Vatican Radio HIndi

Archive for April 10th, 2017|Daily archive page

संत पापा ने जैव प्रौद्योगिकी के दुरुपयोग पर चेतावनी दी

In Church on April 10, 2017 at 3:31 pm

 

वाटिकन सिटी, सोमवार,10 अप्रैल (वीआर सेदोक) : संत पापा फ्राँसिस ने वाटिकन के  परमाध्यक्षों के सभागार में जैव प्रौद्योगिकी की राष्ट्रीय समिति, और जैव प्रौद्योगिकी जीव विज्ञान के सदस्यों को संबोधित किया।

संत पापा फ्राँसिस ने जैव प्रौद्योगिकी के वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों से आग्रह किया है कि वे मानव जीवन और सृजन पर उनके निर्णयों के प्रभावों के बारे में हमेशा जागरुक रहें।।

संत पापा ने कहा, “आपका कार्य न केवल वैज्ञानिक और तकनीकी अनुसंधान के सामंजस्यपूर्ण और एकीकृत विकास को बढ़ावा देना है जो पौधे, पशु और मानव जीवन की जैविक प्रक्रियाओं से संबंधित है।  आपको उन नकारात्मक परिणामों की भविष्यवाणी को भी रोकना है जो विज्ञान और तकनीक के विकृत उपयोग के परिणामस्वरूप हो सकते हैं जब वे जीवन को हेरफेर करने के लिए उपयोग किए जाते हैं।”

जवाबदेही के सिद्धांत को उजागर करते हुए संत पापा ने कहा कि  जवाबदेही मानव क्रिया का एक महत्वपूर्ण आधार है प्रौद्योगिकी और विज्ञान के विभिन्न क्षेत्रों ने “मानव के हाथों में विशाल और बढ़ती हुई शक्ति” डाल दी है।

“एक गंभीर खतरा यह है कि नागरिकों और कभी-कभी उनका प्रतिनिधित्व करने वाली सरकार आने वाली चुनौतियों की गंभीरता से पूरी तरह से अवगत नहीं हैं। विज्ञान और जैव प्रौद्योगिकी शक्तियों का दुरुपयोग करने का खतरा है।

संत पापा ने कहा कि जब आर्थिक शक्ति और प्रौद्योगिकी की शक्ति के बीच का संबंध मजबूत है तो यह सबके हित में होगी।

उन्होंने कहा, “विभिन्न वैज्ञानिक, उत्पादक, नैतिक, सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक वास्तविकताओं की एक सामंजस्यपूर्ण संरचना तक पहुंचना आसान नहीं है जो एक स्थायी विकास को बढ़ावा देता है और जो हमारे ‘आम घर’ का सम्मान करता है।”

इसके लिए विनम्रता, साहस और खुलेपन की आवश्यकता होती है, उन्होंने कहा, निश्चित रूप से वैज्ञानिकों द्वारा सच्चाई और आम लोगों की भलाई हेतु दिया गया योगदान नागरिक विवेक के विकास में सहायक होती है।

अंत में संत पापा ने वैज्ञानिकों, प्रौद्योगिकी विशेषज्ञों, व्यवसायियों और संस्थानों के प्रतिनिधियों के बीच आम सहमति की प्रक्रियाओं को आरंभ करने और उन्हें बनाए रखने, जीव विज्ञान तथा जैव प्रौद्योगिकी में विकास द्वारा उठाए गए मुद्दों पर जन जागरूकता बढ़ाने के लिए रणनीतियों की पहचान करने हेतु प्रोत्साहित किया।


(Margaret Sumita Minj)

Advertisements

मिस्र हमले पर धर्माध्यक्षीय सम्मेलनों और काथलिक संगठनों की प्रतिक्रिया

In Church on April 10, 2017 at 3:29 pm

वाटिकन सिटी, सोमवार,10 अप्रैल (वीआर सेदोक) : मिस्र में कल 9 अप्रैल खजूर रविवार को दो कॉप्टिक गिरजाघरों में ख्रीस्तीयों पर हुए हमले पर संयुक्त राज्य के काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन, इंग्लैंड और वेल्स के काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन, जर्मनी के धर्माध्यक्षीय सम्मेलन और काथलिक संगठनों जैसे कलीसियाओं के विश्व संगठन, इंग्लैंड के काथलिक नेताओं और ‘आवश्यकता में कलीसियाओं की सहायता’ संगठन ने अपनी प्रतिक्रिया प्रकट की है।

अलेक्जेंड्रिया की लैटिन रीति के प्रेरितिक प्रतिधर्माध्यक्ष अदेल जाकी ने भावना भरे शब्दों में कहा, ″यह एक त्रासदी है। इस तरह के तथ्यों के लिए कोई शब्द नहीं हैं केवल प्रार्थना और आशा के साथ इसका सामना करना है।” ये हमले ख्रीस्तीयों और देश की एकता के खिलाफ हैं। ये हमले उस समय हो रहे हैं जब अल्पसंख्यक ख्रीस्तीय संत पापा फ्राँसिस का बड़ी उत्सुकता से इन्तजार कर रहे हैं। गुईजेह  के सेवानिवृत कॉप्टिक काथलिक धर्माध्यक्ष अंतोनियो अजीज मीना ने कहा कि राजनीतिक और धार्मिक नेताओं को इस तरह की स्थिति से बचने हेतु पूरा प्रयास करना चाहिए। इस महीने के अंत में संत पापा फ्राँसिस की यात्रा के बारे में उन्होंने कहा कि वे आश्वस्त हैं कि संत पापा की यात्रा में कोई बाधा या खतरा नहीं होगी क्योंकि उनकी सुरक्षा के लिए कड़ी व्यवस्था की जाएगी।

कलीसियाओं के विश्व संगठन ने मिस्र में गिरजाघरों पर आतंकी हमलों की निंदा की और हिंसा के अंत के लिए अपील की है। कलीसियाओं के विश्व संगठन महासचिव डॉक्टर ओलाव फिक्के टीवीट हमले के शिकार लोगों, घायलों और उनके परिवार वालों के प्रति अपना गहरी संवेदना प्रकट की है। उन्होंने इस प्रकार की कठिन विपत्तियों में मिस्रवासियों को साहस और एकजुट रहने हेतु प्रोत्साहित किया।

संयुक्त राज्य के काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन के अध्यक्ष कार्डिनल दानिएल दिनार्दो ने खजूर रविवार के दिन शांतिपूर्वक धार्मिक समारोह में भाग लेने वालों पर दो आतंकी हमलों की निंदा की है। उन्होंने इस हादसे में मारे गये लोगों और प्रियजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदना प्रकट की तथा घायलों के यथाशीघ्र स्वस्थ्य लाभ हेतु प्रार्थना की है।

उन्होंने कहा कि वे भी संत पापा फ्राँसिस द्वारा उन लोगों के मनपरिवर्तन हेतु प्रार्थना में शामिल हैं जो आतंकवाद, हिंसा और मृत्यु की बुवाई कर रहे हैं और जो लोग हथियार बनाते और व्यापार करते हैं। ″ शांति के राजकुमार हमें भरोसा दिलाते हैं कि आतंक का अंधेरा पुनरुत्थान के प्रकाश का सामना नहीं कर सकता ”

इंग्लैंड में काथलिक नेताओं ने मिस्र में दो कॉप्टिक गिरजाघरों में घातक विस्फोट के बाद कॉप्टिक समुदाय के लिए प्रार्थना की और उन्होंने हार्दिक संवेदना प्रकट की। इंग्लैंड और वेल्स के काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन के अध्यक्ष कार्डिनल विंसेन्ट निकोलास ने कहा, “हमने ग्रेट ब्रिटेन में कॉप्टिक ऑर्थोडोक्स कलीसिया के धर्माध्यक्ष एग्जालोस को अपनी प्रार्थनाओं का आश्वासन और समर्थन का संदेश भेजा है।″


(Margaret Sumita Minj)

संत पापा ने काहिरा के कॉप्टिक गिरजाघर में आतंकी हमले की निंदा की

In Church on April 10, 2017 at 3:27 pm

 

वाटिकन सिटी, सोमवार,10 अप्रैल (वीआर सेदोक) : संत पापा फ्राँसिस ने मिस्र के काहिरा स्थित तांता शहर के संत जॉर्ज कॉप्टिक गिरजाघर में हुए आतंकी हमले की निंदा की जिसमें 21 लोगों की मौत हुई और 60 से भी ज्यादा लोग घायल हुए हैं।

संत पापा फ्राँसिस ने रविवार 9 अप्रैल को संत पेत्रुस महागिरजाघर के प्रांगण में खजूर रविवारीय ख्रीस्तयाग समारोह के अनुष्ठान के उपरांत वहाँ उपस्थित भक्त समुदाय को पीड़ितों के लिए प्रार्थना हेतु आमंत्रित करते हुए कहा, ″ आइये हम आज सुबह हुए धमाके में मारे गये पीड़ितों के लिए प्रार्थना करें। मेरे प्रिय भाई परमाध्यक्ष तावाद्रोस द्वितीय, कॉप्टिक कलीसिया और सभी प्रिय मिस्र देशवासियों के प्रति मैं अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूँ। मैं पीड़ितों और घायलों के लिए प्रार्थना करता हूँ और उनके परिवार वालों तथा पूरे ख्रीस्तीय समुदाय के प्रति आध्यात्मिक सामीप्य प्रकट करता हूँ।″

