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येसु के प्रेम से दुनिया बदल जायेगी – संत पापा

In Church, Journey on March 26, 2012 at 10:30 am

जस्टिन तिर्की, ये.स.

मेक्सिको, 25 मार्च, 2012 (सेदोक, वीआर) मेरे प्रिय बच्चो, मैं प्रसन्न हूँ क्योंकि मुझे आप लोगों से मिलने का अवसर मिला है और मैं देख रहा हूँ कि आपकी मुस्कान से यह पूरा सुन्दर प्रांगण भर गया।

मेरे दिल में आपके लिये विशेष प्यार है। और इस क्षण में मैं चाहूँगा कि मेक्सिको के सब बच्चे इस बात को जाने विशेष करके वैसे बच्चे जिन्हें हाल के महीनों में आये अनावृष्टि के कारण दुःख, परित्याग, हिंसा या भूख सहने पड़े थे। इस विश्वासपूर्ण मुलाक़ात की खुशी को आपने अपने गीत व्यक्त किया है इसके लिये आज मैं कृतज्ञ हूँ। आज हमारे दिल में अपार खुशी है, जो महत्त्वपूर्ण है।

ईश्वर चाहते हैं कि हम सदा प्रसन्न रहें। वे हमें जानते हैं और प्यार करते हैँ। यदि हम अपने दिल को येसु के प्रेम से बदलने दें तो हम दुनिया को बदल सकते हैं। यही है सच्ची खुशी का का रहस्य।

आज हम जिस स्थान में खड़े हैं उसे “ला पाचे” या ‘शांति’ के नाम से जाना जाता है यह हमें इस बात की याद दिलाती है कि प्रत्येक व्यक्ति के दिल में एक गहरी चाह हैः वह है – शांति । यह एक वरदान है जो ऊपर से दिया गया है।

पुनर्जीवित येसु ने कहा था, “तुम्हें शांति मिले।”(संत योहन 20:21) इस शब्द को पवित्र यूखरिस्तीय बलिदान में सुनते हैं और आज यही शब्द हमारे बीच गूँज रहा है ताकि हम पूर्ण रूप से बदल जाये और हम उस शांति के प्रचारक बनें जिसके लिये येसु ने अपने प्राण दिये।

येसु मसीह के अनुयायी बुराई का जवाब बुराई से नहीं देते पर वे हमेशा अच्छाई के साधन बनते. क्षमा के संदेशवाहक बनते, आनन्द का प्रचार करते और एकता के सेवक बने रहते हैं। येसु चाहते हैं कि वे हमारे दिल में मित्रता की कहानी लिख दें। आप उन्हीं में बने रहिये और उन्हें अपना सच्चा साथी बनाइये। Read the rest of this entry »

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गुआनाहुआतोः सन्त पापा बच्चों के विरुद्ध दुराचारों के प्रति चिन्तित

In Church on March 26, 2012 at 10:30 am

जूलयट जेनेविव क्रिस्टफर

गुआनाहुआतो, 25 मार्च सन् 2012 (सेदोक): मेक्सिको में कुछेक पुरोहितों द्वारा बच्चों और युवाओं के विरुद्ध दुराचार का प्रश्न कई बार समाचार पत्रों और पत्रकारों द्वारा उठाया जाता रहा है।

शनिवार को बच्चों को सम्बोधित शब्दों में सन्त पापा ने मेक्सिको के फादर मारसियल के विषय में प्रत्यक्ष रूप से कुछ नहीं कहा किन्तु वयस्कों से उन्होंने बच्चों और युवाओं को विशेष सुरक्षा प्रदान करने का भी अनुरोध किया ताकि वे विश्वासपूर्वक भविष्य की चुनौतियों का सामना करने में सक्षम बन सकें।

“लीजन ऑफ क्राईस्ट नामक धर्मसंघ” के संस्थापक फादर मारसियल पर यौन दुराचार के आरोप लगाये गये हैं। सन् 2008 में मारसियल की मृत्यु हो गई थी।

