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159 लाख बच्चे लम्बे समय से कुपोषण का शिकार, युएन बाल बचाओ

In Church on July 15, 2016 at 3:33 pm


वाटिकन सिटी, शुक्रवार, 15 जुलाई 2016 (सेदोक) संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा बाल बचाओ कार्यक्रम एक रिपोर्ट के मुताबिक विश्व में करीब 159 लाख बच्चे लम्बे समय से कुपोषण के शिकार हैं।

“असमान वितरण, प्रत्येक बच्चे में कुपोषण का अंत” शीर्षक से जारी एक रिपोर्ट के अनुसार युएन बाल बचाओं कार्यक्रम ने एक दहला देने वाली सूचना जारी की है जिसके तहत सन् 2030 तक कुपोषण निवारण हेतु निरन्तर कार्य करने के बावजूद आकड़े यह दर्शाते हैं कि 129 लाख बच्चे जिनकी उम्र पाँच वर्ष से कम हैं विश्व में कुपोषण का शिकार बने रहेंगे।

युएन बाल बचाव कार्यक्रम की सलाहकारिणी इटली की सामोना सेराभेसी ने कुपोषण के मुख्य कारणों की चर्चा करते हुए कहा कि बहुत सारे देशों में कुपोषण का संबंध गरीबी, न्यूनतम सफाई और स्वास्थ्य की स्थिति, शिक्षा की कमी और यहां तक की स्थानीय समुदायों में असमानताओं के कारण है। उन्होंने यह भी कहा कि कभी-कभी लिंग, संकटों, अप्रवास, गृह-युद्ध और प्राकृतिक आपदा के कारण बच्चों को कुपोषण का शिकार होना पड़ता है।

कुपोषण की स्थिति के सुधार पर पूछे गये सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा, “विकास के बावजूद, यह विकास बहुत धीमा और असामान है।” उन्होंने बतलाया कि कैसे कुछ विशिष्ट जाति या ग्रामीण क्षेत्र निम्न विकास की स्थिति उपरान्त त्याग दिये जाते हैं जो सही अर्थ में विकास की स्थिति को नहीं दिखलाती है अतः “हमें अत्यधिक सतर्क होने की जरूरत है।”

सरकार के द्वारा किये गये पहल पर उन्होंने कहा “सर्वप्रथम हमें कुपोषण के मुख्य कारणों को जानने और इसका बहु-क्रमगुणित विश्लेषण करने की जरूरत है जिससे विभिन्न देशों में इसके कारणों का पता लगाया जा सके। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि सरकार को गंभीरता पूर्वक इस मुद्दे पर कार्य करने की जरूरत है। “हम दृढ़ता से विश्वास करते हैं कि कुपोषण से निपटने हेतु हमारी प्रतिबद्धता एक नैतिक और कानूनी अनिवार्यता के साथ शुरू होनी चाहिए जिससे भोजन और पोषण का अधिकार सभी लोगों को मिल सके।”

उन्होंने देश के 159 लाख कुपोषित बच्चों की याद दिलाते हुए कहा कि यह हम प्रत्येक का उत्तरदायित्व है जिसके प्रति हम रोज दिन जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा कि यह असंभव कार्य नहीं है बशर्ते कि इसके निवारण हेतु कार्य शुरू किया जायें।


(Dilip Sanjay Ekka)

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