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शांति निर्माण में महिलाओं की भूमिका को वाटिकन सम्मेलन करेगा प्रकाशित

In Church on March 7, 2017 at 4:01 pm

वाटिकन सिटी, मंगलवार, 7 मार्च 2017 (सीएनआ): वाटिकन ने अन्तरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में सम्पूर्ण विश्व से महिला प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया है जो एक सम्मेलन के दौरान युद्धग्रस्त क्षेत्रों में अपने शांति निर्माण कार्यों की चर्चा ही नहीं करेंगी अपितु कलीसिया में अपने योगदान को अन्यों के साथ बाँटेंगी।सम्मेलन की सह-आयोजिका डॉ. शीला एलवर्थी ने काथलिक न्यूज समाचार से कहा, “महिलाएं  सहजता से तथा अपने अनुभवों के आधार पर यह जान जाती हैं कि अन्यों को उनकी ज़रूरत है।” उन्होंने कहा, यह सहजता ठोस रूप से बच्चों के साथ, अपने परिवार के सदस्यों के साथ तथा अपने समुदाय के लोगों के साथ महिलाओं के सम्बन्धों में देखी जा सकती है।” उन्होंने कहा कि उनकी यही क्षमता “उन्हें उत्तम शांति निर्माता बनाती है: दयापूर्वक अन्यों को सुनने की क्षमता तथा उनके दुखों को समझने की क्षमता।”

डॉ. शीला एलवर्थी ने कहा, “महिलाओं की उपस्थिति एक सजीव उपस्थिति होती है क्योंकि वे जो काम करती हैं उसे पूरे मन से करती हैं और यह महिलाओं के अनुभव ही नहीं अपितु उनके विवेक का परिणाम होता है।”

डॉ. एलवर्थी के अनुसार, “स्त्रीगत विवेक” दया से भरा विवेक है जिसमें सब कोई शामिल हैं, कोई भी छोड़ा नहीं गया है। वे सबकी चिन्ता करती तथा सबके लिये उत्कंठित रहा करती हैं। इस दिशा में पुरुष महिलाओं से बहुत कुछ सीख सकते हैं।

आठ मार्च को अन्तरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है। इसी दिवस पर प्रतिवर्ष वाटिकन में “विश्वास की आवाज़” शीर्षक से महिला सम्मेलन आयोजित किया जाता रहा है। सन् 2014 में सन्त पापा फ्राँसिस की पहल पर पहला सम्मेलन आयोजित किया गया था।


(Juliet Genevive Christopher)

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