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कृषि कार्यों के केंद्र में व्यक्ति होना चाहिए, कार्डिनल परोलिन

In Church on March 28, 2017 at 2:55 pm

वाटिकन सिटी, मंगलवार, 28 मार्च 2017 (वीआर सेदोक): वाटिकन राज्य सचिव कार्डिनल पीयेत्रो परोलिन ने कहा कि ‘कृषि के भविष्य’ का 10वाँ मंच, संत पापा के लिए उन सभी लोगों को प्रोत्साहन देने हेतु जिन्हें कृषि विभाग में कर्तव्य एवं जिम्मेदारियाँ हैं एक अवसर है।

ब्रेसेल्स में आयोजित कृषि के भविष्य मंच को सम्बोधित कर कार्डिनल ने कहा कि विश्व की परिस्थितियों पर एक सरसरी निगाह काफी है जिसके द्वारा कृषि कार्यों को समर्थन दिये जाने के प्रति प्रतिबद्धता की आवश्यकता महसूस की जा सकती है। इससे न केवल उत्पादन और वाणिज्य की व्यवस्था में सुधार होगा किन्तु इसके साथ ही, मुख्य रूप से, व्यक्तिगत आवश्यकताओं के अनुसार स्वस्थ और पर्याप्त पोषण के लिए हर इंसान के अधिकार को बल मिलेगा।

उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट है कि इस गतिविधि के केंद्र में व्यक्ति होना चाहिए चाहे वह जिस किसी भी स्थिति में क्यों न हो। यह प्रणाली जिसे यदि मात्र तकनीकी के रूप में न देखा जाए तो यह कृषि, देखभाल, सृष्टि की रक्षा, आर्थिक विकास, विकास के स्तर तथा वर्तमान एवं भविष्य के लोगों की आवश्यकताओं में बेहतर संबंध स्थापित करेगा।

उन्होंने कहा कि पूरे अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के लिए निर्धारित सतत् विकास लक्ष्यों से जुड़ी अपेक्षाओं को कुछ देशों और क्षेत्रों की स्थिति का सामना करना पड़ता है जहां कृषि गतिविधि कम होती है, क्योंकि वे अपर्याप्त विविध और स्थानीय पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन का सामना करने में असमर्थ होते हैं। वर्तमान में हम रोजगार के निम्न स्तर को देख रहे हैं जो समग्र आय एवं साथ ही साथ कुपोषण द्वारा लाखों लोगों को प्रभावित कर रही है। यह एक जटिल तंत्र है, जो सबसे कमजोर क्षेत्रों पर वार करता है। उन्हें न केवल उत्पादन की प्रक्रियाओं से बाहर करता बल्कि उन्हें अपनी ज़मीन छोड़ने और बेहतर जीवन की तलाश में शरण लेने के लिए मजबूर कर देता है।

कार्डिनल ने कहा कि इसका अर्थ यह नहीं है कि सीमित समुदाय के लाभ के लिए आधुनिक तकनीकी को थोपा जाना और कृषि कार्य को प्रयोगशाला के निष्कर्षों के आधार पर देखा जाना चाहिए बल्कि प्रयास यह होना चाहिए कि प्रत्येक देश को अपने संसाधनों में विकास करते हुए आत्म निर्भरता में बढ़ने हेतु मदद दिया जाना चाहिए।

कार्डिनल ने संत पापा की ओर से कहा कि मैं आशा व्यक्त करता हूँ कि सभा अधिक फलप्रद हो। उन्होंने सभा में भाग ले रहे सभी को शुभकामनाएँ अर्पित की।


(Usha Tirkey)

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