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कुनकुने ख्रीस्तीय ‘बनने से बचने के लिए अच्छी तरह से विचार करें, संत पापा फ्राँसिस

In Church on November 16, 2016 at 3:00 pm


वाटिकन सिटी, बुधवार,16 नवम्बर 2016 (सेदोक) : संत पापा फ्राँसिस ने मंगलवार को प्रेरितिक निवास संत मार्था के प्रार्थनालय में ख्रीस्तयाग अर्पित करते समय ख्रीस्तीयों को कुनकुने ‘बनने या ईश्वर की दृष्टि खोने के खतरे के खिलाफ चेतावनी दी।

संत पापा फ्राँसिस ने प्रकाशना ग्रंथ से लिए गये पाठ के आधार पर मनन करते हुए लौदीकिया की कलीसिया के ख्रीस्तीयों के लिए लिखे गये वचनों को दुहराया, ″तुम न तो गर्म हो और न ठंडे, बल्कि कुनकुने हो, इसलिए मैं तुमको अपने मुख से उगल दूँगा।″

संत पापा ने कहा, ″प्रभु हमें कुनकुने लोगों से सावधान रहने को कहते हैं। ऐसे लोग सोचते हैं कि वे धनी हैं, समृद्ध हैं उन्हें किसी बात की कमी नहीं है और वे शाँति में हैं। परंतु यह शाँति मात्र दिखावा व धोखा है। ईश्वर वहाँ नहीं हैं।″

संत पापा ने कहा कि कुनकुने लोग यह विश्वास कर लेते हैं कि वे समृद्ध हैं और उन्हें किसी बात की कमी नहीं है। ईश्वर ने उन्हें अभागे, दयनीय और नंगा कहा है। उनकी समृद्धि ईश्वर से नहीं आती। ऐसे लोग जो अपने आप को धनी मानते हैं प्रभु उन्हें नाखुश और दुखी के रुप में देखते हैं। प्रभु चाहते हैं कि वे उस समृद्धि की खोज करें जिसे सिर्फ वे ही प्रदान कर सकते हैं। कुनकुने लोगों को यह भी पता नहीं है कि वे नंगे हैं। प्रभु कहते हैं कि कुनकुने लोग उजले वस्त्र खरीदकर पहन लें और अपने नंगेपन के ढंक लें।

संत पापा ने कहा कि कुनकुने लोग ईश्वर के महान और सुंदर चीजों को देखने रऔऔऔर मनन करने की क्षमता खो देते हैं। ईश्वर चाहते हैं कि हम अपनेआप को बदलें। कुनकुनेपन से बाहर आयें। वे हमें आमंत्रित करते हुए कहते हैं देखो, मैं तुम्हारे द्वार पर खड़ा खटखटा रहा हूँ।

संत पापा ने कहा कि जब प्रभु हमारे दिल के द्वार को खटखटाते हैं तो वे हमें अपनी सांत्वना को देना चाहते हैं इससे पहले कि हम प्रभु को आमंत्रित करें प्रभु हमें आमंत्रित करते हैं जैसा कि आज के सुसामाचार में जकेयुस के साथ हुआ। नाटे कद के जकेयुस की जिज्ञासा ही पवित्र आत्मा का बीज था।

प्रभु ने आँखे उपर उठाकर कहा, नीचे आओ, मुझे अपने घर आमंत्रित करो। प्रभु हमेशा हमारे साथ हैं हमें आमंत्रित करते हैं। हमें बुलाते हैं। पवित्र आत्मा हमें प्रभु की आवाज को पहचानने में हमारी मदद करे।


(Margaret Sumita Minj)

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