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संत मगदलेना कानोस्सा पल्ली में संत पापा का स्वागत

In Church on March 8, 2017 at 4:15 pm

वाटिकन सिटी,बुधवार, 8 मार्च 2017 (सेदोक) : वाटिकन प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार संत पापा फ्राँसिस रविवार 12 मार्च को अपराहन 4 बजे रोम स्थित बोरगाता ओत्ताविया के संत मगदलेना कानोस्सा पल्ली का दौरा करेंगे। पल्ली में संत पापा का स्वागत कार्डिनल अगुस्तीनो वाल्लिनी, रोम के पश्चिम क्षेत्र के सहायक धर्माध्यक्ष पावलो सेलवादाजी, कनोसियन धर्मसमाज के सुपीरियर जेनरल फादर जोर्जो वालेंते, पल्ली पुरोहित फादर जोर्जो स्पीनेल्लो, सहायक पल्ली पुरोहित फादर रोमेयो अंन्तोनीनो करेंगे।

संत पापा फ्राँसिस पल्ली के युवाओं, धर्मशिक्षा पढ़ने वाले बच्चों, बीमारों, वयोवृद्धों, सन् 2016 में बपतिस्मा प्राप्त बच्चों के माता-पिताओं, पल्ली के उदार कार्यकर्ताओं और पल्ली में कार्यरत कनोसियन धर्मसमाज की धर्मबहनों तथा मदर जेनरल सिस्टर अन्ना मरिया बाब्बिनी के साथ मुलाकात करेंगे। पल्ली वासियों के लिए ख्रीस्तयाग अर्पित करने से पहले संत पापा चार ख्रीस्तीय विश्वासियों को मेलमिलाप का संस्कार प्रदान करेंगे। जिनमें एक किशोर, एक युवा, एक महिला और एक पुरुष होंगे।

कनोसियन धर्मसमाज के पुरोहितों और धर्मबहनों ने 2 अक्टूबर 1988 को उनकी संस्थापिका मगदलेना कानोस्सा के संत घोषणा के अवसर पर संत पापा जोन पौल द्वितीय को बोरगाता ओत्ताविया के संत मगदलेना कानोस्सा गिरजाघर को उपहार में दिया था। उसी के बाद से इस पल्ली का नेतृत्व और कामों की देखभाल कनोसियन धर्मसमाज के पुरोहितों और धर्मबहनों के अधीन है।

इस पल्ली का दौरा संत पापा जोन पौल द्वितीय ने 21 मार्च 1996 में किया था और गिरजाघर में ख्रीस्तयाग अर्पित किया था।


(Margaret Sumita Minj)

कार्डिनल न्जापालिंगा लिमिदो कोमास्को का दौरा करेंगे

In Church on March 8, 2017 at 4:14 pm

बानगुई, बुधवार, 8 मार्च 2017 (सेदोक) : मध्य अफ्रीकी गणराज्य के बानगुई धर्मप्रांत के महाधर्माध्यक्ष कार्डिनल दियुदोन्ने न्जापालिंगा इस सप्ताह “मध्य अफ्रीका के मित्र” संघ का मुख्यालय लिमिदो कोमास्को का दौरा करेंगे। यह इताली उदार संघ है जो मध्य अफ्रीका की कलीसिया को मानवीय सहायता प्रदान करता है “मध्य अफ्रीका के मित्र” संघ के अध्यक्ष पियेर पावलो ग्रिसेत्ती ने घोषणा की कि कार्डिनल न्जापालिंगा, मिलान के निकट लोम्बार्डी क्षेत्र में स्थित कोमो प्रांत के लिमिदो कोमास्को नगर पालिका का दौरा करेंगे।

ग्रिसेत्ती ने कहा, हम बानगुई में “मध्य अफ्रीका के मित्र” का घर खोलने हेतु कार्डिनल न्जापालिंगा के प्रति आभार प्रकट करते हैं। उसने बानगुई में हमारी गर्मजोशी के साथ हमारा स्वागत किया था। हम भी लिमिदो कोमास्को में उनका हार्दिक स्वागत करते हैं। कार्डिनल न्जापालिंगा मिलान महाधर्मप्रांत के पोंटिफिकल मिशन सोसायटी के भी अतिथि हैं।

“मध्य अफ्रीका के मित्र” संघ की स्थापना सन् 2001 में स्वर्गीय कारला पगानी ने की। उन्होंने मध्य अफ्रीका की मदद हेतु अपने मित्रों और स्वयंसेवकों को एक साथ जमा किया। उनके प्रयासों और उदार योगदान द्वारा आज मध्य अफ्रीका की कलीसियाओं को मानवीय सहायता मिल रही है।


(Margaret Sumita Minj)

पाकिस्तान, चालीसा सेमिनार : “ईश्वर के राज्य की खोज”

In Church on March 8, 2017 at 4:13 pm

कराची, बुधवार, 8 मार्च 2017 (फीदेस) : कराची के धर्मप्रांतीय धर्मशिक्षा केंद्र द्वारा हाल ही में “ईश्वर के राज्य की खोज” विषय पर चालीसा सेमिनार का आयोजन किया गया था।

कराची के संत पैत्रिक महाविद्यालय में धर्मप्रांतीय धर्मशिक्षा केंद्र के निदेशक आर्थर चार्ल्स और दोमनिकन पुरोहितों और दोमनिकन लोकधर्मी समुदाय द्वारा चालीसा सेमिनार में कराची महाधर्मप्रांत के 10 पल्लियों से करीब 450 विश्वासियों ने भाग लिया। कई अन्य लोगों ने धर्मप्रांत के टी वी “गुड काथलिक न्यूज” का सीधा प्रसारण के माध्यम से सेमिनार में भाग लिया।

दोमनिकन लोकधर्मी समुदाय के अध्यक्ष अनवर दानिएल ने अपने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि परमेश्वर के राज्य और उसकी धार्मिकता की खोज करने का अर्थ है अपने देनिक जीवन में ईश्वर की इच्छा को जानना और उसे पूरा करना। दोमनिकन ईशशास्त्री फादर थोमस भट्टी ने पर्वत प्रवचन पर टिप्पणी की जिसमें येसु ने हमें “ईश्वर के राज्य और उसकी धार्मिकता की खोज” के लिए आमंत्रित किया है,(मत्ती 6:33) यह “हमारे जीवन में ईश्वर को पहली जगह देने हेतु निमंत्रण है। वे हमारी जिंदगी को नया बना देंगे।”

संत पैट्रिक महाविद्यालय के डीन शमीम खुरशीद ने कहा, “परमेश्वर का राज्य राजनीतिक और भौगोलिक सीमाओं से परे है और यह हमारे जातीय और सांस्कृतिक विभिन्नताओं को गले लगाता है। परमेश्वर के राज्य में सभी लोग अर्थात हर जाति,  हर राष्ट्र, यहां तक कि सारी सृष्टी शामिल है।″  इसका मतलब है कि हम सभी लोगों के साथ अच्छी तरह रहने के लिए बुलाये गये हैं। हम हिंसा की निंदा करते हैं। हमें उन अन्याय और उत्पीड़न की परिस्थितियों पर ध्यान केंद्रित करते हुए उसका विरोध करना है जहां शक्ति का दुरुपयोग किया जाता है। हमें हमेशा शांति को बढ़ावा देने का प्रयास करना चाहिए।


(Margaret Sumita Minj)

ओड़िसा के काथलिक दम्पतियों के लिए विश्वास का उपहार

In Church on March 8, 2017 at 4:12 pm

भुवनेश्वर, बुधवार, 8 मार्च 2017 (फीदेस) : फिलीपींस के दम्पति रामन और तेरेसिता संत्यागो काथलिक आंदोलन ″ख्रीस्त को समर्पित दम्पति″ के सदस्यों ने ओड़िसा स्थित खंडमाल जिले के बालीगुडा में आयोजित सभा का संचालन किया।

सभा में 100 ख्रीस्तीय दम्पतियों ने भाग लिया। सभा की विषय वस्तु थी ″ आप जागते रहें, विश्वास में दृढ़ बने रहें और साहसी तथा सामर्थ बनें। आप जो भी करें, भ्रातृप्रेम से प्रेरित होकर करें।″ 1कुरिंथ अध्याय16, पद संख्या13-14।

फिलीपीन दम्पति ने सभा में उपस्थित दम्पतियों को याद दिलाते हुए कहा, ″ख्रीस्त को समर्पित दम्पति″ हम सब एक परिपक्व प्रचारक के रुप में सुसमाचार का प्रचार करने और अपने जीवन से उसका साक्ष्य देने के लिए बुलाये गये हैं। जिस परिवार में लोग एक साथ प्रार्थना करते हैं वे एक साथ मिलकर रहते हैं।

एशिया में ″ख्रीस्त को समर्पित दम्पति″ आंदोलन के संयोजक रामन संत्यागो ने कहा, ″यह जानकर हम काफी प्रभावित हुए हैं कि बहुतों ने अपना काम छोड़कर इस सभा में भाग ले रहे हैं इससे यह प्रमाणित होता है कि वे ईश्वर के लिए प्यासे हैं।″

कटक-भुवनेश्वर के महाधर्माध्यक्ष जोन बारवा ने कहा, ″ हम अपने मेहमानों के आभारी हैं। उन्होंने कंधमाल के लोगों के विश्वास को मजबूत करने में मदद की है और गरीब बच्चों की शिक्षा हेतु आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है।″

″ख्रीस्त को समर्पित दम्पति″ एक काथलिक मूवमेंट है सन् 1981 में इसकी स्थापना मनिला में हई। सन् 1995 में इस संस्था को फिलीपींस की धर्माध्यक्षीय सम्मेलन द्वारा लोकधर्मियों की राष्ट्रीय संगठन के रुप में अनुमोदित किया गया और सन् 2000 में परमधर्मपीठ द्वारा लोकधर्मियों की अंतरराष्ट्रीय संगठन के रुप में मान्यता मिली। वर्तमान में यह मूवमेंट 110 देशों में सक्रीय है। यह संगठन गरीब और जरुरत मंद लोगों की शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण के लिए भी मदद करती है। वर्तमान में कंधमाल के 267 बच्चों की शिक्षा हेतु आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है।


(Margaret Sumita Minj)

अपहरण के एक वर्ष के बाद फादर टॉम का पता नहीं

In Church on March 8, 2017 at 4:06 pm

कोच्ची, बुधवार, 8 मार्च 2017 (ऊकान) :  कलह-ग्रस्त यमन में संदिग्ध इस्लामी आतंकवादियों द्वारा सलेसियन फादर थोमस उज्जुनल्लिल के अपहरण के एक साल अब अपने गृह राज्य केरल के काथलिक उनकी रिहाई की आशा खो रहे हैं।

फादर टॉम 4 मार्च 2016 को यमन के अदन स्थित मिशनरीस ऑफ चैरिटी द्वारा संचालित वृद्धाश्रम से अपहरण कर लिये गये थे। आतंकियों ने मिशनरीस ऑफ चैरिटी की चार धर्मबहनों के साथ वृद्धा आश्रम में सेवारत अन्य 12 लोगों को भी मार डाला था।

फादर टॉम  के अपहरण की 4 मार्च को एक साल पूरा हो जाने पर केरल के काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन और डोन बोस्को धर्मसंघ के स्थानीय प्रोविंस द्वारा एरनाकुलम के टाऊन हॉल में प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया था।

भारतीय काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन के अध्यक्ष कार्डिनल बसेलिओस मार क्लीमिस ने सभा को संबोधित करते हुए कहा, ″एक वर्ष के बाद भी हमें पता नहीं है कि फादर को किसने अपहरण किया है और उसे कहाँ लिया गया है। भारत की सरकार और वाटिकन ने भी उसकी रिहाई के लिए पूरा प्रयत्न किया, पर दुःख की बात है कि उनके प्रयास विफल रहे।″

कार्डिनल क्लीमिस ने सोशल मीडिया पर प्रसारित एक वीडियो के संदर्भ में कहा कि एक व्यक्ति जो फादर के समान दिखते हैं, ने कलीसिया के अधिकारियों और भारत सरकार पर आरोप लगाया कि वे उसकी रिहाई के लिए पर्याप्त नहीं कर रहे हैं। कार्डिनल ने कहा कि पुरोहित जो ईश्वर के बुलावे पर संकट ग्रस्त देश में अपनी सेवा देने गया, वह कलीसिया को दोषी नहीं ठहराएगा।

केरल निवासी एर्नाकुलम-अंगमाली के कार्डिनल जॉर्ज एलेन्चेरी ने कहा कि फादर थोमस का अपहरण ईश्वर की योजना का हिस्सा था। उसकी पीड़ा निश्चित रुप से उसे विश्वास में दृढ़ करेगी और कलीसिया को मजबूत बनाएगी।

उन्होंने कहा, ″येसु ख्रीस्त का दुःख भोगना ईश्वर की योजना में था। इससे कई लोगों ने पश्चताप किया और कलीसिया के विकास हुआ। उसी तरह फादर टॉम की पीड़ा बुरी ताकतों को पश्चाताप करने और विश्वास करने के लिए मजबूर कर देगी।”

फादर टोम की मातृभूमि रामापुरम के अपने पैतृक घर में उनके प्रियजनों, रिश्तेदारों एवं कलीसिया के सदस्यों ने उनके स्वास्थ्य, सुरक्षा तथा उनकी रिहाई हेतु सरकार के पहल की कामना करते हुए एक दिवसीय उपवास, प्रार्थना सभा तथा रैली का आयोजन किया था।

फादर थोमस के भाई डेविड ने कहा, ″परिवार फादर की रिहाई की जटिलताओं से अवगत है। अपहरण के बाद किसी ने भी फादर से बातें नहीं की है। हमें यह भी पता नहीं है कि वे किस परिस्थिति में हैं। हमारी आशा है कि सरकार और कलीसिया उनकी रिहाई के लिए पूरा प्रयास करेगी और हम एक दिन उसे हमारे देश में देख पायेंगे।″


(Margaret Sumita Minj)

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