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कृत्रिम आश्वासन नहीं किन्तु ख्रीस्तीय नमक एवं ज्योति के साक्षी बनें

In Church on June 13, 2017 at 4:24 pm

वाटिकन सिटी, मंगलवार, 13 जून 2017 (रेई): लोगों के लिए दीपक एवं नमक बनकर अपने जीवन से ईश्वर की महिमा करें। यह बात संत पापा फ्राँसिस ने मंगलवार को वाटिकन स्थित प्रेरितिक आवास संत मर्था के प्रार्थनालय में ख्रीस्तयाग अर्पित करते हुए प्रवचन में कही।

सुसमाचार पाठ पर चिंतन करते हुए संत पापा ने ख्रीस्तीयों से अपील की कि वे ″कृत्रिम आश्वासन″ से आकर्षित न हों किन्तु पवित्र आत्मा पर भरोसा रखें।

प्रवचन में ″जी हाँ,″ ″नमक″ एवं ″दीपक″ इन तीन चीजों पर संत पापा ने प्रकाश डाला। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि सुसमाचार निर्णयात्मक है।

कोरिंथ की कलीसिया को लिखे पत्र में संत पौलुस तीन बातों की ओर इंगित करते हैं जो सुसमाचार की शक्ति को प्रकट करता है जो ईश्वर का साक्ष्य देता एवं उनकी महिमा प्रकट करता है। हम ईश्वर की सभी प्रतिज्ञाओं को येसु में पाते हैं। येसु में सारी प्रतिज्ञाएँ पूर्ण होती हैं इस कारण वे पूर्ण हैं।

संत पापा ने कहा कि पिता की महिमा के लिए येसु हमेशा ‘हाँ’ हैं। हम उनके अनुयायी भी उनके हाँ में सम्मिलित हैं क्योंकि उन्होंने हमारा अभिषेक किया है हम पर मुहर लगाई है उन्होंने हमें पवित्र आत्मा प्रदान किया है। वही आत्मा हमें दीपक और नमक बनने में मदद देता एवं ख्रीस्तीय साक्ष्य हेतु प्रेरित करता है।

संत पापा ने कहा कि ख्रीस्तीय प्रस्ताव बिलकुल साधारण, निर्णायक एवं सुन्दर है तथा हमें आशा प्रदान करता है। उन्होंने प्रश्न किया कि क्या मैं दूसरों के लिए दीपक हूँ? क्या मैं अन्यों के लिए नमक हूँ? जो जीवन को महत्व देता तथा उसे बुराई से बचाता है।

संत पापा ने ईश्वर से प्रार्थना की कि सारी प्रतिज्ञाओं की पूर्णता येसु को ‘हाँ’ कहकर हम उनसे संयुक्त रह सकें तथा नमक एवं ज्योति बनकर पिता की महिमा का साक्ष्य दे सकें।


(Usha Tirkey)

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