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मुलाकात की संस्कृति के लिए खुलापन आवश्यक

In Church on July 6, 2017 at 2:47 pm

वाटिकन सिटी, बृहस्पतिवार, 6 जुलाई 17 (वीआर अंग्रेजी): संत पापा फ्राँसिस ने बुधवार को येरूसालेम में आयोजित स्कोलास ऑकरेंत्स सम्मेलन को एक संदेश भेजा। सम्मेलन में ″कॉलेज और स्कूल के बीच, मुलाकात की संस्कृति द्वारा शांति के निर्माण″ विषय पर प्रकाश डाला गया।

अपने संदेश में संत पापा ने सभी प्रतिभागियों को प्रोत्साहन दिया जो इस्राएल, फिलिस्तीन एवं अन्य देशों से आये थे। उन्होंने कहा, ″मैं येरूसालेम में आयोजित इन दिनों को आनन्द पूर्वक याद करना चाहता हूँ क्योंकि आप ने आरम्भ से ही अपनी विविधताओं के बावजूद एकता को प्राप्त किया है।″

संत पापा ने एक-दूसरे के प्रति पूर्वाग्रह की भावना नहीं रखने हेतु उनकी सराहना की तथा कहा कि यह भावना आवश्यक है क्योंकि यह मुलाकात को बढ़ावा देता है और यह मुलाकात हमारे जीवन को अर्थ और उद्देश्य प्रदान करता है, खासकर, यह इसलिए आवश्यक है क्योंकि हमारे जीवन का अर्थ इसी में है कि हम मनाने की आवश्यकता महसूस करते हैं। इससे भी बढ़कर यह अर्थ हमें एक अनुभव, आभार एवं मनोभाव की ओर प्रेरित करता है। यही मनोभाव है जिसको स्कोलास ने शिक्षा के मूल तत्व के रूप में प्राप्त किया है जो हमें अपरिचित व्यक्ति के लिए खोल देता, पूर्वाग्रह से मुक्त करता हमें स्वप्न देखने एवं नये राह की खोज करने देता है। यही कारण है कि हम प्रौढ़, अपने बच्चों एवं युवाओं से स्वप्न देखने एवं खेलने की क्षमता को नहीं रोकते। जो कुछ मायने में चलता फिरता स्वप्न है।

संत पापा ने कहा कि येरूसालेम में आयोजित सम्मेलन हमारे कर्तव्य की शिक्षा देता है कि हम युवाओं को सुनें, उन्हें आशा प्रदान करें ताकि उनका स्वप्न विकसित हो तथा दूसरों के बीच बांटा जा सके। बांटा गया स्वप्न एक आदर्श समाज की कल्पना उत्पन्न कर सकता है। स्कोलास का आदर्श स्वप्न है मुलाकात की संस्कृति उत्पन्न करना जो लोगों को एकरूपता के लिए नहीं किन्तु सामंजस्य के लिए प्रेरित करता है।

संत पापा ने अपने संदेश में प्रौढ़ लोगों को धन्यवाद दिया जिन्होंने अपने को बंद नहीं कर लिया बल्कि सुनने की सेवा के लिए अपने को तत्पर रखा। संत पापा ने युवाओं को स्वप्न देखने, अर्थ की खोज करने, निर्माण करने और मनाने के लिए धन्यवाद दिया। अपने मन, हृदय और हाथों को अर्पित करने के लिए शुक्रिया अदा की ताकि मुलाकात की संस्कृति वास्तविकता में परिणत हो सके।

स्कोलास ऑकरेन्त्स फाऊँडेशन की शुरूआत संत पापा फ्राँसिस ने 13 अगस्त 2013 को की थी। यह परमधर्मपीठ की ओर से एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है जिसका प्रमुख उद्देश्य है शिक्षा, तकनीकी, कला एवं खेल के द्वारा, शांति हेतु मुलाकात की संस्कृति को प्रोत्साहन देना।


(Usha Tirkey)

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कार्डिनल मेईसनर के निधन पर संत पापा का तार संदेश

In Church on July 6, 2017 at 2:43 pm

 

वाटिकन सिटी, बृहस्पतिवार, 6 जुलाई 17 (वीआर अंग्रेजी): संत पापा फ्राँसिस ने जर्मनी के महाधर्माध्यक्ष कार्डिनल ज्वाकिम मेईसनर के निधन पर गहन शोक व्यक्त किया। उनका निधन 83 साल की उम्र में बुधवार को हुआ।

कोलोन के महाधर्माध्यक्ष कार्डिनल रैनर वेलकी को कार्डिनल ज्वाकिम मेईसनर के निधन पर एक तार संदेश प्रेषित कर संत पापा ने हार्दिक संवेदना प्रकट की।

उन्होंने लिखा, ″बड़े दुःख के साथ मुझे अचानक एवं अनापेक्षित खबर मिली कि कार्डिनल ज्वाकिम मेईसनर प्रभु की करुणा में इस दुनिया से बुला लिए गये।

उन्होंने कहा कि कार्डिनल मेईसनर सुसमाचार के प्रचार हेतु दृढ़ विश्वास एवं कलीसिया के प्रति उदार प्रेम से समर्पित थे।

प्रभु ख्रीस्त उन्हें उनकी निष्ठा एवं पूर्वी तथा पश्चिमी लोगों के कल्याण हेतु साहस पूर्ण प्रयास का इनाम प्रदान करे।

संत पापा ने अपने तार संदेश में उन सभी लोगों को अपना प्रेरितिक आशीर्वाद दिया जो अपने स्वर्गीय चरवाहे के निधन पर शोकाकुल हैं।

कार्डिनल ज्वाकिम मेईसन के निधन के साथ कार्डिनलों की संख्या घटकर अब 224 हो गयी है जिनमें से 121 कार्डिनल संत पापा के चुनाव हेतु वॉट दे सकते हैं।


(Usha Tirkey)

वाटिकन प्रेस कार्यालय के पूर्व निदेशक का निधन

In Church on July 6, 2017 at 2:42 pm

वाटिकन सिटी, बृहस्पतिवार, 6 जुलाई 2017 (रेई): वाटिकन प्रेस कार्यालय के पूर्व निदेशक एवं वाटिकन प्रवक्ता (1984-2006) डॉ. जाक्विन नावार्रो वाल्स का निधन 5 जुलाई को हुआ।

उनका अंतिम संस्कार 7 जुलाई को संत यूजेनियो महागिरजाघर (वियाले बेल्ले अर्ती, 10)

में सम्पन्न किया जाएगा।

वाटिकन प्रेस कार्यालय में 1994 से 2006 तक नावारो के साथ उप निदेशक के रूप में कार्यरत फादर चिरो बेनेदेत्तिनी ने कहा कि डॉ. जाक्विन नावार्रो वाल्स का निधन उन लोगों के लिए बड़े शोक का कारण है जो वाटिकन प्रेस कार्यालय में सेवारत हैं तथा जिन्होंने उनका सहयोग प्राप्त किया हैं।

उन्होंने कहा, ″निश्चय ही उनकी मृत्यु से हमें गहरा दुःख हुआ है क्योंकि उनसे मैं काफी लम्बे समय से जुड़ा था। 11 साल प्रेस कार्यालय में और उससे भी पहले उनसे मेरी मुलाकात तब हुई थी जब मैं धर्माध्यक्षों के सिनॉड के बुलेटीन का संयोजक था। नावारो एक ऐसे व्यक्ति थे जिन्होंने मेरे साथ कभी कठोरता से पेश नहीं आये, उन्होंने सेवा निवृत होने के बाद भी हमारा मार्गदर्शन किया।″

उन्होंने कहा कि नावारो खेल सिद्धांत को अपनाते थे वे कहा करते थे, ″उत्तम रक्षा हमेशा एक आक्रमण है।″ उन्होंने बतलाया कि वे पत्रकारों से विषयवस्तु के प्रस्ताव का इंतजार नहीं करते थे बल्कि खुद अपनी ओर से विषयवस्तु प्रस्तुत करते थे। फादर के अनुसार उनकी यह भूमिका एक अच्छे प्रवक्ता का चिन्ह है।

रतज़िंगर बेनेडिक्ट 16वें न्यास के अध्यक्ष एवं वाटिकन रेडियो के पूर्व निदेशक फा. फेदरिको लोम्बारदी ने कहा, ″इसमें कोई संदेह नहीं है कि 1984 से लेकर 2005 तक संत पापा जोन पौल द्वितीय को प्रदत्त अपनी सभी सेवाओं के द्वारा वे उनके अत्यन्त करीब थे। अतः उन्हें एक असाधारण संत पापा के समय के एक महान व्यक्ति के रूप में देखा जाना चाहिए। न केवल उनकी लोकप्रियता के लिए बल्कि उनकी सलाह एवं बीच-बचाव के लिए भी। निश्चय ही संत पापा जोन पौल द्वितीय को उनपर पूरा विश्वास था और उन्होंने उनसे बहुत अधिक सेवा भी प्राप्त किया।


(Usha Tirkey)

बेंगलूरू संत अग्नेस कॉलेज को स्टार का दर्जा

In Church on July 6, 2017 at 2:39 pm

मैंगलूरू, बृहस्पतिवार, 6 जुलाई 17 (ऊकान): कर्नाटक स्थित संत अग्नेस काथलिक कॉलेज को भारत सरकार ने स्टार कॉलेज का सम्मान प्रदान किया। कर्नाटक स्थित इस कॉलेज को 30 जून को सम्मानित किया गया।

कॉलेज की प्राचार्य सिस्टर एम. जेस्विना ने कहा कि संस्था को विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उसके उत्कृष्ट प्रदर्शन के कारण पहचान मिली है।

भारत के पश्चिमी तट पर स्थित काथलिक महिला कॉलेज, संत अग्नेस की स्थापना सन् 1921 ई. में मदर अलोईसिया ने की थी।

कॉलेज को ‘स्टार कॉलेज’ का दर्जा तभी प्राप्त हुआ है जब कॉलेज ने फरवरी में यूजीसी से उत्कृष्टता हासिल की और मार्च 2017 में राष्ट्रीय आकलन और प्रत्यायन परिषद (एनएएसी) के चार चक्र में ‘A +’ ग्रेड की मान्यता प्राप्त की।

संत अग्नेस कर्नाटक में दूसरा कॉलेज है जिसे स्टार का दर्जा प्राप्त है। कॉलेज ने 2011 में स्टार कॉलेज के तहत आर्थिक अनुदान हेतु आवेदन किया था। उन्होंने 2012 में, इस योजना के माध्यम से भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, वनस्पति विज्ञान, जूलॉजी और सूक्ष्म जीव विज्ञान के लिए वित्तीय सहायता प्राप्त की थी।

सिस्टर जेस्विना के अनुसार यह योजना तार्किक सोच के विकास, शिक्षण और शिक्षा में नई खोज और बुनियादी विज्ञानों में स्नातक स्तर पर प्रयोगात्मक कार्यों में निखार लाने के लिए है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य छात्रों को मूल विज्ञान की ओर आकर्षित करना है।

इस योजना की प्रगति रिपोर्ट का अवलोकन हर साल होता है और विशेषज्ञ समिति द्वारा इस योजना के माध्यम से उत्कृष्ट प्रगति करने वाले कॉलेज को सम्मानित किया जाता है। स्टार कॉलेज स्कीम के तहत समर्थित कॉलेजों की समीक्षा करने के लिए सातवीं विशेषज्ञ समिति की बैठक अप्रैल 2017 में जालंधर में हुई थी। विशेषज्ञ समिति ने कॉलेज द्वारा किए गए उत्कृष्ट प्रगति की सराहना की।

अंडर ग्रेजुएट साइंस एजुकेशन में उत्कृष्टता को आगे बढ़ाने के लिए, महाविद्यालय के विज्ञान विभाग को स्टार दर्जा के तहत 1 करोड़ रुपये प्रदान किये गये थे।

विशेषज्ञों की समिति ने देश भर के 27 स्कूलों का अवलोकन किया था जिनमें से मात्र 5 को स्टार सम्मान के लिए चुना गया था।


(Usha Tirkey)

काथलिक अधिकारियों का गृहमंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात

In Church on July 6, 2017 at 2:36 pm

प्रतीकात्मक तस्वीर – RV

06/07/2017 15:17

नई दिल्ली, बृहस्पतिवार, 6 जुलाई 2017 (मैटर्स इंडिया): भारतीय काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन के उप महासचिव फादर जोसेफ चिन्नायन ने 5 जुलाई को गृहमंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की जिनके बायें टखने में तीन सप्ताह पहले मोच आ गयी थी।

कलीसिया के अधिकारियों ने सिंह से उनके आवास में मुलाकात की तथा उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ हेतु प्रार्थना अर्पित की।

मोन्सिन्योर चिन्नायन ने कहा कि उन्होंने गृहमंत्री के अच्छे विचार के लिए कृतज्ञता व्यक्त की, जिसको उन्होंने काथलिक धर्माध्यक्षों द्वारा 2015 के क्रिसमस हेतु मुख्य अतिथि के रूप में, सीबीसीआई केंद्र में निमंत्रण को स्वीकार कर व्यक्त किया था। गृह मंत्री राजनाथ सिंह अगस्त 2016 में, नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित मदर तेरेसा की संत घोषणा समारोह के भी मुख्य अतिथि थे।

सीबीसीआई उप-महासचिव ने कहा कि गृहमंत्री ने इस बात की पूछताछ की कि क्या राजधानी दिल्ली में ख्रीस्तीयों पर किसी तरह की समस्या तो नहीं है जैसा कि कुछ वर्षों पहले हुआ था?

उन्होंने मैटर्स इंडिया को बतलाया कि ″सरकार राजधानी में सभी गिरजाघरों को सुरक्षा प्रदान कर रही है।″


(Usha Tirkey)

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