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संत पापा के महिला उपयाजक अभिषेक के बारे में फेदरिको लोमबरदी की टिप्पणी

In Church on May 16, 2016 at 3:21 pm

वाटिकन सिटी, रोमवार, 16 मई 2016 (सेदोक) अन्तराष्ट्रीय महिला धर्मसमाजों की शीर्ष अधिकारिणों की 50वीं सम्मेलन के अवसर पर रोम में एकात्रित विभिन्न धर्मसमाज के अधिकारिणों द्वारा पूछे गये सवालों का, संत पापा द्वारा दिये गये जवाब की व्याख्या करते हुए वाटिकन प्रवक्ता और प्रेस के अधिकारी फादर फेदरिको लोमबरदी कहा कि संत पापा ने यह नहीं कहा कि वे महिलाओं के अभिषेक का प्रचलन करेंगे।

समाचार पत्रों और संचार माध्यमों द्वारा संत पापा की बातों का विस्तृत प्रकाशन पर टिप्पणी करते हुए फादर लोमबरदी ने कहा कि संत पापा इस मद्दे पर एक समिति गठित करना चाहते हैं जो इस पर गहन अध्ययन करें।

ज्ञात हो बृहस्पतिवार को विश्व की 900 महिला धर्मसमाज की शीर्ष अधिकारिणियों से करीब एक घण्टा तीस मिनट की लम्बी वार्तालाप में संत पापा ने महिला धर्म समाज के प्रेरिताई और प्रेरितिक कार्य पर पूछे गये, क्यों प्राचीन कलीसिया की तरह वर्तमान कलीसिया में महिला उपयाजकों को स्थायी स्थान नहीं दिया जाता है, जैसे कई संवेदनशील प्रश्नों का उत्तर दिया। अपने उत्तर में संत पापा ने कहा कि प्राचीन कलीसिया में महिलाओं का उत्तरदायित्व स्पष्ट रूप से पता नहीं चलता है लेकिन यह उचित होगा कि इस मुद्दे पर एक समिति गठित की जाये जो इसका गहन अध्ययन कर सकें।

फादर लोमबरदी ने धर्मसमाज के शीर्ष अधिकारियों की इस मुलाकात को एक सुन्दर वार्ता की संज्ञा देते हुए कहा कि कलीसिया में समर्पित महिलाओं द्वारा विशेष कर धर्माप्रान्तों के महत्वपूर्ण पदों में सहयोग अति प्रशंसनीय है ।

संत पापा द्वारा महिलाओं के उपयाजक अभिषेक हेतु एक समिति गठन की बात जो संचार माध्यमों में प्राथमिकता से प्रकाशित की गयी, इस पर टिप्पणी करते हुए वाटिकन प्रेस के अधिकारी ने कहा कि इस मुद्दे पर कलीसिया विगत सालों से विचार करती आ रही है और यह सच है कि प्रारंभिक कलीसिया में महिलाओं का जिक्र है जिन्होंने उपयाजकों के रूप में ख्रीस्तीय समुदाय को अपना सहयोग दिया है।

उन्होंने कहा, “संत पापा की समिति गठन सहमति पर “हमें ईमानदार होने की जरूरत है” जिस से इस मुद्दे पर और अधिक स्पष्टता लाई जा सके। उन्होंने यह स्पष्ट करते हुए कहा, “संत पापा के कहने का तात्पर्य यह नहीं है कि वे महिला उपयाजकों के अभिषेक की पहल करेंगे और न ही उन्होंने महिलाओं के पुरोहिताभिषेक की बात कही है। उन्होंने वास्तव में इस तथ्य को स्पष्ट किया है कि मिस्सा बलिदान में महिलाओं द्वारा प्रवचन के सवाल पर वे सहमत नहीं हैं। फादर लोमबरदी ने कहा कि संत पापा ने वार्ता के दौरान बहुत सारी बातों का जिक्र किया लेकिन इसे मात्र एक सवाल के रूप में संक्षेपित करना उचित नहीं है।


(Dilip Sanjay Ekka)

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