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माओवादी मुददों के समाधान का रास्ता – वार्ता

In Church on March 31, 2012 at 8:43 pm

जोसेफ कमल बाड़ा

ठाकुरपुकुर 30 मार्च 2012 (ऊकान) कोलकाता के महाधर्माध्यक्ष थोमस डिसूजा ने क्षेत्रीय मिशन कांग्रेस में भाग लेते हुए मीडिया से कहा कि पश्चिम बंगाल में माओवादी मुद्दा का समाधान वार्तालाप द्वारा किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में मानवतावादी राहत कार्यों को आरम्भ कर विद्रोहियों को भी समझौता वार्ता करने के लिए लाया जा सकता है।

माओवादी मुद्दे के लिए क्या कलीसिया के पास कोई समाधान है इस सवाल का जवाब देते हुए महाधर्माध्यक्ष थोमस डिसूजा ने कहा कि इस समस्या का हमारा समाधान प्रार्थना, मेलमिलाप और सेवा है।

शिक्षा और चिकित्सा के क्षेत्र में चर्च के कार्यों से मेलमिलाप के लिए मदद मिल सकती है तथा इससे वार्ता का मार्ग प्रशस्त हो सकता है।

उन्होंने खेद व्यक्त किया कि मिदनापुर, बांकुड़ा और पूरूलिया जिले के घने जंगलों में सक्रिय माओवादियों तक चर्च नहीं पहुंच पायी है।

उन्होंने कहा कि साम्यवाद या ईसाईयत, निर्धनों के प्रति प्रेम, दोनों में सामान्य है। लेकिन इस लक्ष्य को पाने के लिए साम्यवादी पद्धति संभवत सार्थक न हो।

महाधर्माध्यक्ष डिसूजा ने कहा कि मार्क्सवादी नेता ज्योति बसु और मदर तेरेसा दोनों एक दूसरे को सम्मान देते थे क्योंकि दोनों की परवाह निर्धनों के लिए थी। उन्होंने कहा कि चर्च निर्धनों का जीवन सुधारने के लिए अन्यों के साथ काम करने के खिलाफ नहीं है।

इस सम्मेलन में कोलकाता महाधर्मप्रांत तथा असनसोल, बागडोगरा, बरूईपुर, दार्जिलिंग, जलपाईगुड़ी, कृषनगर और रायगंज धर्मप्रांतों के धर्माध्यक्षों, पुरोहितों और लोकधर्मियों ने भाग लिया।

मिशन कांग्रेस के समापन पर भारत में प्रेरितिक राजदूत मान्यर साल्वातोरे पेनाकियो नें समारोही ख्रीस्तयाग की अध्यक्षता की।

भारत में सन् 2010 में कैंसर से 6 लाख मौतें

In Church on March 31, 2012 at 8:42 pm

जोसेफ कमल बाड़ा

नई दिल्ली 30 मार्च 2012 (ऊकान) भारत में 800 विशेषज्ञों द्वारा किये गये एक अध्ययन में पाया गया कि सन 2010 में कैंसर से 6 लाख मरे। लांसेट जरनल में प्रकाशित द न्यू मिलियन डेथ स्टडी में 800 विशेषज्ञों ने योगदान दिया।

उन्होंने शहरी और ग्रामीण इलाकों में लगभग दस लाख मकानों में घर घर जाकर अध्ययन किया। अध्ययन में पाया गया कि कैंसर से होनेवाली मौत के 70 फीसदी मामलों में मृतकों की आयु 30 से 69 वर्ष के बीच थी।

विश्व स्वास्थ्य संगठन और एसईएआरओ की उप क्षेत्रीय निदेशक पूनम सिंह ने कहा कि भारत में युवा कैंसर से अधिक प्रभावित हैं जबकि पाश्चात्य देशों में 70 वर्ष से अधिक आयु के लोग कैंसर से अधिक प्रभावित हैं। एक कारण संभवतः पाश्चात्य देशों में लोगों की जीवन अवधि अधिक है।

भारत में सामान्यतः पुरूषों में पेट और फेफेड़े के जबकि महिलाओं में ग्रीवा तथा स्तन कैंसर होते है। जम्मू और काश्मीर में कैंसर की सबसे कम दर जबकि मिजोरम में सबसे अधिक है।

विशेषज्ञों का कहना है कि देश के विभिन्न भागों में कैंसर के मामलों की उक्त विविधता पर तत्काल अध्ययन करने की जरूरत है। अध्ययन में पाया गया कि कैंसर से होनेवाली पुरूषों की मौत का 40 फीसदी तम्बाकू सेवन के कारण होती है।

रियो दि जनेरो में सम्पन्न होनेवाले विश्व युवा दिवस की तैयारी

In Church on March 31, 2012 at 8:41 pm

जोसेफ कमल बाड़ा

रोम इटली 30 मार्च 2012 (सीएनए) विश्व युवा दिवस 2013 की तैयारी के लिए चारदिवसीय अंतरराष्ट्रीय बैठक रोम के रोक्का दी पापा शहर में 29 मार्च से पहली अप्रैल तक सम्पन्न हो रही है।

रियो दि जनेरो में सन 2013 में सम्पन्न होनेवाला विश्व युवा दिवस कैसा होगा इसके जवाब में आयोजकों का मानना है कि पूर्ण जवाब होगा शहर का विश्वप्रसिद्ध ख्रीस्त मुक्तिदाता की विख्यात मूर्त्ति जो खुली बाहों से सबका स्वागत करती है।

लोकधर्मियों संबंधी परमधर्मपीठीय समिति के अध्यक्ष कार्डिनल स्तानिस्लास रिलको ने 29 मार्च को कहा कि कोरकोवादो स्थित ख्रीस्त मुक्तिदाता की विशाल मूर्ति को देखते हुए हम विश्व युवा दिवस के सार अर्थ को देख सकते हैं।

ख्रीस्त की खुली बाहें प्रेम और स्वागत का प्रतीक है जो इस समारोह का सच्चा केन्द्र हैं, जिसे युवा पाना चाहते हैं। सन 2013 में आयोजित होनेवाले विश्व युवा दिवस समारोह की तैयारी के लिए आयोजित पहली अंतरराष्ट्रीय तैयारी बैठक के उदघाटन सत्र को सम्बोधित करते हुए कार्डिनल रिल्को ने उक्त बातें कहीं।

29 मार्च को आरम्भ यह चार दिवसीय बैठक रोम शहर से 15 मील दक्षिण में स्थित रोक्का दी पापा नामक छोटे शहर में सम्पन्न हो रही है।

इसमें 98 देशों से आये 300 प्रतिनिधि तथा 45 अंतरराष्ट्रीय काथलिक युवा अभियानों, संगठनों या समुदायों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं।

पहले दिन के सत्र में मैड्रिड में सम्पन्न विश्व युवा दिवस पर मूल्यांकन किया गया। कार्डिनल रिल्को ने सन 2011 के विश्व युवा दिवस के अविस्मरणीय पलों को याद करते हुए कहा कि उदघाटन समारोह प्लात्सो दि सिबिलेस में हुआ तथा 6 दिवसीय कार्यक्रम का समापन शहर के क्वातरो वियेनतोस हवाई पट्टी क्षेत्र में संत पापा की अध्यक्षता में सम्पन्न समारोही ख्रीस्तयाग से हुआ था।

युवाओं ने दिखाया कि आज भी विश्वास संभव है तथा यह युवा कलीसिया की प्रकाशना है जो आनन्द और मिशनरी उत्साह से भरपूर है। 30 मार्च के सत्र सन 2013 के विश्व युवा दिवस पर केन्द्रित रहा।

ब्राजील में रियो दि जनेरो के महाधर्माध्यक्ष ओरानी होआओ टेम्पेस्टा और ब्राजील धर्माध्यक्षीय सम्मेलन की युवा प्रेरिताई समिति के अध्यक्ष धर्माध्यक्ष एडुवार्डो पिनहियेरो दा सिल्वा ने आयोजन समिति के अन्य सदस्यों के साथ सन 2013 के विश्व युवा दिवस के सामने प्रस्तुत उम्मीदों और चुनौतियों पर प्रकाश डाला।

शनिवार के सत्रों में युवाओं का मसीही शिक्षण चर्च के मिशन की प्राथमिकता विषय पर विचार विमर्श किया जायेगा तथा अनेक युवा अपना साक्ष्य प्रस्तुत करेंगे।

प्रतिभागी बैठक के अंतिम दिन 1 अप्रैल को 27 वें विश्व युवा दिवस के उपलक्ष्य में धर्मप्रांतीय स्तर पर रोम में मनाये जा रहे समारोह में शामिल होंगे। संत पेत्रुस बासिलिका के प्रांगण में खजूर रविवार के उपलक्ष्य में आयोजित उक्त समारोही ख्रीस्तयाग की अध्यक्षता संत पापा बेनेडिक्ट 16 वें करेंगे।

बिजनेस लीडर की बुलाहट’ पर कार्डिनल टर्कसन का वक्तव्य

In Church on March 31, 2012 at 8:40 pm

जोसेफ कमल बाड़ा

लियोन फ्रांस 30 मार्च 2012 (सेदोक) फ्रांस के लियोन शहर में ‘बिजनेस लीडर की बुलाहट’ विषय पर आयोजित 24 वें वर्ल्ड काँग्रेस ‘यूनियापाक’ – इंटरनैशनलन क्रिश्चियन यूनियन ऑफ बिजीनेस एक्जेक्यूटिव’ (UNIAPAC) में भाग ले रहे लगभग दो हजार ईसाई बिजनेस प्रतिभागियों को कार्डिनल पीटर टर्कसन ने 30 मार्च को सम्बोधित कहा व्यवसाय करनेवालों में अपने विश्वास और काम को अलग-अलग करने की प्रवृत्ति देखी जाती है।

इसके परिणामस्वरूप विभाजित जीवन होने लगता है।

न्याय और शांति संबंधी परमधर्मपीठीय समिति के अध्यक्ष टर्कसन ने व्यवसायियों को सार्वजनिक हित के लिए पेशेवर जीवन को फलप्रद तरीके से जीने के लिए चर्च द्वारा सहायता दिये जाने की इच्छा को रेखांकित करते हुए कलीसिया की सामाजिक शिक्षा तथा इसके सिद्धान्तों को ठोस तरीके से लागू करने पर बल दिया।

उन्होंने कहा कि बिजनेस लीडर की बुलाहट शीर्षक से आयोजित बैठक बिजनेस लीडर्स के लिए सहायक निर्देशिका बनने के उस लक्ष्य को पूरा करती है जो अपनी बुलाहट के सुसंगत उदारता के सदगुण में बढना चाहते हैं।

विगत वर्ष के चिंतन से तैयार 30 पृष्ठीय पुस्तक में वर्णित तीन भाग निर्णय प्रक्रिया के बारे में है जो एक दूसरे से जुड़ी हैं- देखना, निर्णय लेना और काम करना।

देखने का अर्थ है भूंडलीकरण कम्यूनिकेशन तकनीकियाँ, वित्तीय व्यवस्था और सांस्कृतिक झुकाव के बदलावकारी विकास पर विशेष ध्यान देते हुए युग के संकेतों को पहचानना और उनकी व्याख्या करना।

निर्णय लेने का अर्थ है कि उद्यमियों को तैयार करना जो व्यवसाय जगत की बिषम वास्तविकताओं के मध्य सुदृढ़ सिद्धान्तों के साथ अच्छे निर्णय लें।

कलीसिया की सामाजिक शिक्षा के दो बुनियादी प्रकाश स्तंभ के समान हैं- मानव प्रतिष्ठा और जनहित। काम करने का आह्वान कार्य करने पर जोर देता है जिसमें सिद्धान्तों को दैनिक जीवन के सामान्य कार्यों के साथ मिलाते हुए जीना है।

उन्होंने कहा सृजित वस्तुएं और सेवा मानव की सच्ची जरूरतों को पूरा करे। बिजनेस लीडर वर्तमान में विद्यमान अंधकार के बावजूद आस्था की पुनर्स्थापना कर आशा जगायेंगे।

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