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अहिंसा की प्रतिमाएँ एशिया में देखने को मिलती हैं, कार्डिनल ग्रेसियस

In Church on January 3, 2017 at 3:13 pm

 

मुम्बई, मंगलवार, 3 जनवरी 2017 (एशिया न्यूज) : ″अहिंसा की प्रतिमाएँ एशिया में देखने को मिलती हैं। भारत में  महात्मा गांधी और संत मदर तेरेसा अहिंसा की छवि को उजागार करते हैं। इनके अद्वितीय प्रेरितिक कार्य धर्म और संस्कृति की बाधाओं को पार करते हुए, ईश्वर के प्रेम का साक्ष्य देते हैं।″ उक्त बातें मुम्बई के महाधर्माध्यक्ष एवं एशिया के धर्माध्यक्षीय सम्मेलन के अध्यक्ष कार्डिनल ग्रेसियस ओसवाल्ड ने 50वीं विश्व शांति दिवस के अवसर पर कही।

कार्डिनल ग्रेसियस ने संत पापा फ्राँसिस दवारा लिखे विश्व शांति दिवस के अवसर पर अहिंसा पर आधारित पत्र के बारे में एशिया न्यूज से कहा कि संत पापा फ्राँसिस ने अपने पत्र में शाँति और अहिंसा की प्रतिमा के रुप में महात्मा गांधी, खान अब्दुल गफ़र खान और संत मदर तेरेसा का जिक्र किया है। उन्होंने महात्मा गांधी के संदर्भ में लिखा कि वे ″अहिंसा के प्रेरित″ थे। राष्ट्रपिता 20वीं सदी के वैश्विक अहिंसा के सबसे मजबूत प्रतीक बन गये। वे अहिंसा, शांति और सौहार्द्र के प्रेरित थे। हर धर्म  और जाति के लोगों ने गाँधी जी की आध्यात्मिक शक्ति को देखा और विशाल जनसमुदाय ने उनका साथ दिया।

कार्डिनल ग्रेसियस ने कहा कि हमें अविलम्ब अहिंसा की ओर लौटने की आवश्यकता है। अंततः हमें येसु के संदेश की ओर लौटना है। महात्मा गाँधी ने कहा था, ″पर्वत प्रवचन मेरे दिल को छू लिया है। मसीह का पर्वत प्रवचन आज भी मुझे आनंद से भर देता है। इसके मीठे छंदों में आज भी मेरी आत्मा के दर्द को शांत करने की शक्ति है।″

अहिंसा सिर्फ हिंसा का अभाव नहीं है परंतु यह समझ और सहिष्णुता, शांति और क्षमा की भावना है और इन सभी मूल्यों का परिणाम अहिंसा है। अहिंसा समाज में शांति, न्याय, हाशिये पर जीवन यापन करने वाले लोगों के प्रति सम्मान व समान अधिकार दिलाने का एक साधन है। महात्मा गाँधी के अहिंसा का संदेश आज भारत और पूरे विश्व के लिए बहुत ही आवश्यक और महत्वपूर्ण है।

संत पापा फ्राँसिस ने संत मदर तेरेसा को वर्तमान समय की प्रतिमा के रुप में जिक्र किया है। संत मदर तेरेसा ने जाति, धर्म, भाषा और संस्कृति की सीमाओं को पार करते हुए अपने प्रेरितिक कार्यों द्वारा येतु के प्रेम का साक्ष्य दिया। संत मदर तेरेसा वैश्विक समुदाय को ख्रीस्त की प्यास बुझाने हेतु प्रेरित करती हैं साथ ही नगरों के बाहरी इलाकों, और कसबों में रहने वाले गरीबों की मदद करने का आह्वान देती हैं।

कार्डिनल ने कहा कि संघर्ष और मतभेद हमेशा मौजूद रहेंगे परंतु यह अनुभव करना आवश्यक है कि अहिंसा न्याय की उपस्थिति को सूचित करता है जिसका परिणाम है शांति की उपस्थिति।

कार्डिनल ग्रेसियस ने आशा व्यक्त की है कि अहिंसा की भावना शांतिपूर्ण संघर्ष के संकल्प के माध्यम से संघर्ष को हल करने की इच्छा पैदा करे। उन्हें पता है कि यह एक कठिन प्रक्रिया है पर वे आशावान बने रहना चाहते हैं।

विदित हो कि मुस्लिम राजनीतिक नेता खान अब्दुल गफ़र खान जिन्होने शांतिवाद और अहिंसा को बढ़ावा दिया। इसके अलावा वे ‘सीमांत गाँधी’ के रूप में जाने जाते थे।


(Margaret Sumita Minj)

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