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संत पापा फ्राँसिस ने मिलान के कैदियों के साथ समय बिताया

In Church on March 27, 2017 at 2:59 pm

 

मिलान, सोमवार, 27 मार्च 2017 (सेदोक) : संत पापा फ्राँसिस द्वारा 25 मार्च को मिलान की एक दिवसीय प्रेरितिक यात्रा के मुख्य आकर्षण में से एक शहर का मुख्य हिरासत केंद्र, संत वित्तोरे जेल था।

मिलान के महागिरजाघर के प्राँगण में देवदूत प्रार्थना का पाठ करने के पश्चात संत पापा शहर के संत वित्तोरे कैदखाने में कैदियों से मुलाकात करने गये जहाँ निदेशक ग्लोरिया मनजेल्ली और चैपलिन डोन मार्को रिकलकाटी ने उनका स्वागत किया।

वर्तमान में संत वित्तोरे में 900 स्त्री पुरुष कैदी हैं तथा महिला कैदियों के बच्चे भी विशेष यूनिट में अपनी माताएं के साथ रहते हैं। संत पापा ने संत वित्तोरे के कर्मचारियों और स्वयंसेवकों के एक बड़े दल का अभिवादन करने के पश्चात कैदियों के साथ मुलाकात की।

इंजीनियर फ्रांसेस्को लूक्का ने कारावास के डिजाइन की प्रेरणा 18 वीं सदी की पानोपटिकोन से ली है जिसकी तीन मंजिलों में 6 भाग हैं। इन मंजिलों का दौरा करते हुए विभिन्न श्रेणियों का प्रतिनिधित्व करने वाले 80 कैदियों को संत पापा के साथ हाथ मिलाने का अवसर मिला। संत पापा उन कैदियों से भी मिले जिन्हें विशेष सुरक्षा में रखा गया है।

संत पापा फ्राँसिस ने कैदियों से कहा, येसु ने कहा है, मैं बंदीगृह में था और तुम मुझसे मिलने आये। ″मेरे लिए आप लोग येसु हैं। आपलोग मेरे बंधु हैं। बंदीगृह में मुझे किसी भी कैदी को यह कहने का साहस नहीं है कि “वह इसका हकदार है। ″आप ही क्यों, और मैं क्यों नहीं।″ प्रभु मुझसे जितना प्यार करते हैं वे आप से भी उतना ही प्यार करते हैं। येसु आप में और मुझमें उपस्थित हैं। हम सभी पापी हैं।″  अंत में कैदियों ने संत पापा को उपहार स्वरुप एक कार्ड दिया जिसमें सभी कैदियों के नाम लिखे गये थे।

कैदियों से मुलाकात करने के बाद तीसरी मंजिल में संत पापा फ्राँसिस 100 कैदियों के साथ दोपहर का खाना खाने के लिए बैठे। कैदियों द्वारा तैयार मिलान का विशेष भोजन ″अल्ला मिलानेसे″  केसर और स्टेक्स के साथ तैयार चावल परोसा गया था।

दोपहर का खाना के बाद संत पापा ने चैपलिन डोन मार्को के कार्यालय में कुछ देर विश्राम किया तथा संत वित्तोरे कैदखाने के अधिकारियों एवं कैदियों से विदा लेकर मोंत्सा पार्क पहुँचे जहाँ उन्होंने ख्रीस्तयाग समारोह का अनुष्ठान किया।

गौरतलब है कि कैदियों के लिए विशेष चिंता को देखते हुए संत पापा ने करुणा की असाधारण जुबली वर्ष 2016 का समापन संत पेत्रुस महागिरजाघर में 12 देशों के करीब 1000 कैदियों और उनके परिवारों तथा कैदियों के बीच काम करने वाले पुरोहितों और स्वंयसेवियों के साथ समारोही ख्रीस्तयाग का अनुष्ठान का किया था।


(Margaret Sumita Minj)

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