Vatican Radio HIndi

गरीबी उन्मूलन हेतु कार्य करें, संत पापा

In Church on May 13, 2016 at 4:00 pm

वाटिकन रेडियो, शुक्रवार, 13 मई 2016 (सेदोक) संत पापा फ्राँसिस ने शुक्रवार को संत पापा जोन पौल द्वितीय के विश्व प्रेरितिक पत्र ‘चेन्तेसिमुस आनुस’, की 25वीं वर्षगांठ के अवसर पर चेन्तेसिमुस आनुस परमधर्मापीठीय न्यास के अन्तराष्ट्रीय सम्मेलन के प्रतिभागियों से वाटिकन स्थित क्लेंमेटीन सभागार में मुलाकात की और उन्हें अपना प्रेरितिक संदेश दिया।

उन्होंने कहा कि इन दिनों के विचार मंथन और वार्ता में व्यावसायिक समुदाय से ताल्लुक़ात रखने वाले आपलोगों ने गरीबी उन्मूलन विशेषकर वर्तमान प्रवासी समस्या के निदान पर विचार किया है। मैं आप सबों के प्रति अपनी कृतज्ञता अर्पित करता हूँ क्योंकि आपने मानवता संबंधी विषयों पर अपने नैतिक कर्तव्यों के अनुभवों को एक दूसरे के साथ साझा किया  हैं।

प्रवासी समस्या मेरे हृदय के अति करीब है। फिलहाल लेसबोस की प्रेरितिक यात्रा में मैंने विशेषकर परिवारों और बच्चों के घोर दुःख को देखा। यह मेरी इच्छा थी कि मैं आर्थोडोक्स भाइयों प्रधिधर्माध्यक्ष बारथोलेमेयो और महाधर्माध्यक्ष जेरोनमोस से मिलकर दुनिया को इस दर्दनाक और सचमुच एक निराश पूर्ण समस्या के अवगत कराऊँ, जिससे इसके निवारण हेतु कदम उठाया जा सकें। प्रवास की समस्या झेल रहे भाई-बहनों को आवश्यकता की चीज़ें मुहैया करने के आलवे अन्तराष्ट्रीय समुदाय के सामने यह चुनौती है कि वे राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक रूप से इस समस्या का हल निकालें जो राष्ट्र और विश्व के सीमान्तों को छूता और मानव परिवार को प्रभावित करता है ।

गरीबी के खिलाफ लड़ाई न केवल एक आर्थिक समस्या है वरन् उससे भी बढ़कर यहाँ एक नैतिक समस्या है जो वैश्विक एकजुटता और विकासशील माध्यमों के जारिये आवश्यकता में पडे लोगों हेतु ठोस कदम उठाने की माँग करता है। आवश्यकता के इस समय में आप की संस्था की पहल न्यायोचित है। कलीसिया की सामाजिक शिक्षा के आधार पर वर्तमान सम्मेलन विश्व की अर्थव्यवस्था के विभिन्न प्रारूपों का उपयोग व्यवसाय और आर्थिक उन्नति हेतु कर रही है जिसे मानव को सम्मानजनक अतित्व प्राप्त हो सके। संत पापा जोन पौल द्वितीय की बातों का उल्लेख करते हुए संत पापा ने कहा कि आर्थिक कार्य एक संस्था या राजनीतिक खालीपन में संचालित नहीं वरन् सदैव मानव की सेवा और दुनिया की भलाई में ही पूरे किये जा सकते हैं।

संत पापा ने कहा कि आप का सम्मेलन अर्थव्यवस्था के नये आयाम को प्राप्त करे जिससे सम्पूर्ण विश्व में मानव समाज का समुचित विकास हो सकें। वाटिकन द्वितीय महासभा हम ख्रीस्तीयों का ध्यान इस ओर आकर्षित करती है कि अर्थव्यवस्था, पूँजी और व्यापार को ईश्वरीय राज्य के मूल्यों से पृथक नहीं किया जा सकता जिसकी प्राप्ति हेतु हम बनाये गये हैं। वास्तव में आप का प्रेरितिक कार्य मानव समाज की सेवा करना हैं जिसके द्वारा आप एक सच्चे सुसंगठित समाज का निर्माण करते हैं। सुसमाचार के मूल्यों से प्रेरित और स्थानीय कलीसिया और विश्वासियों के सहयोग से आप सारे जहान में प्रेम का संदेश प्रसारित कर सकें जो सभी परिवारों को न्याय और शांति में आलिंगन करती है।


(Dilip Sanjay Ekka)

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s

%d bloggers like this: