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येसु का रूपांतरण, पास्का की ओर आगे बढ़ने का रास्ता

In Church on March 13, 2017 at 4:14 pm

रोम, सोमवार, 13 मार्च 2017 (वीआर सेदोक): संत पापा फ्राँसिस ने रविवार 12 मार्च को रोम धर्मप्रांत के संत मगदलेना ऑफ कनोसा पल्ली का दौरा किया जहाँ उन्होंने युवा, बीमार एवं बुजुर्गों से मुलाकात की एवं पल्ली समुदाय के साथ ख्रीस्तयाग अर्पित किया।

ख्रीस्तयाग प्रवचन में संत पापा ने येसु के दो चेहरों पर चिंतन किया, रूपांतरण में उनका सुन्दर चेहरा और मनुष्यों के पाप के कारण क्रूस पर उसकी बिगड़ी स्थिति।

येसु की सुन्दरता का ध्यान आकृष्ट करते हुए संत पापा ने कहा कि सुसमाचार में येसु की सुन्दरता का जिक्र दो बार किया गया है। पहली बार जब उनका रूपांतरण हो गया था और दूसरी बार पुनरुत्थान के पश्चात्।

जब येसु का रूपांतरण हुआ चेले भी उनके साथ थे। उनका चेहरा सूर्य के समान चमक उठा तथा उनके वस्त्र श्वेत की तरह उज्ज्वल हो गये। येसु शिष्य को इसके बारे में चर्चा नहीं करने का आदेश देते हैं क्योंकि येसु के पुनरूत्थान के पूर्व उनका चेहरा कुरूप किया जाएगा तब उनमें कोई आकर्षण नहीं रह जाएगा। उन्हें अत्याचार, अपमान, कोड़ों की मार एवं काँटों के मुकूट की चुभन सहने पड़ेंगे। उनका पूरा शरीर बेकार की वस्तु के समान दिखाई पड़ेगा।

संत पापा ने कहा कि हमें क्रूस की ओर निहारना है जहाँ येसु टंगे हैं जिन के बारे में ईश्वर ने कहा था कि यह मेरा प्रिय पुत्र है। येसु ईश्वर के पुत्र हैं वे स्वयं ईश्वर हैं जिनसे पिता अत्यन्त प्रसन्न हैं किन्तु हमें बचाने के लिए उन्होंने अपना सबकुछ विघटित कर दिया।

संत पापा ने पाप की नीचता एवं कुरूपता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह ईश्वर के विरूद्ध है, उनकी उपेक्षा करता है। उसी कुरूप पाप से हमें बचाने के लिए येसु को कुरूप होना पड़ा और उस बिगड़े चेहरे को देखकर नहीं घबराने के लिए उन्होंने अपने रूपांतरण द्वारा चलों को तैयार किया।

संत पापा ने चालीसा काल की याद दिलाते हुए कहा कि हम पास्का की ओर यात्रा कर रहे हैं जहाँ येसु के पुनरुत्थान के समय उनका चेहरा पुनः चमक उठा और वे पुनः सुन्दर बन गये। संत पापा ने विश्वासियों से येसु के अगाध प्रेम एवं उनकी सुन्दरता पर चिंतन करने का आग्रह किया। येसु के दो चेहरों पर चिंतन करने की सलाह दी जिसे रूपांतरण के समय चेलों ने देखा और दूसरा क्रूस पर पाप के कारण वह कुरूप बनाया गया। यह हमें जीवन के रास्ते पर आगे बढ़ने हेतु प्रोत्साहन देता है। संत पापा ने विश्वासियों को क्षमा की याचना करने एवं पापों से बचने की  सलाह दी।


(Usha Tirkey)

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