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प्रेस कॉन्फ्रेंस : फातिमा शांति का संदेश है

In Church on May 15, 2017 at 2:50 pm

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वाटिकन सिटी, सोमवार, 15 मई 2017 (वीआर सेदोक) : शनिवार 13 मई को पुर्तगाल की प्रेरितिक यात्रा से वापस रोम लौटते वक्त विमान में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान संत पापा फ्राँसिस ने संवादाताओं द्वारा अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के साथ उनकी आगामी बैठक, संत पियुस दसवें सोसायटी से संबंधित; मेजोगोरेया में मरियम दर्शन से संबंधित और सेक्स के दुरुपयोग के संकट का सामना करने हेतु कलीसिया का प्रयास आदि विषयों पर पूछे गये सवालों के जवाब दिए।

प्रेस कोंन्फरेंस की शुरुआत संत पापा की प्रेरितिक यात्रा से शुरु हुई। “फातिमा शांति का संदेश है जो मानवता के लिए 13 साल से कम उम्र के तीन बच्चों द्वारा लाई गई थी।″ संत पापा ने शांति के विषय पर जोर देते हुए कहा,″दुनिया शांति की आशा कर सकती है … हर किसी के साथ मैं शांति की बात करता हूँ!”

मरियम दर्शन प्रार्थनालय में संत पापा द्वारा की गई प्रार्थना में फातिमा के प्रसिद्ध “तीसरे रहस्य” के लिए एक स्पष्ट संकेत ″सफेद कपड़ों में धर्माध्यक्ष″ के बारे में पूछे जाने पर संत पापा ने कहा कि प्रार्थना फातिमा तीर्थालय के संचालकों द्वारा बनाई गई थी। उन्होंने सफेद और संदेश के बीच में संबंध जोड़ते हुए कहा कि फातिमा की माता मरियम सफेद कपड़ों में है, सफेद कपड़ा बपतिस्मा के समय बच्चों की निर्दोषता को प्रकट करता है। सफेद रंग द्वारा उन्होंने शांति की इच्छा, निर्दोषता और दूसरों से युद्ध नहीं करने की इच्छा को प्रकट करने की कोशिश की है। ″तीसरे रहस्य″ के बारे में संत पापा ने कहा कि सन् 2000 में कार्डिनल रात्सिंगर कलीसिया के प्रधान धर्माचार्य ने इसके बारे में सब कुछ स्पष्ट रूप से व्याख्या की थी।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के साथ उनकी आगामी बैठक के बारे में संत पापा ने कहा, ″ मैं लोगों के साथ बात किये और उनकी बातें सुने बगैर कोई न्याय नहीं करता हूँ हमारे बातचीत करने के दौरान बातें सामने आयेंगी। वे जो सोचते हैं उसे प्रकट करेंगे और मैं जो सोचता हूँ उसे बोलूँगा। प्रवासियों के बारे आप मेरा विचार जानते ही हैं। कुछ दरवाजे ऐसे हैं जो पूरी तरह से बंद नहीं हुए हैं। हमें उस दरवाजे को ढूढ़ने और प्रवेश करने का प्रयास करनी चाहिए। और आम विषयों पर बातें करते हुए एक-एक कर पायदान उपर चढना है। शांति हस्तनिर्मित है और हर दिन इसके लिए प्रयास करना है। लोगों के बीच मित्रता, पारस्परिक ज्ञान, आपसी सम्मान को प्रतिदिन बनाना पड़ता है। अन्य जो भी ईमानदारी के साथ कहता है उसका सम्मान करना चाहिए।”

कलीसिया में यौन शोषण संकट के संबंध में संत पापा ने कहा, “मैं [यौन शोषण पीड़िता] मेरी कोलिन्स से बातें की। उन्होंने मुझे स्थिति के बारे में अच्छी तरह से समझाया। वे एक अच्छी महिला हैं। वे इस मुद्दे पर पुरोहितों के साथ  प्रशिक्षण देना जारी रखेंगी। उन्होने इस आरोप को संबोधित किया कि कुछ कारणों से वहाँ बहुत सारे मामले दर्ज किये गयें हैं जिसमें देरी की जा रही है।संत पापा ने कहा कि देरी इसलिए हो रही है क्योंकि बहुत सारे मामले जमा हो गये हैं आज लगभग सभी धर्मप्रांतों में एक मूल पत्र का पालन किया जा रहा है और मुद्दे अच्छी तरह से फाईल की जा रही हैं और यह बहुत महत्वपूर्ण पहल है।”


(Margaret Sumita Minj)

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