Vatican Radio HIndi

Archive for April 11th, 2017|Daily archive page

संत पापा ने बम्बिनो जेसु बाल चिकित्सा केंद्र के बच्चों से मुलाकात की

In Church on April 11, 2017 at 2:42 pm

वाटिकन सिटी, मंगलवार, 11 अप्रैल 2017 (वीआर सेदोक): संत पापा फ्राँसिस ने सोमवार 10 अप्रैल को रोम स्थित पौल षष्ठम के लघु सभागार में बाल चिकित्सा केंद्र ‘बम्बिनो जेसु’ अस्पताल में भर्ती बीमार बच्चों के एक दल से मुलाकात की। बच्चों के साथ उनके माता-पिता एवं चिकित्सक भी उपस्थित थे।

मुलाकात में बच्चों के साथ फोटो खिचाने के बाद संत पापा ने एक पत्र पढ़ा जिसमें लिखा था, ″प्यारे संत पापा फ्राँसिस, हमारे साथ मुलाकात करने के लिए धन्यवाद, हम यहाँ आकर खुश हैं क्योंकि आपने हमें भविष्य के लिए आशा तथा साहस प्रदान किया है। हम आपको प्यार करते हैं धन्यवाद। बम्बिनो जेसु के बच्चे।″

संत पापा ने बच्चों को धन्यवाद दिया तथा वहाँ उपस्थित सभी को सम्बोधित कर कहा, ″आप प्रत्येक की एक कहानी है, न केवल बीमार बच्चों की किन्तु चिकित्सक, नर्स, परिवार के सदस्य एवं जो कोई मुलाकात करने आते हैं सभी का। मैं आप लोगों से दो चीज कहना चाहता हूँ।″

उन्होंने दो माह पहले 15 दिसम्बर को डॉ. एनोक से मुलाकात की थी। यह मुलाकात उन्हें इसलिए प्रभावित की क्योंकि डॉ. एनोक सभी बच्चों के नाम जानते थे। संत पापा को वहाँ अस्पताल नहीं किन्तु परिवार जैसा अनुभव हुआ था। संत पापा ने कहा कि व्यक्ति को नाम लेकर पुकारा जाना बहुत महत्वपूर्ण है।

संत पापा ने दूसरी महत्वपूर्ण बात, बच्चों के साथ स्नेह पूर्ण बर्ताव को कहा। उन्होंने कहा कि इस मुलाकात में जब बच्चे कैमरा के सामने संकोच महसूस कर रहे थे तो निदेशक ने बड़े प्यार से उन्हें प्रोत्साहन देते हुए फोटो खिचवाने हेतु तैयार किया। संत पापा ने कहा कि यह एक परिवार के लिए अच्छा गुण है।

संत पापा ने अस्पताल में पारिवारिक वातावरण बनाने के लिए पूरे बम्बिनो जेसु परिवार को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा, ″मैं बम्बिनो जेसु अस्पताल को धन्यवाद देना चाहता हूँ क्योंकि यहाँ एक मानवता का साक्ष्य है। चूँकि यह एक काथलिक अस्पताल है, संत पापा ने सलाह देते हुए कहा कि काथलिक अस्पताल होने के नाते इसे सबसे पहले मानवीय होना चाहिए। उन्होंने उनकी मानवीय भावनाओं की सराहना करते हुए उसमें आगे बढ़ने एवं विनम्र बनने की सलाह दी।


(Usha Tirkey)

रेडियो रेनाशेंका को संत पापा का संदेश

In Church on April 11, 2017 at 2:38 pm

वाटिकन सिटी, मंगलवार, 11 अप्रैल 2017 (वीआर सेदोक): संत पापा फ्राँसिस ने ‘रेडियो रेनाशेंका’ को उसकी स्थापना की 80वीं वर्षगाँठ पर एक संदेश प्रेषित कर, उन्हें बधाई दी तथा उसके द्वारा किये जा रहे भाईचारा पूर्ण आपसी सहयोग के प्रोत्साहन को ″असाधारण कार्य″ कहा।

सामान्य मामलों के लिए वाटिकन राज्य के सचिव मोनसिन्योर अंजेलो बेच्चू ने संत पापा की ओर से 11 अप्रैल को प्रेषित संदेश में लिखा, ″संत पापा फ्राँसिस ‘रेडियो रेनाशेंका’ के महान परिवार का हार्दिक अभिवादन करते हैं जब यह अपनी स्थापना की 80वीं वर्षगाँठ मना रही है तथा विगत सालों में संचार के माध्यम से प्रतिदिन के कार्यों द्वारा कलीसिया को इसकी सेवा का स्वागत करते हैं।″

रेडियो रेनाशेंका जो ‘आर आर’ के नाम से भी जानी जाती है पुर्तगाल में एक निजी वाणिज्यिक रेडियो स्टेशन है जो पुर्तगाली काथलिक समुदाय के विभिन्न संगठनों द्वारा संचालित है। इसकी स्थापना सन् 1934 ई में हुई थी किन्तु प्रसारण 1936 में आरम्भ हुई।

संदेश में संत पापा ने पुर्तगाली रेडियो के कार्यों को महत्व देते हुए कहा कि ″विशाल लुसोफोन जगत″ में इसने येसु के सुसमाचार को पहुँचाया तथा मानव जाति के हृदय में भाईचारापूर्ण आपसी सहयोग तथा ईश्वर की दया को बोया है।″

संत पापा ने गौर किया कि सुसमाचार की घोषणा में रेडियो रेनाशेंका की भूमिका कलात्मक है तथा उन्होंने सुसमाचार प्रचार हेतु इसके विभिन्न प्रयासों की सफलता हेतु अपनी प्रार्थना का आश्वासन दिया।

रेनाशेंका मल्टी मीडिया दल आज 80वीं वर्षगाँठ मना रहा है जो चार रेडियो दलों का एक समूह है।

संत पापा के इस संदेश को पुर्तगाल के लिए वाटिकन के प्रेरितिक राजदूत महाधर्माध्यक्ष रिनो पास्सीगातो ने रेनाशेंका मल्टीमीडिया दल को पढ़कर सुनाया।

 

 


(Usha Tirkey)

संत पापा की मिस्र यात्रा से अंतरधार्मिक संबंध पर सकारात्मक प्रभाव की उम्मीद

In Church on April 11, 2017 at 2:33 pm

वाटिकन सिटी, मंगलवार, 11 अप्रैल 2017 (वीआर अंग्रेजी): काइरो में संत पापा की आगामी प्रेरितिक यात्रा, मुस्लिम नेताओं तक पहुँचने हेतु एक अत्यन्त प्रभावशाली प्रयास होगा। यह है मिस्र के अल-अजहर विश्वविद्यालय के एक पूर्व छात्र की आशा, जो वर्तमान में ब्रिटेन के ईसाई मुस्लिम मंच के सह-अध्यक्ष हैं।

शेख इब्राहिम मोग्रा का जन्म मालावी के एक भारतीय मूल परिवार में हुआ था जो फिलहाल लीसेस्टर शहर में रहते और काम करते हैं जहां वे अंतरधार्मिक संबंधों को मजबूत करने के मामले में सबसे आगे रहते हैं।

संत पापा 28 से 29 अप्रैल को मिस्र की प्रेरितिक यात्रा करेंगे जहाँ वे अल अजहर में इस्लामी नेताओं तथा कॉप्टिक समुदाय के परमधर्मगुरू तावाद्रोस द्वितीय से मुलाकात करेंगे।

शेख ने वाटिकन रेडियो से बातें करते हुए कहा कि अगर इतिहास को देखा जाए तो अल अजहर मुस्लिम जगत में प्रथम अथवा दूसरा सबसे पुराना विश्व विद्यालय है। उससे भी बढ़कर यह “अरबी और गैर-अरबी देशों के कई मुस्लिम समुदायों के भीतर वैश्विक प्रभाव वाले एक संस्थान के रूप में” जाना जाता है। मुसलमान जगत की एक बड़ी संख्या  मानती है कि मार्गदर्शन और फैसलों के लिए “यह स्थान तय है”।

मोग्रा का मानना है कि अल अजहर एक आदर्श है तथा यह सुनिश्चित करने के मामले में सबसे आगे है कि मिस्र में ईसाई समुदायों के खिलाफ किए गए किसी भी हिंसा की निंदा की जाती है।

उन्होंने गौर किया कि ऐतिहासिक रूप से मुस्लिम तथा कॉप्टिक ख्रीस्तीय समुदाय बहुत अच्छी तरह एक साथ रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब वे अल अजहर में अध्ययन कर रहे थे मिस्र के मुसलमान बहुत अधिक गर्व महसूस करते थे कि वे एक ऐसे राष्ट्र हैं जहां सदियों से मुस्लिम और कॉप्टिक नेताओं के बीच समझौता है। उन्होंने कहा कि हाल में हुई तनाव एक वास्तविक संकट है जो धर्म से संबंधित नहीं है बल्कि “राजनीतिक एजेंडा के साथ धर्म का चोगा धारण की हुई है।″

मोग्रा ने संत पापा फ्राँसिस की आगामी प्रेरितिक यात्रा की सराहना करते हुए कहा कि मुसलमानों के केंद्र में पहुँचने हेतु यह एक अत्यन्त प्रभावशाली प्रयास है। मिस्र को एक शक्तिशाली राष्ट्र के रूप में देखा जाता है जो पश्चिमी देशों से नजदीक से जुड़ा है तथा कई तरह से यह इस्लामी एवं आरबी जगत में सेतु का निर्माण करने वाला देश माना जाता है।

उन्होंने आशा व्यक्त की कि उच्च स्तरीय धर्मगुरूओं की इस मुलाकात से राजनीति पर सभी दृष्टिकोणों से अत्यन्त गहरा प्रभाव पड़ेगा।

