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येसु दुनिया की ज्योति हैं

In Church on January 6, 2017 at 4:30 pm

 

वाटिकन सिटी, शुक्रवार, 06 जनवरी 2017 (सेदोक) संत पापा फ्रांसिस ने संत पेत्रुस के प्रांगण में जमा सभी विश्वासियों और तीर्थयात्रियों को प्रभु प्रकाश के महोत्सव के देवदूत प्रार्थना के पूर्व अपने संदेश देते हुए कहा कि येसु ही दुनिया की ज्योति हैं।

उन्होंने कहा कि आज हम प्रभु प्रकाश का महोत्सव मनाते हैं जहाँ येसु अपने को दुनिया के सभी देशों हेतु ज्योति के रूप में प्रकट करते हैं। ज्योति का प्रतीक तारा सारी दुनिया के लिए चमकता और ज्ञानियों को बेतलेहेम जाने हेतु मार्ग दिखलाता है। वे ईश्वर के द्वारा चुने जाते और उनके द्वारा मार्ग निर्देशित किये जाते हैं।

हमारे जीवन में बहुत सारे तारे हैं जो हमारे लिए टिमटिमाते और हमारा पथ प्रर्दशित करते हैं। यह हमारे ऊपर निर्भर करता है कि हम उनका अनुसरण करें। वे जीवन की चमकती ज्योति, एक छोटी खुशी की तरह हमारे जीवन में आती और हमें शांति से भर देती है। कुछ ज्योति, धन और सफलता के रुप में हमारे जीवन में आती जो हमें चकाचौंध कर देती है। यह दुनिया की सारी चीजों को एक साथ हमारे लिए ले कर आती है जो हमें उत्तेजित करती लेकिन इसके द्वारा हम महिमा रूपी स्वप्न के घोर अंधकार में चले जाते हैं। ज्ञानी हमें एक सच्ची ज्योति का अनुसरण करने हेतु निमंत्रण देते हैं जो कि नहीं बुझती क्योंकि यह दुनियावी नहीं वरन स्वर्ग की ज्योति है जो हमारे हृदयों में चमकती है।

हमारे लिए सच्ची ज्योति स्वयं प्रभु येसु ख्रीस्त हैं। वे ऐसी ज्योति हैं जो हमें चकाचौंध नहीं वरन हमारे जीवन में हमारा साथ देते जो हमें अभूतपूर्व खुशी प्रदान करते हैं। यह ज्योति सभों के लिए है जिसे नबी इसायस घोषित करते हुए कहते हैं, “उठ कर प्रकाशमान हो जा” (इसा. 60.1) हम अपने दिन की शुरूआत में इस ज्योति को निमंत्रण दे जिससे वह हमें प्रकाशित करे। इस ज्योति का अनुसरण करने में हमें खुशी मिलती है जैसे कि ज्ञानियों ने अपने जीवन में अनुभव किया। “वे तारा देख कर बहुत आनंदित हुए”(मत्ती.2.10) क्योंकि जहाँ ईश्वर हैं वहाँ हमारे लिए खुशी है। जिनका मिलन येसु से हुआ है उन्होंने उनके चमत्कार का अनुभव किया है जो अंधकार को भेदते हुए उनके जीवन को ज्योतिमय बना देता है। हम इस ज्योति से भयभीत न हों लेकिन अपने को इसके लिए खोलें, विशेष कर वे जो अपने जीवन में शक्तिहीनता का अनुभव करते हैं, जो अपने को जीवन के अंधकारमय क्षणों में आशाहीनता का अनुभव करते हैं। संत पापा ने कहा, “आप अपने जीवन में साहस बनाये रखें क्योंकि येसु की ज्योति आप के अंधकारमय क्षणों पर विजयी होगी।”

इस दिव्य ज्योति को हम कैसे प्राप्त करें? हम ज्ञानियों के उदाहरण को अपने में अनुपालन करें और आगे बढ़ते जायें। संत पापा ने कहा कि आप जो अपने में ज्योति की खोज करते हैं आप अपने जीवन में रूकें नहीं वरन आगे चलते जायें। एक ख्रीस्तीय का जीवन एक यात्रा है जो आशा और खोज में बना है, जीवन की एक राह जैसे कि ज्ञानियों का रहा। कुछ समय तक तारे को खोने पर भी हमें अपने जीवन में निरंतर चलते रहना है। हमें जीवन की कुछ खामियों, त्रुटियों को अपने जीवन से दूर करने की जरूरत है जो हमारे जीवन के मार्ग में बाधा बनती है जैसे कि आज का सुसमाचार हमें बतलाता है। ज्योतिषियों को तारे का ज्ञान था लेकिन उनका ज्ञान व्यर्थ रहा क्योंकि वे उसे खोजने और पाने हेतु कोई पहल नहीं करते हैं।

ज्ञानियों ने राजा की खोज की और पाने पर उन्हें दंडवत किया। उन्होंने उनकी ओर केवल नजरें नहीं फेरी वरन उनकी आराधना की। उन्होंने अपने को व्यक्तिगत रुप से येसु को समर्पित किया और अपनी कीमती भेंट अर्पित की। संत पापा ने कहा कि हमें ज्ञानियों से सीखने की जरूरत है, हम उनके लिए कभी कभार ही अपना बचाखुचा समय न दे ऐसा करने से हम अपने को उनकी ज्योति से वंचित रखते हैं। ज्ञानियों की तरह हमें अपने आप से बाहर निकले की जरूरत है जिसे हम येसु की ज्योति को अपने जीवन में पा सकें और उन्हें सारे हृदय से प्रेम कर सकें।

इतना कहने के बाद संत पापा ने विश्वासी समुदाय के साथ देवदूत प्रार्थना का पाठ किया और सभों को प्रभु प्रकाश की शुभकामनाएँ अर्पित करते हुए अपना प्रेरितिक आशीर्वाद दिया।

 


(Dilip Sanjay Ekka)

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