Vatican Radio HIndi

मालटेसर अन्तराष्ट्रीय राहत समुदाय अपेल्लो के अस्पतालों की स्थिति से चिंतित

In Church on August 12, 2016 at 1:45 pm


वाटिकन रेडियो, शुक्रवार, 12 अगस्त 2016 (वीआर) सीरिया में युद्ध की विकट परिस्थिति को देख कर अन्तराष्ट्रीय राहत संस्थान मालतेसर हेतु कार्य कर रहे चिकित्सकों और मानवता की रक्षा हेतु कार्यरत लोगों ने अपनी गहन चिंता व्यक्त की है।

अन्तराष्ट्रीय मालतेसर विश्वव्यापी राहत समुदाय है जो मुख्यतः सीरिया के पूर्वी अलेप्पो शहर में अवस्थिति बाल अस्पताल की मदद करता हैं। इस विश्व राहत समुदाय के मध्य पूर्वी क्षेत्री प्रबंधक जानीने लियेटमेयर ने बतलाया कि अस्पतालों और चिकित्सा सुविधाओं की स्थिति युद्ध के कारण एकदम गंभीर हो गई है। सुसी होजेस को दिये गये साक्षात्कार में उन्होंने बतलाया कि कैसे डाक्टर और चिकित्सा सेवा कार्यकर्ता धमकियों के बावजूद व्यक्तिगत सुरक्षा की चिंता किये बिना अस्पतालों में दाखिल घायल बच्चों और पूर्ण रूप से अविकसित शिशुओं की सेवा में लगे हुए हैं।

उन्होंने कहा कि बच्चों का अस्पताल जुलाई महीने के अंत से ही नजरबंद की स्थिति में है। शहर में हो रहे रोज दिन के युद्ध और बमबारी ने सामान्य जन जीवन को बदहाल हो गया है अतः सुरक्षा के ख्याल से सभी मरीजों और कार्यकर्ताओं को तहखाने में हस्तांतरित कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि जब तक युद्ध दलों के बीच पूर्ण शांति बहाल की घोषणा नहीं की जाती यू.एन. और एनजीओ राहत समुदाय अपने कार्यकर्ताओं के जान को जोखिम में डालना नहीं चाहते जिससे कारण अस्पतालों में जरूरत के वस्तुओं की पूर्ति प्राय ठप हो गई है। उन्होंने कहा, “अपेल्लो की सड़कें एकदम असुरक्षित हो गई हैं।” उन्होंने कहा कि बच्चों का अस्पताल अन्तराष्ट्रीय मालतेसर राहत समुदाय की देख रेख में है अतः अस्पताल के कार्यकर्ता अपने जान को जोखिम में डाल कर पूर्णरूप से अविकसित बच्चों की सेवा में लगे हैं।

संयुक्त राष्ट्र संघ और अन्य मानवीय संगठनों ने कहा कि चिकित्सा सेवा सुविधाओं को जानबूझ कर निशाना बनाया जा रहा है। लियेटमेयर ने कहा कि पूरे प्रान्त में केवल 32 डाक्टरर्स ही रह गये हैं जो इतनी बड़ी आबादी की सेवा हेतु बहुत कम हैं। बमबारी के आलवे और भी कई समस्याएँ जैसे पानी की कमी, विद्युत आपूर्ति और रोज़मर्रे की चीज़ें की कमी स्थिति को बद से बदतर बनाती जा रही हैं। खाद्य सामग्री के दाम आसमान छू रहे हैं।

उन्होंने कहा, “स्थानी लोगों ऐसा अनुभव कर रहे हैं मानों वे अपने भाग्य पर छोड़ दिये गये हों”  यहाँ तक कि सारी दुनिया सीरिया के खबरों को सुन कर थकी जान पड़ती है।


(Dilip Sanjay Ekka)

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s

%d bloggers like this: