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पाखंड समुदाय को नष्ट करता तथा कलीसिया को हानि पहुँचाता

In Church on June 6, 2017 at 2:52 pm

वाटिकन सिटी, मंगलवार, 6 जून 2017 (वीआर सेदोक): ″पाखंड येसु की भाषा नहीं और न ही एक ख्रीस्तीय की हो सकती है क्योंकि एक पाखंडी पूरे समुदाय को नष्ट कर सकता है।″ यह बात संत पापा फ्राँसिस ने मंगलवार को वाटिकन स्थित प्रेरितिक आवास संत मर्था के प्रार्थनालय में ख्रीस्तयाग अर्पित करते हुए प्रवचन में कही।

संत पापा ने इस बात पर बल दिया कि येसु का अनुसरण करते हुए ख्रीस्तीयों की भाषा में सच्चाई होनी चाहिए तथा उन्हें चेतावनी दी कि वे पाखंड एवं चापलूसी के चक्र में न पड़ें।

संत पापा ने प्रवचन में ″ पाखंड″ या दिखावटी शब्द पर प्रकाश डाला जिसका प्रयोग येसु ने कई बार संहिता के पंडितों के लिए किया था। उन्होंने कहा कि वे ढोंगी थे क्योंकि उनके बोलने और सोचते में सामंजस्य नहीं था।

संत पापा ने कहा कि दिखावा येसु की भाषा नहीं थी और न ही यह ख्रीस्तीयों की भाषा हो सकती है। पाखंडी हमेशा चाटुकारी करने वाला होता है। वह सच को छिपाने के लिए बढ़ा-चढ़ा कर बोलता है। यह अभिमान में बढ़ना है।

चाटुकारिता का उद्देश्य बुरा होता है। सुसमाचार पाठ हमें संहिता के पंडितों के बारे इसी बात को प्रकट करता है। उन्होंने येसु की परीक्षा करना चाहा तथा उनकी गलती पकड़ने के लिए उनसे प्रश्न किया, ″कैसर को कर देना उचित है अथवा नहीं?″

येसु ने उनकी धूर्तता समझते हुए स्पष्ट शब्दों में जवाब दिया, तुम मेरी परीक्षा लेना चाहते हो, मुझे एक दिनार दिखाओ कि उसमें किसका चेहरा और किसका लेख है। येसु ने उन चाटुकारियों को सच्चाई एवं प्रज्ञा से उत्तर दिया, ″जो कैसर का है उसे कैसर को दो और जो प्रभु का है उसे प्रभु को।″

संत पापा ने पाखंड के दूसरे पहलू पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह झूठ की भाषा है। यह उसी तरह की भाषा है जिसका प्रयोग हेवा के लिए सांप ने किया था। यह झूठी प्रशंसा से शुरू होकर लोगों को विनाश की ओर ले जाती है। यह व्यक्ति के व्यक्तित्व एवं आत्मा के बीच अलगाव लाती है। यह समुदाय को नष्ट कर डालती है। संत पापा ने सचेत किया कि जिस समुदाय में दिखावा है उसमें बहुत अधिक खतरा है अतः येसु कहते हैं उनका जवाब हाँ तो हाँ अथवा नहीं तो नहीं में होना चाहिए। संत पापा ने कलीसिया में दिखावटी के प्रभाव पर खेद व्यक्त करते हुए उन लोगों को चेतावनी दी जो नष्ट करने का वही मनोभाव धारण करते हैं।

उन्होंने विश्वासियों को प्रार्थना करने की सलाह दी कि हम प्रभु से प्रार्थना करें ताकि दिखावटी के प्रलोभन में न पड़ें तथा बुरा मनोभाव धारण न करें, प्रभु हमें कृपा प्रदान करे कि हम सच्चाई को पहचान सकें।


(Usha Tirkey)

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