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स्वर्ग की रानी प्रार्थना के पूर्व संत पापा का संदेश

In Church on March 28, 2016 at 3:03 pm

वाटिकन सिटी, सोमवार, 28 मार्च 2016 (वीआर सेदोक): वाटिकन स्थित संत पेत्रुस महागिरजाघर के प्राँगण में पास्का पर्व के दूसरे दिन सोमवार को, संत पापा फ्राँसिस ने भक्त समुदाय के साथ ‘स्वर्ग की रानी’ प्रार्थना का पाठ किया, प्रार्थना के पूर्व उन्होंने विश्वासियों को सम्बोधित कर कहा, ″अति प्रिय भाइयो एवं बहनो, सुप्रभात,

पास्का के बाद इस सोमवार को जिसे ″पास्का सोमवार″ कहा जाता है हमारा हृदय अब भी पास्का के आनन्द से भरा है। चालीसा काल में पश्चाताप एवं मन-परिवर्तन के अवसर, कलीसिया में करुणा के पवित्र वर्ष को विशेष रूप से मनाते हुए तथा पवित्र दिवस त्रेय को पार करते हुए आज हम येसु के खाली कब्र के सामने खड़े हैं तथा विस्मय एवं धन्यवादी हृदय से प्रभु के पुनरूत्थान पर चिंतन कर रहे हैं।″

जीवन ने मृत्यु को जीत लिया। पाप पर करुणा और प्रेम की विजय हुई। अब विश्वास और आशा को इस नये क्षितिज में फैलाने की आवश्यकता है।

संत पापा ने पास्का की खुशी का अनुभव करने का निमंत्रण देते हुए कहा कि हम पास्का के भाव से भर कर कहें, ″जी हाँ, हम पूरी तरह आश्वस्त हैं कि ख्रीस्त सचमुच जी उठे हैं।″ इसी अमिट सच्चाई ने पुनरूत्थान के बाद प्रेरितों को उनके गुरु का अनुसरण करने हेतु प्रेरित किया तथा वे पवित्र आत्मा को ग्रहण करने के बाद निर्भय होकर, सभी को, उन्होंने जो कुछ अपनी आँखों से देखा और व्यक्तिगत रूप से अनुभव किया था उसका प्रचार किया।″

करुणा के इस जयन्ती वर्ष में खोजने तथा विशेष रूप से जी उठने के उस आनन्दमय घोषणा का स्वागत करने के लिए बुलाये गये हैं ″मसीह, मेरी आशा जी उठे हैं।” यदि ख्रीस्त जी उठे हैं तो हम नई दृष्टि और नये हृदय जीवन की सभी घटनाओं को देख सकते हैं, क्यों न वे नकारात्मक ही हों। अंधकार, असफलता तथा पाप के अवसर बदल चुके हैं तथा वे एक नई यात्रा की घोषणा करते हैं। जब हम अपने दुखों और कमज़ोरियों के कारण नीचे चले जाते हैं जो पुनर्जीवित ख्रीस्त हमें ऊपर उठने का बल प्रदान करते हैं। यदि हम उन पर भरोसा रखते हैं तो वे हमें कृपा प्रदान करते हैं। क्रूसित एवं पुनर्जीवित ख्रीस्त करुणा की पूर्ण प्रकाशना है जो इतिहास में प्रस्तुत और सक्रिय है। यही पास्का का संदेश है जो आज भी गूँज रहा है और यह पास्का की पूरी अवधि, पेंतेकोस्त तक गूँजती रहेगी।

येसु के दुःखभोग एवं पुनरूत्थान की घटना के मौन साक्षी थीं माता मरियम। वे क्रूस के सामने खड़ी थीं किन्तु दुःख से विचलित नहीं हुई उनके विश्वास ने उन्हें मजबूत बनाया। येसु के हृदय में उनकी टूटी माँ, आशा का दीप बनी रहीं। हम उनसे विनय करें कि वे हमें पास्का की घोषण को पूरी तरह स्वीकार कर पाने तथा अपने दैनिक जीवन की हकीकतों में इसे आत्मसात करने में सहायता दें।

माता मरियम हमें विश्वास की दृढ़ता प्रदान करें ताकि हमारी जीवन यात्रा के हर कदम में दुःख उठाते हुए, पास्का के प्रकाश से आलोकित होकर हम दूसरों के लिए आशीर्वाद और आनन्द बन सकें, विशेषकर, उन लोगों के लिए जो स्वार्थ और उदासीनता के कारण कष्ट उठाते हैं।

संत पापा ने सभी विश्वासियों को माता मरियम से प्रार्थना करने का आह्वान करते हुए कहा कि हम विश्वास और भक्ति से ‘स्वर्ग की रानी’ का पाठ करें जिसे पास्का काल में किया जाता है।

इतना कहने के बाद संत पापा ने स्वर्ग की रानी प्रार्थना का पाठ किया तथा सभी को अपना प्रेरितिक आशीर्वाद दिया।

स्वर्ग की रानी प्रार्थना के उपरांत संत पापा ने पाकिस्तान में हुए बम विस्फोट की याद की तथा निर्दोष लोगों की मृत्यु पर शोक व्यक्त की।

उन्होंने कहा, ″कल मध्य पाकिस्तान में, पास्का एक घिनौने हमले के खून से रंग गया जिसके द्वारा कई निर्दोष लोगों की जानें गयीं। उसमें अधिकतर परिवार के बच्चे एवं अल्प वयस्क थे विशेषकर, महिलाएँ एवं बच्चे। वे पार्क में पास्का अवकाश का आनन्द ले रहे थे। मैं इस कायर तथा मूर्खतापूर्ण अपराध से प्रभावित लोगों के प्रति अपना आध्यात्मिक सामीप्य व्यक्त करता हूँ।″ उन्होंने उपस्थित विश्वासियों से प्रार्थना का आग्रह करते हुए कहा, ″मैं आपको घटना के शिकार लोगों एवं उनके परिजनों के लिए प्रार्थना करने का आग्रह करता हूँ। मैं सरकारी अधिकारियों तथा देश के सभी सामाजिक घटकों से आग्रह करता हूँ कि वे सुरक्षा बहाल करने एवं शांति बनाये रखने के लिए हर सम्भव प्रयास करें खासकर, सबसे कमजोर धार्मिक अल्पसंख्यकों के लिए।

संत पापा ने कहा कि हिंसा तथा जानलेवा घृणा मात्र दुःख और विनाश की ओर ले जाता है जबकि सम्मान और भाईचारे की भावना ही शांति प्राप्त करने का एकमात्र रास्ता है। प्रभु का पास्का हमें प्रार्थना करने हेतु प्रेरित करे, ईश्वर हिंसक, आतंकी और मौत बोने वालों के हाथ को रोक दे ताकि विश्व में प्रेम, न्याय तथा मेल-मिलाप का राज्य स्थापित हो।

अंत में संत पापा ने सभी तीर्थयात्रियों एवं पर्यटकों का अभिवादन किया। उन्होंने आशा व्यक्त करते हुए कहा, ″मैं आशा करता हूँ कि इस सप्ताह को आप प्रत्येक पुनर्जीवित ख्रीस्त के आनन्द और उनकी शांति से बीता रहे हैं। पास्का की खुशी को गहराई से अनुभव कर पाने के लिए संत पापा ने सुसमाचार का पाठ करने की सलाह दी तथा सभी को पवित्र एवं आनन्दमय पास्का की शुभकामनाएँ अर्पित की।


(Usha Tirkey)

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