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पवित्र आत्मा के वरदान सभी के लिए है, संत पापा फ्राँसिस

In Church on June 5, 2017 at 3:26 pm

रोम, सोमवार 5 जून 2017 ( सीएनए) : संत पापा फ्राँसिस ने शनिवार 3 जून को रोम स्थित चिरको मास्सिमुस मैदान में पेन्तेकोस्त महात्योहार के जागरण प्रार्थना हेतु एकत्रित 50 हजार से भी अधिक तीर्थयात्रियों और विश्वासियों को संबोधित करते हुए कहा, ″अच्छे कार्यों और प्रार्थना के माध्यम से हम ख्रीस्तीय एकता के मार्ग पर आगे बढ़ रहें हैं। हमें एक चीज हमेंशा याद रखनी चाहिए कि पवित्र आत्मा के वरदान सभी के लिए है।″

संत पापा ने कहा,″पवित्र आत्मा के वरदानों को आप कलीसिया में सबके साथ बांटे, प्रभु की स्तूति करते रहें। विभिन्न कलीसियाओं और ख्रीस्तीय समुदायों के साथ मिलकर प्रार्थना और गरीबों की मदद हेतु अपना योगदान दें। पवित्र आत्मा की कृपा कुछ लोगों के लिए नहीं लेकिन पूरी कलीसिया के लिए है। हम में से कोई भी मालिक और दूसरे सेवक नहीं हैं। हम सभी पवित्र आत्मा के अनुग्रह से सेवा कार्य में संलग्न हैं।″

अंतरराष्ट्रीय काथलिक करिस्माई आंदोलन द्वारा इसके 50 वर्षीय जुबली के अवसर जागरण प्रार्थना का आयोजन किया गया था। जागरण प्रार्थना में अंतरराष्ट्रीय काथलिक करिस्माई नवीनीरकण आंदोलन के धार्मिक नेता,एवांजेलिकल, पेंटेकोस्टल और अन्य ख्रीस्तीय कलीसिया के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे। अन्य धार्मिक नेताओं के अलावा संत पापा के उपदेशक फादर रानिएरो कांतालामेसा ओ.एफ.एफ. ने भी प्रवचन दिया।

सभा में उपस्थित विश्वासियों के संत पापा ने यह कहते हुए याद दिलाया कि ख्रीस्तीय एकता हेतु किया गया उनका काम सराहनीय है और इसे किन्ही भी कारणों से रुकना नहीं चाहिए। हमने बहुत ही मूल्यवान उपहार पाई है और वह है हमारा बपतिस्मा और अब आत्मा हमें मन परिवर्तन के रास्ते पर ले जाता है जो संपूर्ण ख्रीस्तीयों के लिए है।

प्रभु की स्तूति के साथ-साथ जरुरतमंदों की सेवा भी होनी चाहिए। कलीसिया के परमधर्मगुरु और कलीसिया आप काथलिक करिस्माई नवीकरण आंदोलन के हर सदस्य से अपेक्षा करती है कि आप बीमारों और गरीब से गरीब लोगों की सेवा करें।

संत पापा ने कहा,″आप अपने समुदाय का 50वी वर्षगांठ मना रहे हैं यह समय थोड़ा रुकने और चिंतन करने का उपयुक्त अवसर है। आज हम खुले आसमान तले एकत्रित हैं क्योंकि हमें किसी तरह का भय नहीं है। और ईश्वर ने जो प्रतिज्ञा की थी उसके लिए हमने अपना हृदय खोल दिया है। हम सब मिलकर स्वीकार करते हैं कि येसु ही प्रभु हैं।″

आप यब दुनिया के विभिन्न भागों से आये हैं पर पवित्र आत्मा में हम सब एक हैं। हम सब मिलकर पिता ईश्वर का अपने बच्चों के लिए प्रेम को एक साथ घोषित करते हैं। सभी लोगों के समक्ष शुभ समाचार की घोषणा करनी है! हमें यह दिखाना है कि शांति संभव है।

यह दिखाना कि शांति संभव है यह सभी समय बहुत आसान नहीं है पर येसु के नाम में हम गवाही दे सकते हैं कि दुनियां में शांति संभव है। जयंती, उत्साह, आनन्द, पवित्र आत्मा का ही फल है। जिसके हृदय में सुसमाचर प्रचार करने हेतु आनंद नहीं है इसका मतलब उसमें कुछ बात की कमी है।

संत पापा ने कहा कि वर्तमान में बहुत से ख्रीस्तीयों ने सुसमाचार के प्रचार हेतु अपने प्राणों का बलिदान दिया है। जब उन्हें अपने विश्वास के लिए मार डाला जाता है तो उनसे ये नहीं पूछा जाता है कि क्या तुम ओर्थोडोक्स हो? या काथलिक हो? या एवांजेलिकल हो? या लूथरन हो? या तुम कलवीनिस्ट हो?

संत पापा ने कहा,″आज हम ख्रीस्तीयों को एकसाथ मिलकर पवित्र आत्मा में एकजुट होकर प्रार्थना और उदारता के कार्यों को करते हुए आगे बढ़ने की जरुरत है। एक दूसरे से प्रेम करते हुए और एक साथ काम करते हुए मिलकर आगे बढ़ना है। हमें मिलकर घोषणा करनी है कि येसु ख्रीस्त ही हमारे प्रभु हैं।


(Margaret Sumita Minj)

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