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प्रेरितिक राजदूतों के लिए करुणा की जयन्ती

In Church on September 15, 2016 at 2:51 pm


वाटिकन सिटी, बृहस्पतिवार, 15 सितम्बर 2016 (वीआर अंग्रेजी): जयन्ती वर्ष के विशेष अवसर पर विश्व के विभिन्न हिस्सों में कार्यरत वाटिकन के सभी प्रेरितिक राजदूत, इस सप्ताह रोम में एकत्र हैं जो संत पापा के साथ सेमिनार एवं आध्यात्मिक कार्यक्रमों में भाग ले रहे हैं।

सेमिनार में इस्लाम के साथ संबंध, लिंग, संस्कृति तथा कलीसिया की अन्य चुनौतियों पर विशेष चिंतन किया जा रहा है।

करुणा के जयन्ती वर्ष का समापन करीब आ चुका है किन्तु संत पापा फ्राँसिस कई कार्यक्रमों का संचालन करने में लगे हैं। 15 से 17 सितम्बर तक वाटिकन के उन राजनायिकों के लिए विशेष अवसर होगा जो दुनिया के विभिन्न हिस्सों में अपनी सेवाएँ दे रहे हैं। विश्वभर में 108 राजनायिक मिशन स्थल हैं जिनमें से 103 स्थलों पर विभिन्न महाधर्माध्यक्ष पदस्थापित हैं और बाकी पाँच स्थलों पर अंतरराष्ट्रीय संगठनों के स्थायी पर्यवेक्षकों को नियुक्त किया गया है।

जयन्ती समारोह का उद्घाटन बृहस्पतिवार को संत पेत्रुस महागिरजाघर में ख्रीस्तयाग के साथ हुआ जिसका अनुष्ठान वाटिकन राज्य सचिव कार्डिनल पीयेत्रो परोलिन ने की। ख्रीस्तयाग के उपरांत सिनॉड हॉल में दो समिनार रखे गये थे।

पहले सेमिनार में, संत पापा, कलीसिया तथा आज के विश्व पर प्रकाश डाला गया जिसका नेतृत्व सोफिया यूनिवर्सिटी के प्राचार्य पियेरो कोदा ने की।

दूसरा सेमिनार रोम स्थित पवित्र क्रूस को समर्पित परमधर्मपीठीय विश्वविद्यालय के प्राचार्य रोबर्ट घाल के नेतृत्व में आगे बढ़ा जिसमें लिंग, संस्कृति की उत्पति एवं कारण पर विचार किया गया। सेमिनार के अन्त में राजनायिक संत पापा के साथ शाम के भोजन में शामिल होंगे।

कार्यक्रम के अनुसार शुक्रवार को वे एक ऐसे सत्र में भाग लेंगे जिसमें उन्हें वाटिकन राज्य सचिव के अधिकारियों के साथ काम करना होगा। दोपहर को वे एक अन्य सेमिनार में भाग लेंगे जिसमें मुख्य रूप से वे अंतरधार्मिक वार्ता तथा इस्लाम के साथ संबंध पर विचार करेंगे। इसका संचालन कार्डिनल जॉ लुईस तौरान करेंगे।

शनिवार आध्यात्मिक सहभागिता का अवसर होगा जिसमें सेवानिवृत 40 अन्य प्रेरितिक राजदूत भी शामिल होंगे इसकी शुरूआत संत पापा फ्राँसिस द्वारा ख्रीस्तयाग से की जायेंगी। वे आध्यात्मिक चिंतन सुनेंगे तथा संत पेत्रुस महागिरजाघर के पवित्र द्वार में प्रवेश करेंगे जिसके बाद वे क्लेमेंटीन सभागार में पुनः संत पापा से मुलाकात करेंगे।

संत पापा ने सभी 163 प्रेरितिक राजदूतों को को करुणा की जयन्ती के लिए निमंत्रण दिया है जिसका समापन पवित्र यूखरिस्त के साथ होगा।


(Usha Tirkey)

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