Vatican Radio HIndi

प्राधिधर्माध्यक्ष बरथोलोमेयो द्वारा मिस्सा बलिदान के साथ रुढ़िवादी परिषद् की शुरुआत

In Church on June 20, 2016 at 3:53 pm


वाटिकन सिटी, सोमवार, 20 जून 2016 (सेदोक) अन्तरधार्मिक वार्ता के प्राधिधर्माध्यक्ष बरथोलोमेयो ने रविवार को केरात के हेराकेलियोन शहर में संत मिनास के गिरजाघर में पवित्र मिस्सा बलिदान अर्पित करते हुए रुढ़िवादी कलीसिया महासभा की शुरूआत की।

विश्व के रूढ़िवादी कलीसियाओं के आचार्यों, और धर्माध्यक्षों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि प्रत्येक स्थानीय रूढ़िवादी कलीसिया को एक अपना अहम सहयोग देना है जो कि एक पवित्र, काथलीक और प्रेरितिक कलीसिया का अंग है।

उन्होंने कहा कि कलीसिया पवित्र आत्मा के वरदानों हेतु प्रार्थना कर रही है जिससे कि वे हमारे बीच निवास करें और हम उनकी सच्चाई और पवित्रता से रूबरू हो सकें। पूर्वी कलीसिया पेन्तेकोस्त का समारोह धूमधाम से मनाते हुए इस बात पर जोर देती है, “विभाजित विश्व जहाँ आपसी लड़ाई झगड़े भरे हुए हैं मानवता की पहली चाह एकता की प्राप्ति है, जिसके लिए येसु ख्रीस्त स्वयं अपने को हमें देते हैं जिससे हम जीवन प्राप्त कर सकें और प्रचुरता में जीवन प्राप्त कर सकें।”

प्राधिधर्माध्यक्ष  ने अपने प्रवचन में कहा कि यह एक खुशी का दिन है जहाँ हम पवित्र आत्मा के द्वारा कलीसिया की स्थापना की यादगारी मनाते हैं। यह हमारे लिए एकता का दिन है क्योंकि हम विभिन्न स्थानों से जमा हो एक ख्रीस्त के बलिदान में एक साथ सहभागी होते हैं।

आज हम पवित्र आत्मा के वरदानों से अपने को विभूषित पाते हैं जो येरूसलेम में चेले के ऊपर आग के रुप में उतरा और नई कलीसिया की नींव रखी। विभिन्न भाषा-भाषी, संस्कृतियों और जातियों के होते हुए भी पवित्र आत्मा में हम एक परिवार के समान हैं क्योंकि ईश्वर का प्रेम हमारे ऊपर उड़ेला गया है।

येसु ने पश्चाताप का उपदेश देते हुए अपने प्रेरितिक कार्यो की शुरूआत की। कलीसियाई अगुवों के रूप में हमें भी दूसरों को अच्छा उदाहरण देने की आवश्यकता है। हमें ईश्वर के द्वारा मिली सच्चाई को धारण करने की जरूरत है क्योंकि हमारा विरोधी हमें गलत विचारों द्वारा ईश्वरीय सच्चाई से दूर ले जाने की कोशिश करता है। हमारे कुछ भाई- बहनें सच्चाई के मार्ग से भटक गये हैं जो अपने जीवन के द्वारा असत्य को दूसरों तक बाँटने की कोशिश करते और उन्हें सफलता भी प्राप्त होती है। यही कारण है कि हम रूढ़िवादी कलीसिया के प्राधिधर्माध्यक्ष सच्चे विश्वास को बचाये रखने हेतु जमा होते हैं।

रुढ़ीवादी कलीसिया के ईश्वर कल, आज और कल और सदा सर्वदा बने रहेंगे जो हमारी विभिन्नताओं के बावजूद हमें एकता में पिरो कर रखते जिससे हम उनके कामों को कर सकें। यह हम से आत्मा त्याग की माँग करता है। कलीसियाओं के बीच हमारी आपसी एकता हमारे प्रेरितिक कार्य को दिखलाता है। उन्होंने कहा, “इसके द्वारा हम अपना साक्षा देते हैं, ये हमारे अच्छे कार्य हैं जिसके द्वारा ईश्वर की महिमा होती है।”


(Dilip Sanjay Ekka)

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s

%d bloggers like this: