन केन्द्र की स्थापना की जा रही है।

समारोह के मुख्य अतिथि ओड़िसा के राज्य कमिश्नर जगदानन्दा ने मुददों की जाँच करने तथा भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज बुलंद करने के लिए सूचना का अधिकार कानून का और अधिक उपयोग करने पर बल दिया।

उन्होंने कहा कि स्वतंत्र नागरिक सहायक ब्यूरो तथा गाँवों के स्तर पर सूचना का अधिकार क्लिनिकों को बनाये जाने की जरूरत है ताकि सरकारी सूचनाओं तक लोगों की पहुंच हो सके।

कटक भुवनेश्वर के महाधर्माध्यक्ष जोन बरवा ने कहा कि लातिनी मूल वाले शब्द से बना कारितास शब्द का अर्थ शर्त रहित प्रेम है जो ह्दय से आता है। उन्होंने कहा कि पर्याप्त कहना नहीं हैं हमें और अधिक देना है।

लक्ष्य किया जाये कि कारितास इंडिया ओडिसा राज्य में 667 मिलियन रूपये निवेश कर 929 विकासवादी योजनाओं को समर्थन दे रही है।

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नाईजीरिया में कलीसियाई अधिकारियों ने आत्मघाती हमले की निन्दा की

In Church, Persecution on March 17, 2012 at 1:29 pm

जोसेफ कमल बाड़ा

लागोस, नाईजीरिया 16 मार्च 2012 (सीएनएस) नाईजीरिया में नौ उच्च पदस्थ कलीसियाई धार्मिक नेताओं नें नाईजीरिया के राष्ट्रपति गुडलक जोनाथान से आग्रह किया है कि वे अतिवादी इस्लामिक पंथ “बोको हरम” के खिलाफ कार्रवाई करें जिनपर देश के उत्तरी भागों में ईसाईयों को हमले का निशाना बनाने का आरोप है।

लागोस के कार्डिनल अंतोनी ओलुबुनमी ओकोजी के नेतृत्व में लागोस तथा इबादान क्षेत्र के धर्माध्यक्षों ने 14 मार्च को एक वक्तव्य जारी कर 11 मार्च को जोस नगर में संत फिनबार चर्च में हुए बम हमले की निन्दा की हैहमले के कारण 3 तीन लोगों की हत्या हो गयी तथा इस घटना की प्रतिक्रिया में हुई हिंसक झड़पों में सात लोग मारे गये।

धर्माध्यक्षों के वक्तव्य में कहा गया है कि नाईजीरिया की एकता बचाये रखने के लिए सरकारी सुरक्षा बलों को और अधिक काम करना होगा ताकि अतिवादी इस्लामिक पंथ बोको हरम के कृत्यों पर रोक लगायी जा सके।

धर्माध्यक्षो ने नाईजीरिया की सरकार तथा सुरक्षा अधिकारियों से आग्रह किया है कि बोको हरम समूह के कृत्यों पर रोक लगाने के लिए यथासंभव उपाय करें। जोस के महाधर्माध्यक्ष इग्नासियुस काईगा ने आत्मघाती कार हमलावर के कृत्य को बुरा, अतार्किक, पशुवत तथा आपराधिक कृत्य की संज्ञा दी।

उन्होंने ख्रीस्तीयों से भी आग्रह किया वे बम विस्फोट के बावजूद संयम बरतें तथा प्रतिक्रियावादी हिंसा में शामिल होने से परहेज करें। उन्होंने कहा कि वे चाहते हैं कि हमले के पीछे शामिल लोग हमला करने की अपेक्षा सामने आयें और संवाद करें।

नाईजीरिया में कलीसियाई अधिकारियों ने आत्मघाती हमले की निन्दा की

In Church on March 17, 2012 at 1:28 pm

जोसेफ कमल बाड़ा

लागोस, नाईजीरिया 16 मार्च 2012 (सीएनएस) नाईजीरिया में नौ उच्च पदस्थ कलीसियाई धार्मिक नेताओं नें नाईजीरिया के राष्ट्रपति गुडलक जोनाथान से आग्रह किया है कि वे अतिवादी इस्लामिक पंथ “बोको हरम” के खिलाफ कार्रवाई करें जिनपर देश के उत्तरी भागों में ईसाईयों को हमले का निशाना बनाने का आरोप है।

लागोस के कार्डिनल अंतोनी ओलुबुनमी ओकोजी के नेतृत्व में लागोस तथा इबादान क्षेत्र के धर्माध्यक्षों ने 14 मार्च को एक वक्तव्य जारी कर 11 मार्च को जोस नगर में संत फिनबार चर्च में हुए बम हमले की निन्दा की हैहमले के कारण 3 तीन लोगों की हत्या हो गयी तथा इस घटना की प्रतिक्रिया में हुई हिंसक झड़पों में सात लोग मारे गये।

धर्माध्यक्षों के वक्तव्य में कहा गया है कि नाईजीरिया की एकता बचाये रखने के लिए सरकारी सुरक्षा बलों को और अधिक काम करना होगा ताकि अतिवादी इस्लामिक पंथ बोको हरम के कृत्यों पर रोक लगायी जा सके।

धर्माध्यक्षो ने नाईजीरिया की सरकार तथा सुरक्षा अधिकारियों से आग्रह किया है कि बोको हरम समूह के कृत्यों पर रोक लगाने के लिए यथासंभव उपाय करें। जोस के महाधर्माध्यक्ष इग्नासियुस काईगा ने आत्मघाती कार हमलावर के कृत्य को बुरा, अतार्किक, पशुवत तथा आपराधिक कृत्य की संज्ञा दी।

उन्होंने ख्रीस्तीयों से भी आग्रह किया वे बम विस्फोट के बावजूद संयम बरतें तथा प्रतिक्रियावादी हिंसा में शामिल होने से परहेज करें। उन्होंने कहा कि वे चाहते हैं कि हमले के पीछे शामिल लोग हमला करने की अपेक्षा सामने आयें और संवाद करें।

धर्माध्यक्ष कूटस द्वारा मसीहियों से एकता में रहने का आह्वान

In Church on March 17, 2012 at 1:27 pm

जोसेफ कमल बाड़ा

फैसलाबाद, पाकिस्तान, 16 मार्च 2012 (एशिया न्यूज) पाकिस्तान स्थित कराँची के नये महाधर्माध्यक्ष बनाये गये फैसलाबाद धर्मप्रांत के धर्माध्यक्ष मान्यवर जोसेफ कूटस ने फैसलाबाद धर्मप्रांत का 14 वर्षों तक नेतृत्व किया।

उन्होंने फैसलाबाद कैथीड्रल में 14 मार्च को आयोजित धन्यवादी समारोही ख्रीस्तयाग में सम्पूर्ण धर्मप्रांतीय समुदाय को धन्यवाद दिया जिनकी सहायता प्रेम, समर्थन और प्रार्थना के बिना वे इस उत्तरदायित्व को संभाल नहीं सकते थे। उन्होंने सन 1998 से फैसलाबाद धर्मप्रांत का नेतृत्व किया।

ख्रीस्तयाग के दौरान फैसलाबाद कैथीड्रल में पुरोहितों, धर्मबहनों, धर्मशिक्षकों, विद्यार्थियों, पत्रकारों और नागर समाज के प्रतिनिधियों सहित लगभग 800 जन उपस्थित थे।

धर्माध्यक्ष कूटस द्वारा अंतरधार्मिक संवाद और शांति को बढ़ावा देने तथा शिक्षा के प्रसार और विश्वासियों के प्रशिक्षण के लिए किये गये प्रयासों की सराहना की गयी। फैसलाबाद के पूर्व भिकर जेनरल फादर परवेज इम्मानुएल ने कहा कि वे महाधर्माध्यक्ष में येसु ख्रीस्त की प्रतिछाया देखते हैं क्योंकि वे सरलता, विनम्रता और शांति के प्रतीक हैं। फादर बाशीर फ्रांसिस ने यह शुभकामना व्यक्त की कि उनकी पहलों से कराँची महाधर्मप्रांत शांति की भूमि बनेगा।

66 वर्षीय मान्यवर जोसेफ कूटस का जन्म अमृतसर में 21 जुलाई 1945 को हुआ था. वे कराँची और लाहौर में गुरूकुल अध्ययन समाप्त करने के बाद 9 जनवरी 1971 को पुरोहित अभिषिक्त हुए। वे 1986 से 1988 तक विकर जेनरल रहे तथा 5 मई को हैदराबाद के धर्माध्यक्ष नियुक्त किये गये जहाँ उन्होंने गरीब किसानों के अधिकारों की रक्षा के लिए काम किया तथा क्वेटा प्रेरितिक विकारियेट की रचना के लिए संघर्ष किया। वे 27 जून 1998 को फैसलाबाद स्थानांतरित किये गये जहाँ उन्होंने मुसलिम धार्मिक नेताओं के साथ वार्ता करने तथा संस्कृतियों के मध्य संवाद के लिए काम किया।

धर्माध्यक्ष कूटस पाकिस्तान काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन के अध्यक्ष है तथा सब मसीहियों को शुभकामना देते हैं कि वे एकताबद्ध रहें तथा येसु ख्रीस्त के प्यार, शांति, सौहार्द के संदेश और शिक्षा का प्रसार करते रहें।

मान्यवर कूटस के स्थानांतरण के बाद इस्लामाबाद-रावलपिंडी के धर्माध्यक्ष रूफीन अंतोनी फैसलाबाद धर्मप्रांत के प्रेरितिक प्रशासक की भूमिका का भी निर्वाह करेंगे।

इताली दम्पति तैयार करेंगे गुड फ्राईडे क्रूस रास्ता प्रार्थना का मनन-चिंतन

In Church on March 17, 2012 at 1:27 pm
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