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दल की भावना जीवन के लिए महत्वपूर्ण, फुटबॉल खिलाड़ियों से संत पापा

In Church on February 23, 2017 at 4:45 pm

वाटिकन सिटी, बृहस्पतिवार, 23 फरवरी 17 (वीआर सेदोक): संत पापा फ्राँसिस ने बृहस्पतिवार 23 फरवरी को वाटिकन स्थित क्लेमेंटीन सभागार में, स्पेन के विल्लारेयल फुटबॉल क्लब के सदस्यों से मुलाकात की जो आज दोपहर को खेलने वाली है।

52 सदस्यों के इस दल को सम्बोधित कर संत पापा ने कहा, ″अन्य खेलों की तरह फुटबॉल भी जीवन और समाज का प्रतीक है। खेल मैदान में आप सभी को एक दूसरे की आवश्यकता होती है। प्रत्येक खिलाड़ी अपनी क्षमता एवं व्यावसायिकता, आम हित के लिए अर्पित करता है अर्थात् जीतने हेतु खेल का उत्तम प्रदर्शन करने का प्रयास करता है।″

संत पापा ने कहा कि इस मनोभाव में बढ़ने के लिए बहुत अधिक प्रशिक्षण की आवश्यकता होती है साथ ही, समय देना, परिश्रम करना तथा टीम की भावना को मजबूत करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि खेल में सफलता तभी संभव है जब इसे मित्रता की भावना से खेली जाए तथा व्यक्तिगत अथवा निजी लाभ की भावना को दूर रखा जाए।

संत पापा ने फुटबॉल खेल के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि फुटबॉल खेल के दौरान मूल्यों की शिक्षा देती एवं उन्हें हस्तांतरित करती है। बहुत सारे लोग खासकर, युवा खेल देखना पसंद करते हैं अतः वे इन मूल्यों से प्रभावित होते हैं। अपनी व्यावसायिकता के द्वारा खिलाड़ी एक ऐसा आकर्षण उत्पन्न करते हैं जिनकी ओर लोग स्वतः खिंच जाते हैं। संत पापा ने खेल के सभी अधिकारियों से कहा कि यह उनकी जिम्मेदारी है कि वे खिलाड़ियों को इस तरह प्रशिक्षित करें कि वे भाईचारा, व्यक्तिगत प्रयास, खेल की खूबसूरती एवं टीम में अपना उत्तम देने के लिए प्रेरित हों।

संत पापा ने खेल में कृतज्ञता की भावना को भी प्रमुख बतलाया। उन्होंने कहा, ″यदि हम अपने जीवन पर चिंतन करते हैं तो कई लोगों की याद करते हैं जिन्होंने हमें मदद किया है तथा जिनकी सहायता के बिना हम यहाँ तक नहीं पहुँच पाते।″ उन्होंने कहा कि यह स्मृति हममें सकारात्मक भावना लाती है, अपने को दूसरों से अच्छा कहलाने के लिए नहीं किन्तु इस बात के प्रति जागरूक होने के लिए कि हम एक बड़े टीम के खिलाड़ी हैं। इस प्रकार की भावना हमें सच्चे इंसानियत में बढने में मदद देगी क्योंकि हमारा खेल न केवल खुद का खेल है किन्तु अनेक दूसरे भी शामिल हैं जो किसी न किसी तरह हमारे जीवन के हिस्से हैं।

संत पापा ने सभी खिलाड़ियों को प्रोत्साहन दिया कि वे अपनी उत्तमता को अर्पित करते हुए खेलना जारी रखें जिससे कि दूसरे उसका आनन्द उठा सकें जो जीवन यात्रा को अलग अनुभव दे जाता है। उन्होंने खिलाड़ियों के लिए ईश्वर के आनन्द एवं शांति की कामना की।


(Usha Tirkey)

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