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कनाडा की पर्यावरण मंत्री से संत पापा की मुलाकात

In Church on June 15, 2017 at 2:57 pm

वाटिकन सिटी, बृहस्पतिवार, 15 जून 2017 (वीआर अंग्रेजी): कनाडा की पर्यावरण मंत्री कैथरिन मैकेना ने बुधवार को, संत पेत्रुस महागिरजाघर के प्राँगण में आमदर्शन समारोह के उपरांत संत पापा फ्राँसिस से मुलाकात की।

कनाडा की पर्यावरण मंत्री बोलोग्ना में जी 7 पर्यावरण सम्मेलन में भाग लेने इटली आयी थीं तथा उन्होंने वाटिकन में शरणार्थियों एवं जलवायु परिवर्तन मुद्दों पर हुई सभा में भाग लिया।

संत पापा से मुलाकात करने के पूर्व उन्होंने वाटिकन रेडियो से कलीसिया एवं जलवायु परिवर्तन के मामलों पर संत पापा के नेतृत्व की प्रतिबद्धता पर विचार व्यक्त किया।

उन्होंने कहा कि यह ‘आसाधारण’ है एवं सचमुच ‘महत्वपूर्ण’ है क्योंकि हम जो समस्या झेल रहे हैं उसके बारे अधिक से अधिक लोगों से बातें करने की आवश्यकता है जबकि संत पापा को विश्व के सभी काथलिकों एवं उनके साथ अन्य लोगों से भी मुलाकात करने का अवसर प्राप्त है जहाँ वे इस बात की शिक्षा उन्हें दे सकते हैं कि हमारी हर गतिविधि का प्रभाव पर्यावरण पर पड़ता है।

पेरिस जलवायु समझौता से अलग होने के अमरीका के निर्णय के बाद जलवायु परिवर्तन से निपटने की संभावनाओं के बारे पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि उस निर्णय के बावजूद न केवल प्रतिबद्ध देश बल्कि विश्व भर के लोगों ने इसे बेहतर भविष्य के लिए एक मौका के रूप में स्वीकार किया है।

कनाडा के मंत्री ने परमधर्मपीठ एवं कनाडा के बीच नजदीकी संबंध पर बल देते हुए कहा कि इस मुद्दे को लेकर कनाडा और वाटिकन के बीच नजदीकी बढ़ेगी।


(Usha Tirkey)

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महाधर्माध्यक्ष कुरियाकोस कुन्नास्सेरी का निधन

In Church on June 15, 2017 at 2:53 pm

केरल, बृहस्पतिवार, 15 जून 17 (मैटर्स इंडिया): केरल स्थित कोट्टेयाम के प्रथम सिरो मलाबार महाधर्माध्यक्ष एवं नैन्या काथलिकों के आध्यात्मिक गुरु कुरियाकोस कुन्नास्सेरी का निधन 14 जून को 88 साल की उम्र में हुआ। उनका इलाज कोट्टेयाम के एक निजी अस्पताल में चल रहा था।

महाधर्माध्यक्ष के पार्थिव शरीर को 16 जून तक लोगों के दर्शन हेतु ख्रीस्तोराजा महागिरजाघर में रखा गया है। उनका अंतिम संस्कार 17 जून को अपराह्न 2 बजे उसी महागिरजाघर में सम्पन्न होगा।

महाधर्माध्यक्ष कुन्नास्सेरी का जन्म 11 सितम्बर 1928 को कोट्टेयाम जिला के काडूथूरूथेई में हुआ था। प्राथमिक शिक्षा प्राप्त करने के बाद उन्होंने एलूवा के मानगालापुजहा सेमिनरी में प्रवेश किया। पुरोहिताई की पढ़ाई हेतु वे रोम भेजे गये। उनका पुरोहिताभिषेक 21 दिसम्बर 1955 को हुआ था।

स्वर्गीय महाधर्माध्यक्ष ने परमधर्मपीठीय उर्बनियन एवं परमधर्मपीठीय लातेरन विश्व विद्यालय से डॉक्ट्रेट की उपाधि प्राप्त की थी। उन्होंने राजनीति शास्त्र में अमरीका के बोस्टन कॉलेज से मास्टर की डिग्री भी हासिल की थी।

अध्ययन समाप्त कर उन्होंने रोम में धर्माध्यक्ष थॉमस थालायिल के सचिव के रूप में सेवा दी एवं वे कोट्टेयाम धर्मप्रांत के कुलाधिपति रहे।

9 दिसम्बर 1967 को वे कोट्टायाम के सहायक धर्माध्यक्ष नियुक्त हुए। धर्माध्यक्ष थॉमस थालायिल द्वारा त्याग पत्र दिये जाने पर 5 मई 1974 को कोट्टेयाम के धर्माध्यक्ष का कार्यभार सँभाला तथा 9 मई 2005 को वहाँ के महाधर्माध्यक्ष बनें। वे 14 जनवरी 2006 को सेवानिवृत हुए थे।


(Usha Tirkey)

धर्मांतरण के झूठे आरोप पर काथलिक धर्मबहन हिरासत में

In Church on June 15, 2017 at 2:49 pm

भोपाल, बृहस्पतिवार, 15 जून 2017 (ऊकान): मध्यप्रदेश में 13 जून को एक काथलिक धर्मबहन सि. बीना जोसेफ एवं चार आदिवासी बालिकाओं को ट्रेन की यात्रा के दौरान पुलिस द्वारा कुछ समय के लिए हिरासत में रखे जाने का विरोध करते हुए धर्मगुरूओं ने उसे ख्रीस्तीयों के मुक्त गतिविधियों पर निशाना कहा है।

स्थानीय पुलिस अधिकारी एस. आर. बाग्री ने ऊका समाचार से कहा कि धर्मबहन और लड़कियों को बजरंग दल के कार्यकर्ताओं द्वारा शिकायत दर्ज कराने के कारण हिरासत में रखा गया था। उन्होंने शिकायत यह की थी कि धर्मबहन अपने साथ इन आदिवासी लड़कियों को ईसाई बनाने के लिए ले जा रही थी जो राज्य के कानून के तहत प्रतिबंधित है।

मध्य प्रदेश में एक माह के अंदर यह तीसरी घटना है जब पुलिस ने यात्रा करते हुए ईसाईयों को गिरफ्तार किया है।

रेलवे पुलिस ने 13 जून को सि. बीना जोसेफ एवं तीन आदिवासी लड़कियों को 12 घंटे के लिए हिरासत में रखा। उन लड़कियों को पड़ोसी राज्य झारखंड से मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में अध्ययन के मकसद से लिया जा रहा था।

रेलवे पुलिस ने उन्हें सातना स्टेशन जो उनके गणतव्य स्थान से 450 किलोमीटर पहले पड़ता है  यह कहते हुए रोका कि उनके विरूद्ध शिकायत के कारण उनसे पूछताछ करना है। सि. बीना जोसेफ कार्मेलाईट सिस्टर्स ऑफ सेंट तेरेसा धर्मसमाज की सदस्या है।

सिस्टर ने कहा कि उन्हें पुलिस हिरासत में 12 घंटे तक रखा गया तथा उन्हें लगभग मध्यरात्रि को रिहा किया गया।

बजरंग दल जैसे हिन्दू समूह जो भारत को हिन्दूओं का देश बनाना चाहते हैं, खुलेआम ख्रीस्तीय मिशनरियों एवं उनके साथ काम करने वालों पर हस्तक्षेप कर रहे हैं।

एशियान्यूज से बात करते हुए भोपाल के महाधर्माध्यक्ष लेओ कॉर्नेलियो ने सत्तारूढ़ पार्टी [बीजेपी, भारतीय जनता पार्टी] के साथ अपनी वफादारी और राजनीतिक गठबंधन को व्यक्त करने वाले कट्टरपंथी तत्वों के उत्पीड़न की कड़ी निंदा की तथा कहा कि यह सब पूरी तरह गलत है एवं भारतीय नागरिकों की स्वतंत्रता के विरूद्ध है।

महाधर्माध्यक्ष ने शिकायत की कि धर्मबहन ″पब्लिक परिवहन द्वारा यात्रा कर रही थी, वह पुलिस द्वारा उत्पीड़न , धमकी और अपमान की शिकार हुई है। एजेंटों का कार्य निंदनीय है। सातना पुलिस स्टेशन में लिये जाने के पूर्व धर्मबहन एवं लड़कियों को 12 घंटे हिरासत में रखा गया।″

इस मामले के लिए जिम्मेदार मजिस्ट्रेट बलबीर रमन ने कहा, “धर्मबहन के खिलाफ कोई आरोप नहीं है क्योंकि उसके साथ यात्रा कर रहीं सभी लड़कियाँ ईसाई हैं। हम सिर्फ बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के चाहने पर केस नहीं खोल सकते।″ पूछताछ के बाद सि. बीना एवं तीन लड़कियों को रिहा कर दिया गया जबकि चौथी लड़की को नाबालिगों के लिए एक केंद्र में उसके माता-पिता का इंतजार करना था।

महाधर्माध्यक्ष कॉर्नेलियो ने सत्तारूढ़ दल से संबद्ध चरमपंथी समूहों के रवैये की निंदा की जो ईसाई अल्पसंख्यक पर किसी भी तरह से प्रहार करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार इन दलों को रोकने के लिए कुछ नहीं कर रही है जो भाजपा के सत्ता में होने का लाभ उठा रहे हैं और मध्यप्रदेश में धर्मांतरण विरोधी कानून का दुरुपयोग किया जा रहा है।


(Usha Tirkey)

