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संत जोसेफ महान एवं सुन्दर चीजों का स्वप्न देखने हेतु प्रेरणा

In Church on March 20, 2017 at 4:41 pm

वाटिकन सिटी, सोमवार, 20 मार्च 2017 (वीआर सेदोक): संत जोसेफ युवाओं को ″स्वप्न देखने, जोखिम उठाने तथा स्वप्न में प्राप्त कठिन काम को पूरा करने की प्रेरणा प्रदान करते हैं।″ यह बात संत पापा फ्राँसिस ने वाटिकन स्थित प्रेरितिक आवास संत मर्था के प्रार्थनालय में संत जोसेफ के महापर्व के अवसर पर ख्रीस्तयाग के दौरान कही।

प्रवचन में संत पापा ने येसु के पालक पिता संत जोसेफ पर प्रकाश डाला जिनका पर्व 19 मार्च को मनाया जाता है किन्तु रविवार होने के कारण इसे सोमवार को मनाया गया।

संत पापा ने कहा, ″जोसेफ ने दूत के आदेश का पालन किया जो उन्हें स्वप्न में दिखाई देकर पवित्र आत्मा से गर्भवती मरियम को अपने यहाँ लाने के लिए कहा था। वे एक शांत एवं आज्ञाकारी व्यक्ति थे। जोसेफ वह व्यक्ति था जिन्होंने वंश, विरासत, पितृत्व, दायित्व, स्थिरता आदि की प्रतिज्ञा को अपने कंधे पर उठाया।

संत पापा ने कहा कि उन्होंने इस बड़ी जिम्मेदारी को लेना स्वीकार किया जो इस समय के अनाथ पन के बारे बहुत कुछ सोचने हेतु प्रेरित करता है। उन्होंने ईश्वर की प्रतिज्ञा को पूरा करने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया और उसे धैर्य के साथ इसलिए वहन किया क्योंकि वे ईश्वर की इच्छा पूरी करना चाहते थे।

संत जोसेफ की दूसरी विशेषता के बारे बतलाते हुए संत पापा ने कहा कि यद्यपि वे हमें बहुत कुछ बतला सकते हैं किन्तु नहीं बोलते। वे छिपे हुए एवं शांत प्रकृति के व्यक्ति हैं। संत पापा ने इस बात पर बल दिया कि ईश्वर ने संत जोसेफ को कमजोर लोगों की रक्षा का भार सौंपने हेतु योग्य पाया। बालक का जन्म एवं मिश्र में पलायन अत्यन्त नाजुक परिस्थितियाँ थीं किन्तु जोसेफ ने बड़े ही कोमलता से अपनी सभी ज़िम्मेदारियों को पूरा किया।

संत पापा ने कहा कि मैं उन लोगों पर चिंतन करना चाहता हूँ जो कमजोर लोगों की देखभाल करते हैं। उन्होंने कहा कि संत जोसेफ दुर्बलों के संरक्षक है ताकि वे विश्वास में दृढ़ हो सकें। उन्होंने इस जिम्मेदारी को स्वप्न में पाया था वे स्वप्न देख पाने योग्य व्यक्ति थे अतः ईश्वर का ख्वाब देखने वालों के संरक्षक हैं, हम सभी की मुक्ति हेतु ईश्वर के ख्वाब का। मानव मुक्ति का रहस्य उनके साथ जुड़ा है।

संत पापा ने संत जोसेफ की मध्यस्थता द्वारा ईश्वर से प्रार्थना कि वे हमें स्वप्न देखने की कृपा प्रदान करें क्योंकि जब हम अच्छी चीजों का ख्वाब देखते हैं हम हमारे प्रति ईश्वर की योजना में शामिल होते हैं।


(Usha Tirkey)

संत पापा ने रूवांडा के राष्ट्रपति से मुलाकात की

In Church on March 20, 2017 at 4:39 pm

वाटिकन सिटी, सोमवार, 201 मार्च 2017 (वीआर सेदोक): संत पापा फ्राँसिस ने सोमवार 20 मार्च को वाटिकन के प्रेरितिक प्रासाद में रूवांडा के राष्ट्रपति पौल कागामे से मुलाकात की, जिन्होंने क्रमशः वाटिकन राज्य सचिव कार्डिनल पीयेत्रो परोलिन एवं वाटिकन विदेश सचिव पौल रिचर्ड गल्लाघेर से भी मुलाकातें की।

वाटिकन प्रेस वक्तव्य में कहा गया कि संत पापा एवं रूवांडा के राष्ट्रपति के बीच सौहार्दपूर्ण मुलाकात में, परमधर्मपीठ एवं रूवांडा के बीच संबंध के सकारात्मक पक्षों पर गौर किया गया।

वक्तव्य में यह भी बतलाया गया कि देश की सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक स्थिरीकरण के मद्देनजर महत्वपूर्ण कदम के लिए प्रशंसा व्यक्त की गई। साथ ही साथ, मेल-मिलाप तथा समस्त राष्ट्र के हित शांति के समझौते पर राज्य एवं स्थानीय कलीसिया के बीच सहयोग पर भी प्रकाश डाला गया। इस संदर्भ में, संत पापा ने कलीसिया की ओर से तुतसी में नरसंहार के खिलाफ गहन शोक व्यक्त किया। उन्होंने नरसंहार के शिकार लोगों के प्रति एकात्मता व्यक्त की तथा जो लोग आज भी इसके दुष्प्रभाव झेल रहे हैं उनके प्रति कलीसिया की कमजोरी को स्वीकार करते हुए, पापों के लिए ईश्वर से क्षमा की याचना की। उन्होंने कहा, दुर्भाग्य से, पुरोहितों एवं धर्मसमाजियों ने सुसमाचार प्रचार के अपने मिशन को धोखा देकर घृणा एवं हिंसा को बढ़ावा दिया था।

प्रेस वक्तव्य के अनुसार संत पापा ने समकालीन कलीसिया के अपराध को स्वीकार किया जिसने कलीसिया के चेहरे को विरूपित किया है। उन्होंने इस दुखद याद को शुद्ध किये जाने की इच्छा व्यक्त की तथा आशा, नवीकृत निष्ठा तथा भावी शांति की कामना की, जहाँ ठोस साक्ष्य देते हुए पुनः एक साथ जीवन व्यतीत किया जा सके और मानव प्रतिष्ठा एवं सार्वजनिक हित को केंद्र में रखा जा सके।

अंततः संत पापा एवं रूवांडा के राष्ट्रपति ने राजनीतिक, सामाजिक तथा स्थानीय परिस्थितियों पर चर्चा की, विशेषकर, उन स्थानों पर एक-दूसरे का ध्यान आकृष्ट किया, जहाँ संघर्ष एवं प्राकृतिक आपदा के कारण दुःखद परिस्थिति है। उन्होंने शरणार्थियों एवं अप्रवासियों पर भी विचार किया जिन्हें मदद एवं समर्थन दिये जाने की आवश्यकता है।


(Usha Tirkey)

धन्य जोसेफ मेयर नुसेर पिताओं के आदर्श

In Church on March 20, 2017 at 4:38 pm

 

वाटिकन सिटी, सोमवार, 20 मार्च 2017 (वीआर अंग्रेजी): संत पापा फ्राँसिस ने धन्य जोसेफ मेयर नूसेर की याद की जिनकी धन्य घोषणा इटली के बोलसानो में शनिवार को सम्पन्न हुआ।

संत पापा ने गौर किया कि धन्य जोसेफ एक लोकधर्मी थे, वे एक परिवार के पिता तथा एक काथलिक संगठन के संचालक भी थे। सन् 1944 ई. में जर्मन सैन्यदल में भरती होने के बाद जोसेफ ने जब ″हिटलर की शपथ″ लेना अस्वीकार कर दिया तब उन्हें मृत्यु दण्ड की सज़ा मिली जहाँ डाकाउ के नजरबंद शिविर में उनकी मृत्यु हो गयी। वे कलीसिया द्वारा शहीद घोषित किये गये हैं।