संत पापा फ्राँसिस ने उन लोगों के मनपरिवर्तन के लिए भी प्रार्थना की जो आतंकवाद, हिंसा और मृत्यु की बुवाई कर रहे हैं और जो लोग हथियार बनाते और व्यापार करते हैं। ”

संत पापा फ्राँसिस इस महीने के 28-29 तारीख को मिस्र जाने वाले हैं। हाल के वर्षों में इस्लामिक चरमपंथियों के हमले अल्पसंख्यक ख्रीस्तीयों पर बढ़े हैं।


(Margaret Sumita Minj)

आनन्द एवं दुःख का सम्मिश्रण खजूर रविवार

In Church on April 10, 2017 at 3:26 pm

वाटिकन सिटी, सोमवार, 10 अप्रैल 2017 (वीआर सेदोक): संत पापा फ्राँसिस ने रविवार 9 अप्रैल को, खजूर रविवार के अवसर पर संत पेत्रुस महागिरजाघर के प्राँगण में ख्रीस्तयाग अर्पित किया।

उन्होंने प्रवचन में कहा, ″आज का समारोह खट्टा एवं मीठा कहा जा सकता है। इसे एक ही समय में आनंदमय तथा दुखद दोनों कहा जा सकता है। हम येसु का येरूसालेम में प्रवेश को उनके शिष्यों के साथ मनाते हैं जिन्होंने उन्हें राजा मानकर उनका जय जयकार किया किन्तु सुसमाचार उनके दुखभोग की भी घोषणा करता है। इस बिलकुल विपरीत स्थिति में हम अपने हृदय में येसु के साथ यह एहसास करने का प्रयास करते हैं कि उन्हें क्या अनुभव हुआ होगा जब उन्होंने अपने मित्रों के साथ आनन्द मनाया और येरूसालेम के लिए रोया।″

संत पापा ने विश्व युवा दिवस की याद कर युवाओं को सम्बोधित करते हुए कहा, ″32 सालों से इस रविवार का आनन्दमय पक्ष युवाओं के उत्साह से समृद्ध हुआ है जो विश्व युवा दिवस का परिणाम है। इस वर्ष यह धर्मप्रांतीय स्तर पर मनाया जा रहा है किन्तु यहाँ संत पेत्रुस महागिरजाघर के प्राँगण में, यह अत्यन्त उद्दीपक क्षण के रूप में चिह्नित होगा जब विश्व युवा दिवस के क्रूस को क्राकॉव के युवा, पनामा के युवाओं को हस्तांतरित करेंगे।

संत पापा ने कहा कि जो सुसमाचार पाठ हमने जुलूस के पूर्व सुना (मती. 21:1-11) वह येसु का बछड़े पर सवार, जैतून पहाड़ से होते हुए येरूसालेम में प्रवेश की घटना को प्रस्तुत करता है। यह शिष्यों के उत्साह को दिखलाता है जिन्होंने आनन्द के साथ प्रभु का जय जयकार किया, जिसमें हम शहर के बच्चों एवं युवाओं के उत्साह की कल्पना कर सकते हैं जिन्होंने येसु के शिष्यों के साथ शामिल होकर उनका जय जयकार किया था। येसु स्वयं इस आनन्दमय स्वागत में ईश्वर की एक जबरदस्त इच्छा को देखते हैं। वे नराज फरीसियों को जवाब देते हुए कहते हैं, ″मैं तुम से कहता हूँ यदि वे चुप रहें, तो पत्थर भी बोल उठेंगे।” (लूक. 19:40).

येसु धर्मग्रंथ के कथन को पूरा करने के लिए पवित्र नगर में प्रवेश करते हैं जो किसी को गुमराह करने वाला नहीं है बल्कि यह स्पष्ट रूप से प्रकट होता है कि वे मसीह हैं जो सेवक के समान प्रवेश करते हैं। ईश्वर एवं मनुष्यों के सेवक और इस तरह वे दुखभोग में आगे बढ़ते हैं। वे एक गंभीर रोगी के समान मानव जाति की सारी पीड़ाओं को अपने ऊपर लेते हैं।