शेख की उम्मीद है कि अल अजहर में धार्मिक और राजनीतिक नेता संत पापा के संदेश को सुन पायेंगे, उनके शब्दों को सम्मान देंगे तथा उन्हें कार्यों में परिणत करेंगे।


(Usha Tirkey)

मुस्लिम नेताओं द्वारा मिस्र के कॉप्टिक गिरजाघरों में हमले की निंदा

In Church on April 11, 2017 at 2:31 pm

 

मिस्र, मंगलवार, 11 अप्रैल 2017 (वीआर अंग्रेजी): मिस्र के मुस्लिम नेताओं ने रविवार को दो कॉप्टिक गिरजाघरों में आत्मघाती बम द्वारा हुए हिंसक आक्रमण की निंदा की। जिसमें करीब 44 लोगों की मृत्यु हो गयी तथा 100 से अधिक लोग घायल हैं।

अल-अजहर के ग्रैंड इमाम, अहमद मोहम्मद अल-तैयेब, ने एक वक्तव्य में कहा, ″धार्मिक स्थलों पर आक्रमण का आरोप प्रामाणिक इस्लामी धर्म एवं उसकी सहिष्णुता की शिक्षा पर जाता है किन्तु यह मिस्र के लोगों की एकता को कमजोर करने में विफल है।″

अल अज़हर के ग्रैंड इमाम ने कहा कि 28 एवं 29 अप्रैल को संत पापा फ्राँसिस की कैरो यात्रा की सुरक्षा गारंटीकृत है।

रविवार को तानता के नील डेल्टा शहर और तटीय शहर अलेक्जेंड्रिया में आक्रमण किये गये थे जिसकी जिम्मेदारी कथित इस्लामिक स्टेट ने ली थी। आक्रमण को उस समय अंजाम दिया गया था जब ख्रीस्तीय विश्वासी खजूर रविवार के समारोह में भाग ले रहे थे तथा मिस्र के कॉप्टिक परमाध्यक्ष तावाद्रोस द्वितीय अलेक्जेंड्रिया के महागिरजाघर के अंदर थे।

मिस्र के राष्ट्रपति अब्दुल फत्ता सीसी ने हमलों के जवाब में तीन महीने की आपात स्थिति की घोषणा की है। यह आक्रमण राष्ट्रपति सीसी और ट्रम्प द्वारा कट्टरपंथी समूहों से लड़ने हेतु मिलकर काम करने के लिए वचन देने के एक हफ्ते से भी कम समय में आया है।


(Usha Tirkey)

ख्रीस्त को गरीबों एवं अपेक्षितों में देखें, कार्डिनल ताग्ले

In Church on April 11, 2017 at 2:29 pm

मनिली, मंगलवार, 11 अप्रैल 2017 (वीआर अंग्रेजी): कार्डिनल लुईस अंतोनियो ताग्ले ने ख्रीस्त का स्वागत गरीब एवं उपेक्षित लोगों में करने की अपील की।

फिलीपींस की राजधानी मनिला में खजूर रविवार को ख्रीस्तयाग अर्पित करते हुए मनिला के महाधर्माध्यक्ष कार्डिनल लुईस ताग्ले ने विश्वासियों को ख्रीस्त का स्वागत, अपने जीवन में भूखे, बीमार, असहाय तथा उपेक्षित लोगों के रूप में करने का निमंत्रण दिया। उन्होंने कहा कि येसु का सच्चा स्वागत ग़रीबों, समाज से बहिष्कृत, अपमानित तथा अन्याय को चुपचाप सहने हेतु मजबूर लोगों में उनकी उपस्थिति को स्वीकार करने में है।

देशभर के गिरजाघरों में काथलिकों ने हज़ारों की संख्या में भाग लेकर पुण्य सप्ताह की शुरूआत की जो पास्का रविवार को अपनी चरम सीमा पर होगी। लोगों ने खजूर की डालियों के साथ 2000 वर्षों पूर्व येरूसालेम में येसु के जय जयकार किये जाने की घटना का स्मरण किया।

कार्डिनल ताग्ले ने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि येसु का दुखभोग एवं उनकी मृत्यु ईश्वर की विनम्रता को दर्शाता है जबकि लोगों ने उनका उपहास किया। उन्होंने कहा, ″हम उस ईश पुत्र पर चिंतन करने जा रहे हैं जो विनम्र थे तथा एक साधारण व्यक्ति की तरह, घायल एवं अपमानित किये गये, थूके तथा थप्पड़ मारे गये।″ कार्डिनल ने कहा कि ईश्वर का रास्ता विनम्रता का रास्ता है तथा उन्होंने विश्वासियों को निमंत्रण दिया कि वे उनके मनोभाव का अनुसरण करें। येसु विनम्र हैं अतः हमें भी उसी रूप में उनका अनुसरण करना चाहिए।


(Usha Tirkey)

%d bloggers like this: