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अपने पड़ोसियों को भले समारीतानी की तरह प्यार करें

In Church on April 27, 2016 at 3:18 pm

वाटिकन सिटी, बुधवार, 27 अप्रैल 2016 (वीआर सेदोक): बुधवारीय आमदर्शन समारोह के अवसर पर, संत पापा फ्राँसिस ने वाटिकन स्थित संत पेत्रुस महागिरजाघर के प्राँगण में विश्व के कोने-कोने से एकत्रित हजारों तीर्थयात्रियों को सम्बोधित किया।

उन्होंने इतालवी भाषा में कहा, ख्रीस्त में मेरे अति प्रिय भाइयो एवं बहनो, सुप्रभात,  आज हम करुणा के पवित्र वर्ष पर जारी धर्मशिक्षा माला में भले समारीतानी के दृष्टांत पर चिंतन करें। (लू.10:25–37)

येसु ने ईश्वर तथा पड़ोसी को प्रेम करने की सबसे बड़ी आज्ञा की शिक्षा दी। मेरा पड़ोसी कौन है? के जवाब में उन्होंने एक याजक तथा लेवी की कहानी सुनाई जो सड़क के किनारे पड़े अधमरे व्यक्ति के पास से होकर गुजरे।

संत पापा ने कहा कि वास्तव में उनकी धार्मिकता सच्ची नहीं थी क्योंकि यह दूसरों की सेवा द्वारा व्यक्त नहीं हुई। प्रभु बतलाते हैं कि प्रेम कोई अस्पष्ट अथवा दुर्गम वस्तु नहीं है बल्कि यह देखता और प्रत्युत्तर देता है। भले समारीतानी द्वारा व्यक्त सहानुभूति ईश्वर के असीम दया का प्रतीक है जो हमेशा हमारी आवश्यकता पर ध्यान देते तथा प्रेम से हमारी ओर बढ़ते हैं।

अतः ईश्वर तथा पड़ोसी के प्रति प्रेम की आज्ञा सबसे अत्यन्त व्यवहारिक है, यह हमें दूसरों की सेवा करने हेतु प्रेरित करता है यहाँ तक, कि इसके लिए हमें त्याग करना भी पड़े। दृष्टांत के अंत में, हम देखते हैं कि व्यक्ति को ‘पड़ोसी’ की नहीं किन्तु उस व्यक्ति की अधिक आवश्यकता थी जिसने आवश्यकता का प्रत्युत्तर सहानुभूति के साथ दिया।

येसु हम प्रत्येक को सहानुभूति के इसी मनोभाव के साथ पड़ोसी बनने की शिक्षा देते हैं। ″जाओ और तुम भी ऐसा ही करो।″ वे खुद ही भले समारीतानी के उदाहरण हैं। उनके प्रेम एवं सहानुभूति का अनुसरण करते हुए हम उनके सच्चे शिष्य बनें।

इतना कहकर उन्होंने अपनी धर्मशिक्षा माला समाप्त की।

धर्मशिक्षा माला समाप्त करने के उपरांत संत पापा ने इंगलैंड, क्रोवेशिया स्कोटलैंड, एयरलैंड, डेनमार्क, निदरलैंड, नार्वे, केनिया, जिम्बाबे, ऑस्ट्रेलिया, चीन, मलेशिया, फिलीपींस,  इंडोनेशिया, थाईलैंड,  अमेरिका और देश-विदेश के तीर्थयात्रियों, उपस्थित लोगों तथा उनके परिवार के सदस्यों को विश्वास में बढ़ने तथा पुनर्जीवित प्रभु के प्रेम और दया का साक्ष्य देने की कामना करते हुए अपना प्रेरितिक आशीर्वाद दिया।


(Usha Tirkey)

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