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दक्षिणी सूडान की सहायता हेतु संत पापा का अनुदान

In Church on June 22, 2017 at 4:24 pm

वाटिकन सिटी, बृहस्पतिवार, 22 जून 17 (वीआर अंग्रेजी): संत पापा फ्रांसिस दक्षिणी सूडान में कलीसिया द्वारा संचालित स्कूलों, स्वास्थ्य केंद्रों एवं कृषि परियोजनाओं को आर्थिक सहायता प्रदान करेंगे।

बुधवार को वाटिकन के एक प्रेस सम्मेलन में, समग्र मानव विकास हेतु गठित परमधर्मपीठीय परिषद के अध्यक्ष कार्डिनल पीटर टर्कसन ने कारितास एवं विभिन्न धार्मिक संस्थाओं द्वारा संचालित मिशनरियों के मानवीय सहायता परियोजना की विस्तृत जानकारी पेश की। उन्होंने इस बात को भी रेखांकित किया कि परमधर्मपीठ ने युद्ध को समाप्त करने हेतु कई कदम उठाये हैं जो 2013 में पूरे देश में भड़क उठा था।

उन्होंने काह कि दक्षिण सूडान के युद्ध क्षेत्र में संत पापा अपनी यात्रा को इस साल स्थगित कर रहे हैं किन्तु संघर्ष एवं भूख के कारण पीड़ित लोगों की आवश्यकताओं के प्रति जागरूकता लाने में पहले से कहीं अधिक प्रयासरत हैं।

जानकारी के अनुसार आधा से अधिक लोगों के पास खाने के लिए पर्याप्त भोजन की कमी है डेढ़ मिलियन लोग अपने घरों से पलायन कर चुके हैं हजारों लोग हैजा की महामारी के शिकार हैं तथा असंख्य लोग हत्या, बलत्कार एवं अन्य तरह की हिंसा के शिकार हो रहे हैं।

इस बड़े पैमाने पर भूला दिये गये, युद्ध के चौंकाने वाले आंकड़ों के परे, व्यक्तिगत पीड़ितों को याद करना महत्वपूर्ण है यही कारण है कि सहायता कर्मियों ने #southsudanwecare का प्रयोग करते हुए एक ट्विटर अभियान शुरू किया है।

वाटिकन प्रेस सम्मेलन में दक्षिणी सुडान की एकात्मता संगठन की सदस्य सि. युदित पेरेईरा रिको थी। उन्होंने कहा, ″हम संख्या की बात नहीं करते बल्कि व्यक्तियों की बात करते हैं जो पीड़ित हैं। दक्षिण सुडान के युवा महिला या पुरूष किसी भी समय इस हैशटैग को क्लीक कर सकते हैं, तब उन्हें मालूम होगा कि कितने लोग उनकी चिंता करते हैं … यह नैतिक समर्थन बहुत महत्वपूर्ण है।″

संत पापा द्वारा अनुदान का एक अंश यामबीओ कॉलेज को दिया जायेगा जो शिक्षकों, नर्सों, किसानों एवं समुदाय के नेताओं के प्रशिक्षण हेतु दक्षिण सूडान द्वारा संचालित है साथ ही विभिन्न जाति के लोगों को नौकरी हेतु प्रशिक्षण प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि यह देश के लिए आशा का चिन्ह है जिसने 2011 में स्वतंत्रता हासिल की है।

संत पापा द्वारा प्रदान किया जाने वाला अनुदान सूडान के दो अस्पतालों को भी प्रदान किया जाएगा जो कम्बोनी मिशनरियों द्वारा संचालित है तथा कृषि परियोजना जो करीतास द्वारा अनुप्राणित है।

युद्ध समाप्त करने हेतु वाटिकन क्या योगदान  रहा है, इसके जवाब में कार्डिनल टर्कसन ने कहा कि वे व्यक्तिगत रूप से युद्धरत नेताओं के अध्यक्ष साल्वा कीर और उनके पूर्व डिप्टी रिक् माचर को एक साथ लाने के लिए दो प्रयासों में मध्यस्थ बनकर शामिल थे। इस चिंता के बीच कि संघर्ष पूरे क्षेत्र में फैल रहा था, केन्या के प्रेरितिक राजदूत ने पिछले दिसंबर माह में दोनों पार्टियों के बीच समझौता करने की अपील करने हेतु मशर के साथ मुलाकात की थी।

कार्डिनल ने कहा कि यद्यपि यह प्रयास असफल रहा किन्तु उन्होंने जोर दिया कि दक्षिण सूडान में युद्ध समाप्त करने हेतु परमधर्मपीठ का प्रयास जारी है। यही मूल कारण है कि संत पापा एवं कैंटरबरी स्थित अंगलिकन कलीसिया के महाधर्माध्यक्ष जस्टिन वेलबे ने वहाँ एक साथ यात्रा करने की योजना बनायी है। जिसमें उन्होंने अक्टूबर माह में यात्रा करने की सोची थी किन्तु अब इसे 2018 तक के लिए स्थगित कर दिया गया है।


(Usha Tirkey)

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