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एफएओ के 40वें आमसभा सम्मेलन के प्रतिभागियों को संत पापा का संदेश

In Church on July 3, 2017 at 2:37 pm

रोम, सोमवार, 3 जुलाई 2017(रेई) : रोम में आयोजित एफएओ की 40वीं  आमसभा सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में संत पापा फ्राँसिस ने प्रतिभागियों को संदेश दिया।

संत पापा ने रोम में आयोजित विश्व कृषि और खाद्य आपूर्ति संगठन (एफएओ) की 40वीं आमसभा सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में उपस्थित ना हो पाने पर खेद प्रकट किया और कहा कि उनके संदेश को वाटिकन राज्य सचिव कार्डिनल पियेत्रो परोलीन पढ़ कर सुनाएंगे।

संत पापा ने विश्व कृषि और खाद्य आपूर्ति संगठन के निदेशक तथा अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधियों का अभिवादन कर कहा कि आप लोग कृषि उत्पादन और खाद्य आपूर्ति मुद्दों पर विचार विमर्श करने एकत्रित हैं आप पर लाखों लोगों की उम्मीदें टिकी हुई हैं।

संत पापा ने कहा कि परमधर्मपीठ अंतरराष्ट्रीय समुदाय के कामों को करीब से देखता है। विकास लक्ष्यों को बढ़ावा न केवल सिद्धांतों के रुप में बल्कि भूख और कुपोषण के उन्मूलन हेतु अपने वास्तविक प्रयासों से सहायता करना चाहता है।

हम सभी जानते हैं कि हर किसी को अपनी रोजमर्रा की रोटी प्रदान करने का इरादा पर्याप्त नहीं है। बल्कि, यह समझने की आवश्यकता है कि सभी को इसका अधिकार है और इसलिए उन्हें इसके लाभ से अवगत कराना होगा। अगर हम जारी किये गये लक्ष्य को प्राप्त नहीं कर पाये हैं तो काफी हद तक इसका कारण ‘एकता की संस्कृति’ की कमी है। इसी की वजह से अन्य अंतरराष्ट्रीय गतिविधियाँ आगे बढ़ने में विफल हो जाती हैं।

प्रत्येक देश की प्रतिबद्धता पोषण के स्तर को बढ़ाने, कृषि गतिविधि और ग्रामीण आबादी की जीवन शैली में सुधार लाने, कृषि क्षेत्र को प्रोत्साहन देने, उत्पादन में वृद्धि या खाद्य आपूर्ति के प्रभावी वितरण को बढ़ावा देना चाहिए। हालंकि यह पर्याप्त नहीं है वस्तुतः हर व्यक्ति को गरीबी और भूख से मुक्त होने का अधिकार पूरे मानव परिवार के कर्तव्यों पर निर्भर करता है जो जरूरत के मुताबिक उनको व्यावहारिक सहायता प्रदान करते हैं।

जब एक देश गरीबी, जलवायु परिवर्तन या असुरक्षा की स्थितियों की वजह से आवश्यकताओं की पूर्ति करने में असमर्थ हैं तो एफएओ और अन्य अंतरसरकारी संस्थानों को विशेष रूप से हस्तक्षेप करने और पर्याप्त ठोस कार्रवाई करने में सक्षम होना चाहिए। चूँकि ईश्वर द्वारा बनाई गई वस्तुएँ सभी लोगों के लिए है। अंतर्राष्ट्रीय संबंधों में सहयोग के सभी रूपों को प्रोत्साहित करने के लिए एकता की तत्काल जरूरत है।

संत पापा ने कहा कि हम वर्तमान विश्व की स्थिति पर एक नज़र दौड़ायें तो हम पाते हैं कि भूख और कुपोषण न केवल भौतिक भौगोलिक क्षेत्रों में प्राकृतिक या संरचनात्मक घटनाएं हैं, लेकिन कई लोगों की उदासीनता या कुछ के स्वार्थ का नतीजा है। युद्ध, आतंकवाद के कृत्यों और मजबूर विस्थापन आदि विकास के कार्यों में बहुत बड़े बाधक हैं। हमें उन सबसे कमजोर वर्ग को भी सोचना है जो न केवल उत्पादन की प्रक्रियाओं से बाहर हैं लेकिन अक्सर शरण और आशा की खोज में अपनी भूमि छोड़ने के लिए बाध्य हैं।

हमें इस बात से अवगत होना चाहिए कि इन मामलों में चुनाव की स्वतंत्रता के प्रति सभी को एकजुट होना चाहिए। इस संबंध में, सरकारों को प्रोत्साहित करने की इच्छा से प्रेरित होकर मैं एफएओ कार्यक्रम में एक प्रतीकात्मक योगदान करना चाहता हूँ जो कि संघर्ष और सूखा के संयुक्त प्रभाव से प्रभावित क्षेत्रों में ग्रामीण परिवारों को बीज प्रदान करता है। इस कार्य के अलावा पेशकश की जाती है कि कलीसिया अपने कार्यों द्वारा दुनिया के गरीबों के पक्ष में खड़े होने और उनकी ओर से सभी की प्रभावी प्रतिबद्धता जारी रखती है।

सभी को खाद्य सुरक्षा प्रदान करना विकास एजेंडा 2030 का एक लक्ष्य है और इस लक्ष्य को हासिल करने में आज हमारी प्रतिबद्धता की मांग करता है। यह एफएओ और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के सभी संस्थानों के लिए एक बहुत बड़ी चुनौती है। कलीसिया भी इस चुनौती का सामना करने के लिए प्रतिबद्ध है।

अपने संदेश के अंत में संत पापा ने एफएओ के कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें धन्यवाद दिया और दूने उत्साह के साथ कार्य को आगे बढ़ने हेतु उन्हें शुभकामनाएं दी।

कार्डिनल परोलिन ने संत पापा के संदेश को पढ़ने के बाद आधिकारिक तौर पर घोषणा की कि 16 अक्टूबर  को विश्व खाद्य दिवस के अवसर पर इस साल “प्रवासियों का भविष्य बदलना” विषय पर चिंतन करने के लिए संत पापा फ्राँसिस एफएओ कार्यालय में उपस्थित होंगे।


(Margaret Sumita Minj)

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वेनेजुएला में शांति और सुलह हेतु संत पापा फ्राँसिस की अपील

In Church on July 3, 2017 at 2:35 pm

वाटिकन सिटी, सोमवार, 3 जुलाई 2017(रेई) : 5 जुलाई को वेनेजुएला के स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर संत पापा ने देश के लोगों के साथ एकता और प्रार्थनामय सामीप्य प्रकट किया।

संत पापा ने रविवार 2 जुलाई को संत पेत्रुस महागिरजाघर के प्रांगण में एकत्रित हजारों तीर्थयात्रियों और विश्वासियों के साथ देवदूत की प्रार्थना का पाठ किया। तत्पश्चात संत पापा ने वेनेजुएला के लोगों के लिए प्रार्थना की अपील करते हुए कहा, “मैं प्यारे देश वेनेजुएला के लिए प्रार्थना करता हूँ और उन सभी परिवारों को आध्यात्मिक समीप्य प्रकट करता हूँ जिन्होंने सड़कों पर अपने बच्चों को खो दिया है। संत पापा ने उस हिंसा में मारे गये लोगों का जिक्र किया जो एक संवैधानिक संकट और उसके राजनीतिक गतिरोध के मद्देनजर मार्च महीने से देश में विरोध शुरू हुआ, जो अभी तक जारी है।

इन तीन महीनों से चल रहे विरोध प्रदर्शन में करीब एक सौ लोग मारे गए हैं।

संत पापा ने कहा, “मैं हिंसा का अंत और संकट का शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक समाधान की अपील करता हूँ। आइये, हम वेनेजुएला की संरक्षिका कोरोमोटो की माता मरियम की मध्यस्ता द्वारा देश में शांति और सुलह के लिए प्रार्थना करें।” इतना कहने के बाद संत पापा ने वहाँ उपस्थित भक्त समुदाय के साथ मिलकर प्रणाम मरिया प्रार्थना का पाठ किया।

गौरतलब है कि गत सोमवार 26 जून को संत पापा फ्राँसिस ने वेनेजुएला के प्रेरितिक राजदूत मोन्सिन्योर आल्दो जोर्दानों से मुलाकात की थी और करीब एक घंटे तक उन्होंने बात-चीत की।


(Margaret Sumita Minj)

संत पापा चार्ली गार्ड के माता-पिता को अपना सामीप्य व्यक्त कि

In Church on July 3, 2017 at 2:33 pm

वाटिकन सिटी, सोमवार, 3 जुलाई 2017 (रेई) : संत पापा फ्राँसिस पोप ने चार्ली गार्ड की स्थिति पर और “उसके माता-पिता के साथ अपनी निकटता” तथा “स्नेह और भावना” व्यक्त की है।

परमधर्मपीठ के प्रेस कार्यालय के निदेशक ग्रेग बर्क ने रविवार 2 जून को एक बयान में कहा कि संत पापा 10 महीने के बच्चे चार्ली गार्ड और उसके माता-पिता के लिए प्रार्थना करते हैं और आशा करते हैं कि “अपने बच्चे के पास आने और उनकी देखभाल करने की उनकी इच्छा को अनदेखा नहीं किया जाए।”

चार्ली का जन्म एक दुर्लभ आनुवंशिक बीमारी के साथ हुआ था जो मिटोकोन्ड्रियल डिप्लेमेंट सिंड्रोम कहलाता है, जिसमें लगातार मांसपेशियों में कमजोरी और मस्तिष्क में क्षति होती है।

विदित हो कि गत सप्ताह यूरोपीय कोर्ट के मानवाधिकार विभाग ने बच्चे के माता-पिता की याचिका खारिज कर दी जिसमें उन्होंने अपने बच्चे को प्रयोगात्मक चिकित्सा उपचार के लिए संयुक्त राज्य में ले जाने की याचना की थी।

पिछले मंगलवार को संत पापा ने अपने ट्वीट संदेश में बिना नाम लिखे इस मुद्दे पर अपना विचार व्यक्त किया था, ″मानव जीवन की रक्षा करना, विशेष कर जब यह रोग से ग्रसित है, यह प्रेम की एक प्रतिबद्धता है जिसे ईश्वर ने हर मनुष्य को सौंपा है।″


(Margaret Sumita Minj)

विश्वास एवं धर्म सिद्धांत के लिए बनी परमधर्मपीठीय परिषद के नये अध्यक्ष महाधर्माध्यक्ष लदारिया

In Church on July 3, 2017 at 2:31 pm

वाटिकन सिटी, सोमवार, 3 जुलाई 2017(रेई) : संत पापा फ्राँसिस ने शनिवार 1 जून को विश्वास एवं धर्म सिद्धांत के लिए बनी परमधर्मपीठीय परिषद के नये अध्यक्ष के पद पर महाधर्माध्यक्ष लूईस लादारिया येसु समाजी को निर्वाचित किया जिन्होंने अध्यक्ष के पद पर 5 वर्षों की सेवा देने के उपरांत कार्डिनल गेरहाल्ड लुडविग म्यूलर का स्थान ग्रहण लिया।

महाधर्माध्यक्ष लूईस लादारिया स्पानी येसु समाजी हैं जिन्होंने सन् 2008 में एवं धर्म सिद्धांत के लिए बनी परमधर्मपीठीय परिषद में सचिव के रुप में सेवा देने से पहले रोम स्थित परमधर्मपीठीय ग्रेगोरियन विश्वविद्यालय में बहुत वर्षों तक ईशशास्त्र पढ़ाया।

परमधर्मपीठ के प्रेस कार्यालय द्वारा प्राप्त विज्ञप्ति अनुसार संत पापा फ्राँसिस ने कार्डिनल म्यूलर को उनकी वर्षों की सेवा के लिए धन्यवाद दिया। कार्डिनल म्यूलर विश्वास एवं धर्म सिद्धांत के लिए बनी परमधर्मपीठीय परिषद के अध्यक्ष और परमधर्मपीठीय आयोग ईक्लेसीया देई, परमधर्मपीठीय बाईबिल आयोग, और अंतरराष्ट्रीय ईशशास्त्रीय आयोग के अध्यक्ष के पद पर वर्षों से अपनी सेवा प्रदान की। संत पापा ने पूर्व सचिव महाधर्माध्यक्ष लूईस लादारिया येसु समाजी को कार्डिनल म्यूलर के स्थान पर  अध्यक्ष पद का भार ग्रहण करने के लिए चुना।

आधिकारिक तौर पर प्रीफेक्ट के रूप में कार्डिनल म्युलर की अवधि 2 जुलाई को समाप्त हो गई।


(Margaret Sumita Minj)

असम में बाढ़ से बिगड़े हालत, एक लाख से ज्यादा लोग प्रभावित

In Church on July 3, 2017 at 2:29 pm

गुवाहाटी, सोमवार, 3 जुलाई 2017(मैटर्स इंडिया) : भारत के पूर्वोत्तर राज्य असम में ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों के उद्गम स्थल पर बीते कुछ दिनों से हुई भारी बारिश के चलते राज्य में बाढ़ की हालत बिगड़ गई है। असम में करीब 453 गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं और 5,272 हेक्टेयर में लगी फसल को नुक्सान पहुंचा।  राज्य के आठ जिलों के एक लाख से ज्यादा लोग इसकी चपेट में हैं। निचले इलाकों में पानी भर जाने की वजह से 15 हजार से ज्यादा लोगों को अपना घर छोड़ कर सुरक्षित ठिकानों पर शरण लेनी पड़ी है।

लखीमपुर जिले में बाढ़ का सबसे ज्यादा असर है। बाढ़ से लगभग दौ सौ हेक्टेयर में खड़ी फसलें नष्ट हो गई हैं। करीमगंज को सबसे अधिक नुक्सान पहुंचा है, यहां बाढ़ से 1.53 लाख प्रभावित हुए हैं और लोग 6 बचाव कैंप में रह रहे हैं। असम में बारपेटा, लखीमपुर, जोरहाट, करीमगंज, कछार, धेमाजी, कार्बी आंगलांग और विश्वनाथ जिलों में 2.68 लाख से ज्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं।

असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि लखीमपुर, जोरहाट, करीमगंज, कार्बी-आंग्लांग, शिवसागर, शोणितपुर, होजाई और गोलाघाट जिले के लगभग डेढ़ सौ गांव बाढ़ की चपेट में हैं। जोरहाट जिले में स्थित दुनिया के सबसे बड़ी नदी द्वीप माजुली में भी तटकटाव के चलते कई जगहों पर तटबंधों और सड़कों को नुकसान पहुंचा है।

सूत्रों ने बताया कि राज्य की कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।


(Margaret Sumita Minj)

पाकिस्तानी पत्रकार साइबर अपराध कानून के तहत गिरफ्तार

In Church on July 3, 2017 at 2:27 pm

क्वेटा, पाकिस्तान सोमवार, 3 जुलाई 2017 (रायटर) : पाकिस्तान के अधिकारियों ने नए इलेक्ट्रॉनिक अपराध कानून के उल्लंघन के तहत बलुचिस्तान जिला के एक पत्रकार को गिरफ्तार किया है। इस पत्रकार पर आतंकवाद को रोकने के खिलाफ काम करने का आरोप है। लेकिन आलोचकों का कहना है कि इसे राजनीतिक असंतोष को दबाने के लिए ऐसा किया गया है।

पुलिस की संघीय जांच एजेंसी (एफआईए) के एक अधिकारी की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, जफरुल्ला अचाकजई, क्वेटा शहर के एक दैनिक समाचार पत्र कुदरत में एक संवाददाता हैं। जफरुल्ला को बुधवार को मजिस्ट्रेट के समक्ष साइबर अपराध करने के जुर्म में पेश किया गया और पुलिस हिरासत में भेज दिया गया था। ये पहले पत्रकार हैं जिन्हें इलेक्ट्रॉनिक क्राइम लॉ के तहत गिरफ्तार किया गया है।

जफरुल्ला के पिता नामातुल्ला अचकाजई का मानना है कि उनके बेटे को सोशल मीडिया गतिविधि के कारण हिरासत में लिया गया है। अचकाजई ने बताया कि, इस महीने क्वेटा में हुए एक आत्मघाती बम विस्फोट में 13 लोगों की मौत हुई थी, जिसके बाद जफरुल्ला ने फेसबुक पर एक टिप्पणी पोस्ट की थी। जिसमें उसने सवाल किया था कि शहर में सुरक्षा के मद्देनजर फ्रंटियर कॉर्प्स की जिम्मेदारी क्यों थी?

अचाकजई के पिता, नामातुल्ला अचकाजई ने बताया कि, रविवार को उनके बेटे को क्वेटा की राजधानी बलूचिस्तान से अर्धसैनिक बल फ्रंटियर कोर के अधिकारियों ने हिरासत में लिया था। कुछ 50 लोग सुबह 6 बजे हमारे घर पहुंचे और लात मार के दरवाजे को खोल दिया।” अचाकजई ने आगे बताया कि पुलिस ने बुधवार को उनके बेटे के खिलाफ साइबर अपराध कानून के तहत मामला दायर किया है।


(Margaret Sumita Minj)

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