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युवा ‘हाँ’ कहने से नहीं डरें, संत पापा

In Church on April 8, 2017 at 3:12 pm

वाटिकन सिटी, शनिवार, 8 अप्रैल 2017 (वीआर सेदोक): संत पापा फ्राँसिस ने विश्वभर के युवाओं को प्रोत्साहन दिया है कि वे ‘हाँ’ कहने से नहीं डरें।

उन्होंने एक ट्वीट संदेश में कहा, ″प्रिय युवा मित्रो, येसु को अपने पूरे हृदय से ‘हाँ’ कहने, उदारता पूर्वक उत्तर देने एवं उनका अनुसरण करने से नहीं डरें।″

विदित हो कि प्रत्येक वर्ष खजूर रविवार को, रोम में विश्व युवा दिवस मनाया जाता है जब आगामी विश्व युवा दिवस हेतु मेजबानी करने वाले देश के युवाओं को क्रूस एवं माता मरियम की प्रतीक सौंपी जाती है। आगामी विश्व युवा दिवस 2019 को पनामा में मनाया जायेगा। विश्व युवा दिवस की शुरूआत संत पापा जॉन पौल द्वितीय ने सन् 1985 ई. में की थी।

विश्व युवा दिवस की पूर्व संध्या आज शाम को रोम स्थित संत मरिया मेजर महागिरजाघर में जागरण प्रार्थना का आयोजन किया गया है जिसका नेतृत्व स्वयं संत पापा फ्राँसिस करें।


(Usha Tirkey)

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विश्व युवा दिवस के उपलक्ष्य में संत पापा करेंगे जागरण प्रार्थना का नेतृत्व

In Church on April 8, 2017 at 3:10 pm

 

वाटिकन सिटी, शनिवार, 8 अप्रैल 2017 (वीआर सेदोक): संत पापा फ्राँसिस शनिवार 8 अप्रैल को संत मरिया मेजर गिरजाघर में युवाओं के साथ जागरण प्रार्थना करेंगे। जागरण प्रार्थना में 15वीं विश्व धर्माध्यक्षीय धर्मसभा की तैयारी हेतु युवाओं के साथ संत पापा की पहली मुलाकात होगी।

ज्ञात हो कि युवाओं के लिए विश्व धर्माध्यक्षीय धर्मसभा वर्ष 2018 में सम्पन्न होगी जिसकी विषय वस्तु है, ″युवा, विश्वास तथा बुलाहट की आत्म परख″। 2019 में पनामा में 34वाँ विश्व युवा दिवस भी आयोजित किया जायेगा।

आगामी सिनॉड के सचिव फाबियो फाबेने ने वाटिकन रेडियो से कहा कि यही कारण है कि जागरण प्रार्थना में प्रिय शिष्य जिसे सिनॉड के लिए प्रथम प्रेरितिक दस्तावेज में प्रतीक के रूप में चुना गया है तथा धन्य कुँवारी मरियम पर विशेष प्रकाश डाला जाएगा। उन्होंने कहा कि इसी सप्ताह रोम में परमधर्मपीठीय आवास मतेर एक्लेसिया में अंतरराष्ट्रीय युवा मंच का आयोजन किया जा रहा है जिसमें 300 युवा भाग ले रहे हैं जो आगामी सिनॉड के सचिव तथा लोकधर्मी एवं परिवार की प्रेरिताई हेतु गठित परमधर्मपीठीय समिति के संयुक्त तत्वधान में आयोजित की गयी है।

अंतरराष्ट्रीय युवा मंच की विषयवस्तु है, ″क्राकॉव से पनामा- युवाओं के साथ उनके रास्ते पर सिनॉड।″

संत मरिया मेजर महागिरजाघर में युवाओं के साथ जागरण प्रार्थना में माता मरियम के जीवन पर क्यों विशेष प्रकाश डाला जाएगा जो आगामी 2019 में पनामा में विश्व युवा दिवस की यात्रा हेतु चुनी गयी है, के प्रश्न पर, सिनॉड के सचिव ने कहा, ″मरियम को समर्पित एक प्रचीन महागिरजाघर, संत मरिया मेजर में जागरण प्रार्थना इसलिए हो रहा है क्योंकि सिनॉड की तैयारी हेतु बने दस्तवेज में माता मरियम एवं प्रिय शिष्य के प्रतीक को चुना गया है।″ साथ ही रविवार को संत पेत्रुस महागिरजाघर के प्रांगण में क्रूस एवं रोम की संरक्षिका माता मरियम के प्रतीक को क्राकॉव के युवाओं द्वारा पनामा के युवाओं को सौंपा जायेगा। उसकी पूर्व संध्या सभी युवा रोम की संरक्षिका की असल प्रतीक के सामने एकत्रित होंगे।


(Usha Tirkey)

वाटिकन के प्रेरितिक राजदूत द्वारा जैन धर्मगुरू के शांति प्रयासों की सराहना

In Church on April 8, 2017 at 3:08 pm

 

नई दिल्ली, शनिवार, 8 अप्रैल 2017 (वीआर सेदोक): भारत के लिए वाटिकन के प्रेरितिक राजदूत महाधर्माध्यक्ष जनबत्तिस्ता दीक्वात्रो ने जैन धर्मगुरू आचार्य लोकेश द्वारा, विश्व में अहिंसा, शांति तथा भाईचारे की भावना के प्रचार के प्रयासों की सराहना की।

वाटिकन प्रेरितिक राजदूत ने 7 अप्रैल को जैन धर्मगुरू एवं समाज सुधारक को दिल्ली स्थित अपने आवास पर निमंत्रण दिया था। 63 वर्षीय महाधर्माध्यक्ष जिन्होंने 16 फरवरी को भारत के लिए संत पापा के प्रतिनिधि होने का पद स्वीकार किया, आचार्य को एक पत्र सौंपा जिसमें वाटिकन की ओर से शांति एवं सौहार्द हेतु संदेश था।

आचार्य जो 17 अप्रैल को 56 साल के हो जायेंगे उन्होंने जैन महागुरु महावीर की 2616वीं पुण्य तिथि को मनाने के लिए कई कार्यक्रमों का आयोजन किया है।

इन कार्यक्रम के अनुसार 7 अप्रैल की संध्या उन्होंने कोलकाता में शांति एवं अंतरधार्मिक सौहार्द पर संदेश दिया। कार्यक्रम का उद्घाटन पश्चिम बंगाल की सरकार केशरीनाथ त्रिपाठी ने किया।

जैन धर्मगुरू ने 8 अप्रैल को दिल्ली में अंतरधार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया है तथा अप्रैल माह के अंत में मुम्बाई में एक कार्यक्रम रखा गया है जिसमें वे अंतर्राष्ट्रीय अंतरधार्मिक शांति सम्मेलन की मेजबानी करेंगे।

आचार्य ने मैटर्स इंडिया को बतलाया कि शांति हेतु आयोजित इस कार्यक्रम में भाग लेने के लिए, विदेशों से विभिन्न धर्मों के करीब 1,100 से अधिक प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद की जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि वाटिकन प्रेरितिक राजदूत के साथ जैन धर्मगुरु की मुलाकात शांति एवं धार्मिक सौहार्द हेतु एकात्मता की अभिव्यक्ति थी।

धर्मगुरु आचार्य लोकेश ने बालिकाओं के गर्भपात और अन्य सामाजिक बुराइयों की जांच के लिए एक आंदोलन का भी आह्वान किया है।


(Usha Tirkey)

हिन्दू चरमपंथियों द्वारा ख्रीस्तीय प्रार्थना सभा में दखलंदाजी

In Church on April 8, 2017 at 3:05 pm

 

महाराजगंज, शनिवार, 8 अप्रैल 2017 (मैटर्स इंडिया): उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिला स्थित एक गिरजाघर में 7 अप्रैल को चल रहे एक प्रार्थना सभा को हिन्दू चरमपंथी नेताओं ने रोका।

उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा संचालित कथित तौर पर ‘हिन्दु युवा वाहिनी’ दल ने ख्रीस्तीयों पर उस समय आक्रमण करने की कोशिश की जब 11 अमरीकी अन्य ख्रीस्तीयों के साथ एक प्रार्थना सभा में भाग ले रहे थे।

टूसर्कल नेट की रिपोर्ट अनुसार, महाराजगंज के कोथीबहार पुसिल स्टेशन के निकट, करीब 150 लोगों के एक दल ने दादहौली गिरजाघर को घेर लिया। जब ख्रीस्तीय प्रार्थना कर रहे थे तब कुछ एच. वाई. वी. के सदस्यों ने प्रार्थना स्थल पर पहुँचकर देखा कि कुछ अमरीकी प्रार्थना कर रहे हैं।

तब उन्होंने कोथीबहार पुलिस स्टेशन जाकर पुलिस को सूचना दी कि कुछ पुरोहित एवं अमरीकी गिरजाघर में धर्मांतरण कर रहे हैं।

सूचना पाकर पुलिस अधिकारी आनन्द कुमार गुप्ता गिरजाघर पहुँचे तथा उन्होंने धर्मांतरण का कोई साबुत पाये बिना प्रार्थना को रोक दिया। पुलिस ने अमरीकी नागरिकों के पासपोर्ट एवं वीज़ा की जाँच की तथा उसमें किसी प्रकार की गलती न पाकर उन्हें जाने दिया।

