Vatican Radio HIndi

महाधर्माध्यक्ष चेसारे की रजत जयन्ती पर संत पापा ने दी बधाई

In Church on September 10, 2016 at 2:34 pm


वाटिकन सिटी, शनिवार, 10 सितम्बर 2016 (वीआर सेदोक): संत पापा फ्राँसिस ने शनिवार 10 सितम्बर को तुरिन के महाधर्माध्यक्ष चेसारे नोसिलिया की धर्माध्यक्षीय अभिषेक की रजत जयन्ती के उपलक्ष्य में एक पत्र प्रेषित कर उन्हें बधाई दी।

महाधर्माध्यक्ष चेसारे नोसिलिया की रजत जयन्ती 14 सितम्बर को पावन क्रूस महोत्सव के अवसर पर मनाया जायगा।

5 अगस्त को निर्गत इस पत्र में संत पापा ने लिखा, ″हम यह पत्र सहृदय आनन्द की अभिव्यक्ति में भेज रहे हैं तथा इसके द्वारा भ्रातृत्व की भावना प्रकट करना चाहते हैं क्योंकि धर्माध्यक्ष के रूप में हम एक-दूसरे के साथ हैं। संत पापा ने उनकी प्रेरिताई पर ध्यान देते हुए उनके उत्साहपूर्ण कार्यों के लिए उन्हें बधाई दी।

उन्होंने कहा कि लिगुरिया में जन्म लेकर प्रभु की सेवा हेतु बुलाये जाने का एहसास करते हुए उन्होंने अक्वी धर्मप्रांत में प्रवेश किया तथा पुरोहिताई की तैयारी हेतु गुरूकुल गये। ईशशास्त्रीय अध्ययन के लिए वे रोम भेजे गये एवं पढ़ाई समाप्त करने पर अक्वी धर्मप्रांत के पुरोहित के रूप में उनका पुरूहिताभिषेक हुआ।

संत पापा ने कहा कि एक पुरोहित के रूप में उन्होंने रोम में अपनी प्रेरिताई जोश के साथ शुरू की। उन्होंने दो पल्लियों में संयोजक के रूप में सेवा दी। बाद में वे इताली काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन में राष्ट्रीय धर्मशिक्षा विभाग के निदेशक नियुक्त हुए। उन्होंने संत अंसेलेम विश्व विद्यालय में ईशशास्त्र के प्राचार्य का कार्यभार भी सँभाला।

सन् 1991 ई में संत पापा जोन पौल द्वितीय ने उन्हें रोम के सहायक धर्माध्यक्ष नियुक्त किया। इस दौरान उन्होंने इटली एवं यूरोप में कैथोलिक स्कूलों के राष्ट्रीय परिषद की अध्यक्षता की। 2000 ख्रीस्त जयन्ती के अवसर पर उन्होंने विश्वव्यापी एवं इटली की कलीसिया के लिए कई महत्वपूर्ण कार्यों को पूरा किया। सन् 2003 में वे विचेन्त्सा धर्मप्रांत के धर्माध्यक्ष बने और संत पापा बेनेडिक्ट 16वें ने उन्हें तूरिन का महाधर्माध्यक्ष नियुक्त किया।

संत पापा ने कहा कि एक चरवाहे, शिक्षक एवं पिता की भूमिका निभाते हुए वे अत्यन्त व्यस्त रहते हैं ताकि विश्वासी समुदाय जिसकी जिम्मेदारी उन्हें सौंपी गयी है वह उन्हें उदार कार्यों में कर्मठ, आशा में आनन्दित तथा विश्वास में सुदृढ़ पा सके। वे यूखरिस्त एवं दिव्य वचन की सेवा में अपने को समर्पित करें जो सब कुछ का केंद्र है तथा उन भाई-बहनों का विशेष ख्याल करें जो जरूरत में पड़े हैं।

संत पापा ने धर्माध्यक्ष को शुभकामनाएँ देते हुए उनके लिए प्रार्थना करने का आश्वासन दिया।


(Usha Tirkey)

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s

%d bloggers like this: