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छात्रों को नेत्रदान की जरूरत महसूस कराने के लिए “आँखबंद भ्रमण”

In Church on July 2, 2016 at 3:02 pm


कोलार, शनिवार, 2 जुलाई 2016 ( ऊकान) : गौरीबिदान्नूर के संत अन्ना स्कूल में गुरुवार 30 जून को करीब पांच सौ छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों ने अंधापन अनुभव करने के लिए आयोजित कार्यक्रम “आँखबंद भ्रमण” में भाग लिया।

नेत्रहीन लोगों के लिए कार्यरत एक काथलिक संगठन “दृष्टि परियोजना” द्वारा इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया था।

भारत में 15 लाख नेत्रहीन लोग हैं। “दृष्टि परियोजना”  सामान्य लोगों को “आँखबंद भ्रमण” द्वारा अंधापन का अनुभव देकर नेत्रहीन लोगों की मदद के लिए प्रेरित करती है।

स्कूल के परिसर में आयोजित “आँखबंद भ्रमण” में प्रिंसिपल सिस्टर रेम्या सहित छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों ने आँखों में पट्टी बाँधे तथा एक दूसरे का हाथ थामें 20 मिनट की पैदल दूरी तय की।

“आँखबंद भ्रमण” कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि गौरीबिदान्नूर के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी वायलप्पा रेडडी सहित वहाँ उपस्थित सबों ने नेत्रहीन लोगों की मदद करने का प्रण लिया।

उन्होंने मृत्यु के बाद नेत्रदान करने की भी प्रतिज्ञा की। “आँखबंद भ्रमण” का अनुभव बताते हुए रेड्डी ने कहा कि उन्हें नेत्रहीन लोगों के लिए काम करने की प्रेरणा मिली है। उन्होंने अन्य स्कूलों में भी इस कार्यक्रम का आयोजन कराने के आश्वासन दिया।

“दृष्टि परियोजना”  संगठन के संस्थापक व निदेशक फादर जोर्ज कन्नानथानम ने गौरीविदान्नूर में आँख संग्रह केंद्र खोलने तथा इच्छुक शिक्षकों को आँखों को इकट्टा करने के लिए प्रशिक्षण का प्रस्ताव रखा।

यह संगठन कर्नाटक में तीन वर्षों से नेत्रहीन लोगों की मदद करने में सक्रीय रुप से कार्यरत है।


(Margaret Sumita Minj)

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