बाल श्रम के खिलाफ संघर्ष हेतु दिल्ली पुलिस सी.आर.वाई के साथ

In Church on June 15, 2017 at 2:47 pm

नई दिल्ली, बृहस्पतिवार, 15 जून 2017 (मैटर्स इंडिया): वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बतलाया कि सोमवार को जब बाल मजदूरी के खिलाफ विश्व दिवस मनाया गया, दिल्ली पुलिस ने ग़ैरसरकारी स्वयंसेवकों के साथ खोये हुए बच्चों को खोजने एवं बाल मजदूरी के खिलाफ संघर्ष करने का निश्चय किया।

पुलिस के विशेष आयुक्त देवेन्द्र पाठक ने पत्रकारों से बातें करते हुए कहा, ″दिल्ली पुलिस ने बाल अधिकार एवं आप (सी आर वाई) से संबंधित जानकारी साझा करने का निश्चय किया है ताकि खोये हुए बच्चों को प्राप्त किया जा सके तथा बाल मजदूरी के खिलाफ जागरूकता लाने के कार्यक्रमों का संचालन किया जा सके।

उन्होंने कहा कि यह प्रतीकात्मक संबंध होगा। सीआरवाई का एक अखिल भारतीय नेटवर्क है। इसके द्वारा हम खोये हुए बच्चों को यथास्थान कर सकते हैं। बाल मजदूरी के खिलाफ जागरूकता के द्वारा हम उन्हें मदद देंगे और इससे संबंधित जानकारियाँ हम उन्हें उपलब्ध करायेंगे।

सी.आर.वाई के निदेशक वात्साला मामगेईन ने कहा, ″स्थानीय पुलिस स्टेशनों के युवा कल्याण अधिकारी बाल श्रम पर जागरूकता कार्यक्रमों के लिए जमीनी स्तर पर हमारे साथ आ रहे हैं।″

सी.आर.वाई. के सदस्यों ने कहा कि बाल श्रम की जाँच करने के लिए जागरूकता अत्यन्त महत्वपूर्ण है।

सी.आर.वाई के प्रवक्ता जाया सिन्ह ने कहा, ″ट्रैफ़िक संकेतों के पास अथवा सड़कों पर हम बच्चों को पैसे देते हैं या उनसे चीजें खरीदते हैं, लेकिन ऐसा करके उनकी मदद करने के बजाय, हम उन्हें नुकसान पहुंचा रहे हैं।″ लोगों को ऐसा करने से रोका जाना चाहिए। इन बच्चों के पीछे एक गठजोड़ है जो बच्चों का उपयोग करता है क्योंकि वह जानता है कि वे उनके लिए फायदेमंद हैं। यदि लोग बच्चों से समान खरीदना छोड़ देंगे तब गठजोड़ खुद ब खुद टूट जाएगा।

बाल श्रम के विरूद्ध जागरूकता लाने हेतु पुलिस अधिकारी एवं आम नागरिकों ने इंडिया गेट के पास, शाम 6 बजे करीब 1000 की संख्या में जमा होकर इस पहल को चिन्हित करने के लिए एक मानव श्रृंखला का निर्माण किया।

विदित हो कि भारत में 33 मिलियन से अधिक बाल श्रमिक हैं जो 18 साल से कम उम्र के हैं जिनमें 10.13 मिलियन 14 साल से कम उम्र के बच्चे हैं। सी.आर.वाई के अनुसार 2001 से 2011 के बीच भारत में काम करने वाले 5 से 9 साल के बच्चों की औसत वृद्धि 37 है।


(Usha Tirkey)

तमिलनाडु अधिकारियों पर आक्रमण में आठ गिरफ्तार

In Church on June 15, 2017 at 2:45 pm

जयपुर, बृहस्पतिवार, 15 जून 2017 (मैटर्स इंडिया): पुलिस ने बृहस्पतिवार को कहा कि तमिलनाडू के अधिकारियों द्वारा कानूनी तरीके से राजस्थान के बाड़मेर ले जाती गायों पर कथित गौ रक्षक दल द्वारा आक्रमण के आरोप में आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

घटना रविवार की है जब 250 गौ रक्षकों ने गायों को ले जा रही ट्रकों पर हमला किया एवं उसपर पत्थर फेंके। हमले में एक व्यक्ति को मामूली चोट आयी है।

कुल 50 गायों एवं 30 बछड़ों को पाँच अलग-अलग ट्रकों में ले जाया जा रहा था।

वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, ″हमने 50 लोगों पर प्राथमिकी दर्ज करायी है और आठ लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। अन्य आरोपियों की खोज जारी है।″

उन्होंने कहा कि ″उन सात पुलिस अधिकारियों पर भी कर्रवाई की जा रही है जिन्होंने अपना कर्तव्य नहीं निभाया है।″

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार 250 लोगों के उस दल ने ट्रक में सवार लोगों को पीटा तथा ट्रक में आग लगाने की कोशिश की।

उन्होंने बतलाया कि तमिलनाडु के अधिकारियों को छुड़ाने में पुलिस को काफी मेहनत करनी पड़ी। उन्हें ट्रक, ट्रक ड्राईवर एवं सफाई करने वालों का साथ देना पड़ा।


(Usha Tirkey)

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