संत पापा ने कहा, ″जब हम खुशी से हमारे राजा का जय जयकार कर रहे हैं, हम उन दुःखों पर भी चिंतन करें जिनको उन्होंने इस पुण्य सप्ताह में उठाया था। हम उनके बदनाम और उपहास पर, षडयंत्र एवं विश्वासघात पर, अन्यायपूर्ण निर्णय देने वालों के हाथों पड़ने, घूसे एवं लात मारे जाने, सिर पर कांटों का मुकुट पहनाये जाने और अंततः क्रूस का रास्ता तय करने के बाद सूली पर चढ़ाये गये पर चिंतन करें।

संत पापा ने कहा कि उन्होंने इसके विषय में अपने शिष्यों से साफ-साफ कहा था, ″जो मेरा अनुसरण करना चाहता है वह आत्मत्याग करे और अपना क्रूस उठाकर मेरे पीछे हो ले।”(मती. 16:24)

संत पापा ने कहा कि येसु कभी भी सम्मान और सफलता की प्रतिज्ञा नहीं करते बल्कि सुसमाचार इसे स्पष्ट करता है कि उन्होंने अपने मित्रों को बतला दिया था कि उन्हें इसी रास्ते से होगा जाना होगा जिसमें अंतिम विजय दुखभोग एवं क्रूस के द्वारा प्राप्त होगा। ये सब कुछ हम लोगों के लिए भी सच है। उन्होंने विश्वासियों को प्रार्थना करने की सलाह देते हुए कहा, ″हम येसु का निष्ठा पूर्वक अनुसरण करने हेतु कृपा मांगें, न केवल शब्दों द्वारा किन्तु कार्यों द्वारा उनका अनुसरण करें। अपने क्रूस को धीरज पूर्वक आगे ले जाने हेतु याचना करें उसे इनकार अथवा दरकिनार न करें बल्कि उसे उठाने एवं प्रतिदिन आगे ले जाने के लिए येसु की ओर नजर उठायें।″

येसु जिन्होंने भीड़ के जय-जयकार को स्वीकार किया उन्हें अच्छी तरह मालूम था कि वह भीड़ जल्द ही उस दल के साथ शामिल हो जायेगी जो उन्हें क्रूसित करने की मांग करेगी। संत पापा ने कहा कि हम सिर्फ तस्वीरों अथवा इंटरनेट पर पोस्ट वीडियो पर चिंतन न करें बल्कि उन बहुत सारे भाई-बहनों की याद करें जो गुलाम हैं पारिवारिक परेशानियाँ झेल रहे हैं अथवा बीमार हैं, युद्ध और आतंकवाद से पीड़ित हैं तथा हथियारबंद सैनिक जो आक्रमण हेतु तैयार रहते हैं, वे महिलाएं एवं पुरुष जो विश्वासघात के शिकार हैं, जिनकी प्रतिष्ठा का हनन किया गया है। संत पापा ने कहा कि येसु ऐसे लोगों में उपस्थित हैं, उन प्रत्येक जन में, जिनकी बिगड़ी हुए आकृति एवं टूटी हुई आवाज है। वे हमें अपनी ओर देखने, स्वीकार करने तथा प्रेम करने का आग्रह कर रहे हैं।

संत पापा ने कहा कि वे कोई दूसरे नहीं किन्तु वही येसु हैं जिन्होंने लहराते खजूर की डालियों के बीच येरूसालेम में प्रवेश किया था। वे वही येसु हैं जो दो अपराधियों के बीच क्रूस पर कीलों से ठोंक दिये गये। उनके अलावा हमारा कोई दूसरे प्रभु नहीं हैं। वे न्याय, दया तथा शांति के विनम्र राजा है।

 


(Usha Tirkey)

अलेक्जेंड्रिया में संत मार्क कॉप्टिक महागिरजाघर के बाहर दूसरा धमाका

In Church on April 10, 2017 at 3:25 pm


काहिरा, सोमवार,10 अप्रैल (एशिया न्यूज) : मिस्र में खजूर रविवार को हुए धमाकों में कॉप्टिक ख्रीस्तीयों को निशाना बनाया गया। अलेक्जेंड्रिया में संत मार्क कॉप्टिक गिरजाघर के बाहर एक धमाका हुआ और इसमें 11 लोग मारे गए। मिस्र के सरकारी मीडिया का कहना है कि कॉप्टिक कलीसिया के परमाध्यक्ष तावाद्रोस द्वितीय ने धार्मिक समारोह का अनुष्ठान किया पर वे सुरक्षित हैं।

पहला धमाका मिस्र का राजधानी काहिरा से 94 किलोमीटर उत्तर तांता शहर के सेंट जॉर्ज कॉप्टिक गिरजाघर में धमाका हुआ था और इसमें 25 लोग मारे गए थे। कथित इस्लामिक स्टेट ने इस हमले की ज़िम्मेदारी ली है।