शनिवार को एक संवाददाता सम्मेलन में वाटिकन के प्रवक्ता फादर फेदरीको लोमबारदी ने कहा कि इतने अधिक युवाओं के चेहरों पर खुशी के बीच उन युवाओं के प्रति हम चिन्तित हैं जिन्हें कुछेक पुरोहितों के यौन दुराचार का शिकार बनना पड़ा।

उन्होंने कहा कि दुष्कर्म से पीड़ित युवाओं की चंगाई के लिये सन्त पापा अनवरत प्रार्थना कर रहे हैं तथा उन्हें हर प्रकार की मदद प्रदान करने हेतु उन्होंने स्थानीय कलीसियाओं को निर्देश भी दिये हैं।

विश्व को ख्रीस्तीय धर्म के मूल्यों की याद दिलाने हेतु काथलिक कलीसिया युवाओं पर ध्यान केन्द्रित करती रही है ताकि नवीन पीढ़ियाँ उस विश्वास के मूल्यों से परिचित होवें जिसे उनके माता पिताओं ने भुला दिया है।

विगत वर्षों में सन्त पापा बेनेडिक्ट 16 वें यूरोप को उसकी ख्रीस्तीय जड़ों का स्मरण दिलाने हेतु प्रयास करते रहे हैं किन्तु मेक्सिको भी आधुनिक जगत के उपभोक्तावाद एवं धन की चकाचौंध से अछूता नहीं रहा है।

भले ही मेक्सिको की 92 प्रतिशत जनता स्वतः को काथलिक धर्मानुयायी घोषित करती है तथापि हाल में किये गये सर्वे के अनुसार 65 प्रतिशत लोग ही कलीसिया की धर्मविधियों एवं अन्य गतिविधियों में भाग लेते हैं। इनमें पुनः विश्वास की ज्योत जगाना सन्त पापा बेनेडिक्ट 16 वें की इस प्रेरितिक यात्रा का प्रमुख उद्देश्य है।

बच्चों ने हर्षोल्लास के साथ सन्त पापा का किया स्वागत

In Church on March 26, 2012 at 10:29 am

जूलयट जेनेविव क्रिस्टफर

गुआनाहुआतो, 25 मार्च सन् 2012 (सेदोक): गुआनाहुआतो के शांति चौक में दिनभर से प्रतीक्षा करते हज़ारों स्कूली बच्चों एवं युवाओं ने, शनिवार सन्ध्या, सन्त पापा बेनेडिक्ट 16 वें का हर्षोल्लास के साथ स्वागत किया। घंटियों, तालियों की आवाज़ तथा जयनारों से सम्पूर्ण वातावरण महोत्सवी हो उठा।

इस अवसर पर बच्चों को अपना सन्देश देते हुए सन्त पापा ने उनसे अपील की कि वे शान्ति के सन्देश वाहक बने। बच्चों के स्नेह प्रदर्शन के लिये उन्होंने धन्यवाद ज्ञापित किया किन्तु मेक्सिकों में नित्य बढ़ते संघर्षों एवं हिंसा के शिकार बनाये जा रहे बच्चों के प्रति भी गहन चिन्ता व्यक्त की।

गुआनाहुआतोः मेक्सिको के राष्ट्रपति ने सन्त पापा बेनेडिक्ट 16 वें से की मुलाकात

In Church on March 26, 2012 at 10:28 am

जूलयट जेनेविव क्रिस्टफर

गुआनाहुआतो, 25 मार्च सन् 2012 (सेदोक): मेक्सिको के गुआनाहुआतो नगर के “काज़ा देल कोन्दे रूल” राज्यपाल भवन में शनिवार, 24 मार्च को सन्त पापा बेनेडिक्ट 16 वें ने मेक्सिको के राष्ट्रपति फिलिप कालदेरॉन से औपचारिक मुलाकात की।

सन् 1962 में जन्में फिलिप कालदेरॉन ने सन् 1987 ई. में वकालात पास की थी तथा सन् 1995 में पारदीदो दे आक्सियोन नास्सियोनाल युवा अभियान के सचिव नियुक्त किये गये थे। सन् 2006 में आप मेक्सिको के राष्ट्रपति नियुक्त किये गये थे। श्रीमती मार्ग्रेट ज़वाला आपकी धर्मपत्नी है जिनसे आपकी तीन सन्तानें हैं।

सोने और चाँदी की खदानों से समृद्ध हुआ, गुआनाहुआतो मेक्सिको का आध्यात्मिक गढ़ भी माना जाता है जिसने अतीत में भी मानवाधिकार समर्थकों को प्रेरणा प्रदान की थी। यह वही नगर है जो 19 वीं शताब्दी में स्वतंत्रता संग्राम की भूमि सिद्ध हुई।

वही स्थल जहाँ से लोगों ने सन् 1920 में लागू पुरोहित वर्ग विरोधी कानून का विरोध किया था तथा धार्मिक स्वतंत्रता के लिये अपनी आवाज़ बुलन्द की थी।

कलीसिया पर लगे प्रतिबन्धों के विरुद्ध की गई इसी क्राँति को मेक्सिको की क्रिस्तेरोज़ क्राँति कहा जाता है जिसमें 90,000 क्राँतिकारी मारे गये थे।

“काज़ा देल कोन्दे रूल” 18 वीं शताब्दी से गुआनाहुआतो के राज्यपाल की पीठ रहा है। लाल पत्थरों से निर्मित यह भवन काथलिक पुरोहित डियेगो रूल को समर्पित है जो सन् 1814 ई. में विद्रोहियों द्वारा मारे गये थे।

शनिवार को “काज़ा देल कोन्दे रूल” राज्यपाल भवन में, सन्त पापा तथा मेक्सिको के राष्ट्रपति के बीच, लगभग आधे घण्टे तक वैयक्तिक बातचीत चली।

गोपनीयता की परम्परा को बरकरार रखते हुए इस बातचीत का विवरण प्रकाशित नहीं किया गया किन्तु बाद में वाटिकन के प्रवक्ता फादर फेदरीको लोमबारदी ने बताया कि बातचीत मैत्री और सौहार्द्रपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुई जिसके दौरान मेक्सिको में व्याप्त समस्याओं पर ध्यान देने के साथ साथ अन्तरराष्ट्रीय दृश्य पटल की घटनाओं पर भी दृष्टि डाली गई।

राष्ट्रपति एवं सन्त पापा की मुलाकात के बाद राष्ट्रपति के परिवार सदस्यों तथा राज्यपाल भवन में कार्यरत सरकारी अधिकारियों ने सन्त पापा के साथ तस्वीरें खिंचवाई तथा उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर उपहारों का आदान प्रदान भी हुआ। सन्त पापा ने राष्ट्रपति को वाटिकन पुस्तकालय में सुरक्षित प्रार्थनाओं के एक संग्रह की प्रतिलिपि भेंट की।

सन्त पापा की एक झलक पाने के लिये हज़ारों उमड़े

In Church on March 26, 2012 at 10:28 am

जूलयट जेनेविव क्रिस्टफर

गुआनाहुआतो, 25 मार्च सन् 2012 (सेदोक): मेक्सिको के गुआनाहुआतो में शनिवार को हज़ारों लोग सड़कों पर निकल आये ताकि सन्त पापा बेनेडिक्ट 16 वें की एक झलक पा सकें।

काथलिक कलीसिया के परमधर्मगुरु सन्त पापा बेनेडिक्ट 16 वें, इस समय मेक्सिको में हैं।

शुक्रवार को वे रोम से मेक्सिको और क्यूबा में अपनी छः दिवसीय प्रेरितिक यात्रा के लिये रवाना हुए थे तथा 28 मार्च को पुनः रोम लौटेंगे। इन दोनों ही स्पानी भाषी देशों में सन्त पापा बेनेडिक्ट 16 वें की यह पहली प्रेरितिक यात्रा है। इटली से बाहर यह उनकी 23 वीं यात्रा है।

