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आप्रवासन के समर्थन में संत पापा फ्राँसिस का पत्र

In Church on July 5, 2017 at 2:41 pm

 

वाटिकन सिटी, बुधवार 4 जुलाई 2017 (वी आर अंग्रेजी) : संत पापा फ्राँसिस ने इतालवी समाचार एजेंसी (अनसा) को एक पत्र भेजा जिसमें उन्होंने आप्रवासियों की नई और सटीक जानकारी देने हेतु उनकी सराहना और प्रवासियों के प्रति अपने समर्थन को व्यक्त किया है।

‘अनसा’ द्वारा मार्च में शुरु किया गया इनफोमाइग्रेंट्स.नेट फ्रांस के मीडिया मोंडे और जर्मनी के डोइच्छ वेले के समन्वय से अंग्रेजी, अरबी, और फ्रेंच सामग्री प्रकाशित होती है।

‘अनसा’ के मुख्य संपादक लुईजी कोन्तु को संत पापा ने पत्र में लिखा, ″मैं महत्वपूर्ण परियोजना की हृदय से प्रशंसा करता हूँ और मेरी आशा है कि एक ओर, यह उन प्रवासियों के एकीकरण को प्रोत्साहित करता है, वे उन देशों के कानूनों का सम्मान करते हैं जो उन्हें स्वागत करते हैं और दूसरी तरफ, यह समाज के भीतर ‘स्वागत और एकता की एक प्रामाणिक संस्कृति’ को एक नई प्रतिबद्धता प्रदान करता है।”

“इतने सारे भाइयों और बहनों की उपस्थिति जो कि आप्रवासन की त्रासदी का अनुभव करते हैं, मानवीय विकास, मुलाकात और लोगों के बीच शांति और भाईचारे को बढ़ावा देने वाली संस्कृतियों के बीच वार्ता का एक अवसर है।″

संत पापा ने इस प्रोजेक्ट से संलग्न लोगों को ईश्वर की सुरक्षा और अपनी प्रार्थना का आशवासन देते हुए लिखा, ″सबका ईश्वर, उन सभी के साथ रहे जो सशस्त्र संघर्ष, आतंकवादी हमलों, अकाल और दमनकारी शासनों के कारण अपने देश छोड़ने के लिए बाध्य हैं।”

अंत में, संत पापा ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि आप्रवासियों के साथ उनकी मुलाकात होगी, ″आकाश के नीचे हर भाई और बहन, जो उनके साथ रोटी साझा करते हैं और हमारी आम यात्रा की आशा करते हैं।”


(Margaret Sumita Minj)

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काथलिक और सुधारवादी कलीसियाओं के बीच ख्रीस्तीय एकतावर्धक निशान “मील का पत्थर”

In Church on July 5, 2017 at 2:40 pm

 

विटनबर्ग, बुधवार 5जुलाई 2017 (वीआर अंग्रेजी) : एक और “मील का पत्थर” ख्रीस्तीय एकता वर्धक संबंधों में बुधवार को जर्मनी के विटनबर्ग शहर में काथलिकों और सुधारवादी कलीसियाओं के बीच पवित्रीकरण के सिद्धांत के संयुक्त घोषणा पर हस्ताक्षर किया गया।

जर्मनी के विटनबर्ग में 27 जून से 7 जुलाई तक विश्व संयुक्त सुधारवादी कलीसियाओं की महासभा का आयोजन किया गया है। इस महासभा में विश्व के 100 से भी अधिक देशों से विश्व संयुक्त सुधारवादी कलीसियाओं के प्रतिनिधि भाग लेने हेतु जमा हुए हैं। 5 जुलाई को एक प्रार्थना सभा के दौरान पवित्रीकरण के सिद्धांत के संयुक्त घोषणा पर हस्ताक्षर किया गया। काथलिकों की ओर से ख्रीस्तीय एकता को प्रोत्साहन देने वाले परमधर्मपीठीय समिति के अध्यक्ष धर्माध्यक्ष ब्रायन फार्रेल ने संयुक्त घोषणा पर हस्ताक्षर किया।

सन् 1999 में काथलिक कलीसिया और लूथरन वर्ल्ड फेडरेशन के बीच पवित्रीकरण के सिद्धांत के संयुक्त घोषणा पर हस्ताक्षर किए गए थे तथा सन् 2006 विश्व मेथोडिस्ट परिषद ने दस्तावेज़ को स्वीकार किया।

काथलिक कलीसिया के अधिकारियों और सुधारवादी कलीसियाओं के बीच सोलहवीं सदी में विश्वास के महत्वपूर्ण मुद्दे पर फैले असहमति पर वशीभूत किया गया। काथलिक और प्रोटेस्टेंट कलीसियाओं के बीच आध्यात्मिक और कलीसियाई एकता को संभव बनाने का प्रयास किया गया है।

वाटिकन का प्रतिनिधित्व ख्रीस्तीय एकता को प्रोत्साहन देने वाले परमधर्मपीठीय समिति के अध्यक्ष धर्माध्यक्ष ब्रायन फार्रेल और उसी विभाग के पश्चिमी धारा के अधिकारी फादर एवलीनो गोंज़ालेज़ ने किया।


(Margaret Sumita Minj)

पूर्वोत्तर भारत से लड़कियों की तस्करी करने के नए तरीकों की खोज

In Church on July 5, 2017 at 2:38 pm

शिलॉग, बुधवार 5 जुलाई 2017 (वीआर अंग्रेजी) : ″भारत के दूरदराज पूर्वोत्तर राज्यों से युवा लड़कियों को अच्छी नौकरी का प्रलोभन दिया जाता है और नेपाल के पासपोर्ट पर दक्षिण पूर्व एशिया और मध्य पूर्व देशों के लिए उनका अवैध व्यापार किया जाता है। ये तस्कर जांच से बचने के नए तरीके तरीके अपना रहे हैं। पिछले दो वर्षों में पश्चिम बंगाल राज्य के उत्तरी भाग और पूर्वोत्तर राज्यों से 100 से भी अधिक लड़कियों की तस्करी की गई और 50 से 60 प्रतिशत लड़कियों का पासपोर्ट नेपाल से जारी किया गया था।″  उक्त बातें तस्कर विरोधी चारिटी इम्पल्स एनजीओ नेटवर्क की संस्थापिका हसीना खारभीह ने शिलॉग से फोन द्वारा थोमसन रेउटर्स फाउनडेशन से कहा। भारतीय पासपोर्ट से मध्य पूर्वी देशों के लिए वीसा मिलना बहुत कठिन है अतः एजेंट नेपाल से वीसा बनवा लेते है। काठमंडू में पासपोर्ट और वीसा दोनों ही बन जाता है।

तस्कर महिलाओं को गल्फ देशों में पर्यटन वीसा पर भेजने का नया तरीका अपना रहे हैं। वे नेपाल और अन्य पड़ोसी देशों के माध्यम से भी कोशिश कर रहे हैं। जहां तस्करों के साथ अधिकारियों की भी मिलीभगत होने का संदेह है।

तस्कर विरोधी सदस्यों का कहना है कि तस्कर काठमांडू हवाई अड्डे से लड़कियों के साथ यात्रा करते हैं और कुवैत या ओमान जैसे खाड़ी देशों तक पहुचाते हैं। दक्षिणपूर्व एशिया में जैसे सिंगापुर और मलेशिया के लिए लड़कियों को म्यांमार से तस्करी की जाती है।


(Margaret Sumita Minj)

भोपाल में धर्मबहनों द्वारा यौन पीड़ितों के लिए न्याय चौपाल की स्थापना

In Church on July 5, 2017 at 2:35 pm

 भोपाल, बुधवार 5 जुलाई 2017 (एशिया न्यूज)  : पवित्र आत्मा धर्मसमाज की धर्मबहनों ने महिलाओं, लड़कियों और बच्चियों के लिए कानूनी सहायता प्रदान करने हेतु कानूनी सेल स्थापित किया है जो अपने घरों या कार्यस्थानों में यौन शोषण के शिकार हैं।

यह पहल 28 जून को भोपाल में शुरू हुई, जहां धर्मबहनें ‘उदय समाज विकास संगठन’ के माध्यम से सामाजिक कार्यों में सक्रिय हैं। शुरुआत में न्याय चौपाल या कानूनी सेल में काम करने के लिए 12 धर्मबहनों को चुना गया है।

भोपाल के महाधर्माध्यक्ष लियो कॉर्नेलियो, जो उनके कामों का समर्थन करते हैं, ने कहा, “महिलाओं का सशक्तीकरण परिवार के विकास का प्रतीक है, महिलाओं को स्वतंत्र रूप से रहने, बिना डर बातें करने की स्वतंत्रता होनी चाहिए और प्रत्येक क्षेत्र में आगे बढ़ने का मौका मिलना चाहिए।”

समाज विज्ञान स्कूल भोपाल में आयोजित एक सभा में करीब 1,100 महिलाओं, लड़कियों और बच्चियों ने भाग लिया। संगठन की सचिव सिस्टर लिसी थोमस ने कहा, “कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं और किशोरियों को यौन हिंसा विरोध के बारे जागरूकता बढ़ाना और यौन शोषण पीड़ितों को न्याय दिलाना है।”

