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हिंसा को रोकने हेतु शांति ही एकमात्र सच्चा रास्ता, संत पापा

In Church on April 6, 2017 at 3:23 pm

 

वाटिकन सिटी, बृहस्पतिवार, 6 अप्रैल 2017 (वीआर सेदोक): ″मैं जानता हूँ कि बहुत सारे परिवारों ने हिंसा में अपने प्रियजनों को खो दिया है मैं उनके करीब हूँ मैं उनके दुःख में सहभागी हूँ तथा प्रार्थना करता हूँ कि ईश्वर की कृपा से वे चंगाई एवं मेल-मिलाप का अनुभव कर सकें।″ यह बात संत पापा फ्राँसिस ने शिकागो के विश्वासियों को प्रेषित अपने एक पत्र में कही।

शिकागो में अहिंसा के आंदोलन को प्रोत्साहन देने हेतु महाधर्माध्यक्ष कार्डिनल ब्लेज जे. कुपिक के नाम संत पापा फ्राँसिस ने 4 अप्रैल को एक पत्र प्रेषित किया।

पत्र में लिखा था, ″कृपया, शिकागो के लोगों को बतलायें कि मैं उन्हें याद कर रहा हूँ एवं उनके लिए प्रार्थना कर रहा हूँ।″ मैं उन्हें इस प्रतिबद्धता के लिए अपने समर्थन का आश्वासन देता हूँ। कई अन्य स्थानीय नेता भी अहिंसा के इस आंदोलन को शिकागो में जीवन एवं शांति के मार्ग के रूप में अपना समर्थन दे रहे हैं।

संत पापा ने कार्डिनल से कहा कि जब वे भली इच्छा रखने वाले लोगों को पुण्य शुक्रवार के दिन शांति जुलूस में भाग लेने हेतु निमंत्रण दे रहे हैं, रोम में क्रूस रास्ता की प्रार्थना में वे उन्हें जरूर याद करेंगे।

संत पापा ने शिकागो की दुःखद परिस्थिति की याद करते हुए कहा कि विभिन्न जाति, आर्थिक परिस्थिति तथा सामाजिक पृष्ठभूमि के लोग आज भेदभाव, उदासीनता, अन्याय तथा हिंसा का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ″हमें इस बहिष्कार एवं अलगाव की भावना को दूर करना होगा तथा किसी भी दल को ‘दूसरे’ के रूप में नहीं बल्कि अपने ही भाई-बहन के रूप में देखना होगा। परिवार एवं स्कूलों में मन और हृदय को खुला रखने के लिए शिक्षा देना एवं उसे पोषित करना होगा।

शांति के रास्ते पर चलना हमेशा आसान नहीं होता किन्तु हिंसा को रोकने हेतु यही एकमात्र सच्चा रास्ता है। जैसा कि मार्टिन लूथर किंग ने कहा है ″मानवता को सभी मानव संघर्षों के लिए एक प्रणाली विकसित करना चाहिए जो बदला, आक्रामकता और प्रतिशोध का बहिष्कार करता है। इस प्रणाली का आधार है प्रेम।″

संत पापा ने पत्र में सभी लोगों से, खासकर, युवाओं से अपील की है कि वे मार्टिन लूथर किंग के शब्दों पर गौर करें तथा जानें कि अहिंसा की संस्कृति एक अप्राप्य सपना नहीं है किन्तु एक रास्ता है जिसने निर्णायक परिणामों को उत्पन्न किया है। अहिंसा के लगातार अभ्यास ने सीमाओं को तोड़ दिया है, घांवों पर पट्टी बांधी है तथा राष्ट्रों को चंगाई प्रदान किया है और इस तरह यह शिकागो को भी चंगा कर सकता है। संत पापा ने प्रार्थना की कि लोग आशा न खोंयें तथा शांति के निर्माण तथा भावी पीढ़ी को प्रेम की सच्ची शक्ति को दिखाने हेतु एकजुट होकर कार्य करें।

कार्डिनल कुपिक ने अपने प्रेरिताई के आरम्भ से ही शिकागो में गिरोह और मादक तस्करी के कारण हो रहे हिंसा पर आवाज उठाई है।

शिकागो की न्यायाधिकरण की रिपोर्ट अनुसार गत साल 783 हत्याएँ हुई हैं जो 1996 के बाद हत्याओं की सबसे बड़ी संख्या है।

अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शिकागो में इन हत्याओं को शहर में नियंत्रण से बाहर हिंसा का प्रतीक कहा है तथा शहर के अधिकारियों को अपराधों पर नरमी बरतने का आरोप भी लगाया है।


(Usha Tirkey)

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