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सुसमाचार की घोषणा विनम्रता से करें, संत पापा

In Church on April 25, 2017 at 2:51 pm

 

वाटिकन सिटी, मंगलवार, 25 अप्रैल 2017 (वीआर सेदोक): सुसमाचार की घोषणा, घमंड के प्रलोभन पर विजय पाते हुए विनम्रता के साथ की जानी चाहिए। यह बात संत पापा फ्राँसिस ने मंगलवार 25 अप्रैल को वाटिकन स्थित प्रेरितिक आवास संत मर्था के प्रार्थनालय में ख्रीस्तयाग प्रवचन में कही।

सुसमाचार लेखक संत मारकुस के पर्व दिवस पर अपने प्रवचन में संत पापा ने सुसमाचार की घोषणा हेतु बाहर जाने किन्तु सम्मान एवं सुरक्षा की खोज नहीं करने पर जोर दिया।

संत पापा ने प्रवचन में संत मारकुस रचित सुसमाचार के उस अंश पर चिंतन किया जहाँ येसु अपने शिष्यों को सुसमाचार प्रचार का आदेश देते हैं। उन्होंने कहा, ″येसु ने चेलों को मिशन प्रदान किया कि वे सुसमाचार का प्रचार करें न कि येरूसालेम में ठहरे रहें।″ येसु की इच्छा थी कि वे सुसमाचार प्रचार हेतु बाहर जायें।

संत पापा ने कहा कि हमें वहाँ जाना है जहाँ लोग येसु को नहीं जानते तथा जहाँ येसु पर अत्याचार हो रहा है अथवा वहाँ, जहाँ सुसमाचार के प्रचार हेतु येसु विकृत किये जा रहे हैं।

उन्होंने सुसमाचार की घोषणा करने हेतु भेजते हुए कहा कि एक प्रचारक का जीवन सुरक्षित नहीं होता और न ही उसके लिए कोई आश्वासन ही, यदि वह आश्वासन की खोज करता है तो वह सुसमाचार का सच्चा प्रचारक नहीं है। संत पापा ने कहा कि एक प्रचारक सुसमाचार की घोषणा करने के क्रम में चलता ही रहता है, भौतिक राह पर, आध्यात्मिक राह पर तथा कष्टों की राह पर।

संत पापा ने गौर किया कि मारकुस जिनके गुरु संत पेत्रुस थे उन्होंने विनम्रता पूर्वक सुसमाचार की घोषणा की क्योंकि खुद ईश पुत्र ने अपने को विनम्र बनाया। संत पापा ने सचेत किया कि सुसमाचार की घोषणा मानवीय शक्ति से सम्भव नहीं है और न ही उसे ऊपर चढ़ने एवं होड़ की भावना से पूरा किया जा सकता है। अतः प्रत्येक प्रचारक को विनम्र बनने की आवश्यकता है।

संत पापा ने प्रश्न किया कि इस विनम्रता की आवश्यकता क्यों है? उन्होंने कहा क्योंकि हम विशेषकर, दीनता एवं महिमा का प्रचार करते हैं। उन्होंने इस बात के प्रति भी सचेत किया कि सुसमाचार के प्रचार में प्रलोभन हैं, सत्ता, घमण्ड, मोह-माया और कई अन्य तरह के प्रलोभन का।

संत पापा ने इस बात पर भी गौर किया कि यदि कोई ख्रीस्तीय दावा करता है कि उसे सुसमाचार की घोषणा में प्रलोभन कभी नहीं हुआ, इसका अर्थ है कि वह उस चीज का प्रचार कर रहा है जिसकी आवश्यकता नहीं है और जिसके कारण शैतान को उससे कोई भय नहीं है। इसलिए सच्चे प्रचार में प्रलोभन एवं अत्याचार दोनों का अनुभव निश्चित है किन्तु हम घबरायें नहीं कितनी भी परेशानी क्यों न हो प्रभु हमारा साथ अवश्य देंगे क्योंकि उन्होंने इसकी प्रतिज्ञा की है।

संत पापा ने कहा, ″प्रभु हमें सांत्वना प्रदान करते एवं आगे बढ़ने हेतु शक्ति देते हैं, क्योंकि जब हम निष्ठा के साथ सुसमाचार का प्रचार करते हैं तो वे हमारे साथ कार्य करते हैं।″ उन्होंने कृपा की याचना की कि हम दीनता के साथ सुसमाचार के प्रचार हेतु बाहर निकल सकें तथा सच्चे सुसमाचार की घोषणा कर सकें।


(Usha Tirkey)

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