बाल अधिकारों के संरक्षण हेतु बने मध्य प्रदेश राज्य आयोग के अध्यक्ष डॉ राघवेन्द्र शर्मा ने कहा, “कानून के बारे में महिलाओं के बीच जागरूकता और उनके कानूनी अधिकारों की जानकारी बहुत महत्वपूर्ण है।”

उन्होंने कहा,”परिवार को बच्चों के लिए सबसे सुरक्षित जगह माना जाता है अतः घरेलू हिंसा और किसी भी प्रकार की हिंसा एवं उत्पीड़न पूरी तरह समाप्त होनी चाहिए।”

भोपाल का ‘उदय समाज विकास संगठन’ एक स्वैच्छिक एसोसिएशन है जिसकी स्थापना अक्टूबर 2003 में पवित्र आत्मा धर्मसमाज की धर्मबहनों द्वारा किया गया था। यह भोपाल की दो मुख्य मलिन बस्तियों जाटखेड़ी और बागमंगलिया के निवासियों के लिए मानवीय अधिकारों को बढ़ावा देने और विकास के समान अवसरों को प्रोत्साहित करता है। सन्  2010 के बाद से इनकी गतिविधियां मध्य प्रदेश के अन्य जिलों जैसे इंदौर, खंडवा और झाबुआ में शुरु हो गई हैं।


(Margaret Sumita Minj)

मध्य प्रदेश के काथलिक वृक्षारोपण अभियान में शामिल हुए

In Church on July 5, 2017 at 2:34 pm

भोपाल, बुधवार 5 जुलाई 2017 (उकान) : मध्य प्रदेश के काथलिक राज्य सरकार द्वारा जलवायु परिवर्तन और पानी के संरक्षण के संदेश का प्रचार करने हेतु वृक्षारोपन की पहल में शामिल हुए।

2 जुलाई को मध्य प्रदेश के सभी 9 काथलिक धर्मप्रांत, राज्य सरकार द्वारा आयोजित 12 धंटे वृक्षारोपन में सहयोग दिया। सरकार का कहना था कि एक दिवसीय पौधारोपण कार्यक्रम के तहत नर्मदा नदी के तटों पर छह करोड़ से ज्यादा पौधे लगाये गये। पौधारोपण का यह कार्य सुबह सात से शाम सात बजे तक संपन्न किया गया था।

जबलपूर के धर्माध्यक्ष जेराल्ड अलमेड़ा ने कहा, “यह पर्यावरण की रक्षा, पानी के संरक्षण और हरियाली को बढ़ावा देने और जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों को समाप्त करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।”

धर्माध्यक्ष अलमेड़ा ने एक विशेष पत्र जारी कर पल्लियों और काथलिक समुदायों से आग्रह किया था कि वे सरकार द्वारा आयोजित 12 धंटे वृक्षारोपन में अपना सहयोग दें। जारी पत्र के अनुसार धर्मप्रांत की 62 पल्लियों के हर परिवार यदि संभव हो तो अपनी जमीन में या सार्वजनिक स्थानों पर कम से कम 5 छोटे पेड़ों को रोपें और उनकी देखभाल करें।

जबलपूर के पल्लीपुरोहित फादर सोमी जेकब ने कहा कि पल्लिवासियों ने पल्ली की जमीन में स्कूल परिसर में वृक्षारोपन किये।

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अमरकंटक में नर्मदा मंदिर परिसर में पेड़ लगाकर वृक्षारोपण के इस महा अभियान का शुभारंभ करते हुए कहा, ‘प्रदेश में अब सार्वजनिक कार्यक्रमों की शुरुआत पौधा-रोपण एवं कन्या-पूजन से होगी।’ इससे पहले चौहान ने अपनी पत्नी साधना सिंह के साथ अमरकंटक में माँ नर्मदा के उदगम स्थल स्थित नर्मदा मंदिर में प्रात: कालीन आरती करने के बाद मां नर्मदा से प्रदेशवासियों पर कृपा बरसाने की प्रार्थना की।

चौहान ने कहा, ‘यह विश्व में जन-सहभागिता तथा नदी संरक्षण का अद्वितीय उदाहरण है।’ उन्होंने उपस्थित विशाल जन-समुदाय से कहा कि वृक्ष जीवन का अभिन्न अंग हैं। वृक्ष हमें प्राण-वायु प्रदान करते हैं। वृक्ष धरती के तापमान को नियंत्रित करते हैं, इसलिये प्रदेश के हर व्यक्ति को कम से कम एक पौधारोपण कर उसकी सुरक्षा की जिम्मेवारी लेनी होगी।

पूरे प्रदेश में उत्साह का वातावरण था। बूढ़े, बच्चे, महिलाएं, युवा, विद्यार्थी, किसान, समाज सेवी, पत्रकार, प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस बल सभी मिलकर पौधारोपण किया।


(Margaret Sumita Minj)

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