मेक्सिको में अपनी तीन दिवसीय यात्रा के दौरान सन्त पापा मेक्सिको के लेओन शहर स्थित मीराफ्लोरस महाविद्यालय में रुके हैं। शनिवार को उन्होंने लिओन से 64 किलो मीटर की दूरी पर स्थित गुआनाहुआतो नगर के लिये प्रस्थान किया। गुआनाहुआतो नगर के द्वार से राज्यपाल भवन “काज़ा देल कोन्दे रूल” तक लगभग पाँच किलो मीटर तक की दूरी सन्त पापा ने अपनी पारदर्शी मोटर गाड़ी से पूरी की। सड़कों के दोनों ओर लगभग सत्तर हज़ार लोग एकत्र थे जिन्होंने करतल ध्वनि एवं जयनारों से अपने बीच काथलिक कलासिया के परमधर्मगुरु का स्वागत किया। प्रशंसकों का उत्साव इतना प्रगाढ़ था कि प्रेरितिक यात्रा से पूर्व अटकलें लगाने वाले भी अवाक रह गये।

सन्त पापा बेनेडिक्ट 16 वें की यात्रा से पूर्व कहा जाता रहा था कि वे सिर्फ एक प्राध्यपक, बुद्धिजीवी और अकादमिक पुरुष हैं जो स्व. सन्त पापा जॉन पौल द्वितीय की तरह न तो लोकप्रिय हो सकते हैं और न ही लोगों के दिलों में जगह बना सकते हैं।

इसके विपरीत शुक्रवार को लेओन में हवाई अड्डे से मीराफ्लोर्स महाविद्यालय तक जानेवाले 35 किलो मीटर लम्बे मार्ग के ओर छोर खड़े होकर लोगों ने उत्साह और उमंग के साथ सन्त पापा का स्वागत किया। यहाँ वातावरण कुछ ऐसा प्रतीत हुआ मानों एक बार फिर कारनिवाल उत्सव मनाया जा रहा हो।

पारम्परिक नृत्यों एवं लोकगीतों से सन्त पापा का भावपूर्ण स्वागत किया गया। इसी प्रकार शनिवार को गुआनाहुआतो में गर्मजोशी के साथ हज़ारों लोगों ने मार्गों में एकत्र होकर बेनेडिक्ट 16 वें का स्वागत किया। हवाई अड्डे पर अपने पहले प्रवचन में सन्त पापा बेनेडिक्ट 16 वें ने भी धन्य सन्त पापा जॉन पौल द्वितीय का स्मरण किया जिन्होंने पाँच बार मेक्सिको की यात्रा की थी तथा मेक्सिकी जनता के दिल में अपनी एक खास जगह बना ली थी।

लेओन शहर से गुआनाहुआतो जाने से पहले शनिवार को सन्त पापा ने मीराफ्लोर्स महाविद्यालय के प्रार्थनालय में ख्रीस्तयाग अर्पित किया जिसमें उनके साथ इस यात्रा पर गये कार्डिनलों एवं महाधर्माध्यक्षों ने भाग लिया। ख्रीस्तयाग से पूर्व ही सन्त पापा की एक झलक पाने के लिये महाविद्यालय के प्राँगण में हज़ारों श्रद्धालु एकत्र हो गये थे।

इनमें ग्वादालाहारा से आई लगभग 25 युवाओं की एक भजन मंडली भी शामिल थी। सुरक्षा गार्ड़ों से अनुमति प्राप्त कर इस मंडली ने सन्त पापा के कक्ष के नीचे खड़े होकर एक पारम्परिक लोकगीत गाया तथा बेनेडिक्ट 16 वें की लम्बी उम्र की मंगलकामना की।

युवा मंडली की प्रतिनिधि मरिया फेरनान्दा दे लूना ने पत्रकारों से कहा, “सन्त पापा के लिये गाना एक सुखद अनुभव रहा। हमने तन मन से पूरी शक्ति के साथ अपनी गीत गाया। “लास मानानीतास” गीत गाते हुए हमारे रौंगटे खड़े हो गये थे।”

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