गुप्ता ने बाद में टूसर्कल नेट को बतलाया कि एच वाई वी कार्यकर्ताओं ने उनके पास यह शिकायत की थी कि अमरीकी नागरिक गिरजाघर में धर्मांतरण कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमने उनके शिकायत अनुसार कार्रवाई की तथा पाया कि वास्तव में वैसा कुछ नहीं हो रहा था किन्तु हमने उनके कागजात की जाँच की।

उन्होंने बतलाया कि इस बीच हिन्दू चरमपंथी पुलिस पर दबाव डालते रहे कि वे केस दर्ज करें तथा पास्टर यू हन्ना आदम को गिरफ्तार करें।

स्थिति उस समय और अधिक गंभीर हो गयी जब पुलिस ने अमरीकी नागरिकों को जाने दिया। चरमपंथियों ने पुलिस पर सवाल किया तथा अराजकता उत्पन्न करने की कोशिश की। एच वाई वी के सदस्यों ने आदम की गिरफ्तारी की मांग तेज की जिसको पुलिस ने इनकार कर दिया।

गुप्ता ने कहा कि हिन्दू चरमपंथियों ने पुलिस पर दबाव डाला कि वह मामले को पूरी तरह से जांचें किन्तु एक साधारण प्रार्थना सभा की जाँच करने का अर्थ है किसी के धर्म मानने की व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर बाधा डालना है।

रिपोर्ट में यह भी बतलाया गया था कि पुलिस द्वारा जाँच प्रक्रिया आवश्यक थी क्योंकि चरमपंथी सदस्यों ने एक सप्ताह पहले बेलवा गाँव के गिरजाघर की तोड़फोड़ की थी तथा लोगों को पीटा था।

स्थानीय कलीसिया के एक ख्रीस्तीय ने कहा, ″हम वहाँ प्रार्थना कर रहे थे धर्मपरिवर्तन की कोई विधि नहीं हो रही थी किन्तु दल ने आकर पुलिस की सहायता से शांति भंग करने की कोशिश की।


(Usha Tirkey)

धार्मिक सद्भाव बनाए रखने में भारत सबसे अच्छा देश: दलाई लामा

In Church on April 8, 2017 at 3:03 pm

 

बोमडिला, शनिवार, 8 अप्रैल 2017 (ऊकान): तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा ने बृहस्पतिवार को कहा कि धार्मिक सद्भाव और सहिष्णुता को बनाए रखने के लिए भारत अभी भी सबसे अच्छा देश है।

धार्मिक सद्भाव की आवश्यकता पर जोर देते हुए उन्होंने कहा, ″धार्मिक सद्भाव बनाये रखना बहुत आवश्यक है ऐसे समय में जब जिम्मेदारी की भावना में कमी दिखाई पड़ती है। संवेदनशील स्थिति होने के बावजूद भारत में यह संभव है जो सबसे अधिक आबादी वाला एक लोकतांत्रिक देश है। यह देश हज़ारों सालों से इस रास्ते को दिखाते आया है।″

बुद्ध पार्क में लोगों को सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत में विश्व के सभी बड़े धर्मों का विकास हो रहा है।

उन्होंने कहा, ″हम सामाजिक प्राणी हैं तथा एक-दूसरे के प्रति सहयोग की भावना के बिना हम खुश नहीं रह सकते। चाहे हम धर्म मानते हों अथवा नहीं हमें विश्व में प्रेम तथा सहानुभूति की आवश्यकता है।″

धर्म के नाम पर आतंकवाद हेतु समर्पित लोगों के बारे दलाई लामा ने कहा, ″हम मुस्लिम आतंकवाद के बारे बहुत कुछ सुनते हैं तथा बौद्ध आतंकवादियों के बारे भी किन्तु ज्योंही कोई व्यक्ति आतंकवाद से जुड़ जाता है वह मुसलिम अथवा बौद्ध नहीं रह जाता। उन्होंने याद किया कि चीनी अधिकारी उन्हें भी आतंकवादी मानते हैं।

तिब्बती धर्मगुरू ने कहा कि मृत जानवरों के मांस का उपभोग किया जा सकता है किन्तु उन्होंने मारे गये जानवरों के मांस पर असहमति जतायी।

उन्होंने कहा, ″”बौद्धों को अन्य प्राणियों को नुकसान पहुंचाना नहीं सिखाया जाता है और वे शाकाहारी होते हैं।″

दलाई लामा ने संत पापा फ्राँसिस के शब्दों को दुहराते हुए कहा, ″संत पापा ने कहा है कि मूर्ख ख्रीस्तीय होने की अपेक्षा अच्छा इंसान बनना कहीं अधिक अच्छा है, उसी तरह एक मूर्ख बौद्ध धर्मावलम्बी बनने की अपेक्षा भला इंसान बनना बेहतर है।″


(Usha Tirkey)

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