Vatican Radio HIndi

शरणार्थियों एवं विस्थापितों की ओर से पास्का संदेश

In Church on April 18, 2017 at 2:53 pm

वाटिकन सिटी, मंगलवार, 18 अप्रैल 2017 (वीआर सेदोक): प्रभु जी उठे हैं हम खुश हों और आनन्द मनायें। यह बात मानव अधिकार कार्यकर्ता, एक भारतीय जेस्विट पुरोहित फा. सेद्रिक प्रकाश ने वाटिकन रेडियो से कही।

लेबनान के बेरूत स्थित मध्य पूर्व और उत्तरी अफ्रीका क्षेत्र के लिए जेसुइट रेफ्यूजी सर्विस (जेआरएस) के क्षेत्रीय वकील और संचार अधिकारी फा. प्रकाश ने कहा कि वे यह शुभकामना मध्यपूर्व के उन लाखों लोगों की ओर से भेज रहे हैं जो शरणार्थी बन चुके हैं, जो विस्थापित हैं तथा सीरिया, मिस्र, ईराक एवं आसपास के क्षेत्रों में कई वर्षों से युद्ध एवं हिंसा द्वारा प्रभावित हैं।

उन्होंने कहा, ″लोगों के लिए यहाँ रहना आसान नहीं है किन्तु हम प्रार्थना एवं आशा करते हैं कि हमारे पुनर्जीवित प्रभु सभी लोगों के जीवन एवं हृदय का स्पर्श करेंगे।″

फादर ने बतलाया कि विगत सप्ताहों में इस क्षेत्र के लोगों ने हिंसा में बढ़ोतरी का अनुभव किया है पुण्य शनिवार को अलेप्पो के बाहर एक बस में बम विस्फोट के कारण 125 लोगों की मृत्यु हो गयी। बस, लोगों को सुरक्षित स्थान की ओर ले जा रही थी। मारे गये लोगों में से अनेक निर्दोष बच्चे थे। संत पापा फ्राँसिस ने अपने पास्का संदेश में घटना के शिकार लोगों के लिए प्रार्थना की तथा हमले को सबसे ‘नीच कार्य’ कहा। अप्रैल माह के आरम्भ में रासायनिक बम आक्रमण में दर्जनों की मौत हो गयी है। लगभग उसी समय ईराक के तिक्रीत में कई लोग मारे गये थे। खजूर रविवार को मिस्र के दो गिरजाघरों में आक्रमण ने विश्वभर को चौंका दिया।

फा. प्रकाश ने कहा कि दुर्भाग्य से इस क्षेत्र में हिंसा बहुत अधिक बढ़ चुका है। इस हिंसा में मारे जाने और बुरी तरह प्रभावित होने वाले सभी सामान्य लोग हैं। इसे प्रभावित लोग बहुत अधिक असहाय महसूस करते हैं। निहित स्वार्थ के कारण लोग इस मूर्खतापूर्ण युद्ध को समाप्त करना नहीं चाहते और हिंसा का अंतहीन चक्र रूकने का नाम ही नहीं ले रहा है। लोगों की यही प्रार्थना है कि जी उठे ख्रीस्त उन लोगों के हृदय को स्पर्श करें, विशेषकर, उन कठोर हृदयों को जो इस क्षेत्र में शांति लाने के लिए उत्तरदायी हैं।

जेस्विट फा. सेद्रिक प्रकाश भारत के गुजरात प्रोविंश के हैं जिन्होंने 2001 में अहमदाबाद में मानव अधिकार, न्याय एवं शांति के लिए जेस्विट केंद्र की स्थापना की थी। मानव अधिकार संबंधी उनके इन कार्यों के लिए उन्हें भारत एवं विदेशों में भी सम्मानित किया जा चुका है।

उन्होंने कहा कि युद्ध एवं हिंसा के इन दुःखों एवं पीड़ाओं के बीच भी आशा से जुड़ी कई कहानियाँ हैं। उन्होंने बतलाया कि एक माह पहले 15 मार्च को, जेसुइट रेफ्यूजी सेवा ने सीरियाई शरणार्थियों और विस्थापन के लिए अभियान जारी किया जो कई लोगों के लिए आशा की किरण के समान है। उन्होंने कहा कि हमारा विश्वास है कि पास्का का संदेश यही है।


(Usha Tirkey)

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