Vatican Radio HIndi

आदिवासियों के अधिकारों की रक्षा हेतु संत पापा की आवाज

In Church on August 5, 2016 at 3:00 pm


वाटिकन रेडियो, शुक्रवार, 5 अगस्त 2016 (वीआर) संत पापा प्रत्येक महीना के शुरू में अपने मासिक निवेदन प्रार्थना की घोषण करते हैं। अगस्त महीने हेतु उनके निवेदन खेलकूद पर आधारित हैं जिसके द्वारा संस्कृतियों का मिलन और दुनिया में शांति कायम हो सके। जुलाई के महीने में संत पापा ने आदिवासियों के सम्मान हेतु निवेदन प्रार्थना जारी किया था।

वाटिकन रेडियो की लिंडा बोरदोनी ने लुईस इभान के साथ आदिवासियों के अधिकारों की चर्चा की जो अन्तराष्ट्रीय जीविका के तहत आदिवासी के अधिकार की रक्षा हेतु कार्य करते हैं।

संत पापा का आदिवासियों के प्रति विचारों के बारे में लुईस ने कहा, “अपने कार्यक्रमों के केन्द्र-बिन्दु में आदिवासों के मुद्दों को रखना एक महान कार्य है।” संत पापा की बातों को रखते हुए उन्होंने कहा, “ मैं आदिवासियों की दिलो तमन्नाओं का प्रवक्ता होना चाहता हूँ जो अपनी अस्मिता और जीवन को खतरे में पाते हैं।” इभान ने संत पापा के इन वचनों को जोर देते हुए कहा कि दुनिया में बहुत सारे आदिवासी समुदाय जो सचमुच नष्टप्राय की स्थिति में हैं, उनकी जमीन को लूटा और उन्हें अपनी ज़मीर से दखल किया जा रहा है।

उन्होंने कहा “ विश्व के विभिन्न भागों में उन्हें अपनी पुरखों की जमीन के हटाया जा रहा है, उनके मानवीय मूलभूत अधिकारों का हनन हो रहा है, उन्हें प्रताड़ित करते हुए शांत किया जा रहा है… अतः आदिवासियों के अधिकारों हेतु संत पापा की आवाज अपने में एक अद्भुत कार्य है।

इभान ने बतलाया कि शक्तिशाली लोगों के मध्य गरीबों के मुद्दे नगण्य हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि “सरभाइभल इन्टरनैशनल” एक एनजीओ है जो आदिवासियों के अधिकारों की रक्षा हेतु कार्यरत है जो मुख्यतः अनुदानदाताओं के द्वारा मदद किया जाता है।


(Dilip Sanjay Ekka)

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