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कलीसिया की शक्ति: लघु एवं अत्याचार से पीड़ित कलीसियाएँ, संत पापा

In Church on January 30, 2017 at 4:17 pm

 

वाटिकन सिटी, सोमवार, 30 जनवरी 2017 (वीआर सेदोक): शहीद वे हैं जो कलीसिया को आगे ले चलते हैं। वे ही हैं जो कलीसिया को समर्थन प्रदान करते हैं एवं आज भी अपना समर्थन दे रहे हैं। यह बात संत पापा फ्राँसिस ने वाटिकन स्थित प्रेरितिक आवास संत मर्था के प्रार्थनालय में ख्रीस्तयाग अर्पित करते हुए प्रवचन में कही।

उन्होंने कहा, ″आज प्रथम शताब्दी से कहीं अधिक शहीद हैं। मीडिया समाचार पत्रों में इसे जगह  नहीं देती क्योंकि वह उसे समाचार नहीं मानती है किन्तु आज के विश्व में कई ख्रीस्तीय धन्य हैं क्योंकि वे अत्याचार, अपमान एवं कैदखाने के शिकार हैं। कई लोग जेल में मात्र इसलिए डाले गये हैं क्योंकि उन्होंने क्रूस को अपनाया अथवा येसु ख्रीस्त पर विश्वास प्रकट किया।″

संत पापा ने कहा कि यही कलीसिया का गौरव है, उनका समर्थन एवं उनकी दीनता। हमारे पास सब कुछ है, हमारे लिए सब कुछ आसान प्रतीत होता है और यदि कुछ खो जाता है जो हम शिकायत करते हैं किन्तु उन भाई बहनों की याद करें जो आज प्रथम शताब्दी के विश्वासियों की तरह शहादत झेल रहे हैं।

संत पापा ने शहादत को कलीसिया की महान शक्ति बतलाते हुए कहा कि जब हम कलीसिया के महान कार्यों एवं सफलता को देखते हैं तब हम उसे बड़ी शक्ति मानते हैं, निश्चय ही, ये सफलताएँ कलीसिया की शक्ति है किन्तु आज कलीसिया की सबसे बड़ी शक्ति है लघु एवं अत्याचार की शिकार हो रही कलीसियाएँ हैं तथा जिसके धर्माध्यक्ष जेल में कैद किये गये हैं। हमारे लिए यही गौरव है और हमारी शक्ति भी।

संत पापा ने शहीदों के लिए ख्रीस्तयाग अर्पित करते हुए उन लोगों के लिए प्रार्थना की जो आज दुःख झेल रहे हैं तथा उन कलीसियाओं के लिए जो अत्याचार के शिकार एवं स्वतंत्रता से वंचित हैं ताकि ईश्वर उनका शरण स्थान बने।


(Usha Tirkey)

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