Vatican Radio HIndi

संत पापा फ्राँसिस की क्राकोव यात्रा के मुख्य बिन्दु

In Church on August 1, 2016 at 3:24 pm


वाटिकन रेडियो, सोमवार, 1 आगस्त 2016 (वीआर सेदोक) संत पापा फ्राँसिस की 5 दिवसीय पोलैण्ड की प्रेरितिक यात्रा की मुख्य बिन्दुओं की चर्चा करते हुए संवाददाता लीदिया ओ. काने ने कहा कि संत पापा ने इन दिनों में क्राकोव में आयोजित 31वीं विश्व युवा सम्मेलन में सहभागी होने के अलावे आऊशविट्स-बिरकेनाओ नाजी नजरबन्दी शिविरों और पोलैण्ड के सबसे पवित्र तीर्थ स्थल चेस्तोकोवा के जासना गोरा का दौर किया।

उन्होंने बतलाया कि फिलहाल कैम्पुस मिसेरिकोरदिये और ब्लोनिया पार्क खाली नजर आ रहा हैं लेकिन जीवन में बड़े सपने देखने हेतु प्रोत्साहन, जोखिम उठाने नहीं डरना, जीवन में हताश नहीं होना, अपने जीवन के आरामदायक सोफे से बाहर निकला और जीवन में एक अमिट छाप छोड़ने की चुनौती अब भी इन स्थानों में गुंजित होती जान पड़ती हैं।

संत पापा फ्राँसिस ने आशा, करुणा और विश्व में हो रहे क्रूर हिंसा के दौर में युवाओं में प्रेम के संदेश के साथ अपने पूर्वाधिकारी संत जोन पौल द्वितीय की जन्मभूमि पोलैण्ड का दौरा किया। इस दौरे का उद्देश्य विश्व के कोने-कोने से आये तीर्थयात्री युवाओं के मध्य ईश्वर के प्रेम को साझा करना था। उन्होंने शांत भाव से आऊशविट्स के मौन द्वार की यात्रा की जहाँ संत मैक्सीमिलयन कोल्बे ने मानव प्रेम का साक्ष्य अपने जीवन द्वारा वर दिया था। इसके साथ ही, उन्हें चेस्तोकोवा में माता मरिया की तीर्थस्थल पर भी अपनी श्रद्धा सुमन अर्पित की।

जहाँ आंसु हैं वहाँ खुशी भी हो सकती हैं, ब्लोनिया पार्क और कैम्पुस मिसेरिकोरदिये में जोशीले और उत्साहित युवाओं की संत पापा से मुलाकात इसी की झलक दे गई। युवाओं से मिलन स्थल जाने के क्रम में उन्होंने सामान्य लोगों के ट्रम की यात्रा करते हुए सभों को अपने सुलभ व्यवहार से रोमांचित कर दिया। इस दौरान बाल अस्पताल की छोटी लड़की ने संत पापा को द्रवित ही कर दिया।

युवाओं के साथ ख्रीस्तयाग अर्पित करते हुए उन्होंने कहा, “विश्व युवा दिवस आज शुरू होकर कल तक आप के घरों में जारी रहेगा क्योंकि वहाँ येसु अब आप से मिलना चाहेंगे।”

संत पापा की इस प्रेरितिक यात्रा के दौरान मुख्य बात यह देखने को मिली की युवा उनकी चुनौतियों को अपने जीवन में स्वीकार करते हैं। वे अपने जीवन में विश्वास को आत्मसम्मान के साथ जीने की चाह रखते हैं। वे अपने को कलीसिया हेतु समर्पित करने के लिए तैयार हैं क्योंकि वे येसु को अपने जीवन में पाते और उनकी करुणा का अनुभव करते हैं।

पोलैण्ड की यात्रा समाप्त करने के पूर्व संत पापा ने वर्ष 2019 में आयोजित होने वाले युवा सम्मेलन की घोषणा की जो पनामा शहर में होगा।

 


(Dilip Sanjay Ekka)

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s

%d bloggers like this: