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8 जुलाई लाम्पादूसा दौरे की वर्षगांठ पर संत पापा फ्राँसिस का ट्वीट संदेश

In Church on July 8, 2017 at 3:26 pm

वाटिकन सिटी, शनिवार 8 जुलाई 2017 (रेई) : संत पापा फ्राँसिस ने 8 जुलाई 2013 में इटली के लाम्पादूसा द्वीप का दौरा कर अपने प्रेरितिक यात्रा की शुरुआत की थी। वहाँ उन्होंने अफ्रीकी देशों से आये प्रवासियों से मुलाकात की और उन्हें आशा तथा साहस के साथ जीवन में आगे बढ़ने का संदेश दिया। लाम्पादूसा दौरे की वर्षगांठ पर संत पापा ने ट्वीट प्रेषित कर प्रवासियों की मदद करने और उन्हें समाज में स्वीकार करने की प्रेरणा दी।

संत पापा ने संदेश में लिखा, ″युद्ध,गरीबी, भूख के कारण अपने देशों को छोड़ने वाले और एक बेहतर जीवन की तलाश में आये सभी प्रवासी हमारे भाई और बहन हैं।″


(Margaret Sumita Minj)

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समुद्र रविवार: समुद्रतटों की याद

In Church on July 8, 2017 at 3:24 pm

वाटिकन सिटी, शनिवार 8 जुलाई 2017 (रेई) : विश्व के ख्रीस्तीय कलीसियाओं दवारा 9 जुलाई समुद्र रविवार के रुप में मनाया जाता है।  इस दिन का उद्देश्य समुद्र में काम करने वालों के दैनिक चुनौतियों पर प्रकाश डालना है और समुद्र में रहकर काम करने वालों तथा उनके परिवारों के लिए प्रार्थना करने का विशेष दिन है।

ग्रेट ब्रिटेन समुद्री प्रेरिताई विकास के निदेशक जोन ग्रीन ने वाटिकन रेडियो के संवाददाता लीदिया को फोन द्वारा जहाजों पर यात्रा के दौरान नाविकों द्वारा खतरों का सामना और अलगाव होने के अनुभव के बारे उनके अनुभव को साझा किया।

जोन ग्रीन ने बताया कि अधिकांश लोग नाविकों और समुद्र में काम करने वालों की याद नहीं करते हैं अभी तक 95% विश्व व्यापार समुद्र के माध्यम से होता है। अक्सर नाविकों को गन्तव्य स्थानों तक माल पहुँचाने के लिए खतरनाक यात्राएं करनी पड़ती हैं। पिछले साल के आंकड़े बताते हैं कि सौ से अधिक टन माल वाले सौ जहाज डूब गये और करीब 1000 समुद्री कार्यकर्ताओं की मौत हो गई।

जोन ग्रीन ने कहा कि एक दूसरी बात जो नाविक और कार्यकर्ता अनुभव करते हैं वह है अकेलापन और दुनिया से अलगाव। वे महीनों समुद्र में रहते हैं अपने घर परिवार से दूर रहते हैं अधिकांश लोगों के पास जहाजों में इंटरनेट या फोन की व्यवस्था नहीं है। अतः वे महीनों अपनों से दूर और देश दुनिया से कटे रहते हैं।

उन्होंने कहा कि नाविकों की मदद हेतु समुद्र प्रेरिताई केंद्र दुनिया भर के 300 बंदरगाहों में मौजूद है यहाँ बंदरगाह के पुरोहितों और स्वयंसेवकों का नेटवर्क है। उनकी भूमिका बंदरगाह पर आये नाविकों की आध्यात्मिक और अन्य जरुरतों को पूरा करने में सहायता करना है।


(Margaret Sumita Minj)

कठिन परिस्थिति में लोगों के सहयोग हेतु धर्माध्यक्षों की आम सभा

In Church on July 8, 2017 at 3:23 pm

काराकास, शनिवार 8 जुलाई 2017 (रेई) : वेनेजुएला के धर्माध्यक्षीय सम्मेलन की 108वीं आम सभा का आयोजन काराकास में 7 जुलाई से 12 जुलाई तक किया गया है जिसमें देश के 45 धर्मप्रांतो से 50 धर्माध्यक्ष भाग ले रहे हैं। सम्मेलन में धर्माध्यक्ष देश के संकट के बारे में महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार करेंगे, वर्तमान स्थिति में कलीसिया के सामने आने वाली चुनौतियों का परीक्षण करेंगें और वर्तमान में कलीसिया द्वारा लोगों को समर्थन देने की प्रतिबद्धता पर विचार केरेंगे।

पान-अमाज़ोनियन एक्लेसियल नेटवर्क के प्रमुख कार्डिनल क्लाउदियो हुम्मेस भी आम सभा में भाग लेंगे। आमसभा के अंत में 12 जुलाई को वेनेजुएला के धर्माध्यक्ष 108वीं आम सभा के दस्तावेज के रुप में प्रेरितिक पत्र प्रकाशित करेंगें।

विदित हो कि संत पापा ने रविवार 2 जुलाई को संत पेत्रुस महागिरजाघर के प्रांगण में एकत्रित हजारों तीर्थयात्रियों और विश्वासियों के साथ देवदूत की प्रार्थना का पाठ करने को उपरांत वेनेजुएला के लोगों के लिए प्रार्थना की अपील करते हुए कहा, “मैं प्यारे देश वेनेजुएला के लिए प्रार्थना करता हूँ और उन सभी परिवारों को आध्यात्मिक समीप्य प्रकट करता हूँ जिन्होंने सड़कों पर अपने बच्चों को खो दिया है। संत पापा ने उस हिंसा में मारे गये लोगों का जिक्र किया जो एक संवैधानिक संकट और उसके राजनीतिक गतिरोध के मद्देनजर मार्च महीने से देश में विरोध शुरू हुआ, जो अभी तक जारी है।

इन तीन महीनों से चल रहे विरोध प्रदर्शन में करीब एक सौ लोग मारे गए हैं।


(Margaret Sumita Minj)

संत पापा ने चमत्कारों और शहीदों के प्रस्तावित आज्ञप्तियों को अनुमोदन दी

In Church on July 8, 2017 at 3:21 pm

वाटिकन सिटी, शनिवार 8 जुलाई 2017 (रेई): सन्त पापा फ्राँसिस ने शुक्रवार, 7 जुलाई को कार्डिनल आन्जेलो आमातो के नेतृत्व में परमधर्मपीठीय सन्त प्रकरण परिषद द्वारा धन्य घोषणा के लिये प्रस्तावित आज्ञप्तियों को अनुमोदन दे दिया है।

इनके नाम इस प्रकार हैं, लोकधर्मी प्रभु सेविका अन्ना चेस्नोवास्का जिसका जन्म 7 अक्टूबर 1902 को पोलैंड के वारसाव में हुआ था और उनकी मृत्यु 29 अप्रैल 1973 को क्राकोव में हुई।

यरुमल के विदेशी मिशन हेतु संस्था के सदस्य और आराउका के धर्माध्यक्ष शहीद प्रभु सेवक येसुस एमीलियो जारामिलो जिन्हें फोर्टल (कोलंबिया) के निकट 1989 में विश्वास के प्रति घृणा के कारण मार डाला गया था।

शहीद प्रभु सेवक धर्मप्रांतीय पुरोहित पीटर रामिरेज़ रामोस जो अरमेरो (कोलंबिया) में 10 अप्रैल सन् 1848 को विश्वास के कारण मृत्यु के शिकार हुए थे।

साहसी प्रभु सेवक बोगोटा के महाधर्माध्यक्ष इस्माइल परदोमो जिनका जन्म 22 फरवरी सन् 1872 को एल जिगांते (कोलंबिया) में हुआ था और 3 जून 1950 को बोगोटा (कोलंबिया) में मृत्यु हुई।

साहसी प्रभु सेवक लुइजी कोशिबा फ्रायर माइनर समाज के लोकधर्मी प्रोफेसर, जिनका जन्म 29 जून सन् 1855 को लिबुस्जा (पोलैंड) में हुआ था और उनकी मृत्यु 4 जनवरी सन्1939 को वेलिज़का (पोलैंड) में हुई।

फ्राँसिसकन सिस्टर्स ऑफ मोस्ट पियोर कंसेप्शन धर्मसमाज की संस्थापिका प्रभु सेविका येसुस गिलकानो की पावला,जिनका जन्म 2 फरवरी सन् 1849 को वेरा (स्पेन) में हुआ था और मृत्यु 18 जनवरी सन् 1913 को मुरचा (स्पेन) में हुई।

ख्रीस्तीय स्कूलों की छोटी प्रेरित बहनों के धर्मसमाज की संस्थापिका प्रभु सेविका मेरी एलिजबेद माज्जा, जिनका जन्म इटली के मारतिनेगो शहर में हुआ था और बेरगमो (इटली) में 29 अगस्त सन् 1950 को उनकी मृत्यु हुई।

पवित्र हृदय के प्रेरितों के धर्मसमाज की संस्थापिका प्रभु सेविका क्रूसित दिव्य प्रेम की मेरी, जिनका जन्म 23 दिसम्बर सन् 1892 को मेर्रा डे सांग्टिस (इटली) में हुआ था और मृत्यु 23 मई सन् 1973 को नेपल्स (इटली) में हुई।


(Margaret Sumita Minj)

सुप्रीम कोर्ट ने 26वें सप्ताह में गर्भपात की अनुमति दी है

In Church on July 8, 2017 at 3:20 pm

मुम्बई, शनिवार 8 जुलाई 2017 (एशिया न्यूज) : भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने 26 सप्ताह की गर्भवती महिला के गंभीर दिल की विफलता के कारण गर्भ को खत्म करने का अनुरोध स्वीकार कर लिया है। 3 जुलाई को, न्यायाधीश दीपक मिश्रा और ए एम खानविलर ने “गहरे मनोवैज्ञानिक क्षति” की संभावना को देखते हुए यह निर्णय लिया कि कलकत्ता निवासी 33 वर्षीय महिला गर्भपात करा सकती है।

परिवार के लिए गठित भारतीय धर्माध्यक्षीय सम्मेलन के अध्यक्ष एवं मुम्बई महाधर्मप्रांत के सहायक धर्माध्यक्ष सावियो फेर्नांडीस ने सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय पर टिप्पणी करते हुए, एशिया न्यूज से कहा,″ काथलिक कलीसिया मानव जीवन को शुरुआत से अंत तक पवित्र मानती है। कोई भी परिस्थिति में कोई भी निर्दोष इंसान को नष्ट करने का अधिकार नहीं दे सकता है।”

इस फैसले ने गड़बड़ी को उकसाया है। सन् 1971 के मेडिकल टर्मिनेशन के गर्भावस्था अधिनियम अनुसार, भारत में 20 सप्ताह तक गर्भावस्था में गर्भपात की अनुमति है। इस अवधि में गर्भपात की अनुमति दी जा सकती है अगर गर्भावस्था में मां और भ्रूण को गंभीर खतरा हो।

धर्माध्यक्ष फेर्नांडीस जो परिवार और मानव जीवन हेतु बने धर्मप्रांतीय आयोग के अध्यक्ष भी हैं, ने कहा, “काथलिक कलीसिया की शिक्षा के अनुसार गर्भपात एक गंभीर बुराई है, क्योंकि यह एक असहाय और निर्दोष इंसान की हत्या है”। ईश्वर ही जीवन के मालिक हैं, उन्होंने अपनी छवि और समानता में मनुष्यों को बनाया है इसलिए, गर्भाधान से लेकर सामान्य मृत्यु तक मानव जीवन का सम्मान और सुरक्षा होना चाहिए।

धर्माध्यक्ष फर्नांडीस का तर्क है कि “दुर्भाग्यवश, गर्भ के बच्चे, बीमार और बुजुर्ग, जरूरतमंद और विकलांग लोगों के जीवन को ‘उपयोगिता’ के नजरिये से देखा जाता है। यदि वे उपयोगी नहीं हैं या दूसरों के लिए भार  बन जाते हैं तो उन्हें खत्म करने की कोशिश की जाती है। उन्होंने कहा कि जीवन देने और लेने वाले तो सिर्फ ईश्वर हैं अतः युवा या बूढ़े, मानसिक या शारीरिक रूप से अक्षम, स्वस्थ या बीमार हर इंसान का आदर और सम्मान किया जाना चाहिए। भारत में कलीसिया, जीवन की संस्कृति का एक प्रबल रक्षक है और वृद्धाश्रमों तथा अनाथालयों के माध्यम से बच्चों, परिवारों से परित्यक्त वृद्धों की प्यार से सेवा करती है। संत मदर तेरेसा की चारिटी धर्मबहनों के कई वृद्धाश्रम तथा अनाथालय केंद्र हैं जहाँ वे खुशी से उनकी देखभाल करती हैं।”


(Margaret Sumita Minj)

कारितास द्वारा बांग्लादेश बाढ़ पीड़ितों की सहायता

In Church on July 8, 2017 at 3:18 pm

ढाका, शनिवार 8 जुलाई 2017 (उकान) : बांग्लादेश के विनाशकारी बाढ़ में लगभग दस लाख लोग फंसे है। बांग्लादेश में भारी बारिश व बाढ़ के चलते बड़ी तबाही हुई है। अधिकारियों का कहना है कि बांग्लादेश के पूर्वी इलाकों से 10 हजार से भी अधिक लोगों ने शिविरों में आश्रय लिया है। भारी वर्षा और बाढ़ से प्रभावित उत्तरपूर्वी राज्य सीलायत, मौलवीबाजार और सुनामगंज है तथा दक्षिण पश्चिम में बांदरबान, चितागोंग और कोक्स बाजार हैं।

बांग्लादेश काथलिक कलीसिया का सामाजिक विभाग कारितास सरकारी अधिकारियों को बाढ़ पीड़ितों की सहायता में सहयोग दे रहे हैं। चितागोंग कारितास के आपदा प्रबंधन अधिकारी मझरुल इस्लाम ने उकान को बताया कि उन्होंने प्रभावित लोगों और नुकसानों पर प्राथमिक स्थिति की रिपोर्ट तैयार की है। इस वर्ष, बाढ़ तेज थी  लेकिन ऐसा लगता है कि अल्पकालिक होगा। बाढ़ क्षति और सरकारी सहायता के आधार पर, हम लोगों की ज़रूरत में सहायता करेंगे।

सीलायत कारितास के आपदा प्रबंधन अधिकारी दानिएल स्माल ने कहा कि वे बाढ़ की स्थिति की निगरानी कर रहे हैं और आगे की कार्रवाई के लिए एक प्राथमिक रिपोर्ट तैयार की है।पूर्वोत्तर सीलायत क्षेत्र में बाढ़ से 300,000 और 400,000 लोग फंसे हुए हैं और सैकड़ों परिवारों को शिविरों में आश्रय दिया गया है।

क्षेत्रीय डिप्टी-कमिश्नर मंजुरुल मन्नान ने सेना, पुलिस और रेड क्रीसेंट द्वारा संचालित शिविरों का जिक्र करते हुए कहा कि बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित जिले रंगमती में अब तक 116 लोगों के शव बरामद हुए हैं और चार लोग लापता हैं, जिनकी मौत होने की आशंका है, इलाके में बढ़ते शरणार्थियों की संख्या के मद्देनजर अधिकारियों ने और दो नए शिविर खोले हैं।


(Margaret Sumita Minj)

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