यह समूह मिस्र में कॉप्टिक गिरजाघरों को निशाना बनाता है। ‘इजिप्ट इंडिपेंडेंट वेबसाइट’ की ख़बर अनुसार एक पुलिस ऑफिसर आत्मघाती हमलावर की डिवाइस को गिरजा के भीतर विस्फोट करने से रोक रहा था तभी वह भी मारा गया।

मिस्र के प्रांतीय गवर्नर अहमद डीफ ने सरकारी टीवी नील न्यूज़ चैनल से कहा, ”बम प्लांट किया गया था या किसी ने ख़ुद को उड़ा लिया अभी तक पता नहीं चला है। इस मामले में पड़ताल जारी है। आसपास के इलाके में और विस्फोटक हो सकते हैं।”

पिछले साल दिसंबर में काहिरा के कॉपटिक महागिरजाघर में एक धमाका हुआ था और इसमें 25 लोग मारे गए थे।

ये हमले ख़ासकर 2013 के बाद और बढ़े हैं, जब सेना ने चुनी हुई सरकार को अपदस्थ कर दिया और इस्लामिक कट्टरपंथियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई शुरू की। इस्लामिक कट्टरपंथियों का कहना है कि ख्रीस्तीयों ने चुनी हई सरकार को बेदखल करने में मदद की है। फरवरी में इस्लामिक स्टेट के लड़ाकों ने ख्रीस्तीयों पर हमले की धमकी दी थी। मिस्र की आबादी में ख्रीस्तीय करीब 10 प्रतिशत हैं।


(Margaret Sumita Minj)

पुण्य सप्ताह में अपना ध्यान येसु पर केंद्रित करें, संत पापा

In Church on April 10, 2017 at 3:22 pm

 

वाटिकन सिटी, सोमवार,10 अप्रैल (वीआर सेदोक) : संत पापा फ्राँसिस ने ट्वीट प्रेषित कर विश्व के सभी ख्रीस्तीयों को पवित्र सप्ताह में हमारे मुक्तिदाता येसु ख्रीस्त के साथ उसके दुःखभोग और क्रूस मरण पर मनन चिंतन करने और प्रार्थना करने की प्रेरणा दी है।

संत पापा ने संदेश में लिखा, ″आइये, हम इस पुण्य सप्ताह में अपना ध्यान येसु पर केंद्रित करें तथा हमारे खातिर उनके बलिदान के रहस्य को बेहतर तरीके से समझने की कृपा मांगें।″


(Margaret Sumita Minj)

संत पापा फ्राँसिस ने स्टॉकहोम के आतंकवादी हमले के शिकार लोगों के लिए प्रार्थना की

In Church on April 10, 2017 at 3:20 pm

वाटिकन सिटी, सोमवार,10 अप्रैल (वीआर सेदोक) : संत पापा फ्राँसिस ने स्वीडेन के स्टॉकहोम के आतंकवादी हमले की निन्दा करते हुए पीड़ितों और घायल लोगों को प्रभु येसु और माता मरियम के सिपुर्द किया।

संत पापा फ्राँसिस ने रविवार 9 अप्रैल को संत पेत्रुस महागिरजाघर के प्रांगण में खजूर रविवारीय ख्रीस्तयाग समारोह के अनुष्ठान किया और देवदूत प्रार्थना का पाठ करने के उपरांत भक्त समुदाय को प्रार्थना की अपील करते हुए कहा, ″ हम पवित्र कुंआरी मरियम और येसु ख्रीस्त जो आज अपने दुःखभोग में प्रवेश करते हैं, के चरणों में आतंकवादी हमले के शिकार लोगों को समर्पित करते हैं साथ ही हम उन लोगों को भी प्रभु के चरणों तले सिपुर्द करते हैं जो लोगों के बीच आपस में युद्ध कराना चाहते हैं और यह सारी मानव जाति के लिए एक आपदा है।″

विदित हो कि गत शुक्रवार 7 अप्रैल को स्वीडेन की राजधानी स्टॉकहोम के भीड़भाड़ वाले एक डिपार्टमेंटल स्टोर के बाहर एक व्यक्ति ने लोगों पर ट्रक चढ़ा दी। इस हमले में चार लोगों की मौत हो गई और 15 लोग घायल हुए हैं। पुलिस ने बताया कि उन्होंने हमले के बाद उस व्यक्ति को गिरफ्तार किया है।


(Margaret Sumita Minj)

%d bloggers like this: