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पाकिस्तान, चालीसा सेमिनार : “ईश्वर के राज्य की खोज”

In Church on March 8, 2017 at 4:13 pm

कराची, बुधवार, 8 मार्च 2017 (फीदेस) : कराची के धर्मप्रांतीय धर्मशिक्षा केंद्र द्वारा हाल ही में “ईश्वर के राज्य की खोज” विषय पर चालीसा सेमिनार का आयोजन किया गया था।

कराची के संत पैत्रिक महाविद्यालय में धर्मप्रांतीय धर्मशिक्षा केंद्र के निदेशक आर्थर चार्ल्स और दोमनिकन पुरोहितों और दोमनिकन लोकधर्मी समुदाय द्वारा चालीसा सेमिनार में कराची महाधर्मप्रांत के 10 पल्लियों से करीब 450 विश्वासियों ने भाग लिया। कई अन्य लोगों ने धर्मप्रांत के टी वी “गुड काथलिक न्यूज” का सीधा प्रसारण के माध्यम से सेमिनार में भाग लिया।

दोमनिकन लोकधर्मी समुदाय के अध्यक्ष अनवर दानिएल ने अपने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि परमेश्वर के राज्य और उसकी धार्मिकता की खोज करने का अर्थ है अपने देनिक जीवन में ईश्वर की इच्छा को जानना और उसे पूरा करना। दोमनिकन ईशशास्त्री फादर थोमस भट्टी ने पर्वत प्रवचन पर टिप्पणी की जिसमें येसु ने हमें “ईश्वर के राज्य और उसकी धार्मिकता की खोज” के लिए आमंत्रित किया है,(मत्ती 6:33) यह “हमारे जीवन में ईश्वर को पहली जगह देने हेतु निमंत्रण है। वे हमारी जिंदगी को नया बना देंगे।”

संत पैट्रिक महाविद्यालय के डीन शमीम खुरशीद ने कहा, “परमेश्वर का राज्य राजनीतिक और भौगोलिक सीमाओं से परे है और यह हमारे जातीय और सांस्कृतिक विभिन्नताओं को गले लगाता है। परमेश्वर के राज्य में सभी लोग अर्थात हर जाति,  हर राष्ट्र, यहां तक कि सारी सृष्टी शामिल है।″  इसका मतलब है कि हम सभी लोगों के साथ अच्छी तरह रहने के लिए बुलाये गये हैं। हम हिंसा की निंदा करते हैं। हमें उन अन्याय और उत्पीड़न की परिस्थितियों पर ध्यान केंद्रित करते हुए उसका विरोध करना है जहां शक्ति का दुरुपयोग किया जाता है। हमें हमेशा शांति को बढ़ावा देने का प्रयास करना चाहिए।


(Margaret Sumita Minj)

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