संत पापा ने रविवार को देवदूत प्रार्थना के दौरान कहा, ″अपने महान नैतिक और आध्यात्मिक कद के कारण धन्य जोसेफ लोकधर्मियों के लिए आदर्श हैं, विशेषकर, पिताओं के लिए जिन्हें हम आज बड़े सम्मान के साथ याद करते हैं।″

इटली में 19 मार्च को संत जोसेफ के पर्व दिवस पर पिताओं को सम्मानित किया जाता है किन्तु 19 मार्च इस साल रविवार को पड़ने के कारण, संत जोसेफ का पर्व 20 मार्च को मनाया जा रहा है।

धन्य जोसेफ मेयर नूसेर का जन्म 27 दिसम्बर सन् 1910 ई. को बोलसानो में हुआ था तथा मृत्यु 24 फरवरी 1945 में जर्मनी में हुई।


(Usha Tirkey)

पेरू के बाढ़ पीड़ितों के प्रति संत पापा का आध्यात्मिक सामीप्य

In Church on March 20, 2017 at 4:36 pm

वाटिकन सिटी, सोमवार, 20 मार्च 2017 (वीआर सेदोक): संत पापा फ्राँसिस ने पेरू के बाढ़ पीड़ित लोगों के प्रति अपना आध्यात्मिक सामीप्य प्रकट किया।

बीबीसी के अनुसार, पेरू में भारी बारिश से, कई दिनों तक बाढ़ और मिट्टी के धसने से कम से कम 72 लोग मारे गए हैं।

रविवार को देवदूत प्रार्थना के उपरांत संत पापा ने कहा, ″मैं बाढ़ पीड़ित लोगों के लिए प्रार्थना करता हूँ तथा उनके लिए भी जो उन्हें राहत सेवा प्रदान कर रहे हैं।″

कहा जा रहा है कि पेरू में 30 सालों में बाढ़ की यह सबसे खराब स्थिति है जो देश के आधे हिस्से को प्रभावित कर रही है। 800 से अधिक शहरों को आपातकालिक घोषित कर दिया गया है।

सरकारी जानकारी के अनुसार राजधानी लीमा में विगत सोमवार से ही पेयजल का अभाव है। पूरे क्षेत्र में भोजन एवं जल की कमी हो गयी है जबकि चीजों के दाम भी बढ़ गये हैं।


(Usha Tirkey)

अंतरधार्मिक सौहार्द को प्रोत्साहन देने पर पुरोहित एवं इमाम सम्मानित

In Church on March 20, 2017 at 4:35 pm

पाकिस्तान, सोमवार, 20 मार्च 2017 (फिदेस): शांति और न्याय के लिए एक वैश्विक अंतरधार्मिक नेटवर्क की अफ्रीकी शाखा ने पाकिस्तान के एक काथलिक पुरोहित तथा एक इमाम को अंतरधार्मिक सौहार्द बढ़ाने के प्रयासों के लिए सम्मानित किया है।

दोमिनिकन पुरोहित फा. जेम्स कन्नान तथा लाहौर स्थित एशिया के एक बड़े मस्जिद के इमाम अब्दुल खबीर अजाद को, संयुक्त धर्म पहल (यूआरआई) की अफ्रीकी शाखा ने अंतरधार्मिक सौहार्द पुरस्कार 2017 से सम्मानित किया है एवं अफ्रीका महाद्वीप के लिए अंतरधार्मिक सौहार्द हेतु आदर्श के रूप में प्रस्तुत किया है।

फा. कन्नान ने फिदेस से कहा, ″यह पाकिस्तान में अंतरधार्मिक वार्ता के कार्य को प्रोत्साहन देने तथा विश्व के अन्य देशों में शांति, न्याय, मेल-मिलाप तथा संवाद को बढ़ावा देने हेतु एक पहचान है।

पाकिस्तान के लिए यूआरआई के प्रांतीय संयोजक तथा लाहौर में शांति केंद्र के महानिदेशक फादर कन्नान ने कहा, ″इस तरह की पहचान प्रतिदिन के कार्यों में साहस प्रदान करता ताकि मुसलमानों एवं ख्रीस्तीयों के बीच घृणा की दीवार को तोड़ा तथा आपस में विश्वास एवं सम्मान के सेतु का निर्माण किया जा सके।

फिदेस समाचार के अनुसार फा. कन्नान एवं अबदुल खबीर अजाद ने 20 से भी अधिक सालों तक एक साथ काम किया है। दोनों ने कई देशों का दौरा किया है ताकि दोनों धर्मावलम्बियों के बीच संवाद को बढ़ावा दे सकें।

फा. कन्नान ने कहा, ″मैं पुरोहिताई एवं दोमिनिकन धर्मसमाज में अपनी बुलाहट के लिए ईश्वर को धन्यवाद देता हूँ क्योंकि इसने मुझे पाकिस्तान एवं विश्व के विभिन्न देशों में इस महत्वपूर्ण कार्य को करने का अवसर दिया है। मैं दोमिनिकन धर्मसमाज को भी धन्यवाद देता हूँ क्योंकि यह मुझे इस क्षेत्र में प्रतिदिन समर्थन देता है।

पाकिस्तान में हिंसा और आतंकवाद की इस वर्तमान स्थिति में फादर कन्नान ने अपने समर्पण को सुदृढ़ किया ताकि वे सभी भली इच्छा रखने वालों एवं शांति, न्याय तथा सौहार्द के साथ पाकिस्तान में बेहतर राष्ट्र बनाने वालों को अपना सहयोग दे सकें जिससे कि देश में सभी धर्मानुयायी शांति पूर्वक जी सकें।


(Usha Tirkey)

मेलबोर्न में केरल के एक पुरोहित पर हिंसक हमला

In Church on March 20, 2017 at 4:33 pm

तिरुवनंतपुरम, सोमवार, 20 मार्च 2017 (ऊकान): इटली के मेलबॉर्न गिरजाघर में रविवार को ख्रीस्तयाग अर्पित करते हुए केरल के एक काथलिक पुरोहित पर एक व्यक्ति ने हिंसक आक्रमण किया।

मीडिया की रिपोर्ट अनुसार फा. टोमी कालाथूर मैथ्यू के गले पर चाकू द्वारा प्रहार किया गया। मिस्सा के दौरान करीब 50 के उम्र वाले एक व्यक्ति ने सामने आकर चिल्लाया कि चूँकि वह एक भारतीय है अतः निश्चय ही वह एक हिन्दू या मुस्लिम होगा इसलिए उसे ख्रीस्तयाग नहीं चढ़ाना चाहिए।

मिली जानकारी अनुसार मेलबोर्न के काथलिक महाधर्मप्रांत ने कहा कि पुरोहित अस्पताल में चंगे हो रहे हैं तथा काम पर शीघ्र लौटना चाहते हैं।

विकर जेनेरल मोन्सिन्योर ग्रेग बेन्नेट ने कहा, ″उनकी सोच केवल अपने पल्लीवासियों के लिए है।″

महाधर्मप्रांत के प्रवक्ता शेन हेली ने कहा कि उस अज्ञात व्यक्ति का व्यवहार अत्यन्त भयावह था।  लोगों के साथ कभी इस तरह का व्यवहार नहीं करना चाहिए।

भारतीय न्यूज़ सर्विस के अनुसार पुलिस ने आक्रमणकारी को तुरन्त गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस अधिकारी ने संवाददाताओं से कहा कि इस स्तर पर, हम मानते हैं कि घटना अलग है इसमें किसी और के लिए खतरे का कोई संकेत नहीं है।


(Usha Tirkey)

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