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चालीसे का पाँचवा रविवार

In Church, Sunday Reflection on March 21, 2012 at 8:49 am

25 मार्च, 2012
नबी येरेमियस का ग्रंथ 31, 31-34
इब्रानियों के नाम 5, 7-9
संत योहन 12, 20-33
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जस्टिन तिर्की, ये.स.

सैनिक की कहानी
आज आप लोगो को सैनिक के बारे में बताता हूँ। द्वितीय विश्व युद्ध के समय जापान में कुछ सैनिकों को बंधक बना लिया गया था। उनसे रोज़ काम कराया जाता था। एक कमरे में 100 बन्दियों को रखा गया था और काम करने के लिये बंदी सैनिकों को 100 औज़ार दिये जाते थे। जापानी सैनिक रोज दिन गिन कर औज़ारों को बंदियों के बीच बाँटते और शाम को फिर गिन कर ही वापस ले लेते थे। जापानी सुरक्षा कर्मी बहुत सतर्क थे कि कहीं कोई ज़मीन खोदने वाला औज़ार छुपा न ले, उससे ज़मीन की खुदाई कर कोई सुरंग न बना ले और बंदी-कैंप से भाग जायें। एक दिन की घटना है – शाम का समय था- काम समाप्त हो चुका था और बंदियों ने अपना सामान जमा कर दिया था। जापानी सुरक्षा कर्मी ने औज़ारों की गिनती की और गिनती के बाद पाया कि उसमें सिर्फ़ 99 औज़ार हैं। तब जापानी सुरक्षाकर्मी ने चिल्लाते हुए कहा कि जब तक कोई व्यक्ति यह न बताये कि किसने औजार छिपाया है वह सबों को बारी-बारी से पीटता रहेगा। सुरक्षाकर्मी की मार से सबों को बहुत डर लगा क्योंकि वह बड़े ही बेरहमी से मार-पीट करते थे। पूरे कैम्प में हडकंप मच गया कि किसने औज़ार छिपाया है। किसी ने नहीं बताया कि किसने ऐसा किया है । कुछ देर के बाद जापानी सुरक्षाकर्मी ने कहा कि अब सभी बंदी मार खाने के लिये तैयार हो जायें। जेल के सुपरिनटेनडेंट ने कहा कि तुम में से किसी ने नहीं बताया कि किसने औज़ार छुपाया है अब तुम सबों को सजा मिलनी चाहिये। उसने कोड़ा उठाया इसी समय एक युवा बन्दी सैनिक सामने आया और कहा कि औज़ार उसने छिपाये हैं। इतना कहना था उस जापानी सुरक्षाकर्मी ने उसे सबके सामने पीटना शुरु किया जब तक वह वहीं बेहोश न हो गया। पीटने के बाद उसने औज़ारों की फिर से गिनती की तब उसने पाया कि पूरे के पूरे 100 औज़ार वहाँ पर हैं। दरअसल सुरक्षाकर्मियों ने गिनने की गलती की थी उस युवा बन्दी ने औज़ार नहीं छुपाये थे पर उन्होंने गलती इसलिये स्वीकार ली ताकि बाकी मार खाने से बच जायें। बाद में सूचना दी गयी औज़ारों की संख्या तो 100 रह गयी पर बन्दियों सैनिकों की संख्या उस युवा बन्दी के त्याग और बलिदान के कारण 99 हो गयी। अत्यधिक रक्तप्रवाह के कारण युवा बन्दी सैनिक की मृत्यु हो गयी थी। Read the rest of this entry »

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इताली नागरिकों को तुरन्त रिहा किये जाने का आह्वान

In Church on March 21, 2012 at 8:49 am

जूलयट जेनेविव क्रिस्टफर

भूबनेश्वर, 20 मार्च सन् 2012 (एशिया न्यूज़): उड़ीसा के काथलिक धर्माध्यक्षों ने, विगत बुधवार को, माओ वादियों द्वारा अपहृत दो इताली नागरिकों को, “बिना हानि पहुँचाये” तुरन्त रिहा करने का आह्वान किया है।

उड़ीसा काथलिक धर्माध्यक्षीय समिति के अध्यक्ष तथा कटक भूबनेश्वर के महाधर्माध्यक्ष जॉन बरवा ने एशिया न्यूज़ से बातचीत में कहा, “हमारी आशा है कि भारत सरकार तथा सदभावना रखने वाले समस्त लोग बन्धकों की रिहाई के हर सम्भव प्रयास करेंगे।”

महाधर्माध्यक्ष बरवा ने बन्धकों के लिये तथा उनके परिवारों के लिये प्रभु ईश्वर से प्रार्थना करने का भी आश्वासन दिया।

ग्लोबल काऊन्सल ऑफ इन्डियन क्रिस्टियन्स के अध्यक्ष साजन के. जॉर्ज ने भी इताली पर्यटकों के अपहरण को एक घृणित कृत्य निरूपित किया और कहा कि अपहरण की यह घटना उड़ीसा के अधिकारियों से मांग करती है कि वे, बन्धकों की रिहाई के लिये, उपयुक्त कदम उठायें।

उन्होंने कहा कि इताली पर्यटकों का अपहरण उड़ीसा के इस अस्थिर क्षेत्र में सुरक्षा के प्रश्नों को खड़ा करता है।

इस बीच, ओडिशा में अगवा किए गए इटली के इन दो पर्यटकों का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। पर्यटकों की रिहाई के लिये मुख्यमंत्री नवीन पटनायक द्वारा की गई अपील को भी माओवादियों ने नजरअंदाज करते हुए नई मांगें रख दी हैं।

सोमवार को भारत के विदेश मंत्री एस.एम. कृष्णा ने इटली में उनके समकक्ष जिलियो तेरसी से फोन पर बातचीत में भरोसा दिया था कि पर्यटकों की रिहाई के हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।

माओवादियों की नई मांगों में पर्यटकों को जनजातीय इलाकों से दूर रखना तथा पोस्को और वेदांता जैसी औद्योगिक परियोजनाओं का विरोध करने के मामले में गिरफ्तार लोगों को रिहा किया जाना शामिल है।

सन्त जोसेफ पर पोप के प्रवचन की याद की वाटिकन प्रवक्ता ने

In Church on March 21, 2012 at 8:48 am

जूलयट जेनेविव क्रिस्टफर

वाटिकन सिटी, 20 मार्च सन् 2012 (सेदोक): वाटिकन रेडियो एवं टेलेविज़न के महानिर्देशक तथा वाटिकन के प्रेस प्रवक्ता फादर फेदरीको लोमबारदी ने, सोमवार, 19 मार्च को, सन्त बेनेडिक्ट 16 वें को, उनके पर्व दिवस के उपलक्ष्य में, वाटिकन की समस्त सम्प्रेषण माध्यम संस्थाओं की ओर से हार्दिक बधाईयाँ अर्पित कीं।

वाटिकन रेडियो के साथ बातचीत में फादर फेदरीको लोमबारदी ने इस अवसर पर सन्त पापा द्वारा सन् 2009 में कैमरून की प्रेरितिक यात्रा के दौरान एक गिरजाघर में, सन्त जोसफ के पर्व दिवस के उपलक्ष्य में सम्पन्न सान्ध्य वन्दना का स्मरण कराया जिसमें सन्त पापा ने सन्त जोसफ को विनम्रता का परम आदर्श एवं सम्पूर्ण विश्व के पिताओं के लिये प्रेरणा का स्रोत निरूपित किया था।

सन्त पापा ने कहा था, “सन्त जोसफ ने एक दीन सेवक रूप में अपने परिवार का मार्गदर्शन किया। वे हमें सिखाते हैं कि धन सम्पत्ति के बग़ैर भी प्रेम किया जा सकता है तथा सादगी में सुखपूर्वक जीवन यापन किया जा सकता है।”

सन्त पापा कहते हैं, “सन्त जोसफ के लिये विश्वास एवं कार्यों के बीच कोई फर्क नहीं था क्योंकि उनके सभी काम, निश्चित रूप से, विश्वास से प्रेरित थे। वे एक न्यायी एवं धर्मपरायण पुरुष थे जो सदैव ईश वचन पर मनन चिन्तन किया करते थे।”

फादर लोमबारदी ने कहा कि इसी भाव में हम सब सन्त पापा के प्रति पर्व दिवस की मंगलकामनाएँ व्यक्त करते तथा ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि प्रभु उन्हें विश्व एवं काथलिक कलीसिया के पक्ष में किये जा रहे उनके आगामी कार्यभारों को पूरा करने हेतु समर्थन एवं सम्बल प्रदान करें।

वाटिकन प्रवक्ता ने टोलूज आक्रमण की निन्दा की

In Church on March 21, 2012 at 8:47 am

जूलयट जेनेविव क्रिस्टफर

वाटिकन सिटी, 20 मार्च सन् 2012 (सेदोक): वाटिकन के प्रवक्ता फादर फेदरीको लोमबारदी ने टोलूज़ के एक यहूदी स्कूल पर किये हिंसक आक्रमण की कड़ी निन्दा की है तथा इसे शर्मनाक एवं भयावह कृत्य निरूपित किया है।

फ्रांस के दक्षिण-पश्चिमी शहर टोलूज़ में, सोमवार को, एक बंदूकधारी ने एक यहूदी स्कूल के बाहर गोलियाँ चला दी थीं जिसमें तीन बच्चों और एक शिक्षक की मौत हो गई थी।

आक्रमण ओज़र हातोराह यहूदी स्कूल के बाहर सुबह लगभग आठ बजे किया गया जब स्कूल में बच्चों का आना शुरू ही हुआ था। मोटरसाइकिल पर सवार हमलावर, गोलीबारी के बाद फ़रार हो गया। प्राप्त समाचारों के अनुसार हमले के वक्त बंदूकधारी के सामने जो भी आया उसने उनपर गोली चला दी।

पत्रकारों से सोमवार सन्ध्या बातचीत में वाटिकन प्रवक्ता फादर लोमबारदी ने कहा कि फाँस के टोलूज़ शहर में हुई निरर्थक हिंसा की वे कड़ी निन्दा करते हैं जिसमें एक शिक्षक तथा तीन बच्चे मारे गये।

उन्होंने कहा, “इस बेतुकी हिंसा ने फ्राँस को गहरी चोट पहुँचाई है तथा हम सब में गहन आक्रोश उत्पन्न किया है क्योंकि यह मासूम बच्चों तथा यहूदी समुदाय की एक शांतिपूर्ण शिक्षण संस्था के विरुद्ध किया गया जघन्य कृत्य था जिसकी हम कड़े शब्दों में निन्दा करते हैं।”

फादर लोमबारदी ने कहा, “टोलूज़ के काथलिक महाधर्माध्यक्ष रॉबर्ट ले गाल ने एक वकतव्य जारी कर इस घटना पर गहन चिन्ता व्यक्त की है तथा शोकाकुल परिवारों के प्रति गहन सहानुभूति का प्रदर्शन किया है। उन्हीं की प्रार्थनाओं में एकप्राण होकर हम भी यहूदी समुदाय एवं संतप्त परिवारों के लिये प्रभु की सान्तवना की आर्त याचना करते तथा इस दुखद क्षण में उनके प्रति अपनी आध्यात्मिक एकजुटता व्यक्त करते हैं।”

घटना स्थल पर पहुंचे फ्रांस के आंतरिक मंत्री क्लाउडी ग्वेंट ने फ्रांस में यहूदी स्कूलों के आसपास चौकसी बढ़ाने का आदेश दे दिया है। फ्रांस के राष्ट्रपति निकोलस सर्कोजी ने भी स्कूल का निरीक्षण किया और कहा है कि फ्राँसिसी समाज में अशान्ति और असहिष्णुता फैलाने वाले को गिरफ्तार कर न्यायोचित दण्ड दिया जायेगा।

सोमवार को यहूदी स्कूल में तथा इससे पहले टोलूज़ के अन्य क्षेत्रों में हुए हिंसक हमलों के लिये नेओ नाज़ी दल को ज़िम्मेदार माना जा रहा है।

इताली राष्ट्रपति तथा प्रधान मंत्री ने दी सन्त पापा को बधाई

In Church on March 21, 2012 at 8:46 am

जूलयट जेनेविव क्रिस्टफर

वाटिकन सिटी, 20 मार्च सन् 2012 (सेदोक): इटली के राष्ट्रपति जॉर्जो नापोलीतानो तथा प्रधान मंत्री मारियो मोन्ती ने, सोमवार को, सन्त पापा बेनेडिक्ट 16 वें को उनके पर्व दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ अर्पित कीं।

19 मार्च को काथलिक कलीसिया सन्त जेसफ का पर्व मनाती है। सन्त पापा बेनेडिक्ट 16 वें का नाम भी जोसफ है।

इताली राष्ट्रपति कार्यालय से प्राप्त बधाई सन्देश में राष्ट्रपति नापोलीतानो ने लिखा, “महामहिम सन्त पापा आपके पर्व दिवस के उपलक्ष्य में, अपनी ओर से तथा इटली की जनता की ओर से, आपके प्रति, हार्दिक मंगलकामनाएँ व्यक्त करते हुए, मैं अत्यधिक प्रसन्न हूँ।

सन्त जोसफ का पर्व इटली के लिये भी एक प्रिय अवसर है क्योंकि सन्त जोसफ में हमारा साक्षात्कार एक प्रेमी पिता तथा परिवार की इकाई के एक महत्वपूर्ण व्यक्तित्व से होता है। आनन्द के इस भाव में, सन्त पापा, आपसे निवेदन है कि हृदय की गहराई से निकली हमारी मंगलकामनाओं को आप स्वीकार करें।”

इस बीच, इटली के प्रधान मंत्री मारियो मोन्ती ने भी सन्त पापा को टेलिफोन कर उन्हें पर्व दिवस की मंगलकामनाएँ अर्पित कीं।

वाटिकन ने बाद में एक वकतव्य जारी कर बताया कि टेलीफोन वार्ता सौहार्द्रपूर्ण एवं मैत्री के वातावरण में सम्पन्न हुई। सोमवार को ही प्रधान मंत्री मोन्ती ने अपना जन्म दिवस मनाया जिसके लिये सन्त पापा ने भी उनके प्रति हार्दिक शुभकामनाएँ व्यक्त कीं।

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