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Archive for July, 2017|Monthly archive page

लोयोला के संत इग्नासियुस के पर्व दिवस पर संत पापा का ट्वीट

In Church on July 31, 2017 at 2:12 pm

वाटिकन सिटी, सोमवार 31 जुलाई 2017 (रेई) : आज 31 जुलाई को काथलिक कलीसिया येसु समाजी धर्मसंघ के संस्थापक लोयोला के संत इग्नासियुस का त्योहार मनाती है। इस अवसर पर संत पापा फ्राँसिस जो एक येसु समाजी धर्मसंघी पुरोहित भी हैं, ट्वीट प्रेषित कर सभी को पड़ोसियों की सेवा हेतु प्रेरित किया।

संदेश में उन्होंने लिखा,″लोयोला के संत इग्नासियुस के समान दूसरों की सेवा में आइये हम भी प्रभु येसु के निर्देशन में खुद को छोड़ दें।″

इग्नासियुस का जन्म सन् 1491 ई. में स्पेन के बॉस्क स्थित लोयोला में हुआ। 26 वर्ष में वे नाम और शोहरत के लिए एक सैनिक बने। पैंपलोना के युद्ध के दौरान 20 मई 1521 ई. को वे बुरी तरह जख्मी हो गए। स्वास्थ्य लाभ के लिए वे लोयोला वापस भेजे गए। स्वास्थ्य लाभ के दौरान उन्होंने विभिन्न संतों की जीवनी पढी़। संतों की जीवनी ने उनको काफी प्रभावित किया। इग्नासियुस के मन में यह बात आई कि जब दूसरे संत बन सकते हैं तो वे संत क्यों नहीं बन सकते। इस महत्वपूर्ण और बड़े बदलाव के लिए उन्होंने खुद को शिक्षित करने की ठानी। 32 वर्ष की आयु में स्पेन के बार्सिलोना में शिक्षा प्राप्त करने गए। 45 वर्ष की आयु में मास्टर डिग्री हासिल की। इग्नासियुस ने अपने मित्रों को भी गरीबी, शुद्धता और आज्ञाकारिता का जीवन जीने हेतु उत्साहित किया। शिक्षा के माध्यम से समाज और लोगों में व्यापक बदलाव लाने के लिए 5 अगस्त सन् 1534 ई. को उन्होंने येसु समाज की स्थापना की। इसमें उनके साथ संत फ्रांसिस जेवियर और संत फाबेर का भी विशेष योगदान रहा। सन् 1548 ई. में अपनी धार्मिकता को एक पुस्तक में बांधा और सन् 1554 ई. में येसु समाज का संविधान लिखा।  65 साल की उम्र में 31 जुलाई 1556 ई. को उनका निधन हो गया। मरणोपरांत इग्नासियुस, तेरेसा ऑफ अविला, इसीदोर द फारमर, फिलिप नेरी और फ्रासिस जेवियर के साथ संत घोषित किये गये।

वर्तमान में 16,378 येसु समाजी 112 देशों में मानवता की सेवा में समर्पित हैं। 14 अक्टूबर 2016 से येसु समाज धर्मसंघ के 31वें परमाधिकारी वेनेजुएला स्थित काराकास निवासी फादर अरतूरो सोसा येसु धर्मसंधियों का नेतृत्व कर रहे हैं।


(Margaret Sumita Minj)

‘मानव तस्करी के खिलाफ विश्व दिवस’ पर संत पापा ने पीड़ितों के लिए प्रार्थना की

In Church on July 31, 2017 at 2:11 pm

वाटिकन सिटी, सोमवार 31 जुलाई 2017 (वा. रेडियो) :   संत पापा फ्राँसिस ने रविवार 30 जुलाई को ‘मानव तस्करी के खिलाफ विश्व दिवस’ पर मानव तस्करी के शिकार पीड़ितों के लिए प्रार्थना की।

संत पेत्रुस महागिरजाघर के प्रांगण में एकत्रित हजारों तीर्थयात्रियों और विश्वासियों के साथ देवदूत प्रार्थना का पाठ करने के बाद संत पापा ने कहा,“आज हम मानव तस्करी के खिलाफ विश्व दिवस पर तस्करी के शिकार लोगों और तस्करों के हृदय परिवर्तन के लिए माता मरिया से प्रार्थना करें।” इतना कहने के बाद संत पापा ने विश्वासियों के साथ प्रणाम मरियम प्रार्थना का पाठ किया। संत पापा ने आधुनिक समय की इस गुलामी को “एक पथभ्रष्ट प्लेग” कहा।

संत पापा ने कहा, “हर साल, हजारों निर्दोष पुरुष, महिलाएं और बच्चे यौन और अंग तस्करी के शिकार बनते हैं और ऐसा लगता है कि हम इसे सामान्य बात के रूप में देखने के आदी हो गये हैं। यह बहुत ही बुरा है, यह क्रूर है और यह अपराधिक है!”

इसी दिन संत पापा फ्राँसिस ने ट्वीट प्रेषित कर विश्व के सभी लोगों को आधुनिक दास्ताओं के खिलाफ आवाज उठाने और ठोस कदम उठाने का आह्वान किया

उन्होंने संदेश में लिखा, “हम सभी धर्मों के विश्वासियों और अच्छे लोगों से आह्वान करते हैं कि आधुनिक गुलामी के सभी रूपों का विरोध करें और इसपर कार्रवाई करने का ठोस कदम लें।”


(Margaret Sumita Minj)

खलदेई कलीसिया ने अलकोश में “युवा महोत्सव” का आयोजन किया

In Church on July 31, 2017 at 2:09 pm

अलकोश, सोमवार 31 जुलाई 2017 (वा. रेडियो) : इराक के विभिन्न राज्यों से 550 से अधिक लड़कों और लड़कियों ने नीनवे मैदान के अलकोश शहर में आयोजित “युवा महोत्सव” में भाग भाग लिया। बाबुल के खलदेई कलीसिया के धर्माध्यक्ष के संरक्षण में महोत्सव का आयोजन किया गया था।

प्रार्थना, आत्मनिरीक्षण और समारोह 27 जुलाई बृहस्तपतिवार की शाम को शुरु हुई। समारोह के दौरान खलदेई धर्माध्यक्ष लूईस रफाएल चाको  ने युवाओं से मुलाकात की। उनसे मिलकर अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि वे समारोह में भाग लेने हेतु इतनी बड़ी संख्या में आये युवकों और युवतियों को देखकर और उनसे मिलकर उसे बड़ी प्रसन्नता हुई। देश के बड़े क्षेत्र और मोसुल वर्षों से जिहादियों के कब्जे में रहने के बाद वे आदिवासी ख्रीस्तीय समुदायों और सभी इराकियों के लिए नई सीरे से शुरुआत करना चाहते हैं।

अलकोश शहर में अधिकांश खलदेई खीस्तीय रहते हैं यह इराक के सीमा क्षेत्र के समीप होने की वजह से तान वर्षों से इस इलाके में इस्लामी राज्य के जिहादियों का कब्जा था।

बृहस्तपतिवार 27 जुलाई को कुरदिस्तान डेमोक्रेटिक पार्टी द्वारा नियंत्रित नीनवे प्रांत की परिषद द्वारा खलदेई काथलिक लारा युस्सिफ ज़ारा अलकोश शहर के नये मेयर नियुक्त किये गये।


(Margaret Sumita Minj)

डर के साए में रोहिंग्या मुसलमान

In Church on July 31, 2017 at 2:08 pm

न्यूयार्क, सोमवार 31 जुलाई 2017 (यू एन समाचार) : संयुक्त राष्ट्र की एक मानवाधिकार विशेषज्ञ एवं म्यामांर के लिए संयुक्त राष्ट्र की विशेष मानवाधिकार दूत यंगी ली ने म्यामांर की अपनी यात्रा के बाद अपने बयान में कहा कि म्यामांर में सरकारी सेनाओं द्वारा रोहिंग्या मुसलमानों को मानव ढाल के तौर पर इस्तेमाल करने की ख़बरें मिलने के बाद उनमें बहुत डर बैठ गया है।

नोबेल शान्ति पुरस्कार विजेता आंग सान सू ची की सरकार बनने के बाद यंगी ली की ये तीसरी यात्रा है। इससे पहले जनवरी 2017 में उन्होंने म्यामांर की यात्रा की थी। उनका कहना था कि इन छह महीनों के दौरान रखाइन प्रान्त में अल्पसंख्यक रोहिंग्या मुसलमानों के हालात में कोई सुधार नहीं आया है।

रोहिंग्या मुसलमान अपने साथ और आसपास होने वाली हिंसा से बहुत डरे हुए हैं। यंगी ली ने रखाइन प्रान्त में रहने वाले रोहिंग्या मुसलमानों की हालत पर गहरी चिन्ता जताई है। इसके अलावा काचिन और शान प्रान्तों में भी मुसलमानों के हालात बहुत ख़राब हैं।

रखाइन प्रान्त में क़रीब पाँच साल पहले म्यामाँर के बौद्धों और रोहिंग्या मुसलमानों के बीच साम्प्रदायिक दंगे हुए थे जिनमें रोहिंग्या मुसलमानों को निशाना बनाया गया था। तब बेघर हुए क़रीब एक लाख बीस हज़ार रोहिंग्या मुसलमान आज पाँच साल बाद भी शरणार्थी शिविरों में रहने को मजबूर हैं।

यंगी ली का कहना था कि उन्हें म्यामांर के सुरक्षा बलों द्वारा रोहिंग्या मुसलमानों को हिंसा का निशाना बनाने के बारे में लगातार खबरें मिल रही हैं। रोहिंग्या समुदाय में ही कुछ कट्टरपंथी ऐसे मुसलमानों को निशाना बना रहे हैं जिन्होंने नागरिता के लिए अर्ज़ी दी हैं।

उन्हें ऐसी भी ख़बरें मिली हैं कि सरकारी बलों ने रोहिंग्या मुसलमानों को मानव ढाल के तौर पर इस्तेमाल किया है।

साथ ही संदिग्ध विद्रोहियों को सरकारी सेनाओं की वर्दी पहनाई जाती है और उन्हें लड़ने के लिए मजबूर किए जाने के अलावा प्रताड़ित भी किया जाता है।

यंगी ली ने कहा कि म्यामार में जब तक मानवाधिकारों की स्थिति में ठोस सुधार नहीं आता है, तब तक इस देश पर कड़ी निगरानी जारी रहेगी।


(Margaret Sumita Minj)

बांग्लादेश की कलीसिया द्वारा संचालित महाविद्यालयों के सर्वोत्तम परिणाम

In Church on July 31, 2017 at 2:06 pm

ढाका, सोमवार 31 जुलाई 2017 (उकान) : बांग्लादेश में काथलिक कलीसिया द्वारा संचालित शिक्षा संस्थानों ने अपना उत्कृष्ट अकाडेमिक प्रदर्शन किया है।

23 जुलाई को बांग्लादेश के सभी उच्चतर माध्यमिक कॉलेजों के परीक्षा परिणाम प्रकाशित किये गये। 8771 संस्थानों से 12 लाख छात्रों ने परीक्षा दी थी। 68.91 प्रतिशत छात्र उत्तीर्ण हुए जबकि 2016 में 74.70 प्रतिशत छात्र उत्तीर्ण हुए थे।

काथलिक कलीसिया द्वारा संचालित 10 शिक्षा संस्थानों से 97.75 प्रतिशत छात्रों ने पास किया।

बांग्लादेश काथलिक शिक्षा बोर्ड के सचिव ज्योति एफ. गोमेस ने कहा कि इस वर्ष भी बांग्लादेश की काथलिक कलीसिया द्वारा संचालित शिक्षा संस्थानों ने अपना उत्कृष्ट अकाडेमिक प्रदर्शन किया है।

गोमेस ने उकान्यूज से कहा,”बांग्लादेश में कलीसिया का प्रमुख प्रेरितिक कार्य शिक्षा है। हम हमेशा शिक्षा की गुणवत्ता के लिए प्रतिबद्ध हैं। नियमित कक्षाओं, प्रयोगशाला सत्रों, सह पाठयक्रम गतिविधियों और परीक्षा के अलावा हम उनके मन को प्रबुद्ध के लिए नैतिक मूल्यों पर भी शिक्षा प्रदान करते हैं।”

उन्होंने कहा, “हमारी शिक्षा संपूर्ण मानव विकास के लिए है हमारे विद्यार्थी उच्च शिक्षा संस्थानों में प्रवेश करते हैं और अपनी योग्यता को विकसित कर अच्छे परिणाम से पास होते हैं। वे व्यक्तिगत तथा व्यावसायिक जीवन में महान सफलता प्राप्त करते हैं।″

इस वर्ष ढाका का नोट्रे डेम कॉलेज रैंकिंग तालिका में शीर्ष पर है 99.25 प्रतिशत छात्रों ने पास किया है। यह बांग्लादेश के बेहतरीन कॉलेजों में माना जाता है। कॉलेज के प्रिंसिपल होली क्रॉस फादर हेमंता पी. रोजारियो ने उकान्यूज से कहा, ” परीक्षा रिजल्ट में हम हमेशा शीर्ष पर या शीर्ष के आस-पास ही रहते है, लेकिन यह हमारा लक्ष्य नहीं है। हमारा प्राथमिक उद्देश्य व्यापक और गुणवत्ता की शिक्षा देना है।”

बांग्लादेश में अल्पसंख्यक होने के बावजूद ख्रीस्तीय और काथलिक कलीसिया शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

काथलिक कलीसिया एक विश्वविद्यालय, 13 महाविद्यालय, 580 प्राथमिक और मध्य विद्यालय चलाती है जिसमें प्रतिवर्ष करीब 1 लाख विद्यार्था शिक्षा पाते हैं। अधिकांश छात्र मुस्लिम हैं।


(Margaret Sumita Minj)

वेनेजुएला में संसदीय चुनाव के पूर्व प्रदर्शन पर रोक

In Church on July 28, 2017 at 3:17 pm

वेनेजुएला, शुक्रवार, 28 जुलाई 2017 (वीआर) वेनेजुएला के अधिकारियों ने रविवार को होने वाले संसदीय चुनाव के पूर्व विरोध प्रदर्शन पर रोक लगा दी है।

संवाददाता जेम्स ब्लेर्स ने बतलाया कि चुनाव के पूर्व विरोध-प्रदर्शन पर पाबंदी शुक्रवार से शुरू होगी जो मंगलवार तक जारी रहेगा। इस दौरान 545 सीटों हेतु संसदीय चुनाव संपन्न कराये जायेंगे।

वेनेजुएला के गृहमंत्री नेस्तोर रेभेरोल ने देश के नागरिकों के चेतावनी देते हुए कहा कि नियम का उल्लंघन करने वालों के पाँच से दस साल की सज़ा हो सकती है। इस चेतावनी के बावजूद विपक्ष ने इस बात की घोषणा पहले ही की है कि शुक्रवार को भारी संख्या में विरोध-प्रदर्शन किया जायेगा।

राष्ट्रपति निकोलस मदुरो ने विपक्ष को वार्ता हेतु निमंत्रण देते हुए कहा है कि आप विरोध के मार्ग का परित्याग करें।” उन्होंने इस बात पर बल देते हुए कहा कि चुनाव अपने स्थान पर यथावत होंगे जबकि विपक्ष ने कहा कि हम इसका बहिष्कार करते हैं और हम इसके विरूद्ध प्रदर्शन करेंगे।

उधर अमेरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इस बात की प्रतिज्ञा करते हुए कहा कि वेनेजुएला में संसदीय चुनाव देश के अर्थिक विकास में तीव्रता लाएगी।


(Dilip Sanjay Ekka)

जैक्स हैमेल की शहादत की प्रथम बरसी पर संत पापा का इंस्टेग्राम

In Church on July 28, 2017 at 3:15 pm

वाटिकन सिटी, शुक्रवार, 28 जुलाई 2017 (रेई) संत पापा फ्राँसिस ने फ्रांस के पुरोहित जैक्स हैमेन की शहादत की पहली वर्षगाँठ पर एक इंस्टेग्राम प्रेषित किया।

अपने प्रेषित तार संदेश में उन्होंने लिखा, “आज हम पुरोहित जैक्स हैमेल के संग हमारे समय के अन्य शहीदों की याद करते हैं जिन्होंने दूसरों की सेवा हेतु अपने प्राण निछावर कर दिये।”

संत पापा ने अपने इंस्टेग्राम के माध्यम शहीद पुरोहित के आदर में रूवेन महाधर्मप्रान्त के संत एतियेन डू-रोवारे में आयोजित कार्यक्रम में अपनी सहभागिता जताई। इस कार्यक्रम में फ्राँस के राष्ट्रपति इम्‍मानुएल मैक्रोन ने भी भाग लिया। 26 जुलाई को शहीद पुरोहित जैक्स के आदर में आयोजित समारोह पूरे संचार माध्यमों में छाया रहा। यह इस बात से जाहिर होता है कि संत पापा के इंस्टेग्राम को एक लाख बाईस हजार दो सौ लोगों ने पसंद किया जबकि 740 लोगों ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की।
विदित हो कि पुरोहित जैक्स हैमेल की हत्या विगत साल 26 जुलाई को दो इस्लामी आतंकवादियों ने गला कट कर उस समय कर दी थी, जब वे मिस्सा बलिदान अर्पित कर रहे थे।


(Dilip Sanjay Ekka)

कार्डिनल पियेत्रो परोलीन की सितम्बर में मास्को यात्रा

In Church on July 28, 2017 at 3:13 pm

वाटिकन रेडियो, शुक्रवार, 28 जुलाई 2017 (वी आर) वाटिकन राज्य के सचिव कार्डिनल पियेत्रो परोलीन सितम्बर के महीने में मास्को की प्रेरितिक यात्रा करेंगे।

पिछले दो सालों में रूस की उनकी यह यात्रा बेलरुस और उक्रेन के बाद आती है जिसका उद्देश्य वाटिकन का पूर्वी यूरोप के साथ एक प्रगाढ़ संबंध बनाने और वहाँ के ख्रीस्तियों को धर्म में मदद पहुँचाने से संबंधित है।

इतालवी समाचार पत्र “इल सोले भेन्दीक्वत्रो ओरे” को दिये गये एक विशेष साक्षात्कार में वाटिकन राज्य के सचिव ने कहा कि वाटिकन ने पूर्वी यूरोप के ख्रीस्तियों को उनके अंधकारमय के दौर में कभी सहायता की कमी महसूस होने नहीं दी है।

जार निकोलन प्रथम की संत पापा ग्रेगोरियुस 16वें से सन् 1845 में की गई दो मुलाक़ातों और संत पापा पीयूस 9वें की परमधर्माध्यक्षीय अवधि के दौरान दोनों सरकारों के बीच एक समझौते की याद करते हुए उन्होंने कहा कि यह रूस और पोलैण्ड के प्रान्तों में लातीनी धर्माध्यक्षीय खालीपन को भरने में मददगार सिद्ध हुआ।

उन्होंने वाटिकन और रूस के बीच लगातार चले आ रहे संबंध को धैर्य, रचनात्मक और सम्मानजनक वार्ता की संज्ञा दी।

वर्तमान समय में युद्ध और तनाव की स्थिति देखते हुए शांति व्यवस्था के बारे में उन्होंने कहा,“देश में शांति व्यवस्था और विभिन्न कठिनाई का समाधान करना किसी भी देश की प्राथमिकता होनी चाहिए। हमारे बीच कोई जीतने और कोई हारने वाला न हो और मैं विश्वास करता हूँ कि परमधर्मपीठ ने इस मुद्दे को हमेशा बल दिया है।”

उन्होंने विश्व में धर्म के नाम हो रहे हिंसक घटनाओं के बारे में कहा कि आज हमें धार्मिक स्वतंत्रता को बनाये रखने की जरूरत है। उन्होंने पर्यावरण की सुरक्षा और देख-रेख के बारे में अमेरीका पर अपनी आशा को व्यक्त करते हुए कहा कि हमें अपने सामान्य घर के रख-रखाव की चिंता करते हुए गरीबी और असमानता को कम करने के आलवे अपने हृदयों को प्रवासियों और शरणार्थियों के लिए भी खोलने की जरूरत है।

“काथलिक कलीसिया की कूटनीति, शांति की कूटनीति है।” इस बात की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि यह राजनीति, कोई आदर्श या अर्थव्यवस्था के लाभ से प्रभावित नहीं है और यही करण है कि हम स्वतंत्रता पूर्व सभों की भलाई का पथ चुनते और अपने व्यक्तिगत स्वार्थ का परित्याग करते हैं।


(Dilip Sanjay Ekka)

आतंकवाद का सामना करने हेतु मिस्र के अधिकारियों की पहल

In Church on July 28, 2017 at 3:12 pm

वाटिकन रेडियो, शुक्रवार, 27 जुलाई 2017 (वीआऱ) मिस्र के राष्ट्रपति और देश के धार्मिक उच्च अधिकारियों ने आतंकवाद का सामना और कट्टरता के विरूद्ध लड़ाई हेतु एक नये मापदण्ड तैयार किये हैं।

राष्ट्रपति अब्दुल-फताह अल-सीसी ने बुधवार को आतंकवाद और कट्टरता का सामना करने हेतु राष्ट्रीय परिषद् की घोषण की। इसमें 10 सरकारी मंत्रियों, अल-अजहर के ग्रैंड इमाम, कॉप्टिक कलीसिया के प्रधिधर्माध्यक्ष तवादोस द्वितीय, मिस्र के पूर्व ग्रैंड मुफ्ती और संसदीय अध्यक्ष शामिल होंगे। इसकी अध्यक्षता राष्ट्रपति अल-सीसी खुद करेंगे।

वाटिकन रेडियो की लिदिया हिचेन ने बतलाता कि मिस्र के नये राष्ट्रीय परिषद् को धार्मिक संस्थानों और सुरक्षा अधिकारियों से मिलकर एक नई रणनीति तैयार करने का कार्य भार सौंपा गया है जिससे वे धार्मिक वार्ता को प्रोत्साहित करने के साथ आतंकवाद से संबंधित कानून में संशोधन को प्रस्तावित कर सकें।

राष्ट्रपति ने इसकी शुरूआत अप्रैल महीने में खजूर रविवार को हुए बम धमाके के बाद की जिसमें 45 लोग मारे गये थे और 100 से अधिक लोग घायल हो गये थे।

इसी बीच सुन्नी मुस्लिमों के सर्वोच्च धार्मिक विश्वविद्लाय अल-अज़हर ने कैरो से सबसे व्यस्ततम भूमिगत पड़ाव में एक कियॉस्क का निर्माण किया है जो बाहर से आने वाले तीर्थयात्रियों को धार्मिक सलाह प्रदान करेगा।

मुस्लिम आतंकवाद का सामना करने के उद्देश्य से दो सप्ताह पहले शुरू किये गये इस पहल ने करीबन 2000 लोगों को मदद पहुँचाई है। यात्रियों ने इस पहल का स्वागत करते हुए अन्य पड़ावों पर भी कियॉस्क के निर्माण की माँग की है। हालांकि, आलोचकों ने धार्मिक प्रवचन के आधुनीकरण में नाकाम रहने हेतु 1000 वर्षीय अल-अजहर पर आरोप लगाते हुए कहा कि नई पहल के द्वारा अल्पसंख्यक युवा आतंकवाद का मुकाबला करने में नाकामयाब रहे हैं।


(Dilip Sanjay Ekka)

पाकिस्तान काथलिक धर्माध्यक्षों ने लाहौर आत्मघाती हमले की निंदा की

In Church on July 28, 2017 at 3:10 pm

पाकिस्तान, शुक्रवार, 28 जुलाई 2017 (वीआर) पाकिस्तान के काथलिक धर्माध्यक्षों ने पूर्वी लाहौर में 24 जुलाई को हुए एक तालिबानी आत्मघाती हमले की निंदा की है जिसमें 26 लोगों के आलवे 9 पुलिस कर्मी मारे गये जबकि 54 अन्य घायल हो गये।

पाकिस्तान काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन के राष्ट्रीय न्याय और शांति सम्मेलन ने कहा, “निर्दोष लोगों और सुरक्षाकर्मियों की हत्या करना अस्वीकार्य है।”

पुलिसवालों ने घटना के संबंध में कहा कि लाहौर शहर से बाहर कोट लाखपेट सब्जी बाजार में एक आत्मघाती हमलावर ने सुरक्षा कर्मी पुलिसवालों को निशाना बनाया। इस हमले की जिम्मेदारी तहरीक-ए-तालिबान के आतंकवादी संगठन ने ली है।

इस हमले में युवा आत्मघाती की ओर ध्यान आकृष्ट करते हुए एनसीजेपी के अधिकारियों ने अपने एक वक्तव्य में कहा कि पाकिस्तान में हुए हाल के हमलों में कम उम्र के युवाओं का इस्तेमाल किया जा रहा है। “आतंकवादी दल हिंसा और विध्वंस के कार्यों हेतु युवाओं का उपयोग कर रहें हैं। हमें अपनी राजनीति-धार्मिक या सांस्कृतिक विभिन्नता के बावजूद अपने बच्चों को इस नरक में जाने से बचाने हेतु एकजुट होने की जरूरत है। हमें सरकारी आधिकारिकों से मिलकर आतंकवाद का मुकाबला करने की आवश्यकता है।”

फैसलाबाद के धर्माध्यक्ष जोसेफ अरसद ने कहा, “असुरक्षा के कारण हमारा जीवन अनिश्चित लगता है और देश के नागरिक तो और भी असुरक्षित महसूस करते हैं।” पाकिस्तान के धर्माध्यक्षों ने अधिकारियों से मांग की कि वे दोषियों को सज़ा दिलायें और असहिष्णुता की जड़ों को खत्म करने की कोशिश करें जिससे देश के नागरिक सुरक्षा का अनुभव कर सकें।

लाहौर में सुसमाचार प्रेरितिक कार्य में संलग्न प्रचारक ने एशिया न्यूज से कहा, “हमारे देश में लोग मानवता को भूल गये हैं। आतंकवादी इस्लाम का सम्मान नहीं करते। देश में शांति स्थापित तब तक नहीं हो सकती जब तब सरकार कट्टरवादी इमामों और अवैध आतंकवादी दलों के साथ कड़ाई से पेश नहीं आती है।”


(Dilip Sanjay